TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रवीश कुमार जैसे एजेंडावादी की मत सुनो, Common Eligibility Test गेमचेंजर साबित होगा

यकीन नहीं होता, तो आप खुद इसे समझिये

Shikhar Srivastava द्वारा Shikhar Srivastava
21 August 2020
in मत
CET
Share on FacebookShare on X

इटली में मेजिनी नाम का राष्ट्रवाद की विचारधारा का एक प्रमुख विचारक था। उसने एक बात कही थी कि हर देश की नियति का निर्माण उसके नागरिक करते हैं, और नागरिक वो नहीं होता जो सिर्फ अधिकारों की बात करे, बल्कि वो होता है जिसे अपने कर्त्तव्य का भी पता हों। भारत की समस्या ये है कि भारत में अच्छे नागरिक की परिभाषा लम्बे समय तक यही रही है कि अच्छा और जागरूक नागरिक वही है जो सिर्फ समस्याओं को गिनता रहे। भारत में लम्बे समय तक बुद्धिजीवी चिंतक, लेखक, पत्रकार और नागरिक वही रहा है जो एक के बाद एक सवाल करे, किसी प्रकार का रचनात्मक कार्य न करे, बैठकर सिर्फ कमी निकाले और नकारात्मकता फैलाए। ऐसे आदर्श नागरिक की प्रतिमूर्ति है आदरणीय पत्रकार श्री रवीश कुमार।

दरअसल, सरकार ने एक योजना की घोषणा की है और अब रवीश ने उसकी आलोचना शुरू कर दी है। रवीश कुमार ने अपने प्राइम टाइम शो में बहुत सारी गोल मोल बातें की, लेकिन उसमें उन्होंने योजना की बारीकियों पर चर्चा करने के बजाए, सिर्फ इसने क्या बयान दिया, उसने क्या कहा, इसी की बात की। नकारात्मकता से भरे पूरे शो में रवीश ने बस यह बताया कि कौन कौन सी परीक्षाओं की भर्ती रुकी है। लेकिन न तो यह बताया कि सालों से चली आ रही इस समस्या का मूल कारण क्या है और न इसके समाधान के लिए ही कोई बेहतर सुझाव दिया। वे ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि वे ठहरे आदर्श नागरिक जो नेहरू के जमाने से चली आ रही परंपरा के आगे न तो सोचेंगे, और न समझने के लिए उनके कुंठित दिमाग में स्थान ही है। इनके एजेंडवादी और कुंठा से सराबोर विश्लेषण से अलग हटकर हम इस योजना की बारीकियों को समझते हैं, जिससे हम सवाल करने वाले से सवाल उठाकर जवाब खोजने वाले नागरिक बने।

संबंधितपोस्ट

Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

Independence Day से पहले दिल्ली में बम धमकियों से हड़कंप, हाई कोर्ट समेत 6 जगहों को ईमेल से धमकी

और लोड करें

दरअसल, भारत सरकार ने घोषणा की है कि अब से ग्रुप B और C की नौकरियों के लिए प्रिलिम्स का एक ही कॉमन इंट्रेंस एग्जाम “CET” होगा। इस CET में प्राप्त अंकों के आधार पर परीक्षार्थियों को केंद्र सरकार द्वारा निकाली गई ग्रुप B और C की नौकरियों के लिए होने वाले मेंस में बैठने का मौका मिलेगा। फिलहाल इस योजना में केवल SSC, बैंक और रेलवे की नौकरियों को शामिल किया गया है लेकिन भविष्य में अन्य विभागों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा।

अर्थात अब आपको SSC, बैंक और रेलवे के लिए अलग अलग फॉर्म नहीं भरना होगा। साल में दो बार होने वाले CET का फार्म भरकर एक ही प्रिलिम्स निकालना होगा। यदि आप CET पास कर लेते हैं तो आपको उस परीक्षा में मिला नंबर या कहें उस परीक्षा का आपका स्कोर तीनों विभागों की नौकरियों के लिए होने वाले मेंस परीक्षा में मान्य होगा। अर्थात एक बार CET पास करके आप SSC या बैंक या रेलवे किसी की भी मेंस की परीक्षा दे सकते है।

यही नहीं एक बार अपने CET में जितने अंक प्राप्त किये वह तीन सालों तक मान्य होंगे। मान लेते हैं कि अगर 2021 में हुए कॉमन एंट्रेंस की परीक्षा 200 नंबर की है और आप उसमें 120 नंबर प्राप्त करते हैं तो यह स्कोर अगले तीन वर्षों अर्थात 2024  तक मान्य होगा। तीन वर्षों में आप दोबारा CET देते हैं जैसे आप 2022 में पुनः एग्जाम देते हैं और आप 120 से अधिक अंक प्राप्त कर लेते हैं तो आपका स्कोर बढ़ जाएगा और वह 2022 से अगले 3 वर्षों तक मान्य होगा।

इसका सबसे बड़ा लाभ है कि परीक्षार्थियों को बार बार, अलग अलग एग्जाम के लिए प्रिलिम्स नहीं देना होगा। यही नहीं इसका दूसरा लाभ है कि जहाँ पहले एक परीक्षार्थी 2020 में प्रिलिम्स उत्तीर्ण कर लेता था और Mains नहीं निकाल पाता था, तो 2021 में उसे पुनः प्रिलिम्स देना होता था। वहीं अब एक बार प्रिलिम्स उत्तीर्ण करने के बाद आप अगले तीन वर्षों तक Mains में बैठ सकते हैं।

इससे परीक्षार्थियों को उनके ऊपर पड़ने वाले आर्थिक बोझ और मानसिक दबाव दोनों  से राहत मिलेगी।

यही नहीं इस परीक्षा का आयोजित करने के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बनाई गई है। यह पूरे देश में 1000 परीक्षा केन्द्रो का निर्माण करेगी। इसमें 117 ऐसे जिले चुने गए हैं जिन्हें सरकार एस्पिरेशनल सिटी की श्रेणी में रखती है। एस्पिरेशनल सिटी के तहत ऐसे शहरों को चिन्हित किया गया हैं जहाँ शिक्षा का अच्छा माहौल बन सकता है यदि उन्हें सरकारी सहयोग मिले। सरकार की योजना है कि क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से छोटे शहरों में भी परीक्षा केंद्र खोले जाएं।

इसका लाभ यह होगा की मेट्रो सिटी पर अतिरिक्त दबाव कम होगा। अब तक अधिकांश परीक्षाएं दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, प्रयागराज, वाराणसी आदि गिने चुने शहरों में ही होती थीं। ऐसे में विद्यार्थियों को एग्जाम देने अपने गावों, कस्बों से दूर आना पड़ता था।  इसी कारण ये इन शहरों में कोचिंग संस्थानों का भी चलन बढ़ गया। अब हालत ये हैं कि किसी विद्यार्थी को यदि अच्छी शिक्षा लेनी हो तो इन शहरों की और आना ही होता है, लेकिन अब परीक्षाओं का अलग अलग शहरों में आयोजन इस पूरी प्रक्रिया को भी निश्चित रूप से पलट देगा।

ऐसा इसलिए भी कहा जा सकता है क्योंकि अब 12 भाषाओं में परीक्षा देने का भी सुधार लागू हुआ है। पहले केवल हिंदी या अंग्रेजी में ही ये परीक्षायें होती थीं. इसके चलते क्षेत्रीय भाषाओं का महत्त्व घटा और अंततः अंग्रेजी, हिंदी को पीछे छोड़कर, भारत की सरकारी परीक्षा पास करने की मुख्या कुंजी बन गई, लेकिन अब सरकार ने जो योजना बनाई है उससे एक तो अंग्रेजी सीखने का बोझ परीक्षार्थियों के उपर से उतरेगा वहीं, क्षेत्रीय भाषाओं के आने से गांवों और छोटे कस्बों के युवाओं/ युवतियों के लिए सामान अवसर बनेंगे। ये एग्जाम ऑनलाइन ही होंगे इसलिए प्रिलिम्स में नक़ल की संभावना भी ख़त्म हो जाएगी।

अब अंत में यदि हम इस पूरी योजना के आलोचना करने वालों की बात करें तो उनका मुख्य आधार है कि पहले सरकार रुकी हुई भर्तियों को पूरा करे और रोजगार के अवसर बनाए, नहीं तो यह योजना केवल दिखावा ही है।

परंतु वास्तविकता यह है कि पूर्व में निकली नौकरियां सरकारी भर्तियाों में होने वाली धांधलियों और धीमी प्रक्रिया का नतीजा है। ऐसे में यह योजना ही इस समस्या का समाधान है। दूसरी बात जहाँ तक नौकरियों का सवाल है तो मध्य प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि मध्य प्रदेश केवल CET के आधार पर ही नौकरी देगा। ऐसा करने वाला यह पहला राज्य है और इसकी पूरी उम्मीद है कि अन्य राज्य भी इस योजना को लागू करेंगे, केंद्र भी इसपर विचार कर रहा है। यदि ऐसा हुआ तो भर्ती की प्रक्रिया में काफी समय बचेगा।

अंत में यह सत्य है कि भारत में बेरोजगारों की संख्या के हिसाब से सरकारी नौकरियां कम है, लेकिन इसका समाधान संभव नहीं है। भारत में हर साल केंद्र की ग्रुप बी और सी की नौकरियों के लिए ढाई करोड़ लोग फॉर्म भरते हैं, जबकि 2014 के आंकड़ों के अनुसार भारत में केंद्र सरकार में सेना के अतिरिक्त कुल 33 लाख ही कर्मचारी हैं।

वास्तव में भारत में बेरोजगारी की समस्या यदि सुलझानी है तो वह निजी कम्पनयों के निवेश द्वारा ही सुलझेगी न कि सरकारी नौकरियों के द्वारा इतना जरूर है की सरकार की योजना सरकारी नौकरी के लिए भटकते विद्यार्थियों को बड़ी रहत देगी इसलिए यह स्वागत योग्य है।

शेयर45ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत की Raw, इज़रायल की Mossad और UAE की SIA मिलकर करेंगी तुर्की को बर्बाद

अगली पोस्ट

जानिए कैसे भारत के एक छोटे से द्वीप ने चीन के पसीने छुड़ा रखे हैं

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited