TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

CUET ने बदल दिया दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश का अंकगणित, अब बिहार और यूपी बोर्ड मार रहे हैं बाज़ी

इससे पहले दिल्ली विश्वविद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के अनुसार प्रवेश मिलता था। उस वक्त इन बोर्ड के विद्यार्थियों को प्रवेश पाने के लिए बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।

Vaishali Shukla द्वारा Vaishali Shukla
14 November 2022
in चर्चित, शिक्षा
दिल्ली विश्वविद्यालय, CUET

source- TFI

Share on FacebookShare on X

आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी कि जो प्रतिभाशाली है वो तो कीचड़ में भी कमल समान खिल उठेगा। जहां पहले थकाऊ भर्ती प्रक्रिया, लंबी कतारें, कोटा सिस्टम, आरक्षण और नेताओं की सिफारिशों ने दिल्ली विश्वविद्यालय में सामान्य छात्रों के एडमिशन लेने को दूभर कर दिया था वहीं जब से CUET एग्जाम का आगमन हुआ तब से इन सभी चीज़ों पर लगाम लग गयी है। CUET ने डीयू में प्रवेश का एक सही तरीके से लोकतांत्रीकरण किया है। CUET से पहले अति उत्कृष्ट या अत्यंत निकृष्ट छात्रों का ही चयन संभव हो पाता था। ऐसे माहौल में कुछ मेधावी छात्र अवश्य सफलता प्राप्त कर लेते थे परन्तु इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय का कोई भी श्रेय नहीं था।

मेरिट लिस्ट के सहारे एडमिशन

देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक दिल्ली विश्वविद्यालय से संबंधित कॉलेजों में एडमिशन हासिल करना, छात्रों के लिए किसी बड़े संघर्ष से कम नहीं होता था क्योंकि पहले DU के अधिकतर कॉलेजों में एडमिशन का सहारा मेरिट लिस्ट के आधार पर लिया जाता था। जिसके जितने नंबर आते थे उस हिसाब से उसे एडमिशन मिल जाता था। जिस समय DU में मेरिट के आधार पर एडमिशन मिलता था उसमें सीबीएससी, केरल आदि बोर्ड आगे रहते थ लेकिन जब से CUET एग्जाम का आगमन हुआ है तब से ये कुछ बोर्ड लिस्ट में नीचे आते दिखाई दे रहे है। ऐसे में साफ पता चलता है कि इन बोर्ड के छात्रों को नंबर तो मिल जाते थे लेकिन जब टेस्ट देने की बारी आयी तो ये बहुत पीछे दिखायी दिए। जिससे इनकी योग्यता का सच सामने आने लगा है।

संबंधितपोस्ट

एबीवीपी का दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रदर्शन: चुनावी बॉन्ड और फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रों का हल्ला बोल

JNU में हिन्दू, बौद्ध और जैन धर्म के अध्ययन के लिए केंद्रों की होगी स्थापना।

दिल्ली विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह: औपनिवेशिक गाउन की जगह अब धोती-कुर्ता

और लोड करें

इस वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में प्रवेश प्रक्रिया में कट-ऑफ से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) में बदलाव होने के कारण कुछ राज्य बोर्डों के छात्रों को दूसरों की तुलना में अधिक सहायता मिली है। उदाहरण के लिए बिहार राज्य बोर्ड से डीयू में प्रवेश लेने वाले छात्रों के प्रतिशत में वृद्धि देखने को मिली है, जबकि केरल राज्य बोर्ड के लिए यह आंकड़ा नीचे गिरता हुआ दिख रहा है।

#CUET impact?
Top 5 Boards students admitted to Delhi University:

2022
1. CBSE
2. CISCE
3. Bihar Board
4. UP Board
5. Rajasthan Board

2021
1. CBSE
2. Haryana
3. CISCE
4. Kerala Board
5. Rajasthan Board

Based on data from first two rounds of seat allocations

(Indian Express)

— The Indian Index (@Indian_Index) November 12, 2022

और पढ़ें- प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में बिना पीएचडी के बन सकते हैं प्रोफेसर, जानिए कैसे

CUET के आने के बाद सब बदल रहा है

पहले जहां दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में अलग-अलग कोर्सेज़ के लिए एडमिशन देने की प्रक्रिया में कट-ऑफ मुसीबतों को खड़ा करने वाला प्रतीत होता था वहीं अब CUET के आने के बाद सब बदल रहा है। CUET यानी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET or Common University Entrance Test) राष्ट्रीय स्तर की एक ऐसी प्रवेश परीक्षा के रूप में सामने आयी है जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जाती है। CUET एग्जाम का आयोजन केंद्रीय विश्वविद्यालयों के यूजी (UG) तथा पीजी (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए किया जाता है। पहले जहां कुछ स्टूडेंट्स को 12वीं कक्षा में 95% नंबर लाने के बावजूद भी अपने मन चाहे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलने में न जाने कितने पापड़ बेलने पड़ते थे वहीं CUET एग्जाम के आने के बाद ऐसा नहीं है।

विश्वविद्यालय के द्वारा साझा किए गए प्रवेश डेटा के अनुसार, केरल बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन के छात्र जिनको पिछले साल दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलने के लिए उम्मीदवारों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या का गठन हुआ था। वहीं कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के आरम्भ होने के  बाद इस प्रवेश सत्र में ये सातवें स्थान पर पहुंच गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी की सीबीएसई, जिसके देश भर में संबद्ध स्कूल हैं और इसलिए विभिन्न राज्यों के आवेदक इस वर्ष भी शीर्ष स्थान पर ही विराजमान है। सीट आवंटन के दूसरे दौर के बाद से उपलब्ध प्रवेश आंकड़ों की माने तो बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के राज्य शिक्षा बोर्डों को केरल बोर्ड से ऊपर रखा गया है।

और पढ़ें- दिल्ली हाईकोर्ट ने निकाल दी सेंट स्टीफंस की नेतागिरी, चुपचाप नियम मानने लगा कॉलेज

‘CUET एक अच्छा विकल्प’

दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने इस पर कहा है कि “सीयूईटी ने सभी को एक समान मंच और समान अवसर प्रदान किया है क्योंकि अलग-अलग बोर्डों के अपने नियम, विनियम और मूल्यांकन के तरीके होते हैं। हम इस असमानता को कम करना चाहते थे और CUET  इसके लिए एक अच्छा विकल्प है क्योंकि यह  सभी को एक समान मंच प्रदान करता है।

खबरों के अनुसार,  हिन्दू कॉलेज की राजनीति शास्त्र की 120 सीटों में 20 सीटें ही सामान्य छात्रों के लिए थी। ऐसे में कुल में से 2 को छोड़ दें तो अन्य सभी सीटों पर केरल के छात्रों का एडमिशन हुआ था। इसके साथ ही इस कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के लिए दाखिले ही बंद हो गए थे। पहली लिस्ट में कोर्स के लिए कट ऑफ 100 प्रतिशत था। कंप्यूटर साइंस को लेकर स्थिति और भी बदतर थी। इस वर्ष केरल बोर्ड के केवल एक छात्र को एक ही कार्यक्रम में प्रवेश मिला है।

वहीं साल 2016 की बात करें तो तमिलनाडु राज्य बोर्ड के छात्रों ने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में अधिकांश सीटें अपने नाम की थी, जिसमें इसकी कट-ऑफ 98% निर्धारित किया गया था। इसके बाद 2021-22 के अंत में केरल बोर्ड के छात्रों ने इतनी अधिक संख्या में प्रवेश क्यों लिया इस बात की तह तक जाने के लिए तत्कालीन कुलपति योगेश त्यागी ने नौ सदस्यीय पैनल का गठन किया था। डीन ऑफ एडमिशन डी.एस. रावत की रिपोर्ट में ऐसा पाया गया था कि भारत में राज्य बोर्डों में अंकन योजना में महत्वपूर्ण भिन्नता थी।

और पढ़ें- दिल्ली-एनसीआर में ताड़ के पेड़: एक खतरनाक ट्रेंड जो पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा है

सभी छात्रों को सामान मंच

CUET को इस साल सभी छात्रों को सामान मंच देने के लिए पेश किया गया था। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने इसे पेश करते हुए कहा था कि CUET का उद्देश्य देशभर के उन छात्रों को समान अवसर प्रदान करना है जो भिन्न-भिन्न बोर्डों से प्रवेश चाहते हैं और विभिन्न क्षेत्रों से आवेदन करते हैं।

CUET एग्जाम के पहले जहां केरल के छात्रों ने DU में एडिशन मिलने पर अपना वर्चस्व जमा रखा था। वहीं अब योग्यता की बात आते ही अन्य बोर्डों ने केरल बोर्ड को धुल चटा दी है। वैसे तो केरल बोर्ड के मूल्यांकन पर पहले भी कई सवाल खड़े हो चुके हैं जैसे कि केरल में छात्रों को शत प्रतिशत अंक दिए जाते रहे हैं अर्थात बोर्ड द्वारा छात्रों का मूल्यांकन ढुलमुल तरीके से किया जाता है। लेकिन अब CUET एग्जाम से केरल छात्रों को मुफ्त में मिलने वाले झूठे अंकों की संख्या से पर्दा उठ गया है। साथ ही ये इस ओर भी ध्यान केंद्रित करता है कि छात्रों को अधिक नंबर दे देने से उनकी योग्यता का विकास नहीं होता है।

और पढ़ें- ऐसा विश्वविद्यालय जहां प्रश्न पत्रों के स्थान पर उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण किया जाता है

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: du admissionuniversity of delhiUniversity of delhi entrance examदिल्ली विश्वविद्यालय
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

प्राचीन भारत के वो महान वैज्ञानिक जिन्हें आधुनिक भारत ने भुला दिया

अगली पोस्ट

अमेरिका ने दुत्कारा तो फिर से चीन की गोद में पाकिस्तान, श्रीलंका बनेगा अगला ‘युद्ध क्षेत्र’

संबंधित पोस्ट

पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?
अर्थव्यवस्था

पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

29 March 2026

फरवरी 2026 में शुरू हुए संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के अचानक उभरने से, जिसकी शुरुआत अमेरिका- इजरायल द्वारा ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमलों...

फिल्म, विचारधारा और प्रचार: सिनेमा में धारणा की राजनीति का विश्लेषण
चर्चित

फिल्म, विचारधारा और प्रचार: सिनेमा में धारणा की राजनीति का विश्लेषण

27 March 2026

प्रचार को अक्सर भद्दे संदेश या जानबूझकर फैलाए गए गलत सूचना के रूप में देखा जाता है, लेकिन आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत इसे कहीं अधिक सूक्ष्म...

सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद
चर्चित

सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

27 March 2026

केंद्र सरकार ने देश में फैल रही लॉकडाउन की अफवाहों का पूरी तरह से खंडन किया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने स्पष्ट...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited