TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

राजनाथ सिंह– वो व्यक्ति जिसके प्रति भाजपा से लेकर सम्पूर्ण राष्ट्र कृतज्ञ है

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के जन्मदिन पर पढ़ें उनकी यात्रा !

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
10 July 2022
in चर्चित
raajnaath

Source- Google

Share on FacebookShare on X

“हम इसकी कड़ी से कड़ी निन्दा करते हैं….”

यह लाइन हमने सोशल मीडिया पर कभी न कभी तो अवश्य सुनी होगी। पर इस लाइन का उपहास जितनी बार जाने अनजाने हम सभी ने उड़ाया है न, उस व्यक्ति के अधिकतम योगदानों से आज भी हम सब अपरिचित हैं। आज हम बात करते हैं राजनाथ सिंह की, जो न केवल देश के सबसे उच्चतम सेवकों में से एक रहे हैं, अपितु जिनके कारण भाजपा भी अक्षुण्ण है, और भारत भी।

संबंधितपोस्ट

उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के लिए बड़े फैसले, नियुक्ति पत्र और सालाना मुफ्त स्वास्थ्य जांच होगी अनिवार्य

Malaysia से भारत लाए गए Bambiha Gang के 3 आरोपी, Amit Shah ने बताया बड़ी कार्रवाई

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

और लोड करें

अब आप भी सोच रहे हैं – ऐसे कैसे? भला एक व्यक्ति के कारण भारत की अखंडता की रक्षा कैसे अक्षुण्ण हो सकती है? क्या हमारी सेना योग्य नहीं? ऐसा नहीं, परंतु राजनीतिक इच्छाशक्ति भी कोई चीज़ होती है, और 2010 तक आते आते वह लगभग नगण्य पड़ चुकी थी। कांग्रेस का भारत पर एकछत्र राज था, पर उसके निरंकुश शासन से पूरा देश तंग आ चुका था। परंतु उनके पास एक मजबूत और दमदार विकल्प की कमी थी। अब इस समय भारतीय जनता पार्टी देश में सबसे प्रभावशाली विपक्षी पार्टी थी, परंतु उसमें भी समस्याओं का भंडार लगा हुआ था। न अब उसे दिशा देने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी थे, न ही बढ़ावा देने के लिए कोई श्यामा प्रसाद मुखर्जी या दीनदयाल मुखर्जी जैसे ओजस्वी नेता। अब नेतृत्व के नाम पर लालकृष्ण आडवाणी ही बचे थे, जो नेतृत्व पर तो मानो जैसे कुंडली मारकर बैठ चुके थे।

और पढ़ें: “भिड़ने की न सोचें, परिणाम अच्छे नहीं होंगे”, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन को चेतावनी दी

राजनाथ सिंह कैसे उभरे?

राजनीति उन्हे विरासत में नहीं मिली, परंतु वे उसकी ओर काफी आकर्षित हुए। मूल रूप से कृषि परिवार से आने वाले राजनाथ सिंह का जन्म  भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के वाराणसी जिले के एक छोटे से ग्राम भाभोरा में 10 जून 1951 को हुआ था। इनके पिता का नाम राम बदन सिंह और माता का नाम गुजराती देवी प्रारम्भिक शिक्षा के पश्चात इन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में भौतिक शास्त्र में आचार्य की उपाधी प्राप्त की। किशोरावस्था से ही वे १३ वर्ष की आयु में ही संघ परिवार से जुड़ गए और मिर्ज़ापुर में भौतिकी व्याख्यता की नौकरी लगने के बाद भी संघ से जुड़े रहे। १९७४ में, माथे पर एक चमकदार लाल तिलक के साथ, उन्हें भारतीय जनसंघ का सचिव नियुक्त किया गया।

जब आपातकाल भारत पर थोपा गया, तो राजनाथ ने तुरंत इंदिरा गांधी के अत्याचारी शासन के विरुद्ध नारा बुलंद किया, और परिणामस्वरूप उन्हे 2 वर्ष कारावास भोगना पड़ा। परंतु उनका प्रयास निष्फल नहीं गया। 1977 में, वह मिर्जापुर से विधान सभा के सदस्य चुने गए। उस समय वह जयप्रकाश नारायण के जेपी आंदोलन से प्रभावित थे और जनता पार्टी में शामिल हो गए थे और मिर्जापुर से विधान सभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे। उस समय उन्होंने राज्य (राजनीति) में लोकप्रियता हासिल की और 1980 में नवनिर्मित भाजपा में शामिल हो गए और पार्टी के शुरुआती सदस्यों में से एक थे। वह 1984 में भाजपा युवा विंग के राज्य अध्यक्ष, 1986 में राष्ट्रीय महासचिव और 1988 में राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद में भी चुना गया था।

राजनाथ सिंह उन नेताओं के गुट में शामिल हैं, जो ढिंढोरा पीटने में नहीं, अपितु अपने काम से उत्तर देने में विश्वास रखते हैं। जब कल्याण सिंह की सरकार प्रथमतया उत्तर प्रदेश की सत्ता में आई, तो राजनाथ सिंह को शिक्षा मंत्रालय का पद प्रभार सौंपा गया। आज जिस सख्ती से योगी आदित्यनाथ अपराधियों के प्रति रवैया अपना रहे हैं, उसकी झलक राजनाथ सिंह ने अपने कार्यकाल में ही दे दी, जब उन्होंने उस समय परीक्षा में चीटिंग और चीटिंग माफिया के विरुद्ध डंडा चलाया, जब कोई सपने में भी इसके विरुद्ध सोच नहीं सकता था, परंतु अयोध्या जन्मभूमि आंदोलन और चीटिंग माफिया प्रकरण के कारण जल्द ही राजनाथ सिंह को अपने पद से हाथ धोना पड़ा।

और पढ़ें: राजनाथ सिंह ने दी पेपर ड्रैगन को चेतावनी, UNCLOS पर चीन की मनमानी व्याख्या नहीं चलेगी

राजनाथ सिंह जब 2000 में स्वयं मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने पुनः इस प्रवृत्ति को लागू करने का प्रयास किया, परंतु उनके इस निर्णय का स्वागत करने का बजाय इस राज्य की जनता ने उल्टा विरोध किया, क्योंकि मुफ्तखोरी की बीमारी तब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं थी। 2002 में राजनाथ सिंह को पुनः सत्ता से हाथ धोना पड़ा, और जनता ने पहले मायावती और फिर उस मुलायम सिंह यादव को सत्ता में बैठाया, जो भ्रष्ट और निरंकुश लोगों को खुलेआम बढ़ावा दे।

परंतु राजनाथ सिंह ने कभी पराजय नहीं मानी। उनके आदर्श स्पष्ट और मजबूत थे। दिसंबर 2005 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, और 19 दिसंबर 2009 तक वह इस पद पर रहे। इस बीच भाजपा के पास देश की परिस्थितियों को देखते हुए इतना तो स्पष्ट था कि वह आसानी से 2009 में काँग्रेस को 2009 में सत्ता से पदच्युत कर सकती हैं, परंतु आडवाणी की हठधर्मिता के कारण ये सुनहरा अवसर उनके हाथ से निकल गया। परंतु इस समय भी राजनाथ सिंह ने अपनी सूझ बूझ का परिचय अवश्य दिया। भाजपा के लिए निरंतर सरदर्द बनते जा रहे जसवंत सिंह ने जब मुहम्मद अली जिन्ना के गुणगान में एक पुस्तक निकाली, तो सबकी आशाओं के विपरीत राजनाथ सिंह ने न केवल उनकी भर्त्सना की, अपितु उसे पार्टी से भी निकलवाया।

परंतु उनका असल व्यक्तित्व 2013 में निकलकर सामने आया। राजनाथ सिंह को पुनः भाजपा का अध्यक्ष चुना गया था, क्योंकि नितिन गडकरी ने तब इस्तीफा दिया था। तब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभुत्व हर ओर था, और उनका प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में चुना जाना था। परंतु इसमें सबसे बड़ी अड़चन फिर बन रहे थे लालकृष्ण आडवाणी, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि नरेंद्र मोदी पीएम उम्मीदवार बने। यूं तो राजनाथ सिंह भी नरेंद्र मोदी के कोई विशेष पक्षधर नहीं थे, परंतु वे परिस्थितियों से अनभिज्ञ नहीं थे, और वे भली भांति जानते थे कि यदि उन्होंने नरेंद्र मोदी को पीएम उम्मीदवार नहीं बनाया, तो भाजपा की सत्ता वापसी करना असंभव हो जाएगा। फिर आगे क्या, इसके लिए कोई रॉकेट साइंस लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

इसका उन्हें उचित पुरस्कार भी मिला, क्योंकि जब नरेंद्र मोदी की सरकार, तो प्रथम सरकार में वे देश के गृह मंत्री बने, और दूसरे सत्र में वे रक्षा मंत्री के रूप में सबके समक्ष आए। वे भले ही लोगों के लिए ‘निन्दा मामा’ के रूप में चर्चित हों, पर उनकी कार्यकुशलता और उनकी क्षमता पर शायद ही कोई संदेह कर पाएगा। यदि राजनाथ सिंह नहीं होते, तो न ही भाजपा आज देश में इतनी शक्तिशाली हो पाती, और न ही भारत संसार के समक्ष फिर से अपनी योग्यता दिखाने योग्य हो पाता।

और पढ़ें: राजनाथ सिंह ने सैन फ्रांसिस्को में बताया कैसे भारत ने चीन की कमर तोड़ दी है

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: उत्तर प्रदेशनरेंद्र मोदीभाजपाभारतराजनाथ सिंह
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘बड़े अमन-प्रेम से चादर चढ़ाते थे’, अब अजमेर दरगाह की सच्चाई आ गई है सामने

अगली पोस्ट

अंग्रेजों ने बैन किया था, मोदी ने प्रतिबंध हटा दिया

संबंधित पोस्ट

India GDP DEBATE Q1 FY 2027
अर्थव्यवस्था

India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

2 September 2026

पूर्व आर्थिक सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने सरकार की जीडीपी गणना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि अर्थव्यवस्था की विकास...

दिल्ली में चलती बस में 16 साल की छात्रा
चर्चित

दिल्ली में चलती बस में 16 साल की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, चालक-कंडक्टर गिरफ्तार; फिर चर्चा में निर्भया कांड

31 August 2026

देश की राजधानी दिल्ली में चलती बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप बस के चालक...

SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी
चर्चित

SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की कई देशों के नेताओं से मुलाकात, भारत के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर

31 August 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन से इतर कई देशों के नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान भारत के द्विपक्षीय संबंधों,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32

QRSAM to Akash NG: India’s Massive Push to Build 2,000 Indigenous Air Defence Missiles | DRDO| IAF

00:04:05

MQ-9B SeaGuardian: Why India Needs More Eyes Over the Indian Ocean | NAVY | USA | Hormuz

00:03:51

What Actually Hit Pakistan’s Nuclear Backyard? CDS | Anil Chauhan | Kirana hills

00:06:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited