TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मोदी सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विपक्षी नेता CBI, ED और ECI जैसी केंद्रीय एजेंसियों का सम्मान करें

एजेंसियों को बदनाम करने की आदत को बदलने की जरूरत!

TFI Desk द्वारा TFI Desk
28 October 2022
in मत, राजनीति
cbi ed
Share on FacebookShare on X

“न खाऊंगा, न खाने दूंगा”, नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में देश की सत्ता संभालते हुए अपने इरादे जनता के सामने स्पष्ट कर दिए थे। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद लगने लगा था कि अब भ्रष्टाचारियों, रिश्वतखोरों के ‘बुरे दिन’ शुरू होने वाले हैं, उनकी शामत आने वाली हैं। और हुआ भी कुछ इसी प्रकार। 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद देश में भ्रष्टाचारियों और अपराधियों के खिलाफ जांच एंजेसियां लगातार ताबड़तोड तरीके से एक्शन ले रही हैं, जिससे सबसे अधिक बौखलाई विपक्षी पार्टियां ही नजर आती हैं, क्योंकि सरकार द्वारा एजेंसियों को खुली छूट मिलने के बाद भष्ट्र नेताओं को चुन-चुनकर बाहर निकाला जा रहा है। जिसके चलते बौखलाए विपक्ष के द्वारा जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का ट्रेंड सा बना लिया है।

जैसा कि आप देख रहे होंगे पिछले कुछ सालों में चाहे वो सीबीआई हो या ईडी जब वे अपना काम करते हुए किसी नेता पर शिकंजा कसती हैं तो विपक्ष अपनी सुविधा अनुसार इन जांच एंजेसियों पर सरकार के इशारों पर काम करने के आरोप लगा देते हैं। यह इनकी आदत सी ही बन गई है कि कुछ भी हो मोदी सरकार के इशारों पर हुआ है यह कहकर मामले से ही लोगों का ध्यान भटका दो। विपक्षी पार्टियों के द्वारा न केवल सीबीआई, ईडी और ECI जैसी एजेंसी पर प्रश्न खड़े किये जाते हैं, बल्कि इसके साथ ही वे तो इन पर ऐसे आरोप तक लगा देती है, जिसका कोई आधार तक नहीं होता।

संबंधितपोस्ट

एम.के. स्टालिन ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल, ईरानी युद्धपोत डूबने पर जताई गहरी चिंता

पीएम मोदी ने दिल्ली मेट्रो को दी नई रफ्तार, दो कॉरिडोर शुरू और तीन नई लाइन की नींव रखी

AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

और लोड करें

और पढ़े: मनीष सिसोदिया पीते बहुत हैं

चुनाव आयोग ने अखिलेश से सबूत दिखाने को कहा

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ऐसा ही कुछ किया था। अखिलेश ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची से यादव और मुस्लिम वोटर्स को घटाने के गंभीर आरोप लगाये थे। इन्हीं आरोपों को लेकर अब चुनाव आयोग के द्वारा अखिलेश को एक नोटिस भेजा गया है।   चुनाव आयोग ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को नोटिस जारी कर उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के सबूत मांगे है। आयोग ने कहा कि सपा अध्यक्ष इस संबंध में 10 नवंबर तक सबूत उपलब्ध करवाएं। आपको बता दें कि अखिलेश यादव ने 29 सितंबर को आरोप लगाते हुए कहा था कि चुनाव आयोग ने भाजपा के पन्ना प्रमुखों के निर्देश पर हर विधानसभा क्षेत्र से 20 हजार यादव-मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची हटा दिए हैं। कुछ लोगों को तो एक बूथ से दूसरे बूथ पर ट्रांसफर कर दिया गया। अखिलेश ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में जो सरकार बनी वो जनता की बनायी हुई नहीं है। यह सरकार छीनी हुई है। यूपी में पूरी की पूरी मशीनरी लगाकर जनता की बनायी हुई सरकार छीन ली गई है।

कुछ पार्टियां ऐसी होती हैं जो जनता के निर्णय को मानते हुए अपनी हार स्वीकार नहीं करती। जब चुनाव के परिणाम उनके पक्ष में नहीं आते तो वो अपनी हार का पूरा का पूरा ठीकरा यूं चुनाव आयोग पर फोड़ने के प्रयास करती हैं। अखिलेश ने भी ऐसा ही कुछ किया। परंतु इस तरह के आरोप काफी संगीन है, क्योंकि इससे चुनाव आयोग की विश्वनीयता को बड़ा खतरा पैदा होता है। यही कारण है कि चुनाव ने अब अखिलेश को नोटिस जारी कर इस संबंध में 10 नवंबर तक सबूत पेश करने को कहा है।

चुनाव आयोग के अतिरिक्त सीबीआई और ईडी जैसी जांच एजेंसियों पर भी सवालिया निशान यह विपक्षी पार्टियां आए दिन खड़े करती नजर आ ही जाती हैं। जिस तरह से राजनीतिक भ्रष्टाचार के मामलों में जांच एजेंसियों ने सक्रियता दिखाई है और लगातार एंजेसियों द्वारा छापेमारी की जा रही है, तब से विपक्ष पूरी तरह से तिलमिला उठा हैं।

सिसोदिया ने लगाये थे सीबीआई पर गंभींर आरोप

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के विरुद्ध भी सीबीआई ने किस प्रकार बड़ा एक्शन लेते हुए उन पर शिंकजा कस रही है, वे तो सभी के सामने हैं। दिल्ली में विवादित आबकारी नीति आम आदमी पार्टी सरकार के गले की फांस बनती चली जा रही हैं। सीबीआई पिछले कुछ महीनों से लगातार उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ जांच कर रही हैं। सीबीआई ने डिप्टी सीएम के घर से लेकर उनके दफ्तर और बैंक के लॉकर्स तक खंगाल डाले। इसके बाद सीबीआई ने उन्हें पूछताछ के लिए भी बुलाया था। मनीष सिसोदिया पूछताछ के लिए गए भी परंतु जैसी नौटंकी कांग्रेस किसी जांच में घिरने के बाद करती है, ठीक उसी तरह की नौटंकी मनीष सिसोदिया ने भी की। इस दौरान आम आदमी पार्टी ने सीबीआई पर कई आरोप लगाते हुए मामले को काफी तूल देने की कोशिश की।

यहां तक तो ठीक था। परंतु मनीष सिसोदिया ने सीबीआई पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह तक कह दिया था कि बीजेपी ऑपरेशन लोटस को सफल बनाने के लिए इस तरह के केस लगा रही हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई दफ्तर के अंदर अधिकारी उनसे केस को लेकर पूछताछ नहीं कर रहे थे बल्कि बार-बार केजरीवाल का साथ छोड़ बीजेपी में शामिल होने का दबाव बना रहे थे। सीधे तौर पर कहें तो सीबीआई पर भाजपा के लिए काम करने का आरोप तक मनीष सिसोदिया ने लगा दिया था। किसी भी संवैधानिक जांच एजेंसी पर इस तरह का आपत्तिजनक आरोप लगाना संस्था की छवि को धूमिल कर सकता है। इसको लेकर सीबीआई को सामने आना पड़ा था और इस मुद्दे पर बयान तक जारी करना पड़ा कि ऐसा कुछ भी नहीं है।

देखा जाये तो सीबीआई की कोई भी पूछताछ यूं हवा में तो होती नहीं हैं, बल्कि उसका एक-एक शब्द रिकॉर्ड किया जाता है और यह रिकॉर्ड यदि सामने आ गया तो सिसोदिया का क्या होगा, यह कहा नहीं जा सकता। केवल सिसोदिया ही क्यों अन्य पार्टियों के नेता देखेंगे तो वो भी इसी प्रकार से इन एजेंसियों पर सवाल उठाने लगती हैं। यदि TMC के किसी नेता के खिलाफ सीबीआई या ईडी कारवाई करे तो ममता बनर्जी चिल्लाने लगती हैं। गांधी परिवार को पूछताछ के लिए बुलाया जाए तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर तमाशा करने लगती हैं। इस दौरान इन सभी पार्टियों का एक ही आरोप होता है कि यह सबकुछ मोदी सरकार के इशारों पर हो रहा है।

और पढ़े: लालू के लाल अब खाएंगे जेल की दाल, CBI ने लपेट लिया

एजेंसियों को बदनाम करना ट्रेंड बन गया है

देखा जाए तो 2014 के बाद से सुस्त पड़ी प्रवर्तन निदेशालय (ED) सक्रिय हो गया और भ्रष्टाचार पर ताबड़तोड़ प्रहार कर रहा है। बेशक भष्ट्राचार की जड़ों को उखाड़ना शायद संभव न हो परंतु इस पर अंकुश लगाने के प्रयास अवश्य किए जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से ईडी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि ईडी की कार्रवाई से देश के कई बड़े राजनेताओं की पोल जो खुली हैं। बीते दिनों प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल हेराल्ड मामले में देश में कई जगहों पर छापेमारी की थीं। ईडी ने नेशनल हेराल्ड केस में हाल ही में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछताछ की थी, जिससे तिलमिलाए कांग्रेसियों ने ईडी की कार्रवाई के खिलाफ देशभर में सत्याग्रह किया था। वहीं बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तक देश में कई जगहों पर ईडी की कार्रवाई देखने को मिल चुकी हैं।

जहां ट्रेंड को देखते हुए ही जिन पार्टियों के नेताओं पर कार्रवाई हुई उन्होंने ईडी पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिया और एजेंसी पर सरकार के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया। पश्चिम बंगाल में जब ममता के भष्ट्र नेताओं पर ईडी का शिकंजा कसा तो खुद ममता बनर्जी उनके बचाव में खड़ी हो गई और उन्होंने टीएमसी की कार्यकर्ताओं को भड़काना शुरू कर दिया। ममता ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर केंद्रीय एजेंसी के लोग उनके दरवाजे तक पहुंचते हैं तो वे सड़कों पर उतरें। ममता बनर्जी की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई जब राज्य में पार्थ चटर्जी, अर्पिता बनर्जी और अनुब्रत मंडल पर केंद्रीय एजेंसी ने कार्रवाई की थी।

और पढ़े: नेशनल हेराल्ड मामले पर ईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई राहुल-सोनिया के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं

जिस तरह से देश की संवैधानिक एजेंसियों और संस्थाओं पर आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने का जो ट्रेंड चल रहा है, वो कहीं न कहीं एंजेसियों के मनोबल को भी कम कर सकता है, जिसको लेकर कुछ न कुछ तो करने की जरूरत है। यह सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि विपक्षी पार्टियां केंद्रीय एजेंसियों का सम्मान करें। सरकार को ऐसा कोई सख्त कदम उठाने की आवश्कता है, जिससे इन एजेंसियों और संस्थाओं पर लोगों का विश्वास कम न हो और उनका मनोबल भी बना रहें।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: CBI ActionManish Sisodia Allegation on CBIModi governmentOpposition on CBI & ED Actionsपीएम मोदीमोदी सरकार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पीएम मोदी का यह नया प्लान Caravan, The Wire समेत प्रोपेगेंडा मंडली की रातों की नींद उड़ा देगा

अगली पोस्ट

आधार का विलोम शब्द एवं पर्यायवाची

संबंधित पोस्ट

फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?
चर्चित

फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

2 May 2026

भारतीय चुनाव प्रणाली दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। इस विशाल मशीनरी को सुचारू रूप से चलाने के लिए चुनाव आयोग (ECI) ने कई...

ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया
चर्चित

ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

2 May 2026

नरेंद्र मोदी सरकार ने 81,000 करोड़ रुपये की 'ग्रेटर निकोबार परियोजना' का डेटा के साथ कड़ा बचाव किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना...

सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक
राजनीति

सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

2 May 2026

AAP छोड़ने के कुछ ही दिनों के भीतर गैर-जमानती FIR दर्ज होने से प्रतिशोध के आरोप लगे हैं; गिरफ्तारी के डर के बीच राज्यसभा सांसद...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited