TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

Zetwerk: तीन साल पुरानी भारतीय कंपनी चीन को नाको चने चबवा रही है

यह कंपनी इस वर्ष की 25वीं कंपनी बन गई है जिसने यूनिकॉर्न कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया है!

Shikhar Srivastava द्वारा Shikhar Srivastava
11 September 2021
in व्यवसाय
Zetwerk
Share on FacebookShare on X

आज भारत स्टार्टअप्स का हब बना हुआ है। कई भारतीय कंपनियाँ बेहद कम समय में ही देश विदेश में अपना परचम लहरा चुकी हैं। भारत में मौजूद स्टार्टअप्स का मूल्यांकन अरबों डॉलर में चल रहा है, जिनमें से 50 से अधिक का मूल्यांकन किया गया है और इस साल तो रिकार्डतोड़ 26 यूनिकॉर्न कंपनी दर्ज की गई है। इससे पहले कि आप परेशान हो, बता दें कि यूनिकॉर्न कम्पनियां उनको कहा जाता है जिनका मार्किट कैपिटल एक बिलियन डॉलर (7.5 हजार करोड़) से अधिक होता है। इसी लिस्ट में एक कंपनी है Zetwerk, इस कंपनी ने न सिर्फ सप्लाई चेन को मजबूत किया है बल्कि 3 वर्षों में ही अपने आप को यूनिकॉर्न कंपनी बना दिया।

भारतीय स्टार्टअप कंपनी Zetwerk का इक्विटी वैल्यूएशन ₹7,876 करोड़ हो गया है। इसी के साथ 2018 में शुरू हुई या कंपनी यूनिकॉर्न कंपनी बन चुकी है जिसकी मार्केट वैल्यू एक बिलियन डॉलर से अधिक है। Zetwerk ने 3 वर्षों में ही यह कार्य कर दिखाया है। Zetwerk की सफलता चीन के लिए एक बड़ी समस्या बन सकती है क्योंकि यह कंपनी मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी बनकर उभरी है।

संबंधितपोस्ट

CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

और लोड करें

एक ऐसे समय में जब दुनिया भारत को चीन का आर्थिक विकल्प बनाने पर विचार कर रही है, Zetwerk की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। यही कारण है कि कंपनी ने हाल ही में निवेश के जरिये ₹895 करोड़ का फंड जमा किया है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म D1 एवं अन्य विदेशी फर्मों ने Zetwerk में निवेश किया है। इसके बाद यह कंपनी इस वर्ष की 25वीं कंपनी बन गई है जिसने यूनिकॉर्न कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया है।

बता दें कि Zetwerk कंपनी बड़े उद्योगों और मध्यम तथा लघु उद्योगों के बीच सप्लाई चेन को व्यवस्थित करने का काम करती है। बड़े उद्योगों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्हें विश्वसनीय सप्लायर की आवश्यकता होती है, जो समय पर आवश्यक सामान की आपूर्ति सुनिश्चित करें तथा उसकी गुणवत्ता को भी बनाए रखें। उदाहरण के लिए कार मैन्युफैक्चरिंग करने वाली किसी कंपनी को लगातार टायर सप्लाई की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार सिलाई मशीन बनाने वाली कंपनी के लिए सुई की सप्लाई की निरंतरता आवश्यक है।

यह भी पढ़ें:- भारत में व्यावसायिक गतिविधियों ने पकड़ी रफ्तार, महामारी से पूर्व के स्तर को भी किया पार

बड़ी कंपनियों के सामने समस्या यह होती है कि उन्हें अपनी सप्लाई के लिए लघु और मध्यम उद्योगों पर निर्भर रहना पड़ता है। भारत में लघु और मध्यम उद्योगों इतने विस्तृत रूप से फैले हुए हैं कि सप्लाई को सुनिश्चित करना एक समस्या बन जाता है। सिलाई मशीन और कार मैन्युफैक्चर के लिए तो यह कार्य फिर भी आसान है लेकिन किसी ऐसी कंपनी के लिए जो पनडुब्बी या हवाई जहाज बना रही हो विनिर्माण के लिए आवश्यक उपकरण की आपूर्ति सुनिश्चित करना एक कठिन काम हो जाता है। प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी को विशेषज्ञ आपूर्तिकर्ता की आवश्यकता होती है। ऐसा नहीं है कि भारत में लघु और छोटे उद्योगों में विशेषज्ञ सप्लायर हैं ही नहीं, समस्या यह है कि भारत का MSME सेक्टर बड़ा और संगठित है। ऐसे में बड़ी कंपनियों के लिए एक्सपर्ट सप्लायर खोजना एक कठिन काम है। यहीं पर Zetwerk काम आती है।

MSME की बात करें तो उन्हें, किसी एक बड़ी कंपनी के बड़े प्रोजेक्ट में बतौर सप्लायर जुड़ने के बाद अगला प्रोजेक्ट खोजने में समस्या होती है। उनके लिए हर बार किसी बड़ी कंपनी से टेंडर लेना उनके बिजनस को चलाने की पहली शर्त है। यदि उन्हें एक के बाद एक टेंडर नहीं मिलेंगे तो उनका व्यापार ठप पड़ जाएगा।

यह भी पढ़ें:- कुलांचे भरने जा रही है भारतीय अर्थव्यवस्था, 15 में से 8 सूचकांक दे रहे हैं संकेत

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कर रही है मदद

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की इस समस्या का समाधान Zetwerk ने कर दिया है। Zetwerk एक बिजनेस-टू-बिजनेस सॉफ्टवेयर कंपनी है जो बड़ी कंपनियों को विश्वसनीय सहयोगी और छोटे सप्लायर को टेंडर उपलब्ध करवाती है। इतना ही नहीं यह प्लेटफार्म किसी बड़ी कंपनी से उसकी मशीन का डिजाइन लेकर उसी डिजाइन पर मशीन बनवाने का काम करती है। उस डिजाइन को छोटे निर्माताओं को दे दिया जाता है और उनके द्वारा निर्मित मशीन बड़ी कंपनी को सौंप दी जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में जो भी आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवानी होती है, Zetwerk उसकी उपलब्धता को भी सुनिश्चित करता है। साथ ही कंपनी शिपिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करती है। मात्र 3 वर्षों में ही इस कंपनी ने 10,000 सप्लायर का नेटवर्क तैयार कर लिया है और 15 देशों में 1000 से अधिक प्रोजेक्ट को पूरा कर चुकी है। Zetwerk आटोमोटिव सेक्टर, किचन अप्लायंसेज, टेलीविजन से लेकर हवाई जहाज के उपकरण, मेडिकल डिवाइस, रोबोटिक्स से जुड़े उपकरण बनाने में मदद देती है।

यह भी पढ़ें:- पीएम मोदी की PLI योजना को मिल रही बड़ी सफलता – दिल्ली स्थित OEL को ताइवान के विस्ट्रॉन से मिला 1350 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट

Zetwork की स्थापना अमृत आचार्य, श्रीनाथ रामकृष्णन, विशाल चौधरी और राहुल शर्मा ने किया है। अमृत आचार्य ने आईआईटी मद्रास से पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका से एमबीए किया। जब वह अमेरिका से भारत वापस आए तो उन्होंने अपने पुराने मित्रों से संपर्क किया। इसी दौरान अमृत और रामकृष्ण ने इस कंपनी की रूपरेखा बनाई। बाद में विशाल और राहुल को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया।

चीन को नको चने चबवा रहे हैं

ये प्रयास देश के लिए भी फायदेमंद हो रहा है, विशेष रूप से सरकार के आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के साथ। इन सभी का उद्देश्य घरेलू आपूर्तिकर्ताओं का उपयोग करके देश की विनिर्माण क्षमता को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। समस्या एक अक्षम आपूर्ति श्रृंखला की थी जिसे Zetwerk जैसी कंपनियां हल कर, भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसी से चीन को सबसे अधिक समस्या भी होने वाली है। भारत एक वैश्विक मैनुफेक्चुरिंग हब बन रहा और Zetwerk  जैसी कंपनी इस मैनुफेक्चुरिंग हब को विश्व के सप्लाई चेन से जोड़ रही हैं।

चीन के बाहर कारखाने स्थापित करने के इच्छुक निर्माता Zetwerk जैसी कंपनी के कारण भारत की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिका पहले चीन या पूर्वी एशिया से ही कच्चे माल की खरीदारी करता था। अब वे चीन-प्लस-वन रणनीति अपनाने की सोच रहे हैं क्योंकि पिछले एक साल में कोरोना ने आपूर्ति श्रृंखला को तहस नहस कर दिया है। अब सभी देश भारत और वियतनाम जैसे देश की ओर मुड़ रहे हैं।

आज Zetwerk मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन गया है। भारत में 63 मिलियन लघु और छोटे उद्योग हैं जो देश के कुल मैन्युफैक्चरिंग में 33.4% की भागीदारी रखते हैं। इन उद्योगों को बड़े उद्योगों से जोड़ने से एक और तो व्यापक रूप से आर्थिक अवसर उपलब्ध होते रहेंगे। वहीं दूसरी ओर मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार भी तेज होगी। Zetwerk की सफलता चीन को ग्लोबल सप्लाई चैन से बाहर खदेड़ने में बड़ी भूमिका निभाने वाली है।

Tags: Zetwerkआत्मनिर्भर भारतचीनमेक इन इंडियासप्लाई चेन
शेयर220ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

करनाल SDM के खिलाफ खट्टर का एक्शन यही दर्शाता है कि सरकार चौटाला चला रहे हैं

अगली पोस्ट

कैसे मेजर जनरल सगत सिंह राठौर की ज़िद्द ने भारत को चीन के विरुद्ध सबसे अप्रत्याशित सैन्य जीत दिलाई

संबंधित पोस्ट

India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens
व्यवसाय

India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

13 June 2026

Introduction India is experiencing one of the most significant infrastructure transformations in its modern history. Across the country, new highways, airports, metro networks, industrial corridors,...

$40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?
अर्थव्यवस्था

$40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

21 May 2026

दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच इस समय भारत सिर्फ एक विशाल बाजार नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद आर्थिक और रणनीतिक महाशक्ति बनकर उभर रहा है।...

‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत
अर्थव्यवस्था

‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

15 May 2026

दुनिया जब ईरान-इजराइल संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट (Energy Crisis) के मुहाने पर खड़ी है, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited