TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

हिंदुत्व के गौरव थे बाला साहेब ठाकरे, लेकिन उद्धव ने उनकी विरासत का ‘कांग्रेसीकरण’ कर दिया!

हिंदुत्व की ललकार थे बाला साहेब, नहीं कर सकता था कोई सामना!

Shikhar Srivastava द्वारा Shikhar Srivastava
23 January 2022
in ज्ञान
Bala Saheb Thakeray

Source- Google

Share on FacebookShare on X

मुंबई अपने शुरुआती दिनों से देश की आर्थिक राजधानी रहा है। देश का भाग्य संवारने में इस शहर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मुंबई में जब से आर्थिक गतिविधियां औद्योगिकरण की गति से गतिशील होना शुरू हुई, तभी से ट्रेड यूनियन अर्थात् मजदूर संघ मुंबई की राजनीति में हावी रहे। वर्ष 1909 में तिलक की गिरफ्तारी पर ट्रेड यूनियन में इतनी बड़ी हड़ताल हुई थी, जिसकी चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई। 1970 का दशक आते-आते ये ट्रेड यूनियन पूरी तरह से वामपंथी प्रभाव में आ चुके थे और रूस तथा चीन जैसी विदेशी शक्तियों के हाथों की कठपुतली बन गए थे।

तब सबसे बड़ा सवाल था कि इस ट्रेड यूनियन की शक्ति को कौन तोड़ सकता है। इसी समय महाराष्ट्र की राजनीति में उदय होता है बाला साहेब ठाकरे का। 19 जून 1966 को मशहूर कार्टूनिस्ट बाला साहेब ठाकरे (Bal Thackeray) ने अपनी राजनीतिक पार्टी का गठन किया था और वहीं से शिवसेना का जन्म हुआ। हालांकि, पूरे देश में ट्रेड यूनियन के कम्युनिस्टीकरण को रोकने में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है, किंतु मुंबई की बात करें तो अपनी राजनीति के शुरुआती दिनों में बालासाहेब ठाकरे ने कम्युनिस्टों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संबंधितपोस्ट

महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश का असर: पातालगंगा नदी में बह गए 3,000 गैस सिलेंडर, वीडियो हुआ वायरल

उद्धव ठाकरे ने बुलाई सांसदों की इमरजेंसी बैठक, शिवसेना (UBT) में फिर टूट की अटकलें तेज

ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

और लोड करें

और पढ़ें: शिवसेना का कांग्रेसीकरण हो चुका है!

हिंदुत्व विरोधी शक्तियों को कुचलने में निभाई अहम भूमिका

राजनीतिक पार्टी बनाने के लिए बालासाहेब ने भूमिपुत्र का नारा दिया था। शिवसेना के गठन के समय बालासाहेब ठाकरे ने नारा दिया था, ”अंशी टके समाजकरण, वीस टके राजकरण।” यानि 80 प्रतिशत समाज सेवा और 20 प्रतिशत राजनीति। शिवसेना के गठन से पहले बाल ठाकरे एक अंग्रेजी अखबार में कार्टूनिस्ट थे और उनके पिता ने मराठी बोलने वालों के लिए अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन किया था। उन्होंने बॉम्बे में दूसरे राज्यों के लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ‘मार्मिक’ नाम से अखबार शुरू किया था। महाराष्ट्र के मूल निवासियों के मुद्दे को हवा देने के चलते गठन के कुछ साल बाद ही शिवसेना काफी लोकप्रिय हो गई। इस दौरान दूसरे राज्यों से व्यापार करने महाराष्ट्र आए लोगों पर काफी हमले भी हुए। हालांकि, 1990 आते-आते पार्टी मराठी मानुष के मुद्दे से हटकर हिन्दुत्व की राजनीति करने लगी।

1990 का दौर वह समय था, जब मुस्लिम माफिया मुंबई को अपनी गिरफ्त में ले चुके थे। दाऊद इब्राहिम आर्थिक राजधानी को अपनी मुट्ठी में ले रहा था, उस समय बाला साहेब ठाकरे ने मुस्लिम माफिया का विरोध किया। वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद महाराष्ट्र में हुए दंगों में मुस्लिम समुदाय द्वारा हिंदू बस्तियों को निशाना बनाया जाने लगा। तब बाल ठाकरे और शिवसैनिक खुलकर हिंदुओं के पक्ष में उतरे, बाला साहेब ने इस तथ्य को कभी छुपाया नहीं, बल्कि गर्व के साथ इसे दुनिया के सामने रखा। हिंदुत्व विरोधी हर शक्ति को कुचलने में बाला साहेब ठाकरे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आतंकी भिंडरावाले को मुंबई आने की खुली चुनौती दी थी और उसका खुला विरोध भी किया था।

उनके इशारे पर घूमती थी महाराष्ट्र की राजनीति

बाला साहेब महाराष्ट्र को एक हिंदू राज्य बताते थे। उनकी छवि एक कट्टर हिंदू नेता के तौर पर रही और संभवत: इसी वजह से उन्हें हिंदू हृदय सम्राट भी कहा जाने लगा था। वे वैलेंटाइन डे को हिंदू धर्म और संस्कृति के लिए खतरा मानते थे। उन्होंने कट्टरपंथियों को मुंबई से बाहर चले जाने को कहा था। खासकर वो बंग्लादेश से आने वाले मुस्लिम शरणार्थियों के खिलाफ थे। करीब 4 दशक तक महाराष्ट्र की राजनीति उनके इशारे पर घूमती रही। हमेशा चांदी के सिंहासन पर बैठते थे और अपनी शर्तों पर जीते थे। उनके एक इशारे में रात में ना थमने वाली मुंबई ठहर जाती थी। हिंदुत्व के प्रखर वक्ता बाला साहेब के कारण ही महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी राजे की परंपरा और सोच उस दौर में भी अक्षुण्ण रही, जब वामपंथी इस देश को दीमक की तरह चाट रहे थे। यही कारण था कि बाला साहेब की छवि महाराष्ट्र और शिवसेना से बड़ी थी, उन्हें पूरे भारत में हिन्दू हृदय सम्राट माना जाता था। किंतु आज शिवसेना बाला साहेब के विचारों से कितना भटक गई है यह बताने की आवश्यकता नहीं।

कांग्रेस और NCP को नहीं करते थे पसंद

ध्यान देने वाली बात है कि जिस एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर शिवसेना महाराष्ट्र में सरकार चला रही है, वहीं कांग्रेस और एनसीपी हमेशा शिवसेना सुप्रीमो रहे बाला साहेब ठाकरे के निशाने पर रहते थे। सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर भी उन्होंने कई बार कटाक्ष किया था। सपाट बातें और अपने तीखे अंदाज के लिए पहचाने वाले बाल ठाकरे को महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार के सबसे बडे़ राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जाता था। हालांकि, कथित तौर पर दोनों की व्यक्तिगत दोस्ती बेहद गहरी थी, लेकिन राजनीतिक तौर पर दोनों एक-दूसरे पर निशाना साधने से पीछे नहीं हटते थे।

वर्ष1999 में एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ गठबंधन को लेकर बाल ठाकरे ने कहा था कि मैं कैसे किसी स्काउंड्रल (दुष्ट) के साथ जा सकता हूं। मैं किसी भी दुष्ट व्यक्ति के साथ नहीं जा सकता, चाहे वो जो भी हो। एक आदमी जिसका हाथ वाजपेयी जी की सरकार गिराने में रहा हो, मैं उसके साथ हाथ कैसे मिला सकता हूं? दुश्मन तो दुश्मन ही होता है। बाल ठाकरे का इशारा शरद पवार की तरफ था।

और पढ़ें: महाराष्ट्र दंगे: उद्धव सरकार ने विरोध करने पर हिंदुओं को किया गिरफ़्तार और कुछ मुसलमानों को भी!

वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस के धुर विरोधी रहे बाला साहेब ने सोनिया गांधी की विदेशी छवि के आगे झुकने वाले कांग्रेसियों को कभी सम्मान नहीं दिया। बाल ठाकरे ने सोनिया गांधी पर कई बार निशाना साधा था। उन्होंने सोनिया गांधी के बारे में कहा था कि ‘आखिर उन्हें इस देश से प्यार क्यों होगा? उनका इस देश के लिए योगदान क्या है?’ दरअसल, उस समय तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह की उम्र को लेकर विवाद चल रहा था। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया था, उस पर बाल ठाकरे ने कहा था कि देखिए देश में क्या चल रहा है? सेनाध्यक्ष की उम्र को लेकर विवाद हो रहा है, मामला कोर्ट में है। आखिर किसकी प्रतिष्ठा पर सवाल है? सोनिया गांधी की प्रतिष्ठा का सवाल तो नहीं है क्योंकि वो तो विदेशी हैं।

बाल ठाकरे ने राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया था। वर्ष 2012 में जब राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने को लेकर अटकलें चल रही थी, तब बाल ठाकरे ने कहा था कि राहुल गांधी कल पैदा हुए और आज प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। बाल ठाकरे कांग्रेस के धुर विरोधी थे, लेकिन आज शिवसेना उनके विचारों को रौंदते हुए अपने धुर विरोधियों के साथ सरकार में है।

अब हिंदुत्व की राह से भटक चुकी है शिवसेना!

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना अब कांग्रेस और एनसीपी की कठपुतली के समान हो गई है! राज्य में हिंदू विरोधी गतिविधियां भी काफी तेजी से बढ़ी है। खबरों की मानें तो मौजूदा समय में मराठा साम्राज्य की प्रथम राजधानी रहे रायगढ़ में अवैध मस्जिद का निर्माण हो रहा है। कभी कम्युनिस्ट देश के विकास में बाधक बने थे तो शिवसेना ने उनका विरोध किया था, आज शिवसेना के कारण बुलेट ट्रेन जैसी योजना अटकी हुई है, मराठवाड़ा में एक्सप्रेस-वे के कार्य में दिक्कत आ रही है! हालांकि, गडकरी की डांट के बाद अब कार्य पुनः आरंभ हो चुका है, किन्तु यह सब परिवर्तन शिवसेना की राजनीति में हुए व्यापक बदलाव को दिखाते हैं। शिवसेना हिंदुत्व की राजनीति से भटक चुकी है और यह भटकाव केवल सामाजिक और राजनीतिक नहीं है, बल्कि आर्थिक नीतियों में भी दिख रहा है। यही कारण है कि ठाकरे रत्नागिरी ऑयल रिफाइनरी के कार्य को अटका रही है, हर वो कार्य कर रही है जो कांग्रेस को पसंद आए। मूलतः शिवसेना कांग्रेस की परिपाटी पर आ चुकी है!

और पढ़ें: शिवसेना छत्रपति शिवाजी महाराज के किले को इस्लामवादियों को सौंप रही है

Tags: बाला साहेब ठाकरेमहाराष्ट्रशिवसेनाहिंदुत्व
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

452 IPC Information and Provisions of Bail in hindi

अगली पोस्ट

अमेरिका का वर्तमान राष्ट्रपति कौन है? और रोचक तथ्य

संबंधित पोस्ट

भारत पाकिस्तान का विभाजन
इतिहास

15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

16 August 2026

15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन प्रश्न था कि अब आगे क्या ? दुर्भाग्य से गांधी जी ने मुस्लिम लीग के...

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम
इतिहास

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

15 August 2026

भारत की आज़ादी सिर्फ कुछ मशहूर नेताओं की वजह से नहीं मिली, बल्कि यह अनगिनत बहादुर लोगों के त्याग और संघर्ष का नतीजा है। इनमें...

Jawaharlal Nehru
ज्ञान

नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

14 August 2026

व्यक्ति गलतियों का पुतला होता है। जब विभाजन के घाव भारत के मन मस्तिष्क में उभरते हैं तो हम सदैव उन कारणों और उन लोगों...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited