TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सर पर जटाजूट, हाथ में त्रिशूल और मुंह में “जय महाकाल”- जब नागा साधुओं ने मुग़लों को उनकी औकात बताई

जब लाखों मुगलों पर भारी पड़े मात्र 40 हजार नागा साधु

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
6 March 2022
in संस्कृति
नागा साधु

Source- Google

Share on FacebookShare on X

नागा साधु! जब हम उन्हें सुनते हैं, तो हमारे मन में सबसे पहले भस्म रमाए नग्न साधुओं का गलत विचार आता है। आजकल के कूल dudes के लिए वो एक असभ्य और बर्बर धर्मावलम्बी लग सकते हैं। पर, क्या आपको पता है नागा साधु हिंदू धर्म के रक्षा हेतु बिना वेतन के पवित्र पैदल सेना हैं। चाहे इस्लामिक आक्रांताओं की बात हो या फिर अंग्रेज साम्राज्यवादियों की, नागा साधु अपने ‘हिंदू धर्म’ की रक्षा के लिए सदा सर्वदा उद्दत रहे हैं। हिन्दू धर्म की रक्षा को ये अपना सौभाग्य समझते हैं पर एक समाज के तौर पर हम कितने कृतघ्न हैं कि हम उनके महान बलिदान को याद भी नहीं रखते। न ही उनका सम्मान करते हैं और न ही इतिहास के तारीख में उन्हें स्थान देते हैं। हम हल्दीघाटी को बड़े सम्मान से याद करते हैं, करना भी चाहिए लेकिन हममें से कितने लोग ये जानते हैं कि वो नागा साधु ही थे, जिन्होंने औरंगजेब को ऐसा सबक सिखाया कि सालों तक काशी की ओर नज़र उठाकर देखने की उसकी हिम्मत नहीं हुई। वे नागा साधु ही थे, जिन्होंने अफगान सरदार सरदार खान को ऐसा धूल चटाया कि फिर गोकुल की ओर बढ़ने का वो साहस नहीं कर पाया। इतिहास में महाराणा प्रताप के सम्मान के लिए हम आज भी लड़ रहें हैं लेकिन नागा साधुओं को तो हमने भुला ही दिया।

और पढ़ें: ‘हरा रंग’ केवल इस्लाम के लिए विशिष्ट नहीं, सनातन धर्म का भी इसपर बराबर अधिकार है

संबंधितपोस्ट

‘संभाजी महाराज: शिवाजी महाराज के सुपुत्र की शौर्यगाथा’; मराठा योद्धा को लेकर फैलाए गए झूठ का पर्दाफाश

जब औरंगजेब की बेटी को उठा ले गए लुटेरे: बलात्कार और हत्याओं से दहल गए थे मुगल, कहानी ‘गंज-ए-सवाई’ की

औरंगजेब की कब्र पर बुलडोजर एक्शन की मांग करते हुए भाजपा विधायक टी राजा सिंह की ललकार; कहा – “औरंगजेब की कब्र पे कुत्ते मूतेंगे…. “

और लोड करें

नागा साधु: जिनके साथ हमने न्याय नहीं किया

इतिहास की किताबों में हमें यह नहीं बताया गया है कि नागा साधुओं ने 1664 में वाराणसी में औरंगजेब को बुरी तरह से हराया था। औरंगजेब और उसकी सेना काशी विश्वनाथ और उस क्षेत्र के मंदिरों को लूटने आई थी। तब, नागा साधुओं ने संख्या में नगण्य और निहत्थे होने के बावजूद बर्बर मुगल लुटेरों से मंदिर की रक्षा की। उसके बाद 1669 तक औरंगजेब ने वाराणसी पर फिर से आक्रमण करने की हिम्मत नहीं की थी। नागाओं के गुरु दत्तात्रेय हैं। गुरु दत्तात्रेय को महादेव का अंश माना जाता है। आपको बता दें कि मठ परंपरा के अनुसार दत्तात्रेय देव को दशनामी संप्रदाय से जोड़ा जाता है, जिसे आदि शंकराचार्य द्वारा चार मठों के अंतर्गत संगठित किया गया। मठों के अलावा, उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा के लिए योद्धा साधुओं के एक वर्ग को भी संगठित किया। बाद में उन्हें नागा साधु के नाम से जाना जाने लगा, जिन्हें मृत्यु का कोई भय नहीं होता और त्रिशूल, तलवार, लाठी जिनके अस्त्र होते हैं। वे संगीत वाद्य यंत्र और शंख सहित अन्य हथियार भी रखते हैं।

मुगलों के अत्याचार से हिंदुओं की रक्षा के लिए 16वीं शताब्दी में बंगाल के मधुसूदन सरस्वती द्वारा नागा साधुओं का पुनर्गठन किया गया था। मधुसूदन सरस्वती, अद्वैत वेदांत परंपरा के एक दार्शनिक तथा अकबर के समकालीन थे। मुसलमानों द्वारा साधुओं के हमलों के साक्षी, मधुसूदन सरस्वती आगरा में अकबर के दरबार पहुंचे और उनसे शिकायत की। जब उनकी शिकायत का समाधान नहीं किया गया, तो उन्होंने नागा साधुओं को पुनर्गठित किया और उन्हें मुसलमानों द्वारा किए गए अत्याचारों से हिंदुओं की रक्षा करने के लिए कार्रवाई शुरू की।

हालांकि, कई इतिहासकार इस सिद्धांत पर विश्वास नहीं करते हैं, लेकिन कुछ इतिहासकार इसे सही ठहराते हैं। विलियम आर. पिंच ने अपनी पुस्तक सोल्जर मोंक्स एंड मिलिटेंट साधुओं में इसके ऐतिहासिक आधार का वर्णन किया है। यह सिद्धांत सत्य है या नहीं, इस पर बहस के बावजूद इस बात के प्रमाण हैं कि मधुसूदन के आगरा से लौटने के बाद, नागा साधु वाराणसी में इकट्ठे हुए और हिंदुओं की रक्षा करने की शपथ ली। बाबा रामपुरी ने अपनी पुस्तक ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए साधु: ए जर्नी इन मिस्टिक इंडिया में नागा साधुओं और उनके अखाड़ों के बारे में विस्तृत विवरण दिया है। विलियम ए गन्स के रूप में पैदा हुए एक अमेरिकी, भारतीय दर्शन और संस्कृति की सच्चाई जानने के बाद नागा साधु बनने वाले पहले पश्चिमी व्यक्ति हैं। वर्तमान में वो श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े में महंत हैं।

और पढ़ें: सनातन धर्म: गौ-गंगा-गायत्री और गीता को पूजने वाला मेरा धर्म महिला विरोधी नहीं हैं

नागा साधुओं ने काशी विश्वनाथ की रक्षा की

काशी विश्वनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और कम से कम महाभारत युग जितना पुराना है। काशी विश्वनाथ मंदिर पर इस्लामिक लुटेरों ने कई बार हमला किया है। सबसे पहले कुतुब-उद-दीन ऐबक ने 1194 ई. में इसे अपवित्र किया था। वो तब मोहम्मद गोरी की सेना के अधीन एक सेनापति था। नष्ट हुए खंडहर कुछ वर्षों तक उपेक्षित रहे। अन्य मंदिरों की तरह इस मंदिर का भी पुनर्निर्माण किया गया। 13वीं शताब्दी के मध्य से एक गुजराती व्यापारी के संरक्षण में इसका पुनर्निर्माण किया गया था। फिर जौनपुर सल्तनत के शर्की शासकों द्वारा काशी को फिर से लूट लिया गया और उसके बाद सिकंदर लोधी की मुस्लिम सेना ने 15वीं शताब्दी में इसे लूटा। जिसके बाद राजा टोडरमल ने इसे 16वीं सदी के आखिरी हिस्से में यानी 1585 में दोबारा बनवाया।

औरंगजेब और उसकी मुगल सेना ने 1664 में काशी विश्वनाथ मंदिर पर पुनः हमला किया। तब, नागा साधुओं ने तंग आकर पहली बार इसका विरोध किया और मंदिर का बचाव किया। उन्होंने औरंगजेब और उसकी सेना को बुरी तरह पराजित किया। मुगलों की इस हार का उल्लेख जेम्स जी. लोचटेफेल्ड की पुस्तक द इलुस्ट्रेटेड इनसाइक्लोपीडिया ऑफ हिंदुइज्म, खंड 1 में मिलता है। उन्होंने इस घटना को अपनी पुस्तक में ‘ज्ञानवापी की लड़ाई’ के रूप में वर्णित किया। ध्यान देने वाली बात है कि औरंगजेब और उसकी सेना के खिलाफ नागा साधुओं की ‘जीत’ को इस विवरण में उन्होंने ‘महान’ कहा है। भले ही इस युद्ध का ठीक से वर्णन न किया गया हो, पर आप कल्पना कर सकते हैं कि कैसे नागा साधुओं ने विशाल और सशस्त्र मुगल सेना पर ऐसा कहर ढाया कि फिर 4 वर्षों तक काशी की ओर आंख उठाकर देखने की उनकी हिम्मत नहीं हुई।

जब लाखों मुगल पर भारी पड़े 40,000 नागा साधु

जेम्स जी. लोचटेफेल्ड ने अपनी किताब में लिखा, “महाननिर्वाणी अखाड़े के नागा तपस्वी योद्धाओं द्वारा कथित तौर पर बनारस में लड़ाई लड़ी गई। अखाड़े के अभिलेखागार में एक हस्तलिखित पुस्तक के अनुसार, 1664 में अखाड़े के सैनिकों ने ज्ञानवापी कुएं के पास एक बड़ी जीत हासिल की। यह दस्तावेज़ केवल यह बताता है कि संन्यासी “सुल्तान” की ताकतों के खिलाफ विजयी थे। हालांकि, इतिहासकारों ने अनुमान लगाया है कि यह आंकड़ा मुगल सम्राट औरंगजेब था। अगर कहानी सच है, तो यह लड़ाई 1669 में विश्वनाथ मंदिर को तोड़ने के औरंगजेब के फैसले में एक महत्वपूर्ण कारक हो सकती है। नागा साधुओं ने अपनी आखिरी सांस तक जवाबी कार्रवाई की होगी। स्थानीय लोककथाओं और मौखिक कथाओं के अनुसार, लगभग 40,000 नागा साधुओं ने काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग की रक्षा करते हुए, लाखों की मुग़ल सेना से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। इस्लामी लुटेरों ने हमेशा युद्ध में छल और छल की रणनीति का पालन किया है और हम हिंदुओं ने अपने लिए लड़नेवालों का साथ नहीं दिया, अन्यथा 40,000 नागा भारत के इतिहास में अंकित होना तो छोड़िए उसकी धारा ही मोड देते। अगर थोड़ी भी सहायता मिलती तो वो मुगलिया सल्तनत को वहीं नरक भेज देते।”

साथ देना तो छोड़िए, हमने क्या किया वो देखिये? हमारे अकादमिक इतिहास की किताबों में औरंगजेब के खिलाफ नागा साधुओं की इस जीत का कोई जिक्र नहीं है। इसके बजाय, मुगल शासक को महिमामंडित किया गया है। इसके अतिरिक्त किसी अन्य इतिहासकार या विद्वान ने अपनी रचनाओं में इस विजय का खुलकर उल्लेख नहीं किया है। लेकिन जेम्स जी. लोचटेफेल्ड ने उल्लेख किया है कि इतिहासकारों ने पराजित सुल्तान को औरंगजेब के रूप में अनुमानित किया है, जिसका अर्थ है कि यह जीत अन्य अभिलेखों में उपलब्ध है लेकिन अब तक छिपाई गई है। यह महाकाल भक्त नागाओं के बलिदान का उपहास करने के समान है। पर, TFI निस्वार्थ भाव से धर्म की रक्षा के लिए नागा साधुओं को कोटी-कोटी नमन करता है।

और पढ़ें: मलेशिया में हिंदू संस्कृति: जानिए इस इस्लामिक देश में कैसे लहरा रहा है सनातन धर्म का पताका

Tags: नागा साधुमुग़ल
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“हिन्दुइज़्म: धर्म या कलंक”– राजस्थान की एक शिक्षिका बच्चों को ये किताब पढ़ा रही है, मना करने वालों को SC/ST Act की धमकी

अगली पोस्ट

‘बैक्वार्ड लोग मूर्तिपूजा करते हैं’, Vision IAS का ताजातरीन हिंदू-विरोधी बयान

संबंधित पोस्ट

महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य
संस्कृति

महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

17 June 2026

महाभारत में वर्णित सबसे चर्चित प्रसंगों में से एक वह है, जब भगवान श्रीकृष्ण शांति दूत बनकर हस्तिनापुर पहुंचे थे। उनका उद्देश्य कौरवों और पांडवों...

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच
चर्चित

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

15 June 2026

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे (दान) से जुड़े कथित धन के दुरुपयोग की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) ने औपचारिक रूप से अपने हाथ...

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद
धर्म

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

8 June 2026

अयोध्या का राम मंदिर एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited