TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण

    तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    उड़ीसा सरकार ने तंबाकू और पान पर बैन लगा दिया है।

    ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: गुटखा, पान मसाला और तंबाकू पर पूरे राज्य में बैन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण

    तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    उड़ीसा सरकार ने तंबाकू और पान पर बैन लगा दिया है।

    ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: गुटखा, पान मसाला और तंबाकू पर पूरे राज्य में बैन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

हिमाचल में भाजपा की जीत तय है, लेकिन यह बहुत मामूली होगी

कारण हैं जयराम ठाकुर!

TFI Desk द्वारा TFI Desk
18 October 2022
in राजनीति, समीक्षा
Himachal Pradesh Election 2022
Share on FacebookShare on X

Himachal Pradesh Election 2022: चुनावों का मौसम आ गया है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने हिमाचल प्रदेश में चुनावों का ऐलान कर दिया हैं। पहले संभावनाएं थीं कि हिमाचल के साथ ही गुजरात चुनावों की तारीखें भी तय हो जाएगी, परंतु ऐसा हुआ नहीं। चुनाव आयोग ने अभी केवल हिमाचल प्रदेश की तारीखों की ही घोषणा की हैं। यहां भाजपा के सामने सत्ता बचाने की चुनौती है। दूसरी ओर कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ किसी सत्ता विरोधी लहर की उम्मीद लगाए बैठी हैं। अहम बात तो यह है अनुराग ठाकुर और जेपी नड्डा के गृह राज्य में भाजपा की अपनी स्थिति तो काफी मजबूत है, परंतु यहां भाजपा के लिए कुछ समस्याएं भी है, जिसमें सबसे बड़ी जो दिक्कत है मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर। संभावनाएं है कि हिमाचल में परिणाम तो भले ही भाजपा के पक्ष में ही जाएंगे और पार्टी चुनावों में जीत हासिल करने में कामयाब रहेगी, परंतु इसका अंतर बेहद ही कम होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो कांग्रेस हारेगी नहीं बस अपनी खामोशी के चलते राज्य में सत्ता प्राप्त करने से दूर रह जायेगी।

और पढ़े: उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी, अपनी विरासत,अपना चुनाव चिह्न खो दिया और अब वो एक कम्युनिस्ट बन चुके हैं

संबंधितपोस्ट

जंगलराज बनाम सुशासन की वापसी! बिहार में बीजेपी का शब्द वार, ‘महालठबंधन’ की छवि को ध्वस्त करने की सुनियोजित रणनीति

जेपी नड्डा के घर ‘डिनर’ से शुरू- पीएम मोदी के घर ‘डिनर’ पर खत्म: भाजपा सांसदों की ‘क्लास’ में क्या है ख़ास ?

जोधपुर में आरएसएस की बड़ी बैठक, बीजेपी के लिए क्यों मानी जा रही है खास

और लोड करें

हिमाचल चुनाव पर सर्वे

कुछ दिनों पूर्व ही चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा (Himachal Pradesh Election 2022) की हैं। राज्य में 12 नवंबर को वोटिंग होने वाली है और 8 दिसंबर को चुनाव के नतीजे घोषित होंगे। हिमाचल प्रदेश चुनाव को लेकर मीडिया संस्थानों ने अनेकों ओपिनियन पोल्स किये गये हैं, जिसमें भविष्यवाणी की जा रही है कि राज्य में भाजपा की एक बार फिर सरकार बनाने जा रही है। उदाहरण के लिए एबीपी सीवोटर के सर्वे के अनुसार राज्य में बीजेपी को 38-46 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस के खाते में 20-28 सीटें और आम आदमी पार्टी को 0-1 सीट मिलने की भविष्यवाणी इस पोल के माध्यम से की गयी हैं। वहीं अन्य को 0-3 सीट मिल रही हैं।

शुरुआत में तो आम आदमी पार्टी ने अन्य राज्यों की तरह ही हिमाचल में भी अपने पैर पसारने के प्रयास कए। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव में भाजपा के विरुद्ध उतरने की कोशिश की थी परंतु फिर शायद उन्हें यह समझ आ गया था कि वे यहां नहीं टिक पाएंगे। जिस कारण अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का पूरा फोकस गुजरात चुनावों की तरफ चला गया। अब बात हिमाचल की वर्तमान स्थिति की करें तो यह तय दिख रहा है कि भाजपा यहां सरकार तो भले ही बना लेगी लेकिन अहम बात यह है कि पार्टी को यहां सत्ता तक पहुंचने के लिए थोड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती हैं।

और पढ़े: चुनावी राज्यों में जाने से डरते हैं राहुल गांधी? ‘भारत जोड़ो यात्रा’, एक पिकनिक यात्रा है?

कांग्रेस की खामोशी ही उसे हरायेगी

पहले कांग्रेस की बात करें तो उसकी स्थिति राज्य में बेहद ही खराब हैं। पार्टी ने राज्य का प्रभार कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को सौंपा हैं। परंतु ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश के बाद हिमाचल में भी कांग्रेस की नैया डुबाने की तैयारी में है। जिस दिन Himachal Pradesh Election 2022 का ऐलान हुआ प्रियंका हिमाचल में ही थीं लेकिन वे वहां कब तक रहेंगी यह कहना काफी मुश्किल है। प्रियंका दीदी को यहां अनेकों मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि यूपी में हार झेलने वाली प्रियंका के लिए हिमाचल की चुनौती काफी बड़ी है। वहीं पार्टी के पास राज्य में बड़ा नेता नहीं बचा है जिसकी पकड़ यहां मजबूत पकड़ हो।

कांग्रेस ने भले ही प्रियंका को प्रभार दिया है लेकिन यह माना जा रहा है कि वे यहां दिलचस्पी दिखाने वाली नहीं हैं। इसके अलावा पिछले चार वर्षों सालों की बात करें तो पार्टी के स्थानीय से लेकर किसी केंद्रीय नेता तक ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखायी है। कांग्रेस की यह खामोशी ही बीजेपी की सत्ता पर बने रहने की सबसे बड़ा कारण बनने वाली है।

बीजेपी की केंद्रीय कमेटियों से लेकर अनुराग ठाकुर और जेपी नड्डा के दौरों ने यहां बीजेपी के लिए माहौल बना रखा है वरना वे भी यहां बड़ी मुश्किल का सामना कर रही हैं। हम लगातार बीजेपी की मुश्किल का उल्लेख कर रहे हैं लेकिन समस्या आखिर हैं क्या? तो आपको बता दें कि यह मुश्किल “रघुवर दास सिंड्रोम” हैं। पार्टी ने पिछले चुनावों में शानदार जीत हासिल के बाद सीएम की कुर्सी पर जयराम ठाकुर को बैठाया था। वहीं समस्या यह है कि भले ही जयराम ठाकुर एक अच्छे प्रशासक हों लेकिन उनकी कोई अपनी करिश्माई छवि नहीं बना पाये है। वे एक औसत दर्ज के नेता माने जाते हैं जिन्हें अधिक कोई नहीं जानता है। देखा जाये तो जयराम ठाकुर वो काबिलियत नहीं रखते जिससे अकेले अपने दम पर वे पार्टी को चुनावों में जीत हासिल करवा दें।

और पढ़े: Woke वायरस से भाजपा हुई संक्रमित, कहीं चुनाव में भुगतना न पड़ जाए

जीत तो जायेगी भाजपा, लेकिन…

ऐसा ही कुछ झारखंड में भी था। वर्ष 2014 में झारखंड में विधानसभा चुनाव जीतने के पश्चात भाजपा ने रघुवर दास को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी थीं और वे अपने पांच सालों के कार्यकाल के दौरान अपनी छवि नहीं बनाने में कामयाब नहीं हो पाए, जिसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ा। इस कारण 2019 के चुनावों में पार्टी के हाथों से मुख्यमंत्री की कुर्सी छिन गयीं। हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर को भी इसी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि राज्य में जेजेपी के साथ पार्टी सरकार बनाने में तो सफल हो गयीं, परंतु वे करिश्मा भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की “चाणक्य नीति” ने किया था। ऐसे में यह माना जा रहा है कि हरियाणा की तरह ही भाजपा अपनी सरकार तो बना लेगी लेकिन जयराम ठाकुर के कारण ही भाजपा एक बड़ी जीत सुनिश्चित करने में कामयाब नहीं हो पायेगी।

ऐसे में मौजूदा स्थिति को देखते हुए हम यह भी कह सकते हैं कि हिमाचल विधानसभा चुनावों में भाजपा कांग्रेस को नहीं हरा पाएगी बल्कि कांग्रेस अपनी चुनावी खामोशी के चलते हार जाएगी। वहीं भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के दम पर हिमाचल पर एक बार फिर अपना कब्जा आसानी से जमाने में कामयाब हो पायेगी।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: BJP in Himchal Pradesh ElectionHimachal Pradesh Electionजयराम ठाकुरजेपी नड्डाहिमाचल प्रदेश चुनाव 2022
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अमेरिकियों को RRR पसंद आई क्योंकि यह एक जबरदस्त ‘एंटी-वोक’ फिल्म है

अगली पोस्ट

नूतन, हेमा मालिनी और सुलक्षणा– संजीव कुमार की ‘दुखद प्रेम कहानी’ का ये है पूरा सत्य

संबंधित पोस्ट

तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है
चर्चित

डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

23 January 2026

किसी मनुष्य का आग में जल जाना ऐसा दृश्य है जिसकी आँच इतनी भयावह और तीव्र होती है कि वह सरकार की सबसे सख्त सेंसरशिप...

रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण
भारत

तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

23 January 2026

चुनावी माहौल वाले केरल में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तिरुवनंतपुरम रैली के दौरान एक भावुक और प्यारा पल देखने को मिला। रैली में...

भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति
राजनीति

नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

23 January 2026

पिछले कुछ वर्षों में, दुनिया ने पश्चिम और उभरती ताकतों जैसे भारत के बीच बढ़ते तनाव को देखा। दशकों तक, अमेरिका और यूरोप के नेतृत्व...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited