TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत में पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल

    भारत में पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल: 17 फरवरी को कुतुब मीनार में होगा आयोजन

    पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को कहा “मेरे प्रिय मित्र, आपका स्वागत है

    पीएम मोदी ने मुंबई बैठक से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का किया हार्दिक स्वागत

    Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई

    Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई, RTI कमजोर करने का आरोप

    Amit Shah ने 10 नई परियोजनाओं की शुरुआत

    Amit Shah ने 10 नई परियोजनाओं की शुरुआत की, Delhi Police की 79वीं रेजिंग डे परेड में हुए शामिल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत में पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल

    भारत में पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल: 17 फरवरी को कुतुब मीनार में होगा आयोजन

    पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को कहा “मेरे प्रिय मित्र, आपका स्वागत है

    पीएम मोदी ने मुंबई बैठक से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का किया हार्दिक स्वागत

    Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई

    Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई, RTI कमजोर करने का आरोप

    Amit Shah ने 10 नई परियोजनाओं की शुरुआत

    Amit Shah ने 10 नई परियोजनाओं की शुरुआत की, Delhi Police की 79वीं रेजिंग डे परेड में हुए शामिल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

शरत चंद्र चटोपाध्याय: एक ओवररेटेड साहित्यकार, जिन्होंने ‘लवर्स’ को ‘FOSLA का रोग’ लगा दिया

FOSLA यानी फ्रस्ट्रेटेड वन साइडेड लवर्स एसोसिएशन

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
16 September 2022
in ज्ञान
शरत चंद्र चटोपाध्याय

Source- Google

Share on FacebookShare on X

प्रेम माने निश्छल समर्पण, प्रेम माने त्याग

प्रेम यह तो बिल्कुल नहीं है कि वो मेरी नहीं तो किसी की नहीं

या प्रेम यह भी नहीं है कि किसी के पीछे आप स्वयं को नष्ट कर लो

परंतु जहां गोस्वामी तुलसीदास जी तनिक रुक गए, उससे मीलों आगे एक लेखक निकल गया और दुर्भाग्यवश आज उसे भारतीय साहित्य का एक आधारस्तंभ माना जाता है। जिसे अपमानित किया जाना और दुरदुराया जाना चाहिए, उसकी न केवल बुद्धिजीवियों अपितु विद्यार्थियों और फ़िल्मकारों द्वारा अनावश्यक प्रशंसा की जाती है और इसी की देन है FOSLA संघ।

FOSLA नहीं जानते? विद्यालय या कॉलेज में उन लौंडो को देख लीजिए, जिन्हें देख कर कोई कन्या तनिक भी मुस्कुरा दे या उसकी एक दृष्टि पड़ते ही वे ऐसे हिनहिनाने लगे, मानो अगला विश्व युद्ध यही जीतेंगे, तो समझ जाइए ये उसी FOSLA संघ के एक महत्वपूर्ण भाग हैं यानी फ्रस्ट्रेटेड वन साइडेड लवर्स एसोसिएशन (जिसका एक प्रमाण जॉन अब्राहम ने एक विलन रिटर्न्स में भी देने का प्रयास किया) और इस संघ के रचयिता है बंगाल साहित्य के सबसे घटिया कृति, जी हां, सबसे घटिया कृति, शरत चंद्र चट्टोपाध्याय।

संबंधितपोस्ट

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की रचनाओं का संकलन ‘रोचक बाल कहानियाँ’ बच्चों के लिए है उत्कृष्ट रचना

भारतेंदु हरिश्चंद्र: अंग्रेजी शासन को आइना दिखाने वाले राष्ट्रवादी साहित्यकार जिन्होंने लेखनी से क्रांति की अलख जगाई

सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” – हिन्दी साहित्य के आधारस्तंभ

और लोड करें

चौंक गए क्या? यह वही शरत चंद्र चट्टोपाध्याय हैं, जिनकी परिणीता और देवदास को टीप टीप कर जाने कितने फिल्मकार और कलाकार अपनी जेबें और घर चमका चुके हैं, चाहे पंजाबी हो, बांग्ला हो या हिन्दुस्तानी फिल्म उद्योग हो, जिसे कुछ लोग बॉलीवुड भी कहते हैं। इस महा मनहूस आदमी का जन्म सितंबर 1876 में हुगली के देवानंदपुर जिले में हुआ था। इनका परिवार धनाढ्य था परंतु इनके जन्म के पश्चात कुछ समीकरण ऐसे बैठे कि इनके पिता अपने वित्तीय निर्णयों में भूल करने लगे और इसीलिए उनका परिवार एक समय निर्धनता के मुहाने पर आने लगा।

और पढ़ें: मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरय्या: एक युगपुरुष जिन्होंने इंजीनियरिंग की परिभाषा ही बदल कर रख दी

कथाशिल्पी शरत चंद्र चटोपाध्याय के प्रसिद्ध पात्र देवदास, श्रीकान्त, सत्यसाची, दुर्दान्त राम आदि के चरित्र को झांके तो उनके बचपन की शरारतें सहज दिख जाएंगी। जब वो भागने लायक उम्र के हुए तो जब-तब पढ़ाई-लिखाई छोड़कर भाग निकलते थे। इसपर कोई विशेष शोर नहीं मचता था पर जब वह लौटकर आते तो उन्हें मार पड़ती थी। सौ बात की एक बात, प्रारंभ से शरत चंद्र चटोपाध्याय गंभीर स्वभाव के नहीं थे।

उसी समय उन्होंने भागलपुर की साहित्य-सभा की स्थापना की। सभा का मुखपत्र हस्तलिखित मासिकपत्र ‘छाया’ था। इन्हीं दिनों उन्होंने “बासा” (घर) नाम से एक उपन्यास लिख डाला पर यह रचना प्रकाशित नहीं हुई। उनकी कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही रह गई। मतलब शरत चंद्र बिल्कुल अपने उपन्यास के किरदारों की भांति रहे, अधूरे, अजीब, बेजान, लद्धड़ और सबसे बड़े भटके हुए नौटंकी। निस्संदेह मुंशी प्रेमचंद कोई बहुत बड़े तोप नहीं थे परंतु उन्होंने कम से कम अपनी शिक्षा तो पूरी की और विकट परिस्थितियों में भी जीवटता का प्रमाण दिया।

उसी समय बिभूतिभूषण भट्ट के घर से शरत चंद्र चटोपाध्याय ने एक साहित्यसभा का संचालन किया जिसके फलस्वरूप उन्होंने बड़ी दीदी, देवदास, चन्द्रनाथ, शुभदा इत्यादि उपन्यास एवं अनुपमा का प्रेम, आलो ओ छाया, बोझा, हरिचरण इत्यादि गल्प की रचना की। उसी समय उन्होंने बनेली एस्टेट में कुछ दिनों तक नौकरी की। किन्तु वर्ष 1900 में पिता से नाराजगी के कारण वो संन्यासी वेष में घर छोड़कर चले गए। तभी उनके पिता की मृत्यु भी हो गयी और उन्होने भागलपुर वापस आकर पिता का श्राद्ध किया और उसके बाद 1902 में अपने मामा लालमोहन गंगोपाध्याय के पास कलकत्ता आ पहुंचे, जो कलकत्ता उच्च न्यायालय के वकील थे। उनके ही घर रहकर वो हिन्दी पुस्तकों का अंग्रेजी अनुवाद करने लगे जिसके लिए उन्हें तीस रूपए प्रतिमाह मिलते थे। उसी समय उन्होंने ‘मन्दिर’ नाम का एक गल्प लिखकर ‘कुन्तलीन’ नामक प्रतियोगिता में भेजा, जिसमें वो विजयी घोषित हुए। उनकी मृत्यु हुई या यूं कहिए भारत को घटिया साहित्य के इस बोझ से तब मुक्ति मिली, जब 16 जनवरी 1938 को वो पृथ्वी लोक से सिधारे।

शरत चंद्र चटोपाध्याय को भारतीय साहित्य के क्षेत्र में उच्च स्थान दिया जाता है परंतु उनका वास्तव में वही स्थान है, जो सआदत हसन मंटो का है यानी मुंह से मूंगफली नहीं टूटी पर बातें उंगली से नारियल तोड़ने की करते। कहने को शरत चंद्र के उपन्यासों के कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुए हैं लेकिन उनके एक भी उपन्यास में न कोई रोचक तथ्य है और न ही कोई ऐसा बिन्दु, जो दर्शक को अपने जीवन या अपनी संस्कृति से जोड़े रखे। उल्टे इस व्यक्ति ने देश को वोक संस्कृति से तब इन्ट्रोड्यूस कराया, जब लोग शायद इसे जानते भी नहीं होंगे। मैं शायद थोड़ा फेंक रहा होऊंगा परंतु हो सकता है कि कहीं न कहीं तेलुगु फिल्म ‘श्याम सिंघा रॉय’ इसी महान आत्मा पर आधारित है!

और पढ़ें: गुमनायक नायक: बंगाल के ‘वास्तविक टाइगर’ बाघा जतिन की कहानी

‘चरित्रहीन’ को जब उन्होंने लिखा, तब उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा था क्योंकि उसमें उस समय की मान्यताओं और परंपराओं को चुनौती दी गयी थी। उन्होंने सुन्दरता की जगह कुरूपता को अधिक प्रमुखता दी और इसी कारण उनकी रचनाएं आज भी प्रासंगिक लगती हैं। कहा जाता है कि उनके पुरुष पात्रों से उनकी नायिकाएं अधिक बलिष्ठ हैं। शरत चंद्र चटोपाध्याय की जनप्रियता उनकी कलात्मक रचना और नपे तुले शब्दों या जीवन से ओतप्रोत घटनावलियों के कारण नहीं है बल्कि उनके उपन्यासों में नारी जिस प्रकार परंपरागत बन्धनों से छटपटाती दृष्टिगोचर होती है, जिस प्रकार पुरुष और स्त्री के सम्बन्धों को एक नए आधार पर स्थापित करने के लिए पक्ष प्रस्तुत किया गया है, उसी से शरत चंद्र को जनप्रियता मिली।

उनकी रचना कहने को हृदय को बहुत अधिक स्पर्श करती है, जबकि वास्तव में वह केवल लोगों को सर खुजाने और बाल नोचने पर विवश करती है। भई, मुंशी प्रेमचंद कोई बहुत लेजेंडरी कहानियां नहीं लिखते थे परंतु वो इतनी सरल शब्दावली में ऐसे अपनी कहानियों को रचते थे कि कोई भी खाते पीते उसे पढ़ सकता है। उनके कथा के मानसरोवर में विविधता का सागर था।

कहा जाता है कि शरत बाबू ने समाज द्वारा अनसुनी रह गई वंचितों की पीड़ा और आर्तनाद को परखा और यह जाना कि जाति, वंश और धर्म आदि के नाम पर एक बड़े वर्ग को मनुष्य की श्रेणी से ही अपदस्थ किया जा रहा है। लेकिन अगर ऐसा होता तो वो राष्ट्र के सबसे लोकप्रिय हिन्दी साहित्यकार बनते, केवल बंगाल और चंद बुद्धिजीवियों के नहीं। ये बात कुछ लोगों के लिए ‘शब्द बयां’ समान होंगी परंतु सत्य किसी के लिए काजू कतली रहा ही कब था?

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: FOSLAदेवदासशरत चंद्र चटोपाध्यायहिंदी साहित्य
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

YouTube जल्द ही एक सशुल्क उत्पाद बनने जा रहा है और यह एक शानदार कदम है

अगली पोस्ट

अफगानिस्तान में अमेरिका को दुलत्ती, भारत की जी-हुजूरी क्यों हो रही है?

संबंधित पोस्ट

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग
इतिहास

ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

14 February 2026

भारत एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है, केंद्र सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग (अंडरवॉटर टनल) बनाने को...

के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक
इतिहास

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

29 January 2026

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मदप्पा करियप्पा, जिन्हें प्यार से के.एम. करियप्पा कहा जाता है, भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ और राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण...

10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं
इतिहास

इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

28 January 2026

होलोकॉस्ट एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नरसंहार था, जिसे 1933 से 1945 के बीच नाजी जर्मनी ने एडॉल्फ़ हिटलर के नेतृत्व में अंजाम दिया। इसका मूल कारण...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited