TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

    बीजेपी में बदलाव

    बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

    शुभेंदु अधिकारी ने 30 लाख लाभार्थियों पर उठाए सवाल

    पश्चिम बंगाल में लक्ष्मी भंडार योजना पर सियासी संग्राम, शुभेंदु अधिकारी ने 30 लाख लाभार्थियों पर उठाए सवाल

    Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi

    इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

    बीजेपी में बदलाव

    बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

    शुभेंदु अधिकारी ने 30 लाख लाभार्थियों पर उठाए सवाल

    पश्चिम बंगाल में लक्ष्मी भंडार योजना पर सियासी संग्राम, शुभेंदु अधिकारी ने 30 लाख लाभार्थियों पर उठाए सवाल

    Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi

    इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मोदी शाह के नए प्रहार से तिलमिला उठे हैं राजनैतिक पंडित, विपक्ष और भारतीय मीडिया

Nitesh Kumar Harne द्वारा Nitesh Kumar Harne
23 June 2017
in मत
रामनाथ कोविंद
Share on FacebookShare on X

एक बार फिर मोदी–शाह की गूगली ने अपने फैसले से सब को चौंका दिया क्योंकि पिछले 5 महीने के भीतर-भीतर मोदी-शाह का यह दूसरा सबसे बड़ा फैसला है। इसके पहले योगी आदित्यनाथ को अचानक से मुख्यमंत्री घोषित कर सभी राजनैतिक पंडितों की भविष्यवाणियों पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया था। जैसा की मैंने अपने पिछले लेख में कहा था मोदी-शाह अपने चौंकाने वाले फैसलों के लिए जाने जाते रहे है चाहे खुद के कैबिनेट में मंत्रियों का नाम हो या महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडनवीस हो, हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर का नाम हो या हाल ही में उत्तर प्रदेश में प्रचंड जीत मिलने के बाद तमाम ज्येष्ठ नेताओं की सूची को दरकिनार करते हुए योगी आदित्यनाथ का नाम। मोदी शाह ने हमेशा अपने फैसलों से देश के तमाम राजनैतिक पंडितों को दाँतों तले उँगलियाँ दबवाने पर मजबूर किया है। पिछले कुछ महीनों से राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सरकार और विपक्षी पार्टियों में मंथन चल रहा था अनेको नाम पर आये दिन चर्चा होती रही है। मोदी-शाह की गूगली को ध्यान में रखकर फिर एक बार पंडितों ने अनेको नमो को मीडिया में उछाला। मीडिया ने भी कई नाम अपने तरफ से उछाल दिए लेकिन फिर एक बार मोदी-शाह की जोड़ी ने रामनाथ कोविंद के नाम पर मुहर लगाकर अपनी गूगली से सभी को बोल्ड कर दिया।

हमेशा की ही तरह शाह और मोदी की जोड़ी ने इस बार भी राजनीतिक पंडितों को धत्ता बताते हुए एक लो प्रोफाइल और ईमानदार नाम खोज निकाला। ऊपर से देखने में तो लगता है बीजेपी के इस मास्टर स्ट्रोक का विरोध शायद ही कोई करें। वैसे विरोध करने लायक नहीं है रामनाथ कोविंद का व्यक्तित्व लेकिन इस देश में विपक्ष का दूसरा नाम ही विरोध है, भले उस विरोध का उस फैसले से कोई लेना देना न हो। जिस विपक्ष ने इस देश में सेना की पाकिस्तान जैसे आतंकवादी देश पर सैन्य कार्यवाही का विरोध किया हो, सर्जिकल-स्ट्राइक के सबूत मांगे हो, नोटबंदी और भ्रष्टाचार-विरोध नीतियों पर सवाल खड़े किये हो, सेना प्रमुख को गुंडा कहा हो वही विपक्ष भला रामनाथ कोविंद का विरोध न करें ऐसा कैसे हो सकता था।

संबंधितपोस्ट

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

अमित शाह सांचू बॉर्डर पोस्ट पर बीएसएफ जवानों का बढ़ाया हौसला और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना

अमित शाह ने जनसंख्या बदलावों के अध्ययन के लिए हाई पावर कमेटी बनाई, सुरक्षा चिंताओं पर जताई चिंता

और लोड करें

पिछले दिनों द्रौपदी मुर्मू का नाम भी चर्चा में था क्योंकि मुर्मू भी अत्यंत साधारण आदिवासी परिवार से आती है और फिलहाल झारखण्ड की राज्यपाल है किसी विवाद से से लेना देना नहीं रहा है तो ऐसे में मुर्मू के नाम की घोषणा कर मास्टरस्ट्रोक खेला जा सकता है ऐसे कयास लगाये जाते रहे है। जब-जब भारतीय जनता पार्टी या संघ के भीतरखाने से राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के नामों पर विचार होता था तो एक नाम थावरचंद गहलोत का भी लिया जाता था।

माना जाता रहा कि मोदी अगर किसी दलित चेहरे को राष्ट्रपति भवन में भेजने का मन बनाते हैं तो थावरचंद गहलोत उनकी पसंद हो सकते हैं। बीजेपी में जितने दलित नेता है उनमें थावर चंद एक प्रभावी नाम हैं। तो फिर ऐसा क्या हुआ कि मध्य प्रदेश के इस नेता की जगह मोदी ने कानपुर के एक अन्य दलित चेहरे को अपनी पसंद बना लिया। दरअसल, मोदी राजनीति में अपनी सूची वहां से शुरू करते हैं जहां से मीडिया और तमाम राजनैतिक पंडितों के कयासों की सूची खत्म होती है। जिन-जिन नामों पर राजनैतिक पंडित विचार करने लगते है, ऐसा लगता है कि मोदी उन नामों को अपनी सूची से बाहर करते चले जाते हैं।

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक गलियारे तमाम नामों की चर्चा के बीच रामनाथ कोविंद का नाम हर किसी के लिए भी चौंकाने वाला है|

खासकर उस मीडिया के लिए जो देश में कही भी किसी भी जगह पर अगर कोई घटना घटती है तो सबसे पहले पीड़ित की जाति ढूंढ निकालती है, रामनाथ कोविंद का नाम उस मीडिया को बीजेपी का एक तमाचा ही है क्योंकि यही मीडिया अगर किसी सवर्ण या किसी अन्य जाति का राष्ट्रपति घोषित किया गया होता तो एक हफ्ते तक प्राइम टाइम पर रुदाली कार्यक्रम चलाया होता चाहे वो मुरलीमनोहर जोशी का नाम हो या आडवाणी या सुषमा स्वराज का। मीडिया दिन-रात यह दिखाने में मशगूल होता की कैसे बीजेपी सिर्फ सवर्णों, ब्राह्मणों और उद्योगपतियों की पार्टी है माने इस देश में आपकी शिक्षा, आपका टैलेंट कोई मायने नहीं रखता बस मायने रखती है तो आपकी जाति।

इस बार भी वही हुआ जैसे ही एक लो प्रोफाइल ईमानदार, उच्च शिक्षित, अनेको उच्च पद पर देश के लिए कार्यरत रहे रामनाथ कोविंद का नाम एनडीए की तरफ से बीजेपी ने घोषित किया मीडिया ने पलक झपकते ही उनकी जाति ढूंढ निकाली|

क्योंकि रामनाथ कोविंद का नाम देश के राजनैतिक गलियारों में उतना चर्चित नाम नहीं था इसलिए मीडिया को जाति ढूँढने की जरूरत पड़ गयी लेकिन जाति देखते ही मीडिया को मानो सांप सूंघ गया हो। करें तो करें क्या ? क्योंकि जिस जाति का रोना रो-रोकर अपने मीडिया घराने चला रहे है उसपर मोदी-शाह की जोड़ी ने करार तमाचा जड़ दिया था।

अगर मीडिया रामनाथ कोविंद की राजनीतिक पृष्ठभूमि देखे तो 2 बार के सांसद रहे है, शिक्षा देखे तो कोविंद उच्च शिक्षित हैं। भाषाओं पर अच्छी पकड़ है। पेशे से वकील है, दिल्ली हाई-कोर्ट के अधिवक्ता के तौर पर उनका एक अच्छा खासा अनुभव भी है। एससीएसटी प्रकोष्ठ के प्रमुख का दायित्व भी निभाया है और संगठन की मुख्य धारा की ज़िम्मेदारियां भी सरकारी वकील भी रहे हैं। मोरारजी देसाई के निजी सचिव के तौर पर कार्य किया है। माने प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक के संबंधों की बारीकियों भी जानते है। प्रशासनिक और राजनैतिक जिम्मेदारियां बखूबी निभाई है। कम बोलना और शांति के साथ काम करना कोविंद जी की शैली है। माने ऐसा कुछ भी नहीं था जिसपर मीडिया विधवा विलाप कर पाता और सबसे बड़ी बात जिस बात की मीडिया को बिलकुल भी आशंका नहीं थी वो की एनडीए राष्ट्रपति पद के लिए किसी दलित का नाम घोषित कर देगा, सपने में भी नहीं सोचा था। पदनुसार हर क्षेत्र में कुशल, शिक्षित, राजनैतिक, प्रशासनिक और सामाजिक अनुभव और मीडिया के अनुसार दलित भी।

मीडिया को पहले तो कुछ सूझ नहीं रहा, ऐसे कैसे इतने आसानी से मीडिया एनडीए के फैसले को हजम कर लेती। जो मीडिया मोदी के फैसलों में मीन-मेख न निकाले वह हमारे देश का मीडिया हो ही नहीं सकता। और आखिरकार मीडिया को वो टॉपिक मिल ही गया जहाँ पर वो विलाप कर पाती, माने रामनाथ कोविंद जी आरएसएस के स्वयंसेवक रहे हैं जो मीडिया से कभी हजम नहीं होगा। यानी अब वो दलित नहीं माने जायेंगे। वो तबतक ही दलित थे जबतक मीडिया ये नहीं जानती थी की वो संघ के स्वयंसेवक है अगर कोई दलित संघ से जुड़ा हो तो वो मीडिया के नजर में दलित नही माना जायेगा क्योंकि मीडिया अनुसार संघ और बीजेपी तो अमीरों और ब्राह्मणों की पार्टी है। इसलिए तारीफ़ तो छोड़िये यही मीडिया दिखायेगा की कैसे देश के सर्वोच्च पद पर एक संघी को बिठाया गया है।

बार-बार बात-बात पर संघ पर आग-बबूली हो जानेवाली मीडिया और कांग्रेस को एक बात याद रखनी चाहिए, इस देश को कांग्रेस के 60 वर्षों के मुकाबले बीजेपी-एनडीए ने देश को एक मुस्लिम राष्ट्रपति दे चुकी है और दूसरा दलित राष्ट्रपति देने जा रही है, लेकिन नहीं मीडिया के लिए तो बीजेपी सिर्फ अमीरों, ब्राह्मणों, सवर्णों और उद्योगपतियों की पार्टी है। माने एजेंडा ऊँचा रहे हमारा।

खैर, एनडीए ने अपना उम्मीदवार चुन लिया है। विपक्ष खेमा और मीडिया रामनाथ कोविंद के नाम पर बंटा हुआ है। जहाँ एक ओर वायएसआर कांग्रेस, जदयू ने रामनाथ कोविंद के नाम का खुल के समर्थन किया है वही कांग्रेस एनडीए की पसंद को अपनी पसंद मानने को तैयार नहीं है क्योंकि ‘उसकी शर्ट मेरी शर्ट से सफ़ेद कैसे’ की तर्ज पर कांग्रेस ने आज सोनिया गांधी के नेतृत्व में संपन्न हुई विपक्षी दलों की मीटिंग में कोविंद के मुकाबले मीरा कुमार का नाम तय कर दिया। एजेंडा बस इतना है की हमारा दलित उनके दलित से ज्यादा दलित हो, जानते हुए की बीजेपी-एनडीए के कोविंद बहुमत के बहुत करीब है और उनका राष्ट्रपति बनना लगभग तय है। इसी बहाने सही, कांग्रेस को दलित की याद तो आई और ये पता चल गया की राष्ट्रपति भी बनाया जा सकता है वरना अब तक तो वोट मांगने के नाम पर इस्तेमाल किया जाता रहा है। सभी मायनों में यह राष्ट्रपति चुनाव बेहद ही रोमांचक होनेवाला है। अब बस देखना ये है ऊंट किस करवट बैठेगा।

Tags: अमित शाहकांग्रेसनरेन्द्र मोदीरामनाथ कोविंद
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बंगाल के मंत्री जिन्हें अपने क्षेत्र में पाकिस्तान दिखता था अब तारकनाथ मंदिर की देखभाल करेंगे

अगली पोस्ट

कन्नड़ भाषी मित्रों शांत, कोई आप पे हिन्दी नहीं थोप रहा

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited