TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    असम में आपात लैंडिंग सुविधा की शुरुआत

    Assam : पीएम की असम हाईवे पर ऐतिहासिक लैंडिंग- चीन के लिए संदेश,जानें सबकुछ

    एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट में खुलासा: इमरान खान की सेहत, एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी

    जेल में बिगड़ी सेहत: इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    असम में आपात लैंडिंग सुविधा की शुरुआत

    Assam : पीएम की असम हाईवे पर ऐतिहासिक लैंडिंग- चीन के लिए संदेश,जानें सबकुछ

    एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट में खुलासा: इमरान खान की सेहत, एकांत कारावास और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

    इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी

    जेल में बिगड़ी सेहत: इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वामपंथ ही आधुनिक युग का ब्राह्मणवाद है

Toyaj Bhushan Mishra द्वारा Toyaj Bhushan Mishra
12 March 2016
in मत
Communists
Share on FacebookShare on X

वामपंथ ही आधुनिक युग का ब्राह्मणवाद है

बचपन से ही हम पढ़ते आ रहे हैं कि सदियों पहले से भारत एक ऐसा भू-खंड रहा है जो अपने प्राकृतिक संसाधनो एवं जलवायु विविधता कारण विदेशियों को आकर्षित करता रहा है | इसकी प्रारम्भिक कल्पना ही ऐसे तृतीय-विश्व साम्राज्य के तौर पर की गयी जिसके सभी निवासी आर्थिक एवं सामजिक दृष्टि से पतित थे | इन सभी को इतिहासकारों द्वारा ‘मूलनिवासी’ माना गया जो कि प्राचीन काल में ‘दास’ और ‘दस्यु’ में वर्गीकृत थे | यहाँ सिंधु घाटी सभ्यता एक अपवाद थी परन्तु इसका विस्तार सीमित था और यदि इस कहानी को सत्य माना भी जाए तो इसके अनुसार तिथियों का मिलान करने पर इतिहासकारों ने ये पाया की ऋगवेद काल और बौद्ध काल लगभग एक ही था जो कि असंभव है क्यूंकि भगवान बुद्ध ने कथित हिन्दू धर्म की कुरीतियों का विरोध किया था और कुरीतियों के फैलने से पहले ही उनका विरोध भला कैसे संभव है ? फिर आगमन हुआ खनाबदोश प्रवृत्ति के कुशल घुड़सवार एवं युद्धकला में प्रवीण विदेशियों का जो मध्य यूरोप से पलायन कर सिंधु नदी को पार करते हुए भारत में आ बसे थे | आधुनिक तथा आवश्यकता से अधिक कल्पनाकार इतिहासकारों द्वारा इनको ऐसे खलनायकों के रूप में दर्शाया गया जिनको भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं राजनैतिक विरासत की संरचना का श्रेय तो दिया गया परन्तु साथ ही उनको हज़ारों साल बाद के भारत के सामजिक विभाजन का उत्तरदायी घोषित कर दिया गया | इतिहासकारों की इस बौद्धिक-स्वछंदता की उपज को ‘आर्यन’ की संज्ञा दी गयी | मैक्स मूलर जैसे इतिहासकारों द्वारा प्रसारित किये गए इस सिद्धांत को हमारे यहाँ के छात्र  ‘Aryan Invasion Theory ‘  नाम से पढ़ते हैं जिसकी विश्वसनीयता पंचतंत्र की कथाओं से भी कम परन्तु कल्पना बराबर की ही है |

संबंधितपोस्ट

कितना भरोसेमंद है BBC? नई दिल्ली से तेल अवीव और वॉशिंगटन तक क्यों गिरती जा रही है बीबीसी की साख और विश्वसनीयता ?tfi

जोहो बनाम माइक्रोसॉफ्ट, जब लेफ्ट इकोसिस्टम को खटकने लगा ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना

“नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे”: संघ की प्रार्थना की वैश्विक ध्वनि और भारत के उदय की गाथा

और लोड करें

अंग्रेज़ों के शासनकाल और तत्पश्चात कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तथाकथित बुद्धिजीवियों के ऐसे वर्ग का वर्चस्व रहा जो थे तो भारतीय परन्तु अपनी इस पहचान में उन्हें गर्व की अनुभूति कभी भी नहीं हुई | इस विभाजित तथा विभाजक भारतीय सामजिक परिवेश में ऐसी अनैतिक व्यवस्था में प्रवेश कर उसको अंदर से बदलने की अपेक्षा इन्होने तटस्थ रहकर समाज को कोसना शुरू किया | ये व्यवस्था परिवर्तन की मांग तो करते रहे पर कभी भी उस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की | स्थापित विचारधारा के समानांतर एक वैकल्पिक विचारधारा की इन्होने वकालत तो की परन्तु खुद अपनी विचारधारा के विरोध पर सहनशीलता कभी भी नहीं दिखाई | इनकी रूचि सामजिक परिवर्तन में कम और सत्ता- परिवर्तन में अधिक रही | इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण ही यही है कि आज़ादी के उपरान्त साठ सालों तक इनके मन-माफ़िक़ सरकार के बाद भी भारतीय समाज की कुरीतियों के अवमूलन में कोई प्रगति नहीं दिखी | बदलाव की राजनीति की बात करने वाले ये लोग विरोध की राजनीति तक ही सीमित रह गए | तर्क-संगत विरोध को हमेशा समाज ने अपनाया है | परन्तु सिर्फ विरोध के लिए किये जाने वाला विरोध, अपने मूल उद्देश्य का ही विरोधाभास है |

आखिर कौन लोग थे ये जिन्होंने इस देश में ऐसा निराशा का माहौल उत्पन्न किया ? ये वो थे जो आदि काल में ब्राह्मणो द्वारा दलितों पर अत्याचार के लिए आज की ब्राह्मण पीढ़ी को तो हाशिये पर खड़ा कर देते थे परन्तु मुग़लों और तुर्कों द्वारा किये गए अत्याचार के लिए कभी मुस्लिमो को दोषी नहीं ठहराया | ऐसा करना भी नहीं चाहिए |  ये थे हमारे-आपके बीच ही रहने वाले वामपंथी |   शुरुआत इन्होने वैचारिक स्वतंत्रता की मांग से की | देश में वैचारिक स्वतंत्रता आज़ादी के बाद प्राप्त भी हो चुकी थी |

तो वामपंथ की दुकान ने मानवाधिकार और पर्यावरण-रक्षा का झुनझुना बेचना शुरू कर दिया |

इससे भी बात नहीं बनी तो जातिवाद और सम्प्रदायवाद की दुकान लगायी | यहां इनकी दाल गल गयी | जय भीम के चार नारे और कश्मीर की आज़ादी का कॉम्बो धुआंधार बिका और अब भी बिक रहा |  परन्तु समय के साथ-साथ इनकी विकास विरोधी छवि भी निखरती गयी |

दक्षिणपंथी विचारधारा की सरकार के केंद्र में आने के बाद से इनके कुनबे में अजब से बेचैनी है | अपना ही गला दबा के ये कह रहे कि इस माहौल में हमारा दम घुट रहा है | इसको साबित करने के लिए हर राज्य में जहाँ दक्षिणपंथी सरकार है वहाँ दलित और मुस्लिमों के मसीहा बनने का प्रयास कर रहे ये लोग | अन्य राज्यों में दलितों और मुस्लिमों पर होने वाले अत्याचार पर इन्होने चुप्पी साध रखी है | क्योंकि एजेंडा तो सदैव ही एजेंडा-बेस्ड होता है | हाल-फिलहाल कि कुछ घटनाओं पर नज़र डालेंगे तो ये पूर्णतयः स्पष्ट भी हो जाएगा | कुछ दिन पहले बिहार में सौ दलितों के घर फूँक दिए गए पर शायद ही कोई वामपंथी इसका विरोध करने बिहार गया हो |  इनके मुंह से हमेशा आप लोकतंत्र, धर्म-निरपेक्षता, जातीय समानता आदि की रट सुन सकते हैं | परन्तु जब दादरी की एक घटना को धार्मिक रंग दे कर पूरे देश को ही असहिष्णु बता दिया जाये तो समझिये कि ये धर्म-निरपेक्षता झूठी है । जब हैदराबाद के दलित छात्र की आत्म-हत्या पर राजनीति हो और लखनऊ के ब्राह्मण छात्र की आत्म-हत्या पर ख़ामोशी तो समझिये कि ये जातीय-समानता का आपका नारा झूठा है । जब जे०एन०यू० के राष्ट्रद्रोही नारे को अभिव्यक्ति की आज़ादी कहा जाए और कमलेश तिवारी को बयान पर जेल तब आपकी अभिव्यक्ति की आज़ादी झूठी है । जब मालदा की हिंसा आपको मामूली घटना और वकीलों द्वारा पिटाई लोकतंत्र की हत्या लगे तो आपकी लोकतंत्र की समझ ही झूठी है । ऐसी न जाने कितने ही उदाहरण हैं जिसमें वामपंथियों ने पाखण्ड में वैदिक काल के ब्राह्मणों को पीछे छोड़ दिया । दरअसल वामपंथी बनने की पहली शर्त ही यही है कि hypocrisy में आपको स्नातक की डिग्री प्राप्त हो । निज-स्वार्थ के लिए गरीब को बेचिए तो आप बन गए पूंजीवादी और अपने स्वार्थ के लिए यदि आपने गरीबी बेची तो आप बन जायेंगे वामपंथी । अतः यह कहना गलत न होगा की वामपंथ ही आधुनिक युग का ब्राह्मणवाद है ।

आज़ादी के बाद का माहौल भी वामपंथियों के फलने-फूलने के लिए सर्वोत्तम समय था । गरीब और गरीबी ही हमारे देश की पहचान थी । दक्षिणपंथी तनिक उग्र स्वभाव के थे । देश और ईश दोनों की ही निंदा उनके लिए निंदनीय थी । इसका उत्तर तर्क की जगह बल से देना वो उचित समझते थे । यही वामपंथ उन पर भारी पड़ा । वो खुद तो अहिंसा की बातें करते थे पर नक्सलियों द्वारा हिंसा को न केवल जायज़ ठहराया अपितु उसकी योजना में लिप्त भी रहे । मीडिया ने भो इनका बखूबी साथ निभाया । सनसनी पसंद मीडिया को भी विद्रोह पसंद है । विकास कार्यों में रूचि रखने वाले लोग ही कम हैं । जब दिल्ली में जली किताब बिहार में जली सौ झोपड़ियों से ज्यादा सुर्खी बटोर ले तब समझ आता है कि आखिर मीडिया में गड़बड़ क्या है !

भारतीय समाज अपरिपक्व है । इसमें वैकल्पिक विचारधारा के लिए जगह तो है पर वो विचारधारा वामपंथ नहीं हो सकती । समाजवाद कुछ हद तक इस कसौटी पर सही बैठता है । पर भगत सिंह का समाजवाद और लोहिया का समाजवाद ही केवल । दलाली कर जनता के बीच समाजवादी का नकाब ओढने वालों की यहाँ कोई जगह नहीं । समाजवादी भी आपको किसी पार्टी विशेष में नहीं हर दल में मिलेंगे । जरूरत है ऐसे लोगों के दल से ऊपर उठ कर संगठित होने की । समाजवाद का यह प्रयोग खतरनाक भी तब साबित हो जाता है जब समाज के इस शून्य को कुछ लोग आम आदमी की राजनीति के नाम पर विकृत समाजवाद से भर देते हैं । ये वामपंथ का सबसे निचला स्तर है । उपयुक्त विकल्प मिलने तक पूंजीवाद और समाजवाद का अधपका मिश्रण ही सर्वश्रेष्ठ है । विकास की ओर बढ़ा ये कदम धीमा जरूर है पर इसका पथ लक्ष्य से महक रहा है ।

Tags: ब्राह्मणवादवामपंथ
शेयर5ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत – पाकिस्तान सम्बन्ध:शांति तब तक जब तक भारत ज्यादा शक्तिशाली है

अगली पोस्ट

जब तक माल्या है, तब तक मार्क्स और मार्क्सवाद है

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited