TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय

    Bangladesh Crisis : क्या बांग्लादेश से छिन जाएगी कपड़ा उद्योग की ताकत?

    Bangladesh Crisis : क्या बांग्लादेश से छिन जाएगी कपड़ा उद्योग की ताकत?

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय

    Bangladesh Crisis : क्या बांग्लादेश से छिन जाएगी कपड़ा उद्योग की ताकत?

    Bangladesh Crisis : क्या बांग्लादेश से छिन जाएगी कपड़ा उद्योग की ताकत?

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अब 6 साल, सरकार का बड़ा फैसला; जानिए क्या-क्या बदलेगा

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

प्राचीन भारत में दहेज प्रथा की कोई परंपरा नहीं थी, इसे औपचारिक रूप देने वाले अंग्रेज ही थे

अंग्रेज चले गए लेकिन अपनी प्रथा छोड़ गए !

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
21 June 2022
in चर्चित
Dahej Pratha

Source- TFIPOST.in

Share on FacebookShare on X

आज के आधुनिक भारत में दहेज प्रथा एक सामाजिक खतरा बन गई है. यह महिलाओं पर अत्याचार, दुल्हन पर शारीरिक हिंसा, दुल्हन के माता-पिता पर आर्थिक और भावनात्मक तनाव और वैवाहिक संघर्ष का उद्गम स्रोत हैं। यह खतरा आज भी समाज में मौजूद है भले ही कानूनन शादी के दौरान दहेज लेना एक अपराध है।

प्राचीन भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति

क्या है इस खतरे का असली इतिहास। क्या यह हमेशा भारतीय समाज में मौजूद था? क्या भारतीय समाज हमेशा अपनी महिलाओं पर अत्याचार करता था? एक तरफ हमारे पास प्राचीन ग्रंथ हैं जो महिलाओं के बारे में इतने सम्मान के साथ बात करते हैं। हिंदू धर्म में ईश्वर शक्ति हैं। सरस्वती ज्ञान की देवी हैं, ब्रह्मा नहीं। लक्ष्मी धन की देवी हैं, विष्णु नहीं। पार्वती शक्ति और ऊर्जा की देवी हैं, शिव नहीं।

संबंधितपोस्ट

अंग्रेज़ और न्यायपूर्ण शासन ? गुलाम मानसिकता में जीने वालों को अब अपनी आंखों से औपनिवेशिक पट्टी हटा लेनी चाहिए

‘ब्रिटिश सांस्कृतिक रूप से समृद्ध थे’, इससे अधिक हास्यास्पद और कुछ भी नहीं

संथाल क्रांति की वो कथा जो आज तक आप सबसे छिपाई गई

और लोड करें

हम प्राचीन हिंदू विवाह परंपराओं में स्वयंवर के बारे में सुनते हैं जहां दुल्हन तय करती थी कि किससे शादी करनी है? स्वयंवधु की अवधारणा नहीं थी, दूल्हा यह तय करने के लिए सौंदर्य प्रतियोगिता आयोजित नहीं कर सकता था कि किस दुल्हन से शादी करनी है? रामायण में राम को यह साबित करने के लिए शिव का धनुष उठाना पड़ा कि वह सीता से विवाह करने के योग्य हैं। महाभारत में अर्जुन ने भी स्वयं को साबित किया। तो अगर हमारी परंपरा में महिलाओं को यही महत्व दिया गया था, तो दहेज के खतरे का यह विरोधाभास हमारे समाज में कब और कहां आया? हमें प्राचीन काल के साहित्य में दहेज संबंधी हिंसा का कोई उदाहरण नहीं मिलता। भारत के पूर्व-औपनिवेशिक युग से संबंधित साहित्य में भी नहीं। भारतीय समाज ने दहेज के बुरे संस्करण को कब अपनाया जिसने भारतीय समाज में कन्या भ्रूण हत्या, विवाहित महिलाओं पर हिंसा, बालिकाओं के माता-पिता पर वित्तीय तनाव, पुरुष-महिला अनुपात में असंतुलन, टूटी हुई शादियों से लेकर कई सामाजिक समस्याएं पैदा की हैं।

और पढ़ें: 498A जैसे मामलों पर कोर्ट का बड़ा आदेश, अब ‘वास्तविक पीड़ितों’ को मिल सकेगा न्याय

इस मामले में वीना तलवार ओल्डेनबर्ग की एक अच्छी तरह से शोध की गई पुस्तक इस प्रश्न का उत्तर देने का प्रयास करती है। इस पुस्तक में, लेखक भारत के ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान ब्रिटिश नौकरशाहों द्वारा छोड़े गए कागजी निशान का अनुसरण करता है।

पूर्व-औपनिवेशिक भारत में दहेज की मूल संस्था

हाँ, भारत में दहेज प्रथा ब्रिटिश शासन से पहले भी मौजूद थी, लेकिन उस प्रारूप में नहीं जो आज समाज में प्रचलित है। पूर्व-औपनिवेशिक काल में, दहेज महिलाओं द्वारा प्रबंधित एक संस्था थी। यह महिलाओं के लिए थी, उन्हें अपनी स्थिति स्थापित करने और आपात स्थिति में सहारा लेने में सक्षम बनाने के लिए थी। दहेज की इस प्राचीन व्यवस्था में, दुल्हन के माता-पिता, यहां तक ​​कि उसके परिजन भी उसे बहुमूल्य उपहार आदि के रूप में धन देते थे। यह ठीक उसी तरह था जैसे माता-पिता अपने बेटों को धन का एक हिस्सा देते थे।

यहां जो बात ध्यान देने योग्य है वह यह है कि कीमती सामान या संपत्ति दुल्हन को दी गई थी, न कि दूल्हे या उसके परिवार को। दूसरे शब्दों में, दहेज संपत्ति का स्वामित्व पत्नी के पास बना रहा, न कि पति या उसके परिवार के पास। इसने उन महिलाओं को आवश्यक वित्तीय स्वतंत्रता दी जो अपनी कृषि भूमि आदि से आय का प्रबंधन भी कर सकती थीं।इसलिए भारत में प्रचलित दहेज की मूल व्यवस्था में, महिलाओं को विवाह के दौरान उनके माता-पिता से धन उपहार में दिया जाता था और यह शादी के बाद भी दुल्हन के लिए वित्तीय स्वतंत्रता के एक उपकरण के रूप में कार्य करता था।

और पढ़ें: विवाह संस्कार और परिवार व्यवस्था की नींव हिला देगा Marital rape का अपराधीकरण

बंगाल का स्थायी बंदोबस्त – भारत का ब्रिटिश भूमि सुधार

यह सब 1793 में लॉर्ड कॉर्नवालिस के अधीन अंग्रेजों द्वारा बंगाल के स्थायी बंदोबस्त के साथ शुरू हुआ। इसने भूमि के निजी स्वामित्व को सक्षम किया जो उस समय तक भारत में अज्ञात था। अतीत में भारत में भूमि के निजी स्वामित्व का प्रचलन कभी नहीं था। जमीन हमेशा सरकार की होती थी और लोग सरकार की जमीन में ही बसते थे। यदि एक स्थान पर बाढ़ आती थी, तो लोग राज्य में दूसरे स्थान पर चले जाते थे। स्थायी बंदोबस्त की शुरुआत करके, अंग्रेजों ने भारत में भूमि के निजी स्वामित्व को सक्षम बनाया।इसके बाद वहां के लोगों ने जमीन को लेकर लड़ाई शुरू कर दी।

यह वह प्रणाली थी जिसने भारत मेंजमींदारों की व्यवस्था भी बनाई और किसानों को लूटने के साधन के रूप में उनका इस्तेमाल किया। यह वंशानुगत था यानी जमींदारों के बच्चे जमीन के उत्तराधिकारी बन गए।दूसरी ओर, किसान इस स्थायी बंदोबस्त से पीड़ित थे। उन्हें पूरी तरह से अपने जमींदारों की दया पर छोड़ दिया गया था।

ब्रिटिश शासन के तहत महिलाओं के संपत्ति अधिकारों का निषेध

जिस कदम ने भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति को प्रभावित किया वह अंग्रेजों द्वारा लगाया गया शासन था जिसने महिलाओं को किसी भी संपत्ति के मालिक होने से रोक दिया! और इसी ने भारत में दहेज प्रथा का संकट पैदा किया। लेकिन एक बार जब अंग्रेजों ने महिलाओं को किसी भी संपत्ति के अधिकार से प्रतिबंधित कर दिया, तो इसका मतलब था कि एक महिला को अपने माता-पिता से मिलने वाली सारी संपत्ति उसके पति के पास होगी। और जैसे ही पति की अपनी पत्नी की संपत्ति के मालिक होने की यह व्यवस्था बनाई गई, पारंपरिक दहेज प्रथा एक लालच में परिवर्तित हो गई जिसने महिलाओं पर अत्याचार, पीड़ित और दमन की एक संस्था का निर्माण किया।

जिस लालच ने लात मारी, उसने एक ऐसी व्यवस्था बना दी जहाँ पति और उसका परिवार आने वाली दुल्हन को संपत्ति और धन के स्रोत के रूप में देखने लगे, पुरुष प्रधान समाज लालची हो गया, पति और ससुराल वाले दुल्हन और उसके माता-पिता से अधिक दहेज की मांग करने लगे। विवाह संस्था द्वारा निर्मित सामाजिक समरसता और बंधन समाप्त हो गया था। शादी सिर्फ एक और व्यापारिक सौदा बन गया, जहां धन कमाना ज्यादा आसान था। पुरुष बच्चा आय का एक अतिरिक्त स्रोत बन गया, और कन्या परिवार पर आर्थिक बोझ बन गई। इससे कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक समस्याओं का निर्माण हुआ और समाज में पुरुष-महिला अनुपात में असंतुलन पैदा हुआ, जिसके कारण महिलाओं पर और अधिक अपराध हुए और दहेज़ प्रथा का जन्म हुआ।

और पढ़ें: मीडिया ने ‘महिला IAS टॉपर’ के खिलाफ घरेलू हिंसा की झूठी कहानी बेची, क्योंकि यही बिकती है!

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: अंग्रेजदहेज़ प्रथादुल्हनलॉर्ड कॉर्नवालिसससुराल पक्ष
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ऐसे अनगिनत मौके जब कांग्रेस नेताओं ने पीएम मोदी पर की अपशब्दों की बौछार

अगली पोस्ट

84 साल की उम्र में ‘नौकरी’ तलाशने वाले व्यक्ति बने यशवंत सिन्हा

संबंधित पोस्ट

पंजाब PCS भर्ती में घोटाले का आरोप, एक कमरे से 11 अभ्यर्थी पास; क्या अब CJP करेगी प्रदर्शन?
चर्चित

पंजाब PCS भर्ती में घोटाले का आरोप, एक कमरे से 11 अभ्यर्थी पास; क्या अब CJP करेगी प्रदर्शन?

5 November 2026

पंजाब में सरकारी नौकरियों की भर्ती एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार विवाद पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन (PPSC) की PCS मेंस...

अग्निवीर की शादी- 4 साल बाद कर सकेंगे विवाह या 6 साल करना होगा इंतजार?
चर्चित

अग्निवीर की शादी- 4 साल बाद कर सकेंगे विवाह या 6 साल करना होगा इंतजार?

5 November 2026

अग्निवीर योजना में दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलने के बाद अब शादी के नियमों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। सवाल...

CM योगी का सपा-कांग्रेस पर हमला
चर्चित

गाजियाबाद में CM योगी का कांग्रेस पर हमला, बोले- 1975 में आपातकाल लगाने वाले लोकतंत्र की बात कर रहे

5 November 2026

गाजियाबाद में बीजेपी की ओर से 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited