TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’

    ‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’

    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’

    ‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’

    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कोलाचेल का युद्ध: जिसके पश्चात डच कभी भारत में पांव नहीं जमा पाए

मार्तंड वर्मा की अद्भुत बहादुरी की महागाथा!

Awanish Tiwari द्वारा Awanish Tiwari
10 August 2022
in इतिहास, ज्ञान
मार्तंड वर्मा

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

“मिटाने से नहीं मिटते,

डराने से नहीं डरते,

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

वतन के नाम पर हम सर कटाने से नहीं डरते”

द लीजेंड ऑफ भगत सिंह फिल्म के यह बोल भारत भूमि की भव्यता को परिलक्षित करते हैं। अब भारत भूमि की बात ही कुछ और है, यहां के कण कण में शौर्य और बलिदान की गाथा है। परंतु हमें दुर्भाग्यवश केवल अहिंसा और गांधी का पाठ पढ़ाया गया है, मानो इनके अतिरिक्त भारत की युवा पीढ़ी को विरासत में देने को कुछ था ही नहीं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे एक महावीर योद्धा ने एक युद्ध से ब्रिटिश साम्राज्यवादियों समान अत्याचारी शासन के पांव उखाड़ दिये गये परंतु उस विजय को कभी भारत के समक्ष आने ही नहीं दिया गया।

यह कथा है कोलाचेल के युद्ध की, जिसने भारत में डच साम्राज्य के पांव उखाड़ दिये और महावीर योद्धा मार्तंड वर्मा ने इसका नेतृत्व किया था। त्रावणकोर, एशिया का पहला ऐसा राज्य बना, जिसने यूरोप के उपनिवेशवाद को सबसे पहले हराकर अपना लोहा मनवाया था। राज्य के राजा मार्तंड वर्मा ने विदेशियों को यह कहकर चुनौती दी थी कि अगर डच सेना हम पर हमला करती है तो अपनी हार के लिए तैयार रहे। हम यूरोप पर भी हमला करने की सोच रहे हैं। मार्तंड वर्मा के ये शब्द बताते हैं कि वो इतनी जल्दी घुटने टेकने वाले नहीं थे। यही नहीं, उन्होंने न सिर्फ डच चुनौती को स्वीकार किया बल्कि युद्ध जीता और उनके 11 हज़ार सैनिकों को बंदी भी बना लिया। चूंकि, यह इतिहास में दर्ज उपनिवेशवाद के खिलाफ पहली जीत मानी जाती है, इसलिए इसे जानना दिलचस्प रहेगा।

और पढ़ें: इन 5 साम्राज्यों की शौर्य गाथा सिल्वर स्क्रीन पर लाना आवश्यक है और बॉलीवुड के हाथों तो बिल्कुल नहीं

16वीं शताब्दी के आसपास भारत में व्यापार के लक्ष्य से आए डच लोगों ने 1605 में डच ईस्ट इंडिया कंपनी का निर्माण किया। फिर वे धीरे-धीरे केरल के मालाबार तट तक आ पहुंचे। रही बात व्यापार की, तो ये लोग काली मिर्च, चीनी और मसाले का व्यापार किया करते थे। समय के साथ-साथ उन्होंने पूरे एशिया में अपने पांव पसारना शुरू कर दिया और बड़ी आसानी से धीरे-धीरे श्रीलंका, केरल, बंगाल, बर्मा और सूरत तक अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया। तेजी से फैल रहे उनके साम्राज्य का मुख्य गढ़ था- श्रीलंका और त्रावणकोर। उस समय केरल एक न होकर कई छोटी-छोटी रियासतों में बंटा हुआ था। इसके अलावा उन्होंने बड़ी चालाकी से कोच्चि और किल्लोंन पर भी कब्ज़ा जमा लिया था। आपको बता दें कि यूरोप के नीदरलैंड के लोग ही डच कहलाते हैं!

अब आते हैं मार्तंड वर्मा पर, जिनका जन्म 1705 में एक शाही परिवार में हुआ था। मार्तंड वर्मा  शुरू से ही समझदार और निडर थे। इस बात का परिचय उन्होंने तब दिया, जब उन्होंने अपने चाचा महाराजा वीर रामा वर्मा को मदुरै के नायकों के साथ समझौता करने के लिए प्रभावित किया ताकि वह विद्रोही मुखियाओं का पता लगा सकें। उनके इस फैसले से उनमें मौजूद एक शासक और समझदार होने की झलक दिखी थी।

महज़ 23 साल की उम्र में, 1729 में मार्तंड वर्मा ने त्रावणकोर राज्य पर चढ़ाई की। उसके बाद उन्होंने रुकने का नाम नहीं लिया। उन्होंने अपनी सेना बनाई और नायर लोगों को सत्ता से उखाड़ फेंका। ये वही नायर थे जिन्होंने उनकी हत्या का व्यूह रचा था और उनकी रियासत हड़पनी चाही थी। अपनी बुद्धि और निडरता से उन्होनें बड़े कम समय में जल्दी ही कोल्लम, कयमकुलम और कोट्टाराकारा रियासतों पर अपना कब्ज़ा जमा लिया। साथ ही इन सब छोटी-छोटी रियासतों को मिलाकर उन्होनें एक साम्राज्य खड़ा किया, जो त्रावणकोर साम्राज्य कहलाया।

इन युद्धों के दौरान कई राजा और मुखिया अपना राज्य गवां चुके थे। इस कारण उनमें हताशा भी थी। इससे उबरने के लिए उन्होंने डच लोगों के दरवाजे पर दस्तक दी और ये वहीं डच लोग थे, जो पहले से ही उनका समर्थन करते आ रहे थे। असल में वे अपना हारा हुआ राज्य किसी भी हाल में वापस पाना चाहते थे। इसी क्रम में जब कयमकुलम के राजा डच के पास गुहार लेकर पहुंचे, तब डचों ने त्रावणकोर के राजा यानी मार्तंड वर्मा को यह कहते हुए चेतावनी दी कि या तो वह जीते हुए साम्राज्य को वापस कर दें या फिर युद्ध के लिए तैयार हो जाए। सीलोन के गवर्नर गुस्ताफ्फ़ विलेम को लगा कि वह युद्ध की बात बोलकर उन्हें डरा देंगे।

किंतु  मार्तंड वर्मा ने बिना डरे बड़े साहस से उल्टा उन्हें ही चेता दिया। उन्होंने कहा हम किसी से नहीं डरते। अगर डच सेना हम पर हमला करती है तो वो अपनी हार के लिए तैयार रहे। इसके अलावा हम यूरोप पर भी हमला करने की सोच रहे हैं! वह यही नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि बाहरी लोगों को हमारे निजी मामले में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। अगर वे ऐसा करते हैं तो हम भी युद्ध की स्थिति में हॉलैंड पर अपने मछुआरों की मदद से हमला करवा सकते हैं।

और पढ़ें: कालिंजर दुर्ग – धर्म और इतिहास, दोनों से है इसका बड़ा गहरा नाता

डच सेना को लगा था होगा कि वे आसानी से मार्तंड को हराकर अपना राज फिर कायम कर लेंगे। लिहाज़ा उन्होंने मार्तंड को ललकारने के लिए राजकुमारी इलायादथु स्वरुपम को वहां के शासक के रूप में नियुक्त कर दिया। इस तरह कोट्टाराकारा और डच की सेना ने मिलकर मार्तंड वर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मगर दोनों सेना मिलकर भी उन्हें हरा नही पाई। परिणाम यह हुआ कि त्रावणकोर सेना ने उन्हें बहुत बुरी तरह से मात दे दी। मार्तंड वर्मा और उनकी सेना ने न सिर्फ उन्हें हराया बल्कि कोट्टाराकारा रियासत को त्रावणकोर में मिला दिया। इसके अलावा डच सेना को कोच्चि तक खदेड़ दिया और उन्होंने डचों द्वारा कब्ज़े में लिए गए सारे इलाकों को भी अपने अधीन कर लिया।

आपको बता दें कि 1740 में डच सेना ने इस युद्ध में कोलाचेल (आज का कन्याकुमारी) में तीन दिन तक नेवल बमबारी की थी। सीलोन से 400 समुद्री जहाज़ मालाबार तट की और रवाना किये गए थे और डच सेना ने कोलाचेल को अपना ठिकाना बनाया था, जोकि मार्तंड  वर्मा की राजधानी से सिर्फ 13 किलोमीटर दूर था। उनके इस चाल का जवाब देते हुए मार्तंड वर्मा ने अपनी 10 हज़ार की सेना के साथ डच सेना को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। कोलाचेल में वर्मा की जीत का एक ये भी कारण था कि वहां के स्थानीय मछुआरों ने भी इस लड़ाई में उनकी बहुत मदद की थी। 10 अगस्त, 1741 को मार्तंड वर्मा ने डचों पर विजय हासिल की और उन्हें खदेड़ दिया और इस तरह भारत के इतिहास में मार्तंड वर्मा ऐसे पहले नायक के रूप में दर्ज हो गए, जिन्होंने उपनिवेशवाद को न सिर्फ चुनौती दी बल्कि उनकी भारत में जड़े जमाने की पहली कोशिश को भी नाकाम कर दिया था। परंतु इस विजय गाथा से न केवल केरल को अपितु संपूर्ण भारत को दशकों तक वंचित रखा गया। हमें बताया ही नहीं गया कि ऐसे भी नायक थे पर अब और नहीं!

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: कोलाचेल युद्धडचमार्तंड वर्मा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पल्टी मारना नीतीश कुमार की आदत है, लेकिन बीजेपी ने स्वयं को अपरिपक्व पार्टी साबित किया है

अगली पोस्ट

भाजपा के लिए फायदेमंद है नीतीश कुमार का अलग होना

संबंधित पोस्ट

एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?
ज्ञान

एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

13 October 2026

एस्ट्रोटॉक भारत का लोकप्रिय ज्योतिषी प्लेटफॉर्म है, जो विशेषकर राशिफल, कुंडली, कुंडली मिलान, लव कैलकुलेटर, दोष कैलकुलेटर, पंचांग और ज्योतिष परामर्श के लिए जाना जाता...

नील विद्रोह
इतिहास

“नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

2 October 2026

हमारे देश में अनेक आंदोलन हुए, जिनका दर्द आज भी भारतीयों की रगों में जिंदा है। कुछ आंदोलन ऐसे हैं, जो बिना तोप ताने और...

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….
इतिहास

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

2 October 2026

वो कहते हैं “दुर्घटना से देर भली”। आज भारत की आक्रामकता से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है। परंतु स्वतंत्रता के पश्चात प्रारम्भिक दो दशकों में...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited