“नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे”: संघ की प्रार्थना की वैश्विक ध्वनि और भारत के उदय की गाथा
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

“नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे”: संघ की प्रार्थना की वैश्विक ध्वनि और भारत के उदय की गाथा

“नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” अब केवल एक प्रार्थना नहीं, बल्कि भारत के उदय की घोषणा है। यह बताती है कि भारत माता की संतानों ने अपने संकल्प को विश्व मंच तक पहुंचा दिया है।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
29 September 2025
in इतिहास, ज्ञान, धर्म, प्रीमियम, भारत, विश्व, संस्कृति
“नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे”: संघ की प्रार्थना की वैश्विक ध्वनि और भारत के उदय की गाथा

यह दृश्य केवल कला का संयोजन नहीं, बल्कि इतिहास का नया अध्याय है।

Share on FacebookShare on X

भारत माता की वंदना करने वाली प्रार्थना—“नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” अब सिर्फ़ शाखाओं तक सीमित नहीं रही। दशकों तक यह प्रार्थना प्रातःकालीन शाखाओं में स्वयंसेवकों की सामूहिक प्रतिज्ञा का स्वर रही है। लेकिन अब यह विश्व मंच पर गूंज रही है। लंदन की सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा की गूंजती धुनों, शंकर महादेवन की ऊर्जावान आवाज़ में और हरीश भिमानी की गहरी व्याख्या में जब यह प्रार्थना सुनाई देती है, तो यह केवल संगीत नहीं बल्कि भारत की आत्मा का उद्घोष है।

यह दृश्य केवल कला का संयोजन नहीं, बल्कि इतिहास का नया अध्याय है। यह उस राष्ट्र की आत्मा की घोषणा है जिसने सहस्राब्दियों की यातनाएं झेलीं, जिसने विभाजन का घाव भी सहा और राजनीति के नाम पर अपने ही मूल्यों को गाली खाते देखा, लेकिन जिसने कभी मातृभूमि की आराधना को नहीं छोड़ी।

संबंधितपोस्ट

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित, मेयर जोहरान ममदानी ने जताया विरोध

Malaysia से भारत लाए गए Bambiha Gang के 3 आरोपी, Amit Shah ने बताया बड़ी कार्रवाई

और लोड करें

आप भी सुनें और वीडियो देखें

प्रार्थना की आत्मा: मातृभूमि के प्रति शाश्वत निष्ठा

“नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” प्रार्थना की पहली पंक्ति ही उसके सार को स्पष्ट कर देती है। मातृभूमि को वत्सला—अर्थात् स्नेहमयी माता कहकर संबोधित करना भारतीय दृष्टिकोण का प्रतीक है। भारत की परंपरा में भूमि मात्र मृदा नहीं है। यह जीवंत है, चेतन है, पूजनीय है। यही दृष्टि गीता में “मां पृथ्वीम धरायाम” और वेदों में “माता भूमे पुत्रो अहं पृथिव्याः” के रूप में सामने आती है।

संघ की दृष्टि से यह प्रार्थना राष्ट्रवाद की नींव है। यहां राष्ट्र किसी जाति, किसी मज़हब, किसी सत्ता का नाम नहीं। यहां राष्ट्र माता है, जो वत्सला है, जो करुणामयी है और जिसकी गोद में बसे करोड़ों संतानों का कर्तव्य है कि उसकी रक्षा करें, उसका सम्मान करें और उसे जगतगुरु बनाने का प्रयास करें।

आखिर मातृभूमि की ही वंदना क्यों?

भारत की आज़ादी के बाद, सत्ता पर काबिज कांग्रेस और उससे जुड़े वामपंथी विचारक इस प्रार्थना को हमेशा संदेह की नज़र से देखते रहे। उनके लिए मातृभूमि की वंदना “हिंदू राष्ट्रवाद” थी। उन्होंने इस राष्ट्रभक्ति को “सांप्रदायिक” कहकर बदनाम किया।

विरोधाभास देखिए, इन्हीं नेताओं के लिए “भारत तेरे टुकड़े होंगे” जैसे नारे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता थे। विश्वविद्यालयों में खुलेआम देश-विरोधी नारे लगाए जाते रहे और सेक्युलर खेमे ने उसे “युवाओं की बेचैनी” कहकर बचाने की कोशिश की। लेकिन वही लोग जब संघ की शाखाओं में सुबह-सुबह प्रार्थना की गूंज सुनते थे तो उन्हें उसमें सांप्रदायिकता नज़र आती थी।

असल में यह उनकी विकृत मानसिकता का परिचायक है। वे भारत माता को माता मानने से ही कतराते थे। उनके लिए राष्ट्र केवल सत्ता का ढांचा था, एक चुनावी गणित था। लेकिन संघ के लिए राष्ट्र जीवंत माता थी और यही विचार उन्हें खटकता था।

इतिहास के पन्नों पर संघ की छाप

आलोचक चाहे जितनी कोशिश करें, इतिहास साक्षी है कि संघ की यह प्रार्थना केवल शब्दों तक सीमित नहीं रही। स्वयंसेवकों ने इसे कर्म में ढाला।

1947, कश्मीर का पहला युद्ध: जब पाकिस्तान के कबायली दस्ता घाटी पर टूट पड़ा, तो संघ के स्वयंसेवक सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मोर्चे पर पहुंचे। केवल पहुंचे ही नहीं, इतिहास इसका साक्षी है, श्रीनगर एयरपोर्ट का रनवे जो खराब हो गया था, उसे दोबारा तैयार किया। सैनिकों के लिए खाना उपलब्ध करवाया।

गोवा मुक्ति आंदोलन (1961): पुर्तगाली साम्राज्यवाद के खिलाफ संघ के स्वयंसेवकों ने निर्णायक भूमिका निभाई।

1975 का आपातकाल: तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब लोकतंत्र को कुचल दिया, तो संघ ही वह शक्ति था, जिसने पूरे देश में प्रतिरोध का बिगुल फूंका। हजारों स्वयंसेवक जेलों में गए, यातनाएं सहीं लेकिन झुके नहीं। शाखाएं लगनी बंद हो गईं, लेकिन उनकी जगह वैचारिक शाखाओं ने ले लीं। संघ अपने काम पर तब भी लगा रहा।

राम जन्मभूमि आंदोलन: संघ और उससे जुड़े संगठनों ने वह जनसैलाब खड़ा किया, जिसने पांच शताब्दियों की गुलामी की जंजीर तोड़ दी और अयोध्या में श्रीराम के भव्य मंदिर का मार्ग प्रशस्त किया। अगर संघ ने भारतीय इतिहास पर लगे उस धब्बे को न मिटाया होता तो आज राम मंदिर भी नहीं होता। इसका श्रेय तो संघ को ही जाता है।

कारगिल युद्ध (1999) में भी स्वयंसेवकों ने मोर्चे पर सेना का सहयोग किया और देशभर में जनसमर्थन जुटाया।

इन सबके केंद्र में वही प्रार्थना थी—“नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे।”

लंदन में गूंजती भारत माता की आवाज़

आज वही प्रार्थना लंदन की धरती पर गूंज रही है। याद रहे, लंदन वही शहर है, जहां से कभी अंग्रेजों ने भारत पर राज किया था, हमारी संस्कृति और अस्मिता को मिटाने की योजनाएं बनाई और अब उसी लंदन में भारत माता की वंदना, ऑर्केस्ट्रा की धुनों पर गूंज रही है। यह भारत के लिए गौरव की बात है।

यह केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं। यह इतिहास का पलटवार है। यह संदेश है कि भारत अब आत्मविश्वास से खड़ा है।

विरोधियों की बेचैनी और स्थायी पराजय

यह दृश्य उन सबके लिए असहनीय है, जो संघ के नाम से ही तिलमिला उठते हैं। सेक्युलर नेताओं की जमात, वामपंथी बुद्धिजीवी और विदेशी एजेंडे पर पलने वाले एनजीओ अब बेचैन हैं। क्योंकि जिस प्रार्थना को उन्होंने पार्कों की शाखाओं तक बांध दिया था, वही अब पूरी दुनिया में सम्मान पा रही है।

राम मंदिर निर्माण के समय यही गिरोह सड़कों पर विरोध करता रहा। अनुच्छेद 370 हटाने पर यही जमात कहती रही कि इससे “अशांति” फैलेगी। CAA पर यही भीड़ “नागरिकता के अधिकार छिनने” का झूठा नैरेटिव फैलाती रही। लेकिन हर बार भारत माता की संतानें उठ खड़ी हुईं और राष्ट्र की जयघोष ने इनकी चालों को कुचल दिया।

अब वही हुआ है, इस प्रार्थना के साथ। यह प्रार्थना अब शाखा की सीमा से निकलकर वैश्विक मंच पर पहुंच चुकी है। ​अब कोई जले तो जले, इससे क्या? भारत और उसका नैरेटिव तो बुलंदियों पर पहुंच रहा है।

भारत का राष्ट्रवाद बनाम पश्चिम का नेशनलिज़्म

यहां एक बुनियादी अंतर है। पश्चिम का नेशनलिज़्म साम्राज्यवाद, उपनिवेशवाद और हिंसा से जुड़ा रहा है। वहां राष्ट्रवाद का अर्थ दूसरे देशों पर आधिपत्य और अपने स्वार्थ की पूर्ति रहा है।

लेकिन भारत का राष्ट्रवाद अलग है। यह विश्व बंधुत्व का संदेश देता है। यह कहता है—“सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे संतु निरामयाः।” यह सबका कल्याण चाहता है, लेकिन साथ ही यह इतना दृढ़ भी है कि मातृभूमि पर आंच नहीं आने देगा। यही संघ की प्रार्थना का भाव है।

उद्घोष: अब कोई नहीं रोक सकता

“नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” अब केवल एक प्रार्थना नहीं, बल्कि भारत के उदय की घोषणा है। यह बताती है कि भारत माता की संतानों ने अपने संकल्प को विश्व मंच तक पहुंचा दिया है।

जो लोग अब भी “भारत तेरे टुकड़े होंगे” का सपना देखते हैं, जो अब भी तिरंगे का अपमान करते हैं, जो अब भी राष्ट्रवाद को गाली देते हैं, उनके लिए यह प्रार्थना अंतिम चेतावनी है। भारत माता की संतानें अब जाग चुकी हैं।

आज लंदन की धरती पर गूंजती यह प्रार्थना यही कह रही है—
भारत अब थमने वाला नहीं।
भारत अब झुकने वाला नहीं।
भारत अब उठ खड़ा हुआ है।
और भारत माता की यह संतानें, इस राष्ट्र को अखंड, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनाकर ही दम लेंगी।

Tags: British ruleIndiaLeftlondonrssSangh prayerअंग्रेजी हुकुमतआरएसएसभारतलंदनवामपंथसंघ की प्रार्थना
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अगरतला की प्रभुबाड़ी पूजा: नित्यानंद महाप्रभु के वंशजों द्वारा शुरू की गई 170 वर्ष पुरानी पूजा क्यों है विशेष और क्या है इतिहास ?

अगली पोस्ट

कांग्रेस: औपनिवेशिक औजार से आपातकाल तक, भारत माता का अपमान

संबंधित पोस्ट

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्
ज्ञान

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

4 September 2026

हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दूः पतितो भवेत् मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मन्त्रः समानता यही वह भाव है, जिसके साथ विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना...

Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy
ज्ञान

दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

4 September 2026

दुनिया भर में यूरेनियम की कमी की आशंका गहराती जा रही है। ऐसे वक्त में भारत के जाने-माने परमाणु वैज्ञानिक और परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC)...

मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था
मत

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

3 September 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32

QRSAM to Akash NG: India’s Massive Push to Build 2,000 Indigenous Air Defence Missiles | DRDO| IAF

00:04:05

MQ-9B SeaGuardian: Why India Needs More Eyes Over the Indian Ocean | NAVY | USA | Hormuz

00:03:51
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited