TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नितीश कुमार विश्वास के योग्य नहीं, भाजपा को तुरंत करना चाहिए उन्हें डंप

TFI Desk द्वारा TFI Desk
3 June 2019
in समीक्षा
नितीश कुमार जेडीयू बीजेपी
Share on FacebookShare on X

जब प्रधानमंत्री मोदी ने 57 अन्य सांसदों के साथ 30 मई को नए केन्द्रीय मंत्रिमंडल के मुखिया के तौर पर शपथ ली, तो उनके शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित होने के लिए लोगों का हुजूम लग गया। जहां की देश की तमाम हस्तियां इस भव्य समारोह में हिस्सा लेने के लिए पहुंची, तो वहीं कुछ विपक्षी नेताओं ने अपनी संकीर्ण राजनीति का परिचय देते हुए इस शपथ ग्रहण समारोह से दूरी बनाए रखी।

हालांकि, एक वर्ग ऐसा भी था, जिसकी अनुपस्थिति ने कई राजनीतिक विशेषज्ञों और समारोह में मौजूद कई लोगों को हैरत में डाल दिया। यह वर्ग था जेडीयू और उनके नितीश कुमार का, जिन्होंने पीएम मोदी और उनके नए मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा नहीं लिया। सूत्रों की माने, तो नितीश बाबू इस बात से नाराज़ हैं, कि उन्हें पीएम मोदी के नए मंत्रिमंडल में उनके ‘कद अनुसार’ प्रतिनिधित्व नहीं मिला। भाजपा ने वही ऑफर दिया जो अन्य दलों के समक्ष रखा था जबकि बिहार में नितीश कुमार की पकड़ बीते वर्षों में कमजोर हुई है 

संबंधितपोस्ट

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

और लोड करें

पर सच्चाई तो कुछ और ही है। नितीश कुमार को भाजपा ने 1 मंत्रालय देने की पेशकश की थी लेकिन नितीश कुमार ने ऑफर ठुकरा दिये। जबकि एनडीए के अन्य घटक दलों ने जो भी ऑफर मिला उसे स्वीकार कर लिया। 

इतना ही नहीं, नितीश कुमार ने तो पीएम मोदी को प्रधानमंत्री का पद मिलने की शुभकामनाएं भी नहीं दी। अब इतनी बेरुखी तो मोदी जी के सबसे कट्टर शत्रुओं ने भी नहीं दिखाई थी। बात तो यहां तक पहुंच गयी कि अपनी इफ्तार पार्टी में नितीश कुमार ने भाजपा नेताओं को निमंत्रण तक नहीं भेजा जबकि  हिंदुस्तान अवाम मोर्चा के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री जितन राम मांझी उनकी पार्टी का हिस्सा बने।

ऐसे में अब ये कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं नितीश कुमार 2014 की तरह एक बार फिर अपनी बात से पलटने तो नहीं वाले? यदि ये सच है, तो भाजपा को जदयू के साथ किसी प्रकार का गठबंधन अब नहीं रखना चाहिए या यूं कहें भाजपा को अब जेडीयू के साथ गठबंधन को ही खत्म कर देना चाहिए..  इसके कुछ प्रमुख कारण हैं और वो कारण कौनसे हैं उसपर एक नजर डाल लेते हैं–

 नितीश कुमार किसी के सगे नहीं है..  

‘ऐसा कोई नहीं जिसे नितीश कुमार ने ठगा नहीं’ .. ये पंक्तियां नितीश कुमार को लेकर राजनीतिक गलियारों में मशहूर है और इसके पीछे की बड़ी वजह है नितीश कुमार का सत्ता पर खतरा मंडराने पर गिरगिट की तरह रंग बदलने और सत्ता को बनाये रखने की उनकी भूख।

यदि कोई भारत का राजनीतिक इतिहास ठीक से पढ़ा हो, तो उसे पता चल जाएगा की नितीश कुमार पलटने में कितने उस्ताद हैं। एक समय पर लालू यादव के खास माने जाने वाले नितीश कुमार 1995 के बाद एनडीए से जुड़ गए। कई वर्षों बाद जब इनके लाख विरोध के बावजूद नरेंद्र मोदी को एनडीए का प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाया गया, तो उन्होंने एनडीए से संबंध तोड़ते हुए राजद से एक बार फिर अपने संबंध मजबूत किए। अपने स्वार्थ के लिए नितीश कुमार कब अपने सहयोगी पार्टी को धोखा दें इसपर कुछ भी कहा नहीं जा सकता। हां, ये जरुर है कि वो भरोसे लायक नहीं है। इसी स्वभाव को लेकर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मौजूदा भाजपा सरकार को आगाह भी किया और भाजपा को धोखा नंबर 2 के लिए तैयार रहने की सलाह दी।

वास्तव में नीतीश कुमार जनादेश का अपमान करने के लिए जाने जाते हैं। जनता के जनादेश और .. गठबंधन के सहयोगियों को धोखा देना उनकी पुरानी आदत है। इस बार भी कुछ ऐसा होता हुआ नजर आ रहा है. एक तरफ तो उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल होने के ऑफर को ठुकराया दूसरी तरफ उनका कहना है कि वो मजबूती के साथ भाजपा के साथ खड़े हैं। अब वो ऐसा कहें भी क्यों ..भाजपा के बिना राज्य में उनकी पार्टी कहां खड़ी है इस बात को वो अच्छी तरह से समझते हैं। ऐसे में भाजपा को नितीश कुमार के इस रुख को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बिहार की राजनीति में अलग-थलग पड़ जायेगा जेडीयू

 जेडीयू के पास बीजेपी के साथ रहने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। यदि वो अकेले चुनाव लड़ने की सोचते हैं तो बिहार में उन्हें आरजेडी-कांग्रेस और बीजेपी दोनों के खिलाफ लड़ना होगा ऐसे में उनके हिस्से में बहुत कम ही सीटें जायेंगी। इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है जबकि जेडीयू को जो भी सीटें मिली है वो भाजपा के साथ गठबंधन की वजह से हुआ है।  बिहार में नितीश कुमार अब पहले की तरह लोकप्रिय भी नहीं रहे हैं और अगर वो एक अच्छे सहयोगी की तलाश में हैं यो दुर्भाग्यवश..वो अपनी सभी लाइफलाइन पहले ही खत्म कर चुके हैं। नितीश कुमार ने दल-बदल करने की अपनी नीति से एक बुरी छवि स्थापित की है और यही कारण है कि राजद के तेजस्वी यादव ने नितीश कुमार के लिए सभी दरवाजे पहले ही हमेशा के लिए बंद कर दिए थे।  तेजस्वी यादव ने कहा था कि, भविष्य में उनका कभी भी आरजेडी या आरजेडी के नेतृत्व वाले गठबंधन में कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने ये भी कहा था कि, नितीश कुमार ने हमेशा विश्वासघात किया है।

स्पष्ट है कि राजद के आलाकमान पिछली बार की अपनी बेइज्जती को बिलकुल नहीं भूले हैं। यदि इस बार नितीश बाबू एनडीए से नाता तोड़ते हैं, तो इस बार राजद या कांग्रेस में से कोई भी उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आएगा। ऐसे में 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव त्रिकोणीय मुक़ाबले में परिवर्तित हो जाएगा, जिसका फायदा सबसे ज़्यादा भाजपा को ही मिलेगा। 

बिहार में भाजपा का मजबूत जनाधार

यदि इस बार नितीश कुमार भी अपने रंग बदलते हैं, तो त्रिकोणीय मुक़ाबला होने के नाते भाजपा को पिछली बार के मुक़ाबले इस बार ज़्यादा फायदा होगा। शायद नितीश बाबू यह भूल गए हैं कि इस बार लोकसभा चुनाव में जदयू भाजपा की लोकप्रिय छवि के कारण ही राज्य में 16 सीट अर्जित कर पायी थी। पिछली भाजपा से अलग चुनाव लड़ने पर जदयू को केवल 4 सीट ही प्राप्त हुई थी। वहीं, 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में इसके वोट शेयर में 5.81% की गिरावट आयी थी। जेडीयू का  वोट शेयर सिर्फ 16.8 फीसदी था और आरजेडी के साथ गठबंधन में 71 सीटें जीती थीं वहीं बीजेपी ने अपने दम पर 53 ऐसे सीटें जीती थीं। 2015 में बिहार विधानसभा चुनावों में बीजेपी का वोट शेयर 24.4% के कुल वोट शेयर के साथ 7.9 4% बढ़ गया। ऐसे में ये स्पष्ट है कि जेडीयू पार्टी अकेले चुनाव जीतने में सक्षम नहीं है। ऐसे में भाजपा को जेडीयू के साथ बने रहने की कोई मज़बूरी नजर नहीं आती। जिस तरह से बीते वर्षों में अपनी योजनाओं और काम के दम पर भाजपा ने बिहार में अपनी पकड़ मजबूत की है वो किसी से छुपा भी नहीं और अगर वो अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में अकेले जाती है तो भाजपा अपने दम पर बिहार में पहली बार सरकार बनाने में सफल हो सकती है।

आखिर में हम उम्मीद करते हैं किनितीश बाबू को सद्बुद्धि मिले और वे भाजपा के साथ अपनी गलतफहमियों को दूर करते हुये एनडीए को और शक्तिशाली बनाए। लेकिन यदि वे ऐसा करने में असफल रहे, तो इस बार उन्हें हाशिये पर जाने से कोई नहीं बचा पाएगा, महागठबंधन भी नहीं।

Tags: नितीश कुमारबिहारबीजेपी
शेयर1247ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मध्य प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती, कांग्रेस के मंत्री ने कहा ‘भाजपा करा रही साजिश’

अगली पोस्ट

एक ओर डीयू स्टाफ वेतन को ले के हैं चिंतित, वहीं केजरीवाल बांट रहे हैं अबतक का सबसे बड़ा ‘फ्री गिफ्ट’

संबंधित पोस्ट

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!
चर्चित

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

22 May 2026

पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया स्पेस, खासकर इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक डिजिटल अभियान ने तहलका मचा रखा है। मीम्स,...

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?
चर्चित

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?

7 May 2026

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ लोकतंत्र की परिभाषा और राज्यपाल के अधिकारों के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।...

Modi in BJP Head Office
चर्चित

आखिर कैसे आए ये चुनाव परिणाम ?

6 May 2026

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर कोई एक सुसंबद्ध टिप्पणी संपूर्ण स्थितियों का विश्लेषण नहीं कर सकता। सारे राज्यों के राजनीतिक समीकरण और स्थानीय मुद्दे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited