TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारतीय सेना के सबसे बड़े हितैषी, बीएस मुंजे की अनकही कथा

इन्हें 'सैनिक स्कूलों के जनक' के तौर पर याद किया जाना चाहिए!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
9 February 2023
in इतिहास, ज्ञान
बीएस मुंजे

SOURCE TFI

Share on FacebookShare on X

हमारे राष्ट्र में सैनिक स्कूल की स्थापना कब हुई? अगर किसी ने तनिक भी इतिहास पढ़ा हो तो उसके अनुसार 1960 के दशक में सैनिक स्कूल की स्थापना हुई थी, जिसके ‘प्रणेता’ थे तत्कालीन रक्षा मंत्री वीके कृष्ण मेनन। परंतु यदि आपको बताया जाए कि सैनिक स्कूल की कल्पना एवं रचना उनसे पूर्व ही कर दी गई थी, तो?

इस लेख में हम जानेंगे श्री बीएस मुंजे के बारे में जो न केवल प्रखर राष्ट्रवादी थे अपितु उनके योगदानों को आज भी कई स्वघोषित इतिहासकार हेय दृष्टि से देखते हैं।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

और पढ़ें- मिलिए इतिहासकार जेम्स मिल से, जो एक बार भी भारत नहीं आए लेकिन भारत का इतिहास लिख डाला

बीएस मुंजे फर्जी राष्ट्रवादी नहीं थे

बालकृष्ण शिवराम मुंजे के बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं और जो भी जानते हैं वो भी वामपंथियों के दृष्टिकोण से। परंतु बीएस मुंजे फर्जी राष्ट्रवादी नहीं थे, वे अंग्रेज़ों की नीतियों और उनकी कार्यशैली से भलीभांति परिचित थे। वे भारतीयों को एक अनोखी सैन्य पद्धति के अंतर्गत प्रशिक्षित करना चाहते थे और उनके पदचिह्नों पर चलते हुए पीएम मोदी की सरकार आज सैन्य सुधारों में अग्रणी है।

डॉ बीएस मुंजे का जन्म 1872 में मध्य प्रांत (तत्कालीन सेंट्रल प्रोविंस, वर्तमान में छत्तीसगढ़) के बिलासपुर में हुआ था। उन्होंने 1898 में मुम्बई में ग्रांट मेडिकल कॉलेज से मेडिकल डिग्री ली फिर वो मुम्बई नगर निगम में चिकित्सा अधिकारी के रूप में काम करने लगे। वे इसी बीच राजनीतिक रूप से भी सक्रिय रहे और कांग्रेस से जुड़ गए, जहां वे लोकमान्य तिलक को अपना प्रेरणास्त्रोत मानते रहे।

जब 1907 में सूरत में कांग्रेस के अधिवेशन में नरम दल और गरम दल के बीच तनाव बढ़ा तो बीएस मुंजे ने खुलकर तिलक का समर्थन किया और यही कारण था कि भविष्य में भी वो तिलक के काफी करीबी रहे। जब राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने हेतु तिलक जी ने गणेश पूजा का प्रारंभ किया तो उसे भी बीएस मुंजे का पूरा समर्थन मिला। पंडाल लगाने, मूर्ति बैठाने और उसे विसर्जित करने तक के कार्यक्रम के जरिए लोकमान्य तिलक ने जो व्यवस्था महाराष्ट्र में शुरू की थी, उसको मुंजे महोदय बाद में कोलकाता भी ले गए।

और पढ़ें- पिछले 70 वर्षों से उसे कमजोर साबित किया जा रहा है, लेकिन अर्जुन भारतीय इतिहास के सबसे महान योद्धा थे

कांग्रेस से अलग क्यों हुए?

तो वे कांग्रेस से अलग क्यों हुए? कई राष्ट्रवादियों की भांति डॉ. मुंजे गांधी की मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति से असहमत थे इसलिए वे कांग्रेस से अलग हो गए और उनकी गिनती हिन्दू महासभा के ओजस्वी नेताओं में होने लगी। 1930 और 1931 के गोलमेज सम्मेलनों में वे हिन्दू महासभा के प्रतिनिधि के रूप में गए थे। इसी गोलमेज सम्मेलन के बाद फरवरी से मार्च 1931 तक उन्होंने यूरोप का भ्रमण किया। 15 मार्च से 24 मार्च तक वे इटली में भी रुके। वहां वे मुसोलिनी से भी मिले। अपने पूरे जीवन वो यात्राएं ही करते रहे।

तो इन सबका सैनिक स्कूल से क्या लेना देना है? यूरोप के सैन्य प्रशिक्षण को समझकर, उनकी कमी बेसी का विश्लेषण कर 1934 में मुंजे ने सेंट्रल हिंदू मिलिट्री एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना की जिसका उद्देश्य मातृ भूमि की रक्षा के लिए युवा हिंदुओं को सैन्य प्रशिक्षण देना और उन्हें ‘सनातन धर्म’ की शिक्षा देना था। साथ ही, निजी सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा की कला में युवाओं को प्रशिक्षित करना था। इसी पद्धति पर विनायक दामोदर सावरकर ने भारतीय युवाओं, विशेषकर सनातनियों को सैन्य प्रशिक्षण के लिए प्रेरित किया, जिसका उल्लेख नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने भी कई अवसरों पर किया था।

इसी परिप्रेक्ष्य में 1931 में डॉ मुंजे ने कई यात्राएं कीं। फरवरी से मार्च 1931 तक यूरोप का भ्रमण किया। 15 मार्च से 24 मार्च तक वे इटली में भी रुके, वहां वे मुसोलिनी से भी मिले। परंतु उनकी इटली यात्रा को लेकर आज भी वामपंथी वैसे ही विलाप करते हैं जैसे आजकल अडानी प्रकरण को लेकर वे मोदी सरकार के विरुद्ध कर रहे हैं।

और पढ़ें- पिछले 70 वर्षों से उसे कमजोर साबित किया जा रहा है, लेकिन अर्जुन भारतीय इतिहास के सबसे महान योद्धा थे

देशभक्ति से ओतप्रोत डॉ. मुंजे

देशभक्ति से ओतप्रोत डॉ. बीएस मुंजे ने सैनिक शिक्षा देने के लिए सेंट्रल हिंदू मिलिट्री एज्यूकेशन सोसायटी की स्थापना की और 1937 में भोंसला मिलिट्री स्कूल आरंभ हुई। इस वर्ष लगभग अगस्त माह में ‘दि सेंट्रल हिंदू मिलिट्री एज्यूकेशन सोसायटी’ का पंजीयन हुआ। संस्था के पहले अध्यक्ष प्रताप शेठ (धुले) थे। संस्था की पहली सभा 16 अगस्त 1936 को हुई और इसी सभा में 15 जून 1937 से सैनिक स्कूल आरंभ करने का निर्णय किया गया। 26 मार्च 1938 को जिवाजीराव सिंधिया के करकमलों द्वारा स्कूल की इमारत का उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. हेडगेवार उपस्थित थे। चूंकि भारतीय युवाओं के सैन्यकरण एवं “सेंट्रल हिन्दू मिलिट्री सोसाइटी” के स्थापना में नासिक के भोंसला परिवार ने उनका साथ दिया था इसीलिए उनके सम्मान में इस स्कूल का नाम भोंसला मिलिट्री स्कूल रखा गया।

नेहरूवादी नीतियों के कारण इस स्कूल को काफी संकट झेलने पड़े और 1948 के पश्चात डॉ बीएस मुंजे का निधन होने के कारण उनका आशीर्वाद ही स्कूल के सर पर से उठ गया। परंतु उनके मार्गदर्शन को उनके अनुयायी नहीं भूले और 1962 में उन्हें अपनी विद्वता सिद्ध करने का अवसर भी मिला।

और पढ़ें- Tajmahal History in Hindi : ताजमहल का इतिहास हिंदी में

जब भारत की हालत खस्ता हो गई

1962 में भारत पर चीन का आक्रमण हुआ। भारत की हालत खस्ता हो गई और सारा देश मानो नींद से जाग उठा। देश की सेना बलशाली होनी चाहिए, यह बात जनता के साथ सरकार के भी ध्यान में आ गई। भोंसला मिलिट्री स्कूल सेना में भर्ती होने के पूर्व छात्रों को फौजी शिक्षा के लिए पूर्व प्रशिक्षण देने वाली संस्था है और इसी कारण वह सेना के लिए सक्षम युवकों की आपूर्ति करने वाली संस्था के रूप में अगुवा रही। नासिक स्थित सेना के आर्टिलरी सेंटर के अधिकारियों की पूर्ण सहानुभूति व सहयोग स्कूल को प्राप्त होने लगा। स्कूल ने इस अवसर को नहीं गंवाया। इस अवसर का पूरा लाभ स्कूल की फौजी शिक्षा के स्तर को सुधारने में हुआ।

और पढ़ें- बीच, समुद्र से परे भी एक गोवा है जिसका समृद्ध हिंदू इतिहास है

शिक्षा के स्तर में सुधार के कारण भोंसला मिलिट्री स्कूल अधिकाधिक लोकप्रिय होने लगी। फौजी विषयों के विशेषज्ञों का सहयोग मिलने लगा। स्कूल की प्रगति होने लगी, और आज उन्हीं के पदचिह्नों पर चलते हुए सैन्यबलों का भारतीयकरण भी सही मायनों में होने लगा है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Bhonsla Military SchoolDr MoonjeThe Central Hindu Military Education Societyडॉ मुंजेदि सेंट्रल हिंदू मिलिट्री एज्यूकेशन सोसायटीबालकृष्ण शिवराम मुंजेभोंसला मिलिट्री स्कूल
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पेट्रोलियम क्षेत्र में बड़े बदलाव के लिए आ गया है E20 पेट्रोल

अगली पोस्ट

हिजाब नहीं तो स्वर्ण पदक नहीं, भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी तान्या हेमंत का ईरान में किया गया अपमान

संबंधित पोस्ट

तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद
चर्चित

तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

15 July 2026

तिरुपति बालाजी मंदिर में पहली आरती को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि सरकार उस...

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों
इतिहास

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

7 July 2026

कहते हैं संयोग और चमत्कार इस दुनिया में होते हैं। कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी घटित हुआ। एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक के अनुवाद कार्य में...

राम मंदिर चढ़ावा विवाद
चर्चित

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

30 June 2026

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद साधु-संत समाज की भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। श्रीराम...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited