TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रूस भी अब मानने लगा है PoK को भारत का अभिन्न अंग

पाकिस्तान तो बिलबिला ही जाएगा

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
19 October 2022
in विश्व
भारत का अखंड मानचित्र
Share on FacebookShare on X

भारत का अखंड मानचित्र: सत्य कहते हैं, मित्र वही है जो मित्र के काम आए। भई एक बात तो माननी पड़ेगी कि अगर कूटनीति एक खेल होती तो ये खेल क्रिकेट से तो दस गुना अधिक रोचक होता ही, लोकप्रियता में तो यह खेल कभी भी फुटबॉल को पराजित कर देता। इसी परिप्रेक्ष्य में रूस ने एक शक्तिशाली दांव खेला है जो न केवल भारत समर्थक है अपितु अमेरिका और उसके समर्थकों को एक स्पष्ट संदेश भी देता है।

इस लेख में जानेंगे कि कैसे रूस ने एक ही दांव से न केवल भारत के साथ अपनी मित्रता प्रगाढ़ की है अपितु पाश्चात्य जगत को भी एक स्पष्ट और कड़क संदेश भेजा।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

और पढ़ें- पाकिस्तान में जो बाजवा और शहबाज शरीफ नहीं कर पाया, राजस्थान में गहलोत ने कर दिया

भारत का अखंड मानचित्र

रूसी मीडिया एजेंसी हाल ही में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में रूसी मीडिया एजेंसी Sputnik ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा प्रारंभ की थी और फिर भारत का अखंड मानचित्र सामने आया –

Russia is the first major country to release the SCO map which shows the entire Jammu and Kashmir including PoK in India. 🔥 pic.twitter.com/HMF9NRSW0f

— Vivek Bansal (@ivivekbansal) October 18, 2022

तो इसमें महत्वपूर्ण क्या है? यहां महत्वपूर्ण है कि वर्तमान भारत का अखंड मानचित्र दिखाया गया है जहां कश्मीर के दोनों हिस्से भारत के ही हैं, उन्हें न तो विवादास्पद रूप में चित्रित किया गया है, और न ही उन्हें शत्रु देश के हवाले किया गया है। एक ओर जहां सम्पूर्ण जगत हमें एक शोषित, खंडित राष्ट्र के रूप में दिखाने को आतुर है, वहीं रूस अपनी मित्रता को कटिबद्ध रखते हुए हमारे अखंडता को अक्षुण्ण मानता है –

https://twitter.com/DhawanPrasant/status/1582436418990706693

परंतु आपको क्या प्रतीत होता है, ये केवल यहीं तक सीमित है? आपको स्मरण है उस अमेरिकी राजदूत की PoK यात्रा, जहां उस श्वेत मर्कट ने हमारे भूमि को ‘आजाद कश्मीर’ कहने का दुस्साहस किया था? किसी अमेरिकी राजनयिक की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की यह दूसरी हाई-प्रोफाइल यात्रा थी। इस साल की शुरुआत में अमेरिकी कांग्रेस महिला इल्हान उमर ने PoK का दौरा किया था। भारत ने तब भी कड़े शब्दों में इसका विरोध किया था। परंतु पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत डोनाल्ड ब्लोम ने PoK की अपनी यात्रा के दौरान PoK का उल्लेख एजेके यानी आजाद जम्मू और कश्मीर के रूप में किया। भारत ने अमेरिकी राजनयिक की यात्रा और PoK को आजाद कश्मीर के रूप में विवादास्पद संदर्भ पर संयुक्त राज्य अमेरिका को अपनी आपत्तियों से अवगत कराया है।

और पढ़ें- पाकिस्तान के प्रति अमेरिका का अथाह प्रेम एस जयशंकर के शब्दों को सत्य सिद्ध करता है

PoK भारत का हिस्सा

भारत ने 1994 में एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें कहा गया था कि PoK भारत का हिस्सा है और पाकिस्तान को अपने अवैध कब्जे को खाली करना चाहिए। कुछ महीने पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि “पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) भारतीय क्षेत्र का हिस्सा है और आगे भी रहेगा।

ऐसे में भारत ने पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत डोनाल्ड ब्लोम की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की यात्रा पर आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “अमेरिकी दूत की PoK में यात्रा और बैठकों पर हमारी आपत्तियों से अमेरिकी पक्ष को अवगत करा दिया गया है”।

बागची ने आगे ये भी कहा, “भारत तथाकथित सीपीईसी में परियोजनाओं का दृढ़ता से और लगातार विरोध करता है, जो भारतीय क्षेत्र में हैं जो पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है”। आधिकारिक बयान में कहा गया है, “ऐसी गतिविधियां स्वाभाविक रूप से अवैध, नाजायज और अस्वीकार्य हैं, भारत द्वारा उनके अनुसार व्यवहार किया जाएगा” –

और पढ़ें- पाकिस्तानी सेना ने डाल दिए कश्मीर पर हथियार, अमेरिका-जर्मनी

रूस का वर्तमान निर्णय महत्वपूर्ण

ऐसे में रूस का वर्तमान निर्णय और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। जिस समय अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष अपनी सनक में समूचे विश्व को उनके देश के विरुद्ध आक्रमण करने के लिए उकसा रहे हैं, ऐसे में पुतिन सुनिश्चित कर रहे हैं कि अपने देश को युद्ध के प्रकोप से बचाएं, और वे भारत के निष्पक्ष प्रयासों की प्रशंसा करने से कभी पीछे नहीं हटे। नवीन PoK का ये मामला रूस और भारत की गहरी मित्रता को दर्शाता है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (vladimir Putin) ने कुछ समय पूर्व पश्चिमी देशों विशेष रूप से अमेरिका पर जोरदार हमला बोला। पुतिन ने इस दौरान भारत का भी जिक्र किया, उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों ने भारत को लूटा है और अब वो रूस के विरुद्ध साजिश कर रहे हैं। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि रूस के पहले के नेताओं ने अमेरिका के बहकावे में आकर अपने सामरिक शक्ति को कम किया, जबकि दूसरे देश हथियारों के जखीरे वैसे ही बनाए रखे।

इतना ही नहीं, पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश रूस को उपनिवेश बनाना चाहते हैं। पश्चिमी देशों ने भारत जैसे देशों को लूटा है। रूस ने स्वयं को कॉलोनी नहीं बनने दिया। सोवियत संघ को फिर से बनाने के आरोपों पर पुतिन ने कहा कि रूस सोवियत संघ को फिर से बनाने का प्रयास नहीं कर रहा है। USSR अब नहीं है, हम अतीत को वापस नहीं ला सकते और रूस को अब इसकी आवश्यकता नहीं है।

वहीं भारत ने भी रूस के इस अद्वितीय सम्मान का भरपूर सत्कार किया है। कुछ ही समय पूर्व विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने पाश्चात्य जगत को धोते हुए स्मरण कराया कि रूस से उनकी निकटता विकल्प नहीं, विवशता थी, जिसके लिए पाश्चात्य जगत ही दोषी है।

और पढ़ें- जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर एक बार फिर अमेरिका की बैंड बजा दी

दूसरे देशों को नीचा दिखाने की नीति

पश्चिमी देशों की जो दूसरे देशों को नीचा दिखाने की नीति है उसका अंजाम आज उन्हें ही भुगतना पड़ रहा है। उन्हें लगा था कि यदि वे भारत की मदद नहीं करेंगे तो भारत कभी आर्थिक और रक्षा के क्षेत्रों में विस्तार ही नहीं कर सकेगा। इसके विपरीत भारत ने प्रत्येक मोर्चे पर अपना विराट स्वरूप अपनाया है और स्थितियां ऐसी हैं कि भारत जहां आर्थिक क्षेत्र में दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी महाशक्ति है तो वहीं रक्षा क्षेत्र में भारत के हथियार विदेशों द्वारा खरीदे जा रहे हैं। पश्चिम देशों की दिक्कत यह है कि रूस से भारत इतने हथियार क्यों खरीदता है।

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में जयशंकर ने यह भी कहा था कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से संबंध हैं जिसने निश्चित तौर पर भारत के हितों को साधा है। पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए जयशंकर ने कहा कि हमारे पास सोवियत और रूस निर्मित हथियार काफी अधिक हैं, इसके कई कारण हैं। आपको भी हथियार प्रणालियों के नफा-नुकसान पता हैं और इसलिए भी क्योंकि कई दशकों तक पश्चिमी देशों ने भारत को हथियारों की आपूर्ति नहीं की, बल्कि हमारे सामने एक सैन्य तानाशाह को अपना पसंदीदा साझेदार बनाया।

इससे पूर्व में भी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका में अपने एक बयान में अमेरिका को ही लताड़ लगा दी थी। एस जयशंकर ने अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों की ‘मजबूती’ पर सवाल उठाए थे और कहा था कि इस्लामाबाद के साथ वॉशिंगटन के संबंध ‘अमेरिकी हितों’ की पूर्ति नहीं करते हैं। जयशंकर ने कहा था कि यह एक ऐसा रिश्ता है जिससे न पाकिस्तान को लाभ हुआ और न ही अमेरिका को कुछ फायदा पहुंचा। अहम बात यह है कि कुछ हफ्तों पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को पलटते हुए पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमान के बेड़े के रखरखाव के लिए 45 करोड़ डॉलर की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। अमेरिका के फैसले पर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने अमेरिकी समकक्ष लॉयड ऑस्टिन के समक्ष चिंता जाहिर की थी।

और पढ़ें- पाकिस्तान के खजाने में जितना पैसा बचा था पाकिस्तानी आर्मी ने पूरा लूट लिया

1971 का युद्ध

अब बात भी गलत नहीं है, अगर इतिहास के पन्ने पलटे जाएं तो 1971 के युद्ध में जब भारत को अमेरिका की मदद चाहिए थी तो अमेरिका ने पाकिस्तान को मदद देना शुरू कर अपने जंगी जहाज उतारने का ऐलान किया था। वहीं इस मामले में रूस तुरंत कूदा और यह ऐलान कर दिया कि वो भी भारत की मदद के लिए अपने युद्धपोत भारतीय समुद्री क्षेत्र में भेजेगा। स्पष्ट है कि अमेरिका भारत के खिलाफ खड़ा था और रूस भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर। जाहिर है कि अमेरिका के साथ उस समय पश्चिमी देशों ने भी भारत का विरोध ही किया था।

ऐसे वक्त में भारत के लिए हथियारों की पूर्ति केवल रूस द्वारा ही होती थी। इसके चलते मिग जहाज से लेकर टैंक और युद्धपोत सभी की तकनीक में रूसी छाप है‌।‌ दूसरी ओर यदि पाकिस्तान को देखें तो उसे हमेशा भारत के विरोध में अमेरिका का साथ ही मिला है। एक अनुमान के मुताबिक साल 1948 से 2013 के बीच में अमेरिका ने पाकिस्‍तान को 30 अरब डॉलर की सहायता दी थी। इनमें से आधी सहायता पाकिस्‍तानी सेना के लिए थी। अमेरिका सोवियत संघ के खिलाफ पाकिस्‍तान को अपना घनिष्‍ठ सहयोगी मानता था। वहीं पाकिस्‍तान अमेरिका को भारत के खिलाफ काउंटर बैलेंस के रूप में देखता था। अमेरिका ने पाकिस्‍तान को पैटर्न टैंक दिए जिसका इस्‍तेमाल उसने भारत के खिलाफ 1965 के युद्ध में किया था। भारत के वीर जवानों ने इन अमेरिकी टैंकों को तबाह करके पाकिस्‍तान और अमेरिका दोनों को तगड़ी चोट दी थी।

और पढ़ें- पाकिस्तान चाहता है कि रूस उसके साथ भारत जैसा ही व्यवहार करे, बहुत हास्यास्पद!

ऐसे में PoK समेत अनेक मोर्चों पर भारत के पक्ष में इस तरह से सीना तानकर रूस के द्वारा दांव चलना न केवल रणनीतिक है, अपितु सांस्कृतिक और कूटनीतिक रूप से भी अति महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे एक ही तीर से अनेक लक्ष्य भेदे जाएंगे, बस पीड़ा केवल व्हाइट हाउस को और बिलबिलाहट इस्लामाबाद को होगी।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: about POKभारत के विदेश मंत्री एस जयशंकररूसी मीडिया एजेंसीव्हाइट हाउस के बारे में
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

दक्षिण कन्नड़ की संस्कृति अद्वितीय है और ‘कांतारा’ ने इसमें चार चांद लगा दिए हैं

अगली पोस्ट

तीनों खान के मुकाबले बॉक्स ऑफिस पर काफी बेहतरीन रहा है सन्नी देओल का रिकॉर्ड

संबंधित पोस्ट

समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका
भू-राजनीति

समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

23 April 2026

इन पंक्तियों के लिखे जाने तक निष्कर्ष यही है कि अमेरिका-ईरान के बीच तत्काल शांति समझौते की संभावना खत्म हो चुकी है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति...

भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली
विश्व

भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

16 April 2026

पाकिस्तान के लाहौर शहर से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक सदस्यों में शामिल...

Donald Trump Iran ceasefire
अर्थव्यवस्था

हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

8 April 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प कल कुछ घंटों पहले तक एक सभ्यता की समाप्ति का खुला ऐलान कर रहे थे। ऑलमोस्ट गरिया रहे थे कि ए…@#^$...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited