TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बायकॉट बॉलीवुड- क्या यह वास्तव में आवश्यक है?

"गेहूं के साथ घुन भी पिसता है" यह कहावत बॉलीवुड पर फिट बैठती है। बायकॉट अभियान की वजह से कुछ अच्छी फिल्में भी बर्बाद हो रही हैं। टीएफ़आई के संस्थापक अतुल मिश्रा ने ट्विटर पर एक थ्रेड में समझाया है कि बायकॉट बॉलीवुड अभियान कैसे ग़लत दिशा में चला गया।

Atul Kumar Mishra द्वारा Atul Kumar Mishra
11 December 2022
in चलचित्र
Boycott Bollywood- Is it really required?

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

कहते हैं कि सिर्फ एक मूर्ख नहीं जानता कि उसका दुश्मन कौन है। किसी भी जंग को जीतने के लिए सबसे पहले हमें यह स्वीकार करना होता है कि हम युद्ध में हैं और फिर हमें यह समझना होता है कि हमारा शत्रु कौन है? बॉलीवुड के विरुद्ध जो लड़ाई शुरू हुई उसमें हम यही गलती कर बैठें। हमने कभी समझा ही नहीं कि हमारा दुश्मन कौन है? एकतरफा पूरी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के विरोध में हम उतर गए। टीएफ़आई के संस्थापक अतुल मिश्रा ने ट्विटर पर एक थ्रेड में समझाया है कि बायकॉट बॉलीवुड अभियान कैसे ग़लत दिशा में चला गया।

But we don’t need to kill HFI for any of it. We must not join a trend just for the heck of it. Or we will turn into rebels without a cause.

— Atul Kumar Mishra (@TheAtulMishra) December 9, 2022

संबंधितपोस्ट

फोटोशॉप स्किल्स के लिए मशहूर इन्फ्लुएंसर ‘एथीस्ट कृष्णा’ का निधन, पीएम मोदी और अक्षय कुमार ने की थी तारीफ

चंद्रयान ३ राउंडअप: जगन शक्ति के स्क्रिप्ट लॉक करने से ब्रिटिश मीडिया की नौटंकी तक!

OMG 2 Teaser: अक्षय कुमार के लिए अंतिम अवसर!

और लोड करें

बॉलीवुड एक लंबे वक्त तक हिंदू विरोध की प्रयोगशाला रहा है। जिस माध्यम की शुरुआत लोगों का मनोरंजन करने के लिए हुई थी वो माध्यम नेहरुवादी समाजवादी का एजेंडा आगे बढ़ाते-बढ़ाते दुष्प्रचार का विकृत माध्यम बन गया। बॉलीवुड ने आतंकवादियों को हीरो बनाया, बॉलीवुड ने देश के मुस्लिमों में पीड़ित मानसिकता का विकास किया और अनगिनत बार बॉलीवुड ने हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाई।

और पढ़ें: बॉलीवुड के इन 5 आउटसाइडर्स के आगे पानी भरते हैं ‘स्टार किड्स’

बॉलीवुड ने ब्राह्मणों को मुख्य साज़िशकर्ताओं की तरह प्रस्तुत किया। उन्होंने क्षत्रियों को अत्याचारी ठाकुरों के रूप में दिखाया जोकि गांवों का विनाश कर देते हैं। उन्होंने वैश्यों को सूदखोर बताते हुए खून चूसने वाली जोंक के रूप में दिखाया।

कैसे शुरू हुआ बायकॉट बॉलीवुड अभियान?

निश्चित तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि बायकॉट बॉलीवुड का ट्रेंड कब से शुरू हुआ लेकिन अनुमानित तौर पर इतना अवश्य कहा जा सकता है सुशांत सिंह राजपूत जोकि जनता का हीरो बनने की अग्रसर थे, उनकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के बाद इस अभियान ने जोर पकड़ा। सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु ने लोगों को इस अभिजात्य वर्ग के विरुद्ध खड़ा कर दिया जिसे बॉलीवुड कहा जाता है। बॉलीवुड जिस पर ड्रग्स को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं, जिस पर परिवारवाद के आरोप हैं, जिस पर काला धन, अंडरवर्ल्ड के पैसे इस्तेमाल करने के आरोप हैं, जिस पर कास्टिंग काउच के आरोप हैं, जिस पर अश्लीलता के आरोप हैं।

इसके बाद लोगों ने जो बायकॉट अभियान चलाया वो सही था। हालांकि शुरुआत में अपने अहंकार में ग्रसित इन लोगों ने इस अभियान को गंभीरता से नहीं लिया लेकिन जब फिल्में फ्लॉप हुईं तब उन्होंने सही मायनों में सबक सीखा।

अब आप सोचिए, बॉलीवुड के खान, जिनका जलवा हुआ करता था- खत्म हो गए। आमिर खान की पिछली दो बड़ी फिल्में ठग्स ऑफ़ हिंदोस्तान और लाल सिंह चड्ढा बुरी तरह से पिट गईं। सलमान खान और शाहरुख की स्थिति कितनी बुरी है यह बताने की आवश्यकता नहीं है, आप जानते ही हैं। भट्ट कैंप डरा-सहमा बैठा है। इस पूरे वर्ष में यशराज बैनर से एक भी हिट फिल्म नहीं आई है। करण जौहर, जोकि बॉलीवुड के वामपंथी गिरोह में सबसे बढ़िया व्यापारी हैं, वो भी किसी तरह से स्वयं को बचा पा रहा है।

और पढ़ें: आम जनमानस के हीरो थे मिथुन चक्रवर्ती लेकिन बॉलीवुड ने उनके साथ न्याय नहीं किया

क्या हम हिंदी फिल्म उद्योग को खत्म करना चाहते हैं?

ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि बायकॉट बॉलीवुड अभियान ने बी-टाउन के जंगली सांड़ों को काबू में किया है लेकिन इस अभियान का एक और पहलू है जो हमें अवश्य देखना चाहिए। उसकी बात करेंगे लेकिन उससे पहले एक सरल मनौवैज्ञानिक सत्य जान लीजिए, लोगों को जितनी किसी गरीब व्यक्ति के अमीर बनने की कहानी पसंद आती है, उतनी ही किसी अमीर परिवार के गरीब बनने या फिर बर्बाद होने की कहानी भी पसंद आती है। यह तब और मजेदार हो जाता है जब किसी आम आदमी के पास किसी शक्तिशाली आदमी को बर्बाद करने की शक्ति आ जाती है। इसीलिए लोकतंत्र इतना मजेदार होता है क्योंकि यहां आम आदमी के हाथों में सत्ता गिराने और बनाने की ताकत होती है। बायकॉट बॉलीवुड अभियान ने सोशल मीडिया पर सक्रिय एक आम आदमी को यह ताकत दी है कि वो किसी भी फिल्म को बायकॉट करने का ट्रेंड शुरू कर सकता है और दूसरे लोग भी उसमें शामिल हो जाएंगे।

लेकिन सवाल यह है कि क्या हम हिंदी फिल्म उद्योग को खत्म करना चाहते हैं? मुझे उम्मीद है नहीं। मैं निश्चित तौर पर ऐसा नहीं चाहता। लेकिन बायकॉट बॉलीवुड ट्रेंड यही कर रहा है, जो भी उसके रास्ते में आ रहा है उन सभी को खत्म करने की बात कर रहा है। इससे ऐसे तमाम लोगों के करियर बर्बाद हो जाते हैं, तमाम लोगों का रोजगार खत्म हो जाता है, जो कहीं से भी अपराधी नहीं हैं।

इस ट्रेंड की वज़ह से कुछ अच्छी फिल्में पिट गईं। कुछ अच्छे कलाकार फ्लॉप साबित हो गए। यह बिल्कुल ऐसा ही है कि “गेहूं के साथ घुन का पिस जाना।”

और पढ़ें: गोपालदास नीरज – बॉलीवुड के एक अनोखे गीतकार जिन्हें कभी उनका उचित सम्मान नहीं मिला

कुछ अच्छी फिल्में भी पिट गईं

आइए, अब आगे इस ट्रेंड को और समझने की कोशिश करते हैं। बॉलीवुड में इस वक्त 5 सुपरस्टार हैं सलमान, आमिर, शाहरुख, अक्षय और अजय देवगन। हमें यह समझना पड़ेगा कि अक्षय कुमार और अजय देवगन में ही वो शक्ति और वो टैलेंट है कि वो खानों के स्टारडम को टक्कर दे पाएं और उन्होंने इसे करके दिखाया है वो भी बिना किसी जौहर और यशराज कैंप के समर्थन के।

रामसेतु महान फिल्म नहीं थी लेकिन वो बुरी भी नहीं थी। अजय देवगन की रनवे-34 वास्तविक कहानी पर आधारित बेहतरीन फिल्म थी लेकिन यह दोनों फिल्में फ्लॉप हो गईं। यह सिर्फ अजय देवगन या फिर अक्षय कुमार के लिए ही नहीं है। कुछ अच्छी फिल्में जैसे- जर्सी, रॉकेट्री, चुप, अ थर्सडे फ्लॉप हो गईं जबकि क्षेत्रीय फिल्मों ने हिंदी पट्टी में अच्छा किया।

इससे भी आगे बढ़ते हैं किसी भी फिल्म का टीज़र आता है, कुछ ट्विटर इन्फ्लुंएसर उसे बायकॉट करने की मांग करने लगते हैं, क्यों भाई? लोकतंत्र भी यह कहता है कि जो अच्छे उम्मीदवार हैं उन्हें जिताओ और जो खराब हैं, उन्हें हराओ। हम यह तो नहीं करते न कि कोई भी उम्मीदवार हो हमें तो बस उसे बर्बाद ही करना है। यह ट्विटर इन्फ्लूएंसर अजय देवगन या फिर अक्षय कुमार के विरुद्ध ट्विटर पर खूब विष वमन करते हैं, खान तिकड़ी पर कई बार चुप्पी साध लेते हैं। हो सकता है उनका कोई छिपा हुआ एजेंडा हो, क्या पता।

और पढ़ें: बॉलीवुड के वो 5 अभिनेता जिन्होंने कुछ देर की भूमिका में ही हीरो को खा लिया

लेकिन इतना स्पष्ट है कि कोई भी बॉलीवुड एक्टर और डायरेक्टर संत नहीं है। अगर हमें पुराने फोटो उठाकर चुनना शुरू कर दें तो हमारे पास कोई एक्टर, कोई डायरेक्टर, कोई सिनेमा नहीं बचेगा। अगर हम इसी तरह से सभी को बायकॉट करते रहेंगे हम हिंदी फिल्म उद्योग को खत्म कर देंगे, जोकि हमें नहीं करना है। हमें हिंदी फिल्मों से उर्दू को हटाना है, हमें हिंदी फिल्मों में गलत इतिहास को दिखाने से रोकना है, हमें हिंदी फिल्म उद्योग से वामपंथियों के गैंग के एजेंडे को खत्म करना है, हमें हिंदी फिल्म उद्योग से हिंदू विरोधी सरगनाओं से छुटकारा पाना है, हमें हिंदी फिल्म उद्योग का शुद्धिकरण करना है लेकिन हमें हिंदी फिल्म उद्योग को खत्म नहीं करना है। हमें बायकॉट बॉलीवुड अभियान में सिर्फ इसलिए शामिल नहीं हो जाना है कि मजे आ रहे हैं। अगर ऐसा ही होता रहा तो हम बिना किसी उद्देश्य के अभियान यूं ही चलाते रहेंगे।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Boycott Bollywoodअक्षय कुमारअजय देवगनबायकॉट बॉलीवुड अभियान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कर्नाटक में अब ‘सलाम आरती’ नहीं ‘सांध्य आरती’ होगी

अगली पोस्ट

Yatayat Ke Niyam :To Indicate and Special Attention

संबंधित पोस्ट

आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त
चर्चित

जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

15 January 2026

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को लश्कर-ए-तैयाब जैसे संगठन से संबंधित जुड़े 5 सरकारी  कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।...

शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र
चर्चित

बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

24 November 2025

सोमवार की शुरुआत सिने जगत के लिए एक दुखद ख़बर के साथ हुई। बॉलीवुड का ही-मैन, धर्मेंद्र 89 साल की उम्र में मुंबई में इस...

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार
चलचित्र

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार

9 August 2025

स्मृति ईरानी एक बार फिर छोटे पर्दे पर नजर आ रही हैं, और इस बार चर्चा सिर्फ नॉस्टैल्जिया तक सीमित नहीं है। ‘क्योंकि सास भी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited