TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

श्रीलंका की सत्ता में राजपक्षे बंधुओं का आना, भारत के लिए बिल्कुल चिंता का विषय नहीं है

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
17 November 2019
in विश्व
श्रीलंका की सत्ता में राजपक्षे बंधुओं का आना, भारत के लिए बिल्कुल चिंता का विषय नहीं है
Share on FacebookShare on X

श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए रविवार को मतदानों की गिनती शुरू हो गई है। यूं तो उच्च पद के लिए 35 दावेदार हैं, परंतु असली लड़ाई है यूनाइटेड नेशनल पार्टी के सजीत प्रेमदासा और श्रीलंका पोडुजना पेरामुना पार्टी के गोताबाया राजपक्षे के बीच। बता दें कि गोताबाया राजपक्षे श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के छोटे भाई होने के साथ-साथ श्रीलंका के पूर्व डिफेंस सेक्रेटरी भी रह चुके हैं। उन्हें 2009 में 37 वर्ष लंबे लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम) द्वारा फैलाये गए अलगाववाद को खत्म करने में एक अहम भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है।

यूं तो संभावित मतदाताओं का कोई ओपिनियन पोल नहीं किया गया, पर मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इतना तो स्पष्ट है कि इस चुनाव में गोताबाया राजपक्षे जीत रहे हैं। इस साल अप्रैल माह में श्रीलंका में ईस्टर के दौरान हुए आतंकी हमलों के बाद विशेष रूप से गोतबया राजपक्षे की लोकप्रियता बढ़ी है। इन दिनों श्रीलंका में राष्ट्रीय सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। राजपक्षे भाइयों को पारंपरिक रूप से तमिल विद्रोहियों की हार और श्रीलंका को गृहयुद्ध से बाहर निकालने का श्रेय दिया जाता है। ऐसी परिस्थितियों में, श्रीलंकाई राष्ट्रवाद को गोताबाया राजपक्षे ने चुनाव में अच्छे से भुना दिया है, जिसके कारण वे अपने प्रतिद्वंदी प्रेमदासा से अधिक मजबूत और लोकप्रिय माने जा रहे हैं।

संबंधितपोस्ट

राजपक्षे ने शुरू की श्रीलंका के इस्लामी कट्टरवाद पर कार्रवाई, मदरसों का पंजीकरण और पाठ्यक्रम का पुनर्मूल्यांकन करने के दिए निर्देश

श्रीलंका की जनता ने पहचाना इस्लामिक आतंकवाद का खतरा, किया टर्मिनेटर गोटाबाया का चुनाव

और लोड करें

प्रारंभिक चुनाव परिणाम के रुझान भी अपेक्षित तर्ज पर है। राजपक्षे को उनके और प्रेमदासा के बीच मुकाबले में संभावित विजेता के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान खबरों के मुताबिक, राजपक्षे 52.87 फीसदी मतों के साथ आगे चल रहे हैं, जबकि साजिथ प्रेमदासा के पास गिने गए कुल 5 लाख वोटों में से 39.67 फीसदी थे। इसलिए ऐसा प्रतीत होता है कि गोतबाया राजपक्षे श्रीलंका का नेतृत्व कर सकते हैं। मौजूदा गिनती के आधार पर गोतबाया जीत का ऐलान भी कर चुके हैं।

जहां गोताबाया राजपक्षे श्रीलंका के राष्ट्रपति बनने के लिए बिल्कुल तैयार हैं, वहीं उनके बड़े भाई महिंदा राजपक्षे को अगले साल संसदीय चुनावों के बाद प्रधानमंत्री का पद मिलने की आशा है। वह वर्तमान संसद में विपक्ष के नेता हैं और उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए एक स्पष्ट विकल्प के रूप में देखा जा रहा हैं। सच कहें तो पिछले वर्ष महिंद्रा राजपक्षे ने कुछ समय के लिए श्रीलंका के प्रधानमंत्री के पद पर कब्जा कर लिया था, क्योंकि उन्होंने श्रीलंका में अस्थायी तख्तापलट किया था। सिरीसेना और विक्रमसिंघे के बीच संबंध टूटने के बाद सिरीसेना ने उन्हें श्रीलंका के प्रधानमंत्री के रूप में स्थापित किया था और पीएम रानिल विक्रमसिंघे की कुर्सी चली गई थी। हालांकि, राजपक्षे ने बाद में एक अदालती लड़ाई के दौरान इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने से भी रोक दिया गया था।

चूंकि गोतबाया राजपक्षे राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए वास्तव में सहज दिख रहे हैं, इसलिए ये व्यापक रूप से प्रचारित किया जा रहा है कि श्रीलंका में चीन समर्थक शासन लौटने वाला है। ये आशंकाएं काफी हद तक 2005 से 2015 तक महिंद्रा राजपक्षे के दस साल के शासन पर आधारित हैं, जिस दौरान चीन ने श्रीलंका में पैर पसार लिए थे। यह उनके कार्यकाल के दौरान विवादित हंबनटोटा बंदरगाह परियोजना थी, जिसे अब दुनिया भर में चीन के ‘ऋण जाल कूटनीति’ (Debt trap) के एक जीवित उदाहरण के रूप में देखा जाता है।

प्रतिकूल व्यवहार रिपोर्ट के बावजूद चीन द्वारा वित्तपोषित और भारत द्वारा मना करने के बाद ये पोर्ट कार्यकुशलता में पूरी तरह विफल सिद्ध हुआ। दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग लेन से कई हज़ार जहाज गुजरते हैं, लेकिन 2012 से अब तक हंबनटोटा बंदरगाह से मात्र 34 जहाज ही गुजरे हैं। राजपक्षे शासन को इन्ही कारणों से 2015 में निष्कासित किया गया था, लेकिन नई सरकार को राजपक्षे शासन द्वारा लिए गए कर्जों को भरने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। अंत में, श्रीलंका को बंदरगाह और एक 15000 एकड़ की विशाल भूमि को चीन को सौंपनी पड़ी। यह चीन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि इससे भारत के तटों से दूरी काफी कम हो गयी थी।

हिंद महासागर क्षेत्र में श्रीलंका भारत और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा का एक बिंदु माना जाता है। यही कारण है कि भारत की घरेलू श्रीलंकाई राजनीति में भी काफी गहरी दिलचस्पी रही है। ऐसे समय में जब पूरा कवरेज इस बात को लेकर है कि कैसे एक राजपक्षे का शासन फिर से श्रीलंका को चीन की ओर ढकेल सकता है,  तो हमें ये जानना चाहिए कि आखिर क्यों राजपक्षे परिवार वास्तव में भारत के प्रति विरोधी नहीं है।

पिछले कुछ समय से श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति ने कुछ ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि भारत उनके लिए एक प्रतिकूल देश नहीं है। पिछले वर्ष उन्होंने भारत का दौरा किया, जिससे ये स्पष्ट संदेश गया था कि वे न भारत के लिए विरोधी हैं, और न ही उनकी सत्ता वापसी के बाद भारत उनके खिलाफ होगा। महिंदा राजपक्षे राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए योग्य नहीं थे, उनके भाई ने उनकी जगह ले ली है। हाल ही में एक इंटरव्यू में, महिंदा राजपक्षे ने एक बार फिर भारत के प्रति अपनी मित्रता व्यक्त करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था- ‘’हम पर चीन समर्थक होने का आरोप बिल्कुल निराधार है, श्रीलंका हमेशा से भारत का अच्छा दोस्त रहा है।‘’

जबकि राजपक्षे शासन को “चीन समर्थक” करार दिया गया था, तो  इस मुद्दे को सही संदर्भ में देखना महत्वपूर्ण है। यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि अमेरिका ने 2007 में श्रीलंका को सैन्य सहायता समाप्त कर दी थी। उस समय श्रीलंका तमिल विद्रोहियों से लड़ रहा था। चीन ने इस स्थिति का फायदा उठाया और श्रीलंका का सबसे बड़ा दानदाता बन गया। चीन ने इस अवसर का उपयोग हंबनटोटा बंदरगाह परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए भी किया। ऋण जाल कूटनीति के बीजिंग की रणनीति अभी भी विश्व को अच्छी तरह से पता नहीं थी और कोलंबो जल्द ही चीन के जाल में फंस गया। इसका यह अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए कि श्रीलंका में राजपक्षे शासन भारत के हितों के विरोधी थे। भारत को द्वीपीय देश में चीनी उपस्थिति के मुकाबले के लिए एक रणनीति तैयार करनी चाहिए थी।

बीबीसी की रिपोर्ट से…

यहां यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि श्रीलंका के अंदर यह धारणा थी कि भारत की नीति तमिलनाडु से बहुत प्रभावित है। यूपीए के दौर में डीएमके जब सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा थी, तो इस गलत धारणा को और भी मजबूती मिली। 2013 में, तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग (CHOGM) को छोड़ने का फैसला किया था। इससे यह स्पष्ट हुआ कि घरेलू राजनीति रणनीतिक संबंधों में हस्तक्षेप कर रही थी।

Had an extensive meeting with the Leader of Opposition, Mr. Mahinda Rajapaksa.

We discussed the need for close collaboration between India and Sri Lanka in the fields of counter terrorism, security and economic development. @PresRajapaksa pic.twitter.com/uOs7BSTBuH

— Narendra Modi (@narendramodi) June 9, 2019

परंतु जब 2014 में भाजपा सत्ता में आई थी, तो श्रीलंकाई मीडिया में टिप्पणीकारों के एक वर्ग ने राहत की सांस ली। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि भारत-श्रीलंका संबंध अब सही दिशा में जाने के लिए तैयार हैं। अब पिछली बातों को भूलकर आगे बढ़ने और निकट संबंधों को बनाने का दायित्व दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्व पर है। भारत के पास अच्छा मौका है क्योंकि चीन के कर्ज का मारा श्रीलंका अब कोई दूसरा हाथ खोज रहा है, ऐसे में बिछड़े यार से मिलने का सबसे सही वक्त हमारे सामने है।

 

Tags: गोटाभाया राजपक्षेमहिंदा राजपक्षेश्रीलंका चुनाव
शेयर32ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘नमाज़ पढ़ो-ज़मीन हड़पो-मस्जिद बनाओ गैंग’ को Akhilesh Govt ने गले लगाया तो CM योगी ने चलाया चाबुक

अगली पोस्ट

सबरीमाला पर CPI(M) ने बदला अपना सुर क्योंकि केरल के हिंदुओं ने सिखाया वो सबक जो वे कभी न भूल पाएंगे!

संबंधित पोस्ट

The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है
विश्व

The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

21 September 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले को Truth Social पर चांद की तस्वीर के साथ लिखा—“The Moon Is Ours”। तस्वीर में चांद की...

BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping
अर्थव्यवस्था

BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

12 September 2026

क्या डॉलर की पकड़ कमजोर हो रही है?  यह सवाल पिछले कुछ समय से वैश्विक आर्थिक बहस के केंद्र में है। BRICS देशों की बढ़ती...

मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था
मत

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

3 September 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

00:07:22

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited