TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

तिब्बत पहले केवल भारत का मुद्दा हुआ करता था, अब जर्मनी समेत 39 देश चीन की क्लास लगा रहे हैं

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
8 October 2020
in मत
जर्मनी
Share on FacebookShare on X

चीन का सबसे बड़ा डर अब अचानक सच होने लगा है। दुनिया भर के देशों ने अब तिब्बत पर लगभग सात दशक से कब्ज़ा करने के लिए ड्रैगन को जिम्मेदार ठहराने का फैसला किया है।   सबसे पहले, यह सिर्फ भारत ही था जो तिब्बत पर चीनी कब्ज़े पर कई बार आवाज़ उठा चुका था। उसके बाद फिर, अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने धीरे-धीरे कर तिब्बत के मामले पर संज्ञान लेना शुरू किया और अब, यूरोपीय संघ के सदस्यों सहित कई देशों ने भी तिब्बत के मामले में बोलना शुरू कर दिया है। वास्तव में, जर्मनी, जो कोरोना के शुरू होने के समय बीजिंग के दोस्त की तरह काम कर रहा था, अब उसने, तिब्बत और शिनजियांग में चीनी अधिकारियों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ एक बयान जारी करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और जापान सहित 39 देशों का नेतृत्व किया है। बयान में हांगकांग में वर्तमान राजनीतिक स्थिति के बारे में भी चिंता व्यक्त की।

Today, 39 countries including Australia delivered a stinging rebuke of the Chinese government’s brutal treatment of Uyghurs, the people of Hong Kong & Tibet, & many ordinary Chinese struggling to have their human rights respected. https://t.co/dpJKTD2ZkT

— Elaine Pearson (@PearsonElaine) October 6, 2020

संबंधितपोस्ट

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, रेलवे में शुरू हुआ स्वच्छ तकनीक का नया दौर

पश्चिम बंगाल में दर्दनाक रेल हादसा, स्कूल वैन को ट्रेन ने मारी टक्कर, दो बच्चों समेत तीन की मौत

सोनम वांगचुक 20 दिन की भूख हड़ताल के बाद बिगड़ी हालत, डॉक्टरों ने दी ऑर्गन फेलियर की चेतावनी

और लोड करें

जर्मनी के संयुक्त राष्ट्र के राजदूत Christoph Heusgen ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार पर एक बैठक के दौरान चीन के खिलाफ इस पहल का नेतृत्व किया। Heusgen ने कहा, “हम चीन से मानवाधिकारों, विशेष रूप से शिनजियांग और तिब्बत में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों से संबंधित लोगों के अधिकारों का सम्मान करने का आह्वान करते हैं।” 

अब तक, केवल भारत और अमेरिका ही तिब्बत में चीनी सरकार के मानवाधिकारों के उल्लंघन की आलोचना कर रहे थे। लेकिन इस बार इटली, फ्रांस, एस्टोनिया, लिथुआनिया और लक्जमबर्ग जैसे यूरोपीय संघ के देशों ने भी तिब्बत को लेकर चीन के खिलाफ सख्त बयान जारी किया है। जर्मनी के नेतृत्व वाली घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकांश देश यूरोपीय संघ के सदस्य-राष्ट्र थे, इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा जैसे अन्य भी इस चीन विरोधी मुहिम में शामिल हुए।

तिब्बत, शिनजियांग और हांगकांग पर जर्मनी की अगुवाई वाली घोषणा से अब बीजिंग को तगड़ा झटका लगा है।  यह घोषणा पत्र दिखाता है कि अब दुनिया तिब्बत को चीन के अवैध कब्ज़े से छुड़ाने के लिए तैयार है, जो स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद दुनिया का दसवाँ सबसे बड़ा देश बन जाएगा।

वास्तव में, चीन पहले से ही मानव अधिकारों के उल्लंघन के मामले पर कई देशों की नाराज़गी झेल रहा है अब तिब्बत का भी मामला उठ चुका है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि, झांग जून ने कहा कि घोषणा संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के बीच “टकराव को भड़काने” के उद्देश्य से है।

जून ने कहा, “उन्होंने गलत सूचना और राजनीतिक वायरस फैलाया, चीन को डराने की कोशिश तथा चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किया। चीन दृढ़ता से इसका विरोध करता है और उसे अस्वीकार करता है।”

चीन के प्रतिनिधि का इस प्रकार से स्टैंड लेना दिखाता है कि तिब्बत चीन के लिए एक कमजोर कड़ी है और दुनिया भर में उसके दुश्मन तथा विरोधी निकट भविष्य में इसी मुद्दे पर चीन को घेरना चाहेंगे। वर्ष 1951 में PLA के हमले के बाद चीन ने तिब्बत पर कब्ज़ा कर लिया था, तब से वह चीनी कब्ज़े में ही है और अभी तक किसी देश ने इतने प्रखर रूप से तिब्बत के लिए आवाज़ नहीं उठाई है। तिब्बत वास्तव में चीन को बहुत कमजोर बनाता है। इससे न केवल चीन इस प्राचीन बौद्ध साम्राज्य को गंवा सकता है, बल्कि दुनिया तिब्बत मुद्दे को उछाल कर चीन को ब्लैकमेल भी कर सकती है।

उदाहरण के लिए जर्मनी को ही ले लीजिए। अब तक, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के बीजिंग के साथ अच्छे संबंध थे पर अब ऐसा लग रहा है कि जर्मनी ने भी चीन को डंप करने का फैसला कर लिया है।

मर्केल अब रिटायर होने के कगार पर हैं और वह इतिहास में एक कमजोर नेता के रूप में नहीं जाना चाहती हैं, और इसलिए वह अब चीन के खिलाफ कदम उठा रही हैं। चीन को पटकनी देने का सबसे आसान तरीका तिब्बत में मानवाधिकारों का उल्लंघन था।

मर्केल ने यूरोपीय संघ के नेता होने के नाते, यूरोपीय व्यवसायों के लिए चीनी बाजारों तक पहुंच के मुद्दे पर भी चीन को लताड़ा था। उन्होंने कहा था कि, “यदि कुछ क्षेत्रों में चीन अपने बाजार को नहीं खोलता है तो उसे यूरोप में भी उसी तरह की छूट दी जाएगी।”

चीन मुक्त बाजार प्रथाओं को अपनाने में झिझक रहा और अपने बाजार को पूरी तरह से नहीं खोलना चाहता है जिससे यूरोपीय कंपनियों को चीन में अधिक फायदा हो। परन्तु अब ईयू और मर्केल ने तिब्बत का मुद्दा उठाने का फैसला कर लिया है जिससे चीन की सांसे फुली हुई है। तिब्बत में चीनी सरकार के मानवाधिकारों के उल्लंघन को उठाने से अब चीन बैकफुट पर दिखाई दे रहा है जिसके बाद उससे सौदेबाजी करना मर्केल के लिए आसान हो जाएगा। यहां यह ध्यान रखना होगा कि चीन तिब्बत का मामला सिर्फ सौदेबाजी तक सीमित ना रह जाए बल्कि तिब्बत के लोगों को चीन के चंगुल से छुड़ाया भी जा सके।

 तिब्बत को अपने हाथो से निकल जाने का चीन के लिए सबसे बड़ा डर है, यही कारण है कि चीन के बहिष्कार में यह मामला सबसे अहम हो जाता है। आने वाले समय में तिब्बत में भी हाँग काँग जैसी लोकतंत्र की आवाज़ उठ सकती, क्योंकि अब यह मामला नई दिल्ली और वाशिंगटन से ऊपर पूरे विश्व में गूंजने लगा है।

शेयर186ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अपनी घटिया वैक्सीन के बदले बांग्लादेश से अब ब्लैंक चेक चाहता है चीन

अगली पोस्ट

पाकिस्तान में 11 राजनीतिक दल सेना समर्थित सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए हुए एकजुट

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited