TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण

    तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    उड़ीसा सरकार ने तंबाकू और पान पर बैन लगा दिया है।

    ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: गुटखा, पान मसाला और तंबाकू पर पूरे राज्य में बैन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण

    तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    उड़ीसा सरकार ने तंबाकू और पान पर बैन लगा दिया है।

    ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: गुटखा, पान मसाला और तंबाकू पर पूरे राज्य में बैन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रानी पद्मिनी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए देवदत्त पटनायक को एक महिला का करारा जवाब

Sanghamitra Purohit द्वारा Sanghamitra Purohit
21 November 2017
in मत, संस्कृति
देवदत्त पटनायक रानी पद्मिनी
Share on FacebookShare on X

देवदत्त पटनायक जी, मैं यह स्वीकार करते हुए अपनी बात को शुरू करती हूँ  कि मैंने आपके द्वारा लिखी हुई महान पुस्तकों को नहीं पढ़ा है। इसलिए मुझे इन पर टिप्पणी करने से परहेज करना होगा। हालांकि, मैंने आपके ट्वीट्स पढ़े हैं और हाल ही में चित्तौड़गढ़ की रानी पद्मिनी के बारे में किए गए ट्वीट्स ने मुझे आपको यह पत्र लिखने के लिए बाध्य किया है।

आप इस तथ्य से दुखी हैं कि मेवाड़ के लोग और भारत की एक बड़ी जनसंख्या रानी पद्मिनी को एक बहादुर महिला के रूप में महान सम्मान के योग्य मानती है क्योंकि उन्होंने अनादर के बदले जौहर यानी आत्म दाह का चुनाव किया था। एक रानी के प्रति ऐसा सम्मान आपके उदारवादी, प्रगतिशील विचारधारा का हिस्सा लगता है। देवदत्त पटनायक जी, आप मुझे आपके द्वारा फैलाये गए कुछ मिथकों को ध्वंस करने की अनुमति दें।

संबंधितपोस्ट

चित्तौड़ का दूसरा जौहर: जब स्वाभिमान के लिए अग्नि में जलकर अमर हुईं रानी कर्णावती और 13000 क्षत्राणियां

धर्मविरोधी देवदत्त पटनायक सरकारी कार्यक्रम में ‘गणमान्य अतिथि’? सवाल उठना स्वाभाविक है

कई वर्षों तक लोगों को पागल बनाते रहे, अब देवदत्त पटनायक खुद पागल हो गए हैं

और लोड करें

रानी पद्मिनी महारावल रतन सिंह की पत्नी थीं, जो मेवाड़ के शासक थे, जब अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़गढ़ किले को जीतने का फैसला किया था। अब, लोकप्रिय कथाओं ने हमें यह विश्वास दिलाया है कि खिलजी ने चित्तौड़गढ़ पर आक्रमण इसलिए किया था क्योंकि वह “रानी पद्मिनी” को पाना चाहता था। देखिए देवदत्त पटनायक जी, यही वह बात है जहां सभी भ्रम शुरू होते है। क्योंकि आपका भ्रम कि क्यों रानी पद्मनी ने “जीवन का चयन” नहीं किया भी यहीं से उपजा है।

दुर्भाग्यवश देवदत्त पटनायक जी, मध्ययुगीन युद्ध इस तुलना में थोड़े अधिक जटिल थे

चित्तौड़गढ़ केवल एकमात्र किला नहीं है। यह एक अतिविशाल 700 एकड़ का आरक्षित नगर है। यह एक 180 मीटर ऊंची पर्वत चोटी के ऊपर बनाया गया है। हाँ मध्ययुगीन मानकों के अनुसार भी यह बहुत बड़ा है। सातवीं शताब्दी के बाद से ही इस क्षेत्र में किले की कमान मतलब राज्य का शासन था। इस अति विशाल गढ़ तक पहुंचना बहुत मुश्किल था और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके लंबे घेरे का निर्माण आक्रमणकारियों से सामना करते हुए अपनी आत्मरक्षा करने के लिए किया गया है। जलाशयों का जल और भूमिगत जल लगभग एक वर्ष तक 50,000 लोगों को जीवित रख सकता था, भारत के उत्तर-पश्चिमी के सूखे, रेतीले भूभाग को देखते हुए आप कल्पना कर सकते हैं कि गढ़ इतना प्रतिष्ठित क्यों था। हां, चित्तौड़गढ़ का मतलब ही शक्ति है। जिस किसी ने भी इस किले का नियंत्रण किया था यह सम्पूर्ण क्षेत्र उसका हुआ। तो अब आप इसके बारे में परिकल्पना कर सकते हैं कि अलाउद्दीन खिलजी इसमें इतनी दिलचस्पी क्यों रखता था।

ऐसा लगता है कि श्री भंसाली ने खिलजी को एक दाढ़ी वाले आशिक के रूप में प्रस्तुत करने का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया है लेकिन एक सच्चा इतिहासकार ही इसकी सच्चाई के बारे में बताएगा कि वह ऐसा बिलकुल नही था।

वह एक निम्न वर्ग का बर्बर व्यक्ति था जो शिशुओं को उनकी माताओं के सामने मारना पसंद करता था और 20,000 हिंदुओं के कटे हुए सिर से मीनार बनाने की शेखी बघारता था। साथ ही यौन रुख के मामले में वह एक समलैंगिक और बालकामुक के रूप में जाना जाता था। अब अगर यह सर्व शक्तिशाली सुल्तान केवल रानी पद्मिनी की मांग कर रहा था तो क्या आपको नहीं लगता कि उसने उनका अपहरण और तस्करी करने की कोशिश की होगी? देखिए, मैंने आपसे कहा था कि मध्यकालीन युद्ध बॉलीवुड की विकृत स्वच्छंदतावाद की तुलना में अधिक जटिल था।

महारावल रतन सिंह और अलाउद्दीन खिलजी के बीच युद्ध के परिणामस्वरूप चित्तौड़गढ़ की आठ महीने की लंबी घेराबंदी हुई। आखिरकार, वे पूरे सम्मान से लड़ाई लड़े और लड़ते हुए ही महारावल की मृत्यु हो गई।

अब, आपको क्या लगता है कि तब क्या हुआ होगा? मैं इसे और अधिक स्पष्ट करती हूँ। जब एक हमलावर एक अन्य राज्य को से नष्ट करने का इरादा बनाता है, तो वह शासक को मारने के अलावा भी बहुत कुछ करता है। युद्धों को तलवारों और ढालों की तुलना में मनोवैज्ञानिक स्तर पर अधिक लड़ा जाता हैं। देवदत्त पटनायक जी आप क्या सोचते हैं – क्यों आधुनिक राष्ट्र आज भी अपने राष्ट्रप्रमुख-परिवार के सदस्यों की इतनी जमकर रक्षा करते हैं?

अब आप क्या सोचते हैं कि खिलजी ने महाराज और उनके सेनापति एवं अग्रणी योद्धाओं को मारने के बाद क्या किया होगा? हाँ, उसने किले पर कब्जा किया होगा, आपको क्या लगता है कि उसने अपनी लड़ाई में आहत, यात्रा एवं भूख से आक्रांत पैदल सैनिकों को सम्मानित किया होगा? उसने उन्हें गढ़ के निवासियों पर निडर होकर आक्रमण करने का आदेश दिया होगा। वे किसी भी औरत का बलात्कार कर सकते हैं, जिस पर वे अपना हाथ रख दे उसे लूट लेते हैं। देवदत्त पटनायक जी, मध्ययुगीन सेनाएं तो लाशों का भी बलात्कार और उनको अशुद्ध  करने के लिए जानी जाती हैं।

अब उसने यह कैसे सुनिश्चित किया होगा कि कोई भी व्यक्ति उससे आगे का विरोध करने की हिम्मत नहीं करेगा? जवाब स्पष्ट है। कि उसने शाही महिलाओं और बच्चों को बंदी बनाया होगा। उसने यह कैसे सुनिश्चित किया होगा कि मेवाड़ के लोगों की नैतिकता इतनी हद तक टूट गई है कि कोई भी उन पर हमले की हिम्मत नहीं कर सकता जब तक वह वहां रहते है? उसने अपने कैदियों पर अत्याचार करके उदाहरण प्रस्तुत किया होगा।

रानी पद्मिनी एक वीर योद्धा घराने की रानी थी। रूमानियत और सस्ती लोकप्रियता वाले बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं को रानी पद्मिनी को सरल, निडर एवं फैंसी गुड़िया के रूप में चित्रित करके खुद को बेवकूफ न बनाए। रानी पद्मिनी जानती थी कि उनका और किले के अंदर सैकड़ों अन्य स्त्रियों के भाग्य में क्या होगा। उनका बलात्कार किया जायेगा, पहले सुल्तान और उसके सेनापति द्वारा फिर धीरे-धीरे सेना रैंकिंग के धटते क्रम के सैनिकों द्वारा। उन्हें कोड़े मारकर, निर्वस्त्र करके दौड़ाया जायेगा। बच्चों को उनकी माँ के सामने मार दिया जाएगा और यह एक अंतहीन प्रक्रिया है जो कि तब तक चलती रहेगी जब तक सुल्तान यह सुनिश्चित नहीं कर लेता कि एक भी राजपूत विरोध करने और दोबारा खड़ा होने के लिए जीवित नहीं है। जो महिलाएं बचती तो उन्हें सेक्स दासी के रूप में बेच दिया जाता। देवदत्त पटनायक जी सोचिए? जो लोग अपनी रानी और उनके शाही साथियों को प्रताड़ित होते हुए, कोड़े लगाये जाते हुए और हर दिन बलात्कार किये जाते हुए देखते, उनकी मनःस्थिति क्या होती?

रानी पद्मिनी बेहतर जानती थी। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि प्रतिशोध के लिए राजपूत लौ को जलते रहना होगा। वह जानती थीं कि अगर उन्हें ज़िंदा पकड़ लिया गया तो उनके और उनके साथियों के पास दुख, यातना और रोग के अलावा कुछ नहीं बचेगा। वह जानती थी कि उनकी दीवारों पर प्रहार कर रहे लोग, अपनी भयंकर हवस के चलते, मुर्दो को भी नहीं बख्शते थे। वह जानती थी कि उनकी जनता उनके अशुद्ध शरीर को देख नहीं पायेगी। अंत में उनके पास एक ही विकल्प बचा।

हां देवदत्त पटनायक जी, एक विकल्प। एक रानी का विकल्प वह रानी जो देवी की तरह आराध्य होने की हकदार है, उस रानी ने फैसला किया कि जिसने उसके पति और उसके वीर योद्धाओं को मार डाला है, उसे उनके गढ़ की दीवारों के टूटने के बाद बस राख की एक ढेरी ही मिलेगी। उसने फैसला किया कि वह खुद को भ्रष्ट होने और अपमानित करवाने की इजाजत नहीं देगी। उन्होंने फैसला किया कि वह अपने लोगों को नीचा नहीं दिखाएंगी। वह जानती थी कि उनकी जिंदगी सिर्फ खुद की ही नहीं थी, बल्कि मेवाड़ के लोगों की भी थी, जो एक दिन फिर से अपनी प्रिय रानी का बदला लेने के लिए उठेंगे।

देवदत्त पटनायक जी, वह सही साबित भी हुआ क्योंकि खिलजी द्वारा कब्जा करने के बाद भी चित्तौड़गढ़ का नाश नहीं हुआ था। रानी पद्मिनी ने ज्योति को जला दिया था, उसके बाद केवल एक दशक बाद, राजपूत सिसोदिया ने गढ़ पर वापस नियंत्रण कर लिया था। और चित्तौड़गढ़ में राणा संग्राम सिंह, राणा उदय सिंह, राणा कुंभा और कई अन्य महान हिंदू शासक मेवाड़ की महिमा पर अनगिनत ऊंचाइयों को छूते रहे।

देवदत्त पटनायक जी, रानी पद्मिनी ने मौत का चयन नहीं किया। उसने अमरता को चुना।

-एक स्वाभिमानी भारतीय

Tags: देवदत्त पटनायकपदमावतीरानी पद्मिनी
शेयर536ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ये क्या गुजरात में राहुल गाँधी पस्त पड़ गए, शुरुआत तो बड़ी जोशीली थी

अगली पोस्ट

जीएसटी रेट कम होने के बाद मुनाफाखोरी में लगे व्यवसाइयों के खिलाफ एनएए करेगा कार्यवाही

संबंधित पोस्ट

भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

3 January 2026

सनातन दृष्टि में धर्म ही अधिकारों का आधार है - जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, सम्मान, विचार और आस्था की स्वतंत्रता प्राप्त है, बशर्ते...

भारतीय संविधान
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

31 December 2025

मौलिक अधिकार (फंडामेंटल राइट्स) भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक हैं। इनका लक्ष्य भारत के नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर...

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited