TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

BRD गोरखपुर Vs JK लोन कोटा – बच्चे दोनों में मरे, एक राष्ट्रीय चर्चा का विषय तो दूसरे को प्राइम टाइम में जगह नहीं?

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
28 December 2019
in मत
कोटा
Share on FacebookShare on X

हाल ही में राजस्थान के कोटा शहर से एक बुरी खबर सामने आई है। पिछले एक महीने में इस शहर के एक अस्पताल में लगभग 77 बच्चों मृत्यु हो गयी है, और सरकार से लेकर अस्पताल प्रशासन सब इससे पल्ला झाड़ने में जुटे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कोटा में जेके लोन अस्पताल में मृत बच्चे HIE नामक बीमारी से जूझ रहे थे, जिसमें मस्तिष्क तक ऑक्सिजन नहीं पहुँच पाता। बताया जा रहा है कि इस महीने के पहले 24 दिनों में 67 बच्चों की मौत हुई थी, और 10 अन्य बच्चों की मृत्यु को हुए अभी 48 घंटे भी नहीं बीते हैं। परंतु अस्पताल प्रशासन ने इससे पल्ला झाड़ते हुए ये कहा है कि सभी बच्चे गंभीर हालत में थे और अंत समय में अस्पताल लाये गए थे। राष्ट्रीय मृत्यु दर के हिसाब से कोटा में बच्चों का मृत्यु दर केवल 10-15 प्रतिशत है, जो चिंता का विषय बिलकुल नहीं है।

संबंधितपोस्ट

ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद NTA पर संकट, सुप्रीम कोर्ट पहुंची FAIMA

जिस कानून का नहीं अस्तित्व, उसके आधार पर कोर्ट ने सुना दिया फैसला: भड़के इलाहाबाद HC ने रद्द कर सुनाई खरी-खरी

और लोड करें

अस्पताल प्रशासन के सदस्य और बाल रोग विभाग के अध्यक्ष अमृत लाल बैरवा के अनुसार, “राष्ट्रीय एनआईसीयू रिकॉर्ड्स के अनुसार 20 प्रतिशत मृत्यु सामान्य मानी जाती है। वहीं कोटा में मृत्यु दर 10-15 प्रतिशत है, जो चिंता का विषय बिलकुल नहीं है। मरीज बूंदी, बारन, झालावाड़ और मध्य प्रदेश से भी लाये जाते हैं। हर दिन एक से तीन शिशु की मृत्यु होती है”।

परंतु वास्तविकता तो कुछ और ही बयां करती है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस अस्पताल में मृत्यु दर का स्तर बहुत ज़्यादा है। 2014 में यहाँ 1198 बालकों की मृत्यु हुई थी, और अभी केवल 24 दिसंबर तक ही यह आंकड़ा इस वर्ष 940 तक पहुँच चुका है। ऐसे में अस्पताल की सफाई उनकी अक्षमता को छुपाने का बेहद असफल प्रयास है। इतना ही नहीं, टाइम्स नाऊ के रिपोर्ट की माने तो अस्पताल में सीवर लीक होने की भी समस्या सामने आई है।

इसके अलावा ध्यान देने वाली बात तो यह है कि यह केवल एक अस्पताल का आंकड़ा है। जब से अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस ने सत्ता संभाली है, तब से राजस्थान का नाम अधिकतर गलत कारणों से चर्चा में रहता है। सोचने वाली बात है कि जब एक अस्पताल का हाल है तो राज्य भर के अस्पतालों की क्या दुर्दशा होगी?

इस मामले पर प्रकाश डालते हुए लोक सभा प्रवक्ता ओम बिड़ला ने एक के बाद एक ट्वीट डालते हुए कहा, “कोटा में 48 घंटों के भीतर 10नवजात शिशुओं की असामयिक मृत्यु निस्संदेह चिंता का विषय है। राजस्थान सरकार को इस मामले में तुरंत एक्शन लेना चाहिए”।

इतना ही नहीं, ओम बिड़ला ने मुख्यमंत्री गहलोत को लिखे एक पत्र में ये भी बताया है कि कैसे इस अहम अस्पताल में प्रशासनिक अक्षमता और जीवन रक्षक यंत्रों की कमी के कारण हर वर्ष लगभग 800 से 900 नवजात शिशु और 200 से 250 बच्चे इसकी भेंट चढ़ जाते हैं।

अब इन मामलों पर अगर ध्यान दिया जाये, तो एक बात पूरी तरह स्पष्ट सिद्ध होती है और वो यह कि कोटा के जेके लोन अस्पताल प्रशासन स्थिति को संभालने में पूरी तरह विफल रहा है, और प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण 77 बच्चों की मृत्यु हुई है। परंतु इसके बारे में मीडिया भी दबी आवाज़ में बात कर रही है, और विडम्बना की बात तो यह है कि अभी तक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस पर अपनी तरफ से जो सफाई दी वो बेहद असंवेदनशील थी।

अब याद कीजिये 2017 की उस दुर्घटना को, जब गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जापानी बुखार के कारण एक ही हफ्ते में 60 से ज़्यादा बच्चों की मृत्यु हो चुकी थी। जैसे ही यह खबर सामने आई कि बच्चों की मृत्यु ऑक्सिजन के पर्याप्त सिलिन्डर न मिल पाने के कारण हुई थी, मीडिया ने आसमान सर पर उठाते हुए कुछ ही महीनों के सीएम योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लिया। यहां तक कि उनके इस्तीफे की मांग करने लगे। अधिकांश मीडिया वालों ने बिना ठोस आधार और प्रमाण के ही योगी आदित्यनाथ को पूरे घटनाक्रम के लिए दोषी ठहराया था।

इतना ही नहीं, सूत्रों की माने तो गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज की त्रासदी के समय मीडिया ने डॉक्टर कफील खान को मसीहा बना दिया था। हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी होने पर डॉक्टर खान ने 17 सिलिंडर अपने खर्च से मंगाए थे जिससे बच्चों की जान बचाई गयी थी। इस मामले के बाद जब खान को नोडल अधिकारी के पद से बर्खास्त कर डॉक्टर भूपेन्द्र शर्मा को नया नोडल अधिकारी बनाया गया तो मीडिया ने मौजूदा सरकार पर कई हमले किये थे और डॉक्टर कफील को सरकार के फैसले द्वारा पीड़ित के रूप में चित्रित किया गया था।

जबकि दोनों मामलों में ज़मीन आसमान का अंतर है। जापानी बुखार एक ऐसी बीमारी थी, जिसका प्रशासनिक सतर्कता के बाद भी आने का खतरा बना रहता था। जो बीआरडी कॉलेज में हुआ, वो स्थानीय प्रशासन की अक्षमता के साथ साथ कुछ लोगों के निहित स्वार्थ का भी दुष्परिणाम था, जिसे योगी सरकार से भी छुपाया गया था।

इतनी जटिल परिस्थितियों के बावजूद योगी सरकार ने जापानी बुखार जैसी घातक बीमारी को नियंत्रण में लाने में भारी सफलता दर्ज की है। वास्तव में जापानी बुखार के कुल मामलों में योगी सरकार के आने के बाद से ही भारी गिरावट भी दर्ज हुई थी, और 2018 के अंत होते होते उत्तर प्रदेश इस खतरनाक बीमारी के प्रकोप से मुक्त भी हुआ थ

योगी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सफलता अब धीरे धीरे सामने भी आ रही है। 2018 में अगस्त तक 1427 मामले सामने आए हैं, जिसमें केवल 117 मृत्यु हुई हैं। अगर 2014 के आंकड़ों से तुलना करे, तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं। 2014 में 5850, 2015 में लगभग 7000 और 2016 में 6121 मृत्यु गोरखपुर में दर्ज हुई है, और यह केवल जापानी बुखार के कारण हुई है। 2 सितंबर 2017 तक भी इस बीमारी के कारण 1317 बच्चों की मृत्यु हुई, जिसमें गोरखपुर त्रासदी में मरने वाले बच्चे भी शामिल है। परंतु दुख की बात तो यह है की इस सकारात्मक बदलाव को मीडिया ने वैसे नहीं दिखाया, जैसे उन्होने गोरखपुर त्रासदी को बढ़ा चढ़ा कर दिखाया था।

परंतु जो राजस्थान के कोटा में हुआ है, वह किसी अक्षम्य अपराध से कम नहीं है। इस पर मीडिया की खामोशी उसका एक घिनौना पक्ष भी उजागर करती है। वास्तव में मीडिया के कुछ पत्रकारों की अंतरात्मा को तभी चोट पहुंचती है जब कोई त्रासदी भाजपा प्रशासित राज्य में हुई हो, और उसमें भी जब नेता योगी आदित्यनाथ जैसा एक भगवाधारी संत हो। यदि स्थिति इसके ठीक उलट हो, तो इनके मुंह से आवाज़ तक न निकलेगी। क्या राजस्थान के बच्चे बच्चे नहीं है? क्या इनकी जान का कोई मोल नहीं?

Tags: उत्तर प्रदेशकोटागोरखपुरराजस्थान
शेयर5635ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

राफेल, एंटी-सैटेलाइट मिसाइल और भी बहुत कुछ, भारतीय सुरक्षा तंत्र के लिए वर्ष 2019 स्वर्णिम रहा

अगली पोस्ट

‘मैं घमंडियों के साथ हाथ नहीं मिलाती’, रिंग में निखत ज़रीन को तसल्ली से धोकर मैरी कॉम ने दिया बयान

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited