TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

प्राचीन भारत के वो महान वैज्ञानिक जिन्हें आधुनिक भारत ने भुला दिया

प्राचीन भारत की वैज्ञानिक ताकत इस दुनिया को हमने कभी बताई ही नहीं। इस लेख में भारत के उन महान वैज्ञानिकों के बारे में विस्तार से समझिए जिन्होंने भारत को बहुत पहले विश्व गुरु बना दिया था।

Devesh Sharma द्वारा Devesh Sharma
14 November 2022
in समीक्षा
Ancient Indian Scientists

Source- Google

Share on FacebookShare on X

Ancient Indian Scientists – इस दुनिया में जो कुछ है सब उन्हीं की देन है, बाकी सब तो मिथ्या है। सांस ले पा रहे हैं न? खाना बनाकर खा रहे हैं न? सब उन्हीं की देन है। अब आप पूछेंगे कौन? अरे तो जिस तरह भारत की आज़ादी के बाद देश में सुई से लेकर सुपरकार बनाने का क्रेडिट नेहरू जी के पास है, ठीक उसी तरह दुनियाभर में अपनी खोज से क्रांति लाने का श्रेय पश्चिमी वैज्ञानिकों को प्राप्त है, जबकि ऐसा है नहीं। आधुनिकता और विज्ञान के बारे में जब भी बता की जाती है तो तथाकथित बुद्धिजीवी कहते हैं कि यह सब पश्चिम की देन है।

परन्तु इन धूर्त लोगों ने भारत के प्रचीन वैज्ञानिकों के बारे में अगर पढ़ लिया होता तो वे ऐसी बात ही नहीं करते, क्योंकि पश्चिम के वैज्ञानिकों को जब ठीक से चलना नहीं आता था तब भारत के वैज्ञानिकों ने गणित, चिकित्सा, खगोल विज्ञान, योग इत्यादि क्षेत्रों में बहुत ही उच्च कोटि का काम कर दिया था। परन्तु कम प्रचार- प्रसार के कारण उन्हें तब उतनी प्रसिद्धि नहीं मिल पाई, जितनी मिलनी चाहिए थी। हालांकि, बाद में इन भारतीय वैज्ञानिकों के बारें में जब पश्चिम के लोगों ने अध्ययन किया तो इनकी बात का लोहा माना। आज हम भारत के कुछ ऐसे वैज्ञानिकों के बारे में बात करने जा रहे हैं जिन्होंने पूरे विश्व को कई बड़े सिद्धांत और ज्ञान देकर मानव विकास के क्रम अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

संबंधितपोस्ट

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध

‘सनातन धर्म ही हिंदू राष्ट्र है’; समझिए रिलीजन और धर्म के बीच का अंतर

जिस भारतीय के आगे नतमस्तक हुई दुनिया, उन पर अभी तक कोई फिल्म नहीं बना पाया बॉलीवुड

और लोड करें

और पढ़ें: क्या न्यूटन ने भारत के शास्त्रों से गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत चुराया?

बौधायन

भारत के प्रचीन वैज्ञानिकों की इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है बौधायन का। ये प्राचीनकाल के एक गणितज्ञ थे और जिन्होंने पूरी दुनिया को पाई (π) का मान दिया था, जिसकी सहायता से किसी भी गोले का पूरा एरिया निकाला जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने ‘सल्व सूत्र’ नाम से अपनी एक किताब भी लिखी थी, जो काफी हद तक ‘पाइथागोरस थ्योरम’ से मिलता है, जबकि इसकी खोज पाइथागोरस के जन्म से सदियों पहले हो चुकी थी। फिर भी इसका श्रेय पाइथागोरस को दिया गया।

बौधायन फोटो
Source- Google

आर्यभट्ट

दूसरा नाम आता है आर्यभट्ट का। इनका नाम तो आपने सुना ही होगा परन्तु आपने सिर्फ जीरो की खोज के लिए सुना होगा लेकिन ऐसा है नहीं। आपको बता दें कि ‘आर्यभट्ट’ ने सिर्फ जीरो की ही खोज नहीं की थी बल्कि 23 वर्ष की आयु में उन्होंने ‘आर्यभट्टीय’ नाम की एक पुस्तक की रचना भी की थी, जिसमें गणित से लेकर खगोलशास्त्र के बारे में विस्तार से लिखा गया है। इसके अलावा पृथ्वी और अन्य ग्रहों के बारे में भी आर्यभट्ट ने पश्चिमी वैज्ञानिक गैलीलियो से बहुत पहले ही बताया था कि पृथ्वी एक जगह पर स्थिर नहीं है बल्कि अपने ध्रुव पर घूमती रहती है और सूर्य का चक्र लगाती है।

आर्यभट्ट, Ancient Indian Scientists
Source- Google

ब्रह्मगुप्त

आर्यभट्ट के बाद गणित के क्षेत्र में आगमन होता है ब्रह्मगुप्त का। उन्होंने गुणा करने की पद्धति जिसे अंग्रजी में मल्टीप्लाई कहते हैं, उसके बारे में 7वीं शताब्दी में ही बता दिया था। इसके आलावा ‘ब्रह्मस्फुट सिद्धांत’ नाम से एक किताब भी लिखी थी, जिसमें खगोलशास्त्र में उपयोग किए जाने वाले यंत्रों के बारे में बताया गया है।

ब्रह्मगुप्त
Source- Google

 Ancient Indian Scientists – भास्कराचार्य 

गणितज्ञों की इस लिस्ट में अब अगला नाम है भास्कराचार्य का। ये ब्रह्मगुप्त से 500 वर्षों बाद 12वीं शताब्दी में पैदा हुए थे और इनका जन्म कर्नाटक के बीजापुर में हुआ था। अपने समय के ये बहुत बड़े गणितज्ञ हुआ करते थे, इन्होंने ‘सिद्धांत शिरोमणि’ नाम की एक पुस्तक की रचना की थी, जिसे चार भागों में विभाजित किया गया है- लीलावती, गोलाध्याय, बीजगणित और ग्रहगणित। इन चारों भागों में अंकगणित से लेकर खगोलशास्त्र तक सभी चीजों के बारे में बताया गया है। इसके अलावा 19वीं शताब्दी में जेम्स टेलर ने इसका अंग्रजी में अनुवाद भी किया, जिसके बाद पश्चिम से लेकर अरब तक भास्कराचार्य की ख्याति फैल गई।

और पढ़ें: वैदिक गणित: गणित का वो तरीका जिसे पूरी तरह मिटा दिया गया और आपको पता भी नहीं चला

Bhaskracharya
Source- Google

महर्षि कणाद

वैज्ञानिकों की लिस्ट में अगला नाम है महर्षि कणाद का। ये छठी शताब्दी ईसा पूर्व के ‘स्कूल ऑफ फिलॉस्फी’ से संबंध रखने वाले वैज्ञानिक थे और इनका असल नाम औलुक्य हुआ करता था। परन्तु बचपन से ही इन्हें छोटे-छोटे कणों में रुचि थी इसलिए इन्हें कणाद के नाम से जाना जाने लगा। महर्षि कणाद की उपलब्धि की बात की जाए तो इन्होंने डाल्टन की एटोमिक थ्योरी से बहुत पहले एक एटोमिक थ्योरी दी थी, जिसमें एटम यानी अणु के बारे में बताया गया था।

महर्षि कणाद
Source- Google

वराह मिहिर

अब आते हैं वराह मिहिर पर (Ancient Indian Scientists)। आसान भाषा में कहा जाए तो ये एक ऑलराउंडर थे क्योंकि इन्होंने भूगर्भ विज्ञान, पारिस्थितिकी तंत्र (Ecology) और ज्योतिष विज्ञान के बारे में अपने समय में बहुत अच्छा काम किया है। पारिस्थितिकी तंत्र में खोज करने के दौरान इन्होंने 6 जानवरों और 30 ऐसे पौधों के बारे में बताया था, जिसके द्वारा धरती के नीचे के जलस्तर का पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा वराहमिहिर ने बृहत्संहिता किताब की रचना भी थी, जिसमें उन्होंने भूकंप के बारे में पता लगाने वाली चीजों के बारे में लिखा है।

वराह मिहिर, Ancient Indian Scientists
Source- Google

Ancient Indian Scientists – नागार्जुन

इसके बाद आते हैं नागार्जुन पर। इन्होंने रसायनशास्त्र में बड़े ही क्रांतिकारी काम किए हैं। जैसे कि इन्होंने किसी भी धातु को सोने में बदलने की तकनीक विकसित करने पर काम किया था। हालांकि, ये उसमें पूर्ण रूप से सफल नहीं हो सके परन्तु आज हम बाजार में जिस किसी भी धातु के ऊपर सोने की परत चढ़े हुए आभूषणों को देखते हैं, वो इसी का परिणाम हैं। इस प्रक्रिया को अंग्रेजी में अल्केमी के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा इन्होंने रसरत्नाकर नामक एक किताब भी लिखी है, जिसमें सोने, टिन और तांबे जैसी धातुओं के बारे में विस्तार से चर्चा की गई है।

नागार्जुन
Source- Google

महर्षि चरक और सुश्रुत

जब हम मेडिकल साइंस की बात करते हैं तो इस क्षेत्र में महर्षि चरक का नाम सबसे पहले आता है। इनके बारे में बात की जाए तो ये अपने समय के जाने-माने आयुर्वेदाचार्य हुआ करते थे और कनिष्क के राजवैद्य हुआ करते थे। इन्होंने चरक संहिता की रचना की थी जिसमें आयुर्वेद के बारे में लिखा गया है।

Maharshi Charak
Source- Google

चिकित्सा की क्षेत्र में दूसरा नाम आता है सुश्रुत का, ये अपने समय के एक बड़े सर्जन हुआ करते थे और आज की प्लास्टिक सर्जरी से मिलती हुई सर्जरी की बात इन्होंने ही की है। इसके अलावा इन्होंने सुश्रुत संहिता की रचना की है जिसमें 1000 बीमारियों और 700 मेडिसिनल पौधे के बारे में लिखा गया है।

सुश्रुत, Ancient Indian Scientists
Source- Google

आइंस्टीन ने कही थी ये बात

निष्कर्ष के रूप में हम यहां पर अल्बर्ट आइंस्टीन को कोट करना चाहते हैं, जिन्होंने कहा था कि “We owe a lot to the ancient Indians, teaching us how to count. Without which most modern scientific discoveries would have been impossible.”  इसका अर्थ है कि हमें प्रचीन भारतीयों (Ancient Indian Scientists) को श्रेय देना चाहिए कि उन्होंने हमें गिनती गिनना सिखाया वरना आधुनिक युग में वैज्ञानिक खोज करना उसके बिना असंभव था। इसका सीधा सा अर्थ यह है कि जो लोग ये सोचते हैं कि भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में कुछ नहीं किया है सब कुछ पश्चिम द्वारा ही किया गया है। उन्हें अल्बर्ट आइंस्टीन की इन अंग्रेजी की पंक्तियों को पढ़ना चाहिए।

और पढ़ें: Ancient Indian cities: भारत के वो प्राचीन शहर जो आज भी विश्व के नक्शे पर हीरे की तरह चमकते हैं

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Ancient Indian scientistsखगोल विज्ञानीगणितज्ञभारतीय वैज्ञानिकभास्कराचार्यमहर्षि कणादवराह मिहिर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Beetle meaning in hindi : vilom paryayvachi and examples –

अगली पोस्ट

CUET ने बदल दिया दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश का अंकगणित, अब बिहार और यूपी बोर्ड मार रहे हैं बाज़ी

संबंधित पोस्ट

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा
समीक्षा

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

18 September 2026

पुस्तक का नाम: कथा रूप: बलिदानी हेमू कालानी लेखक: किशोर कान्त प्रकाशक: सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली पृष्ठ: 99 मूल्य: 149 प्रिंट भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का...

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!
चर्चित

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

22 May 2026

पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया स्पेस, खासकर इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक डिजिटल अभियान ने तहलका मचा रखा है। मीम्स,...

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?
चर्चित

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?

7 May 2026

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ लोकतंत्र की परिभाषा और राज्यपाल के अधिकारों के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited