TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

चीनी ऋण जाल बहुत बड़ा झोल है, अफ्रीकी देशों को श्रीलंका से सबक लेना चाहिए

अफ्रीकी देशों के लिए घातक है चीन की 'कर्ज-जाल कूटनीति'?

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
27 June 2022
in विश्व
China

Source- TFIPOST.in

Share on FacebookShare on X

श्रीलंका के साथ चीन की ऋण जाल की कूटनीति ने कई अफ्रीकी देशो को डरा दिया हैं। जिस तरह से श्रीलंका ने हंबनटोटा के रणनीतिक बंदरगाह का नियंत्रण चीन को सौंप दिया है, वह चीन के ‘ऋण-जाल कूटनीति’ को उजागर करता है। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या विकासशील देश अपने संसाधनों और सामरिक संपत्तियों को चीन को गिरवी रख रहे हैं? वित्त पोषण हेतु चीन पर अफ्रीकी देशों की भारी निर्भरता को देखते हुए पूरे विश्व को यह चिंता सता रही है कि क्या आने वाले समय में अफ्रीकी राज्यों को भी श्रीलंका जैसे हालातों का सामना करना पड़ेगा और अनजाने में ये देश भी चीन के वैश्विक रणनीतिक एजेंडे में मोहरे बन जाएंगे?

श्रीलंका में क्या हुआ?

श्रीलंका में जो हुआ उसे फिर से समझना महत्वपूर्ण है। गृहयुद्ध के बाद श्रीलंका ने जीर्ण-शीर्ण बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए उधार लिया। श्रीलंकाई सरकारों के लिए चीन एक उदार मित्र था, जो सस्ते और आसान और धन की पेशकश करता था। लेकिन देश जल्द ही आर्थिक संकट में पड़ गया और जब कर्ज का बोझ अस्थिर हो गया, तो श्रीलंका सरकार को चुकौती के एवज में 2017 में बंदरगाह पर नियंत्रण छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

संबंधितपोस्ट

अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावों को लेकर पेमा खांडू का पलटवार, बोले- भारत की सीमा चीन नहीं, तिब्बत से लगती है

चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

चीन की चुनौती के बीच दिल्ली में जुटीं क्वाड शक्तियां, भारत ने संभाली रणनीतिक नेतृत्व की कमान

और लोड करें

आमतौर पर, चीनी ऋण के चुकौती हेतु संसाधनों को नकद के रूप में ग्रहण करते हैं। गरीब देशों को जिस बुनियादी ढांचे की जरूरत है, उसके वित्तपोषण और निर्माण के बदले में, चीन खनिज संसाधनों से लेकर बंदरगाहों तक उनकी प्राकृतिक संपत्ति तक अनुकूल पहुंच की मांग करता है। प्राप्तकर्ता राष्ट्र आमतौर पर कम क्रेडिट रेटिंग से पीड़ित होते हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार से धन प्राप्त करने में कठिनाई होती है। अतः, वो मान जाते हैं. ऊपर से चीन कुछ शर्तों और पारंपरिक स्रोतों की तुलना में कम ‘कागजी कार्रवाई’ के साथ अपेक्षाकृत आसानी से वित्तपोषण उपलब्ध कराता है।

और पढ़ें: ‘वामपंथी चिंटुओं’ को साइड करिए, ‘परिवारवाद’ और ‘फ्री-बांटो मॉडल’ से बर्बाद हुआ श्रीलंका

अफ्रीका में चीन की भागीदारी की प्रकृति क्या है?

इस प्रवृत्ति के आलोक में, अफ्रीका में चीन की भागीदारी की प्रकृति क्या है और क्या अफ्रीकी देशों को श्रीलंका जैसी हालातों का सामना करना पड़ेगा? यह प्रश्न चीन की व्यापक भू-राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के आलोक में विशेष रूप से प्रासंगिक है।

पश्चिम के पीछे हटने और आंतरिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, चीन पूरे अफ्रीका में पाँव जमा रहा है। 2008 के बाद से अफ्रीका के मुख्य व्यापारिक भागीदार के रूप में, चीन एक दीर्घकालिक बढ़त हासिल कर रहा है, जहां वह व्यापार कर सकता है और अपने नागरिकों और कंपनियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकता है। चीन के ऋण जाल का पहला कदम बना वन बेल्ट, वन रोड पहल। चीन ने एशिया, यूरोप और उससे आगे के विशाल व्यापार मार्ग के हिस्से के रूप में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 1.3 ट्रिलियन डॉलर तक का निवेश करने घोषणा की । चीन ने घोषणा की है कि चीन जिबूती को अफ्रीका महाद्वीप का सबसे बड़ा मुक्त-व्यापार क्षेत्र बनाएगी और इसमें पूर्वी अफ्रीकी रेलवे मास्टर प्लान जैसी प्रमुख परियोजनाएं भी शामिल होंगी।

जिबूती का महत्व

यह छोटा पूर्वी अफ्रीकी देश इस रणनीति के मूल में है। बीजिंग ने एक नए बंदरगाह, दो नए हवाई अड्डों और इथियोपिया-जिबूती रेलवे सहित कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के माध्यम से जिबूती में जड़ें जमा ली हैं। इन परियोजनाओं का विशाल स्तर, इस तथ्य के साथ संयुक्त है कि वे एक छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से स्थित नकदी-संकट वाले देश में केंद्रित हैं. यह चीन की उपस्थिति को महत्वपूर्ण बनाते हैं। चीन का पहला विदेशी सैन्य अड्डा होने के अलावा, जिबूती बेस चीन के ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ रणनीति का प्रतिनिधित्व करता है।

तो समस्या क्या है? अगर अफ्रीका में बुनियादी ढांचे की पर्याप्त कमी है और चीन अगर इस अंतर को पाटने में मदद कर सकता है, तो इसकी आलोचना करने के बजाय इसे माना जाना चाहिए? सैद्धांतिक रूप से यह समझ में आता है, लेकिन व्यावहारिक रूप से यह काफी नहीं। अफ्रीकी देशों को निवेश की जरूरत है और चीन का ऋण मदद की जगह एक पकड़ है। संकीर्ण राजस्व आधारों और विविध अर्थव्यवस्थाओं के साथ, इस बारे में संदेह है कि क्या ये देश कर्ज चुकाने में सक्षम होंगे?

और पढ़ें: श्रीलंका को आर्थिक संकट से बचाना केवल भाईचारा मात्र नहीं है, भारत के पास है ‘long term strategy

कौन कौन से देश फंसे ऋण जाल में?

दरअसल, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (तांबा, कोबाल्ट), जाम्बिया (तांबा) और अंगोला (तेल) ने हाल ही में इस रणनीति के नकारात्मक परिणामों का अनुभव किया है। मोज़ाम्बिक के भी ऊंचे ऋण स्तर को देखते हुए जोखिम के बारे में पता होना चाहिए। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे चीन और अन्य एशियाई देशों जैसे म्यांमार, नेपाल और मलेशिया में भी चीनी निवेश परियोजनाओं को निलंबित करने की योजना है। अनुमानों के अनुसार, अफ्रीका के पांच भारी-ऋण वाले देश-घाना, केन्या, अंगोला, इथियोपिया और जाम्बिया गंभीर ऋण जोखिमों का अनुभव करने वाले हैं। भुगतान में चूक के डर से कई अफ्रीकी देश चीनी संस्थाओं के साथ ऋण शर्तों पर फिर से बातचीत कर रहे हैं जिसमें ब्याज भुगतान को स्थगित करना और गैर-व्यवहार्य परियोजनाओं को निलंबित करना शामिल है।

कम से कम 18 अफ्रीकी देशों ने अपने कर्ज पर फिर से बातचीत की है, जबकि 12 अन्य चीन के साथ लगभग 28 बिलियन अमरीकी डालर के ऋण को प्रतिबंधित करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। आईएमएफ के अनुमानों के अनुसार, 2021-25 के दौरान अफ्रीकी देशों को 285 बिलियन अमरीकी डालर तक के अतिरिक्त वित्तपोषण की आवश्यकता होगी ताकि कोविड महामारी में हुए खर्च को नियंत्रित किया जा सके। चीन केन्या के लगभग 72 प्रतिशत विदेशी ऋण का मालिक है जो कि 50 बिलियन अमरीकी डालर है। अंगोला में चीन से ऋण के बदले तेल की अदायगी के कारण व्यापक असंतोष था। 2010-15 के दौरान, चीन को नाइजीरिया का कर्ज भी 136 प्रतिशत बढ़कर 1.4 बिलियन अमरीकी डालर से 3.3 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया था और देश को 2020 में चीन को ऋण चुकाने के रूप में 195 मिलियन अमरीकी डालर खर्च करना पड़ा था।

2000-18 के दौरान अफ्रीका को चीन का कुल ऋण 148 बिलियन अमरीकी डालर का रहा है, जो ज्यादातर बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में है। चीन वर्तमान में 32 अफ्रीकी देशों में एक प्रमुख द्विपक्षीय ऋणदाता है और पूरे महाद्वीप का शीर्ष ऋणदाता है। जिबूती में, चीन ने लगभग 1.4 बिलियन अमरीकी डालर की धनराशि प्रदान की है जो देश के सकल घरेलू उत्पाद का 75 प्रतिशत है। जिबूती में, स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। वे इसके बंदरगाह को लेने जा रहे हैं, जैसा कि उन्होंने श्रीलंका में किया था. अंततः, अफ्रीका में नीति निर्माताओं के लिए प्रश्न यह है कि क्या उन्हें चीन से निपटने के लिए अधिक चौकस दृष्टिकोण अपनाना चाहिए? इस तरह की व्यवस्थाओं से जुड़े शोषणकारी खतरों से अवगत होना महत्वपूर्ण है। यहां एक स्तर की सामरिक और आर्थिक कूटनीति की आवश्यकता है।

और पढ़ें: श्रीलंका-चीन प्रकरण से सीख- पड़ोसी देश भारत के साथ रहेंगे तो बचेंगे वरना कुचल दिए जाएंगे

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: अफ्रीकाअफ्रीकी देशऋण-जाल कूटनीतिचीनश्रीलंका
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

तीस्ता सीतलवाड़ के अपराधों का काला चिठ्ठा, जिसने उसे जेल में पहुंचा दिया

अगली पोस्ट

‘गंगा ढाबा’ अब नहीं बनेगा अड्डा, JNU के ‘वामपंथी मुफ्तखोरों’ के सीधे पेट पर लात पड़ी है

संबंधित पोस्ट

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा
AMERIKA

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

16 June 2026

पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के...

रूसी तेल का आयात
चर्चित

रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

9 June 2026

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत पहले की तुलना में अधिक मात्रा में रूस से कच्चे तेल...

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,
AMERIKA

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

23 May 2026

अमेरिका में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited