TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

राहुल गांधी की वजह से नहीं बल्कि सोनिया और प्रियंका गांधी के हस्तक्षेप से सुलझ रही पार्टी की गुत्थी

Mahima Pandey द्वारा Mahima Pandey
15 December 2018
in समीक्षा
प्रियंका गांधी राहुल गांधी राजस्थान

PC: NDTV Khabar

Share on FacebookShare on X

इंडियन नेशनल कांग्रेस (आईएनसी) जिसे सालों से एक परिवार चलाता आ रहा है और अब इसकी कमान संजय गांधी और सोनिया गांधी के बेटे राहुल गांधी संभाल रहे हैं। वो कभी राजनीति में इतनी रूचि नहीं रखते थे, उनका राजनीति का हिस्सा बने रहना उनकी मज़बूरी के तौर पर भी देखा जाता था लेकिन शायद अब ये उनकी मज़बूरी नहीं रही समय के साथ इस क्षेत्र में उनकी रूचि जरुर जाग गई है। साल 2014 के बाद से कांग्रेस अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही थी और इस दौर में राहुल गांधी को पार्टी का नेतृत्व संभालने के लिए जिम्मदारी दे दी गयी। इस दौरान उन्हें पप्पू, बाबा, शहजादा जैसे कई नाम मिले और कहा गया वो राजनीति के लिए नहीं बने हैं और आज भी वो इस कहे को नहीं बदल पाए हैं। हालांकि, हिंदी बेल्ट के तीन बड़े राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उनके नेतृत्व की सराहना की जाने लगी ऐसा दिखाया जाने लगा कि अब भारतीय राजनीति में वो अपनी स्थिति को मजबूत करने में कामयाब हो रहे हैं लेकिन, जमीनी हकीकत तो कुछ और है। या यूं कहें कांग्रेस पार्टी के भीतर की कहानी तो कुछ और ही है। कुछ घटनाक्रमों पर नजर डालें तो आप भी समझ जायेंगे कि फ्रंट सीट पर राहुल गांधी बैठे हैं जबकि बैक सीट से पार्टी का नियंत्रण प्रियंका गांधी कर रही हैं। इसका मतलब साफ़ है कि राहुल गांधी अभी भी इतने परिपक्व नहीं हुए हैं कि वो कोई बड़ा फैसला ले सकें। यही नहीं इससे गांधी वंशज के नेतृत्व पर भी कई सवाल खड़े होते हैं।  

ऐसा हम यूं ही नहीं कह रहे बल्कि इसके पीछे कहने की कई वजह हैं। कर्नाटक में पार्टी का जेडीएस के साथ गठबंधन का फैसला हो या मध्य प्रदेश और राजस्थान में सीएम पद को लेकर चल रही तनातनी तीनों ही जगह प्रियंका गांधी को हस्तक्षेप करना पड़ा है। मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर तनातनी थी। राहुल गांधी के आवास पर दोनों को लेकर बातचीत शुरू हुई लेकिन इसके बावजूद मामला नहीं सुलझा। लोकप्रियता के मामले में सिंधिया ने कमलनाथ को पीछे छोड़ दिया था लेकिन पार्टी के अधिकतर विधायक और दिग्विजय सिंह कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाने की बात पर अड़े थे। काफी देर तक चली बातचीत के बाद भी मामला नहीं सुलझा तब सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा राहुल के आवास पर पहुंची। दोनों ने मिलकर विचारविमर्श किया इसके बाद दोनों ने कमलनाथ के नाम को फाइनल किया और राहुल गांधी ने भी कमलनाथ के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी। सिंधिया जो पहले किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे उन्होंने प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी के फैसले को खुशी से स्वीकार कर लिया। यहां प्रियंका गांधी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही।

संबंधितपोस्ट

राहुल गांधी का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, बोले- CEC ज्ञानेश कुमार अब इस्तीफा दें

इंडिया ब्लॉक का चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च, राहुल गांधी-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में

कांग्रेस के 150 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने के दावे पर सपा का तंज, IP सिंह ने पूछा- अकेले 403 सीटों पर क्यों नहीं लड़ते?

और लोड करें

मध्य प्रदेश में मामला तो सुलझ गया लेकिन राजस्थान में मामला एक बार फिर से उलझ गया। यहां अशोक गहलोत को लेकर सभी तैयारियां पूरी थीं लेकिन सचिन पायलट ने तुरंत राहुल गांधी से मुलाक़ात की और अपनी दावेदारी पेश करते हुए कई मुद्दे सामने रखे। सचिन पायलट की बातों को सुनकर राहुल गांधी एक बार फिर से उलझन में पड़ गये उन्हें समझ नहीं आ रहा था अब किसपर आखिरी मुहर लगाई जाए। सचिन पायलट के समर्थकों ने भी साफ़ कर दिया कि वो सिर्फ सचिन पायलट को ही मुख्यमंत्री बनते हुए देखना चाहते हैं और विरोध भी शुरू कर दिया। इसके बाद गांधी वंशज की मुश्किलें और बढ़ गयीं। वो सचिन को मनाने के प्रयासों में जुट गये लेकिन न पायलट मान रहे थे और न उनके समर्थक। इसके बाद फिर से यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के हस्तक्षेप के बाद ही पायलट ने अशोक गहलोत के नाम पर सहमती जताई और अपने कदम पीछे खीच लिए। इन दोनों ही मामलों से साफ़ हो जाता है कि पार्टी के नेता राहुल गांधी के फैसले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और उनकी कितनी सुनते हैं। यहां प्रियंका गांधी की भूमिका से एक बार फिर से ये साफ़ हो गया कि वास्तव में राहुल गांधी की तुलना में पार्टी के नेता प्रियंका गांधी के फैसलों को ज्यादा महत्व देते हैं। यहां तक कि सोनिया गांधी भी अपनी बेटी के साथ सलाह मशवरा करती हैं।

वैसे ये कोई पहला मामला नहीं था जब राहुल गांधी का कमजोर नेतृत्व सामने आया है। इससे पहले कर्नाटक में भी सरकार बनाने की जदोजहद में कुछ ऐसा ही देखने को मिला था। आईएनसी को कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत की उम्मीद थी लेकिन इसके विपरीत राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी को करारी हार का मुंह देखना पड़ा था। कर्नाटक में राहुल गांधी अपनी 47 रलियों के बावजूद जनता का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने और कांग्रेस के पक्ष में मतदाताओं को लुभाने में नाकाम रहे थे। यही कारण था कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं व नेताओं ने प्रियंका गांधी वाड्रा के फैसले को ज्यादा महत्व दिया था। जेडीएस के साथ गठबंधन का फैसला प्रियंका गांधी वाड्रा का ही था जिसे कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए पार्टी के सभी नेताओं ने स्वीकार किया था। स्पष्ट रूप से ये प्रियंका गांधी ही थीं जिस वजह से कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने में कामयाब हो पायी थी। प्रियंका गांधी वाड्रा कभी राजनीतिक स्तर पर खुलकर सामने नहीं आयीं हैं। उन्होंने हमेशा ही अपने भाई और माँ के लिए प्रचार करने के विकल्प को चुना है।

हालांकि, बार बार उनके हस्तक्षेप से राजनीतिक गलियारों में ये खबर जरुर फैलती है कि वो अब सक्रीय राजनीति का हिस्सा बनने वाली हैं। हालांकि, हर बार उन्होंने इस तरह की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा है कि वो फिलहाल सक्रिय राजनीति का हिस्सा नहीं बनेंगी।

फिर भी जिस तरह से प्रियंका गांधी इन दिनों तीनों ही राज्य के मामलों में हस्तक्षेप कर रही हैं उससे एक बार फिर से उनके सक्रीय राजनीति में कदम रखने की चर्चा तेज हो गयी है। कई लोगों का ये तक कहना है कि प्रियंका गांधी अब राहुल गांधी के निर्णयों को सशक्त बनाने के लिए राजनीति में कदम रखेंगी लेकिन इससे राहुल गांधी मजबूत हो न हो लेकिन हों कांग्रेस पार्टी जरुर एक बार फिर से अपनी सियासी पकड़ को मजबूत कर सकेगी।

Tags: कांग्रेसप्रियंका गांधीमध्य प्रदेशराजस्थानराहुल गाँधी
शेयर586ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

प्याज की घटती कीमतों से त्रस्त किसानों के लिए मदद की तैयारी में केंद्र सरकार, राज्यों से मांगे प्रस्ताव

अगली पोस्ट

लालू यादव को जेल से बाहर निकालने के पीछे क्या है यादव परिवार की मंशा?

संबंधित पोस्ट

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा
समीक्षा

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

18 September 2026

पुस्तक का नाम: कथा रूप: बलिदानी हेमू कालानी लेखक: किशोर कान्त प्रकाशक: सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली पृष्ठ: 99 मूल्य: 149 प्रिंट भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का...

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!
चर्चित

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

22 May 2026

पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया स्पेस, खासकर इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक डिजिटल अभियान ने तहलका मचा रखा है। मीम्स,...

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?
चर्चित

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?

7 May 2026

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ लोकतंत्र की परिभाषा और राज्यपाल के अधिकारों के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited