TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

ओवैसी यूपी में BJP की हार के साथ भारत का अगला राष्ट्रपति चुनने का सपना देख रहे हैं

'मुंगेरीलाल के हसीन' सपने देखने से कोई किसी को नहीं रोक सकता!

Krishna Bajpai द्वारा Krishna Bajpai
27 July 2021
in चर्चित, मत
ओवैसी उत्तर प्रदेश

PC: The Financial Express

Share on FacebookShare on X

सपने देखने चाहिए, परंतु ऐसे सपनों से बचना चाहिए, जिससे आप हंसी के पात्र बन जाएं; पर AIMIM नेता असद्दुदीन ओवैसी को ये बात कौन समझाए, जो अब अगला राष्ट्रपति विपक्षी दलों की मर्जी से चुनने की बात कर रहे हैं। ओवैसी ने कल्पनाओं के आधार पर ये सोच लिया कि बीजेपी उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव बड़े अंतर से हारेगी, और बीजेपी की ताकत राष्ट्रीय स्तर पर कमजोर हो जाएगी। उनका मानना है कि ऐसी स्थिति में विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर वो अपनी पसन्द का राष्ट्रपति चुन सकेंगे। अब ओवैसी के सपनों से अलग हटकर अगर उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को देखें तो ये कहा जा सकता है, कि ओवैसी के इन सपनों के सच होने की संभावनाएं न के बराबर हैं, और वो अपनी कल्पनाओं के कारण केवल हंसी का पात्र ही बन रहे हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले एक ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है मानों अबकी बार चुनाव हवा बनाकर जीता जाना है। महत्वपूर्ण तथ्य ये भी है कि इस प्रकार की नौटकयों में केवल सपा, बसपा और कांग्रेस ही नहीं, बल्कि AIMIM के नेता असद्दुदीन ओवैसी भी शामिल हैं। उन्होंने तो यहां तक सोच लिया है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की हार के बाद बीजेपी राष्ट्रपति चुनाव भी हार जाएगी। ओवैसी ने अपने एक ट्वीट में लिखा कि उत्तर प्रदेश में हार के बाद बीजेपी की ताकत कम हो जाएगी, और फिर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना समेत यूपी चुनाव जीतने वाली क्षेत्रीय पार्टियां तय करेंगी कि अगला राष्ट्रपति कौन होगा।

संबंधितपोस्ट

Flydubai Flight Attack: नमाज के बाद कैप्टन समित मच्छार पर हमला,Flydubai फ्लाइट में क्या हुआ? इतालवी अखबार की मिनट-दर-मिनट रिपोर्ट

ट्रंप ने ब्राजील की जगह लिख दिया भारत, 12.5 करोड़ वोट का किया दावा; सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल

पंजाब CM ऑफिस में कथित भ्रष्टाचार की जांच अब CBI करेगी, हाईकोर्ट ने 2 महीने में रिपोर्ट मांगी

और लोड करें

और पढ़ें– ‘कह के लेना इसी को कहते हैं’, योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को जमकर धोया

ओवैसी ने अपने ट्वीट में लिखा, “उम्मीद है कि देश के अगले राष्ट्रपति चुनाव का फैसला 3 क्षेत्रीय दलों द्वारा किया जाये, इंशाअल्लाह। बीजेपी उत्तर प्रदेश हारेगी और इसकी संख्या विधानसभा में कम होगी। यह एक दिलचस्प और अप्रत्याशित राष्ट्रपति चुनाव होने जा रहा है। राष्ट्रपति भवन का रास्ता आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से होकर जाता है।” साफ है कि अपनी कल्पनाओं में पहले उन्होंने बीजेपी को विधानसभा चुनाव हराया और फिर राष्ट्रपति चुनाव। ओवैसी का तर्क है कि सबसे ज्यादा बीजेपी के विधायक उत्तर प्रदेश से ही हैं, इसलिए हार के बाद जब उनकी ताकत कम होगी तो वो अपना राष्ट्रपति नहीं चुन पाएगी।

The next President may be decided by 3 regional parties. Hopefully, inshallah BJP will lose Uttar Pradesh & its numbers will come down further. This is going to be an interesting & unpredictable presidential election. The path to Rashtrapati Bhavan is through AP & Telangana pic.twitter.com/RT6pIlajIf

— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) July 23, 2021

ये सच है कि विधायकों की संख्या का असर राष्ट्रपति चुनावों पर पड़ता है, और  भले ही उनके वोट की कीमत सासंदों के वोट से कम हो, लेकिन संख्या के आधार पर उनका महत्व बढ़ भी जाता है, परंतु सवाल उठता है कि क्या बीजेपी के उत्तर प्रदेश चुनाव हारने की कोई उम्मीद है? अब अगर वर्तमान राजनीतिक स्थिति की बात करें तो संभावनाएं बहुत ही कम हैं।  बीजेपी आज की स्थिति में यदि किसी राज्य में सबसे मजबूत है; तो वो निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश ही है। पहले बात विपक्ष की करें तो बसपा का राजनीतिक करियर 2014 के लोकसभा चुनावों में हार के बाद हाशिए पर जा चुका है, एवं मायावती अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही हैं; इसलिए बीजेपी के लिए बसपा से कोई चुनौती मिलनी की उम्मीद कम ही है।

इसी प्रकार अगर सपा को देखें तो पार्टी पारिवारिक कलेशों के बाद जमीनी स्तर पर संघर्ष कर रही हैं। पार्टी का मुख्य वोट बैंक मुस्लिम-यादव समीकरण का है, और विपक्ष में बिखराव होने के कारण इस वोट बैंक में भी बिखराव की पूरी संभावना है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव के कार्यकाल का गुंडाराज सभी ने देखा है। इतना ही नहीं पिछले पांच साल विपक्ष में होने के बावजूद उन्होंने जो ऊल-जलूल वक्तव्य दिए, वो ही उनके लिए मुसीबत बन गए हैं, जिसके चलते सपा के आने की संभावनाएं भी न के बराबर ही हैं।

और पढ़ें– विधानसभा चुनाव से पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जीतकर योगी ने यूपी में बढ़त बना ली है

इसके बाद बात करें तो उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति इस लायक़ भी नहीं है, कि पार्टी के लिए कोई विश्लेषण भी किया जाए। 80 में से एक लोकसभा की सीट, और 403 में 7 विधानसभा सीटों वाली पार्टी के लिए अगर ये कहा जाए कि पार्टी अचानक बहुमत प्राप्त कर लेगी, या किंगमेकर की भूमिका में आ जाएगी, तो इस तरह के विश्लेषण कपोल कल्पना जैसे ही हैं,  क्योंकि इनका यथार्थ से कोई सरोकार नहीं होगा। प्रियंका गांधी संघर्ष ज़रूर कर रही है, उनके यूपी प्रभारी रहते ही पार्टी लोकसभा, निकाय और पंचायत स्तर के चुनाव हार चुकी है।

वहीं, अगर इन चुनावों की बात करें तो, अपनी पारंपरिक राजनीतिक नौटंकियों को खत्म करने के अलावा सपा, बसपा और कांग्रेस पुराने पैटर्न ही अपना रही है, जिसमें ब्राह्मण, दलित, मुस्लिम एवं भिन्न-भिन्न जाति समीकरण बनाए जा रहे हैं। बसपा 2007 के ब्राह्मण दलित वोटबैंक के फार्मूले के आधार पर चुनाव जीतना चाहती है तो वहीं सपा छोटे दलों के साथ गठबंधन कर रही है, जिनका राजनीतिक अस्तित्व ही शून्य है। अब इन सभी परिस्थितियों के बीच अगर जनता में किसी का विश्वास दिखता है, तो वो बीजेपी ही है।

और पढ़ें- हर CM को एक ऐसा PM चाहिए जो उसके काम की तारीफ करे, ठीक यही PM मोदी योगी के लिए कर रहे हैं

इस पूरे विपक्षी राजनीतिक पैटर्न को देखें तो ये कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश में अगर कोई राजनीति दल सबसे मजबूत है तो फिलहाल वो बीजेपी ही है। पिछले पांच सालों के कार्यकाल के दौरान राज्य में गुंडाराज की समाप्ति के कारण आया निवेश योगी सरकार की छवि में बढ़ोतरी कर रहा है। इतना ही नहीं हिंदुत्व के मुद्दे पर चलने के कारण पार्टी का वोट बैंक पहले से कहीं अधिक मजबूत है। विपक्षी दल जिन वोट बैंक को साधने की कोशिश में हैं, वो एक मुश्त बीजेपी के पास ही है। चाहे दलित हो या सवर्ण समाज सभी ने पिछले दो तीन चुनावों में केवल बीजेपी पर ही अपना भरोसा दिखाया है। महीने भर पहले हुए पंचायत और ज़िला पंचायत अध्यक्ष के चुनावों में बीजेपी की जीत पार्टी के विस्तृत जनाधार का उल्लेख कर रही है।

इन परिस्थितियों को देखने के बाद भी यदि कोई ये सोचता है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की हार होने वाली है, तो निश्चित ही उसकी राजनीतिक समझ पर संदेह होना चाहिए। AIMIM प्रमुख ओवैसी ने तो अपने बीजेपी विरोधी विश्लेषण के आधार पर कल्पना में ही चुनाव के जरिए ये कह दिया है कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में हार जाएगी, और अगला राष्ट्रपति उनकी इच्छानुसार चुना जाएगा। ओवैसी की कल्पना और बीजेपी की वर्तमान स्थिति में धरती और आकाश का अंतर है, इसलिए इस मामले में केवल उनपर हंसा ही जा सकता है और कुछ नहीं ।

शेयर44ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हाशिमारा एयरबेस पर राफेल की तैनाती से भारत ने चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया है

अगली पोस्ट

संसद परिसर में राहुल गांधी की ‘ट्रैक्टर नौटंकी’ के बाद कांग्रेस की परेशानियां बढ़ने वाली हैं

संबंधित पोस्ट

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?
चर्चित

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

3 October 2026

अमेरिका के ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर दिनदहाड़े ईंटों से हमला सिर्फ मंदिर की खिड़कियां टूटने की घटना नहीं है। यह उस डर को...

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि
चर्चित

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

28 September 2026

देश के महान क्रांतिकारी और शहीद भगत सिंह की जयंती पर रविवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम...

टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?
चर्चित

Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

23 September 2026

टाटा समूह के भीतर चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में अब एक नया कारोबारी कनेक्शन सामने आया है। चंद्रशेखरन...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited