TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    LR-AShM मिसाइल के साथ भारत ने समुद्री रक्षा और तकनीकी ताकत दिखाई

    भारत ने हाइपरसोनिक हथियार तकनीक में बड़ी छलांग लगाई, LR-AShM का सार्वजनिक प्रदर्शन

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की

    शेख हसीना को भारत से बोलने देना खतरनाक मिसाल

    दिल्ली से शेख हसीना के भाषण ने बढ़ाया तनाव, बांग्लादेश ने जताई आपत्ति

    अमेरिका–ईरान तनाव के बीच यूएस ने मजबूत की सैन्य तैनाती

    ईरान के करीब अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन तैनात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    LR-AShM मिसाइल के साथ भारत ने समुद्री रक्षा और तकनीकी ताकत दिखाई

    भारत ने हाइपरसोनिक हथियार तकनीक में बड़ी छलांग लगाई, LR-AShM का सार्वजनिक प्रदर्शन

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की

    शेख हसीना को भारत से बोलने देना खतरनाक मिसाल

    दिल्ली से शेख हसीना के भाषण ने बढ़ाया तनाव, बांग्लादेश ने जताई आपत्ति

    अमेरिका–ईरान तनाव के बीच यूएस ने मजबूत की सैन्य तैनाती

    ईरान के करीब अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन तैनात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अगर नेपाल भारत से जुड़ता तो?

आज चीन इतना नाक में दम न करता

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
3 April 2023
in इतिहास
नेपाल भारत
Share on FacebookShare on X

कूटनीति अगर एक खेल होता, तो भारत निस्संदेह इसका विशिष्ट विशेषज्ञ होता। कोई माने न माने, परंतु भारत में कूटनीति का एक अलग ही महत्व है। परंतु स्वतंत्रता के पश्चात के कुछ वर्षों तक ऐसा नहीं था, और हमने कई ऐसी भूल की, जिसका दुष्परिणाम आज तक भुगतना पड़ता है।

इस लेख में पढिये  कि नेपाल एक समय में भारत से जुडने को कैसे उद्यत था, और कैसे इस प्रस्ताव को ठुकराकर भारत को आज भी इसके भौगोलिक एवं सांस्कृतिक दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

संबंधितपोस्ट

गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, परेड में EU का दस्ता भी होगा शामिल

राज से परे वीरता: नेताजी की ‘आजाद हिंद फौज’ के साहस को सम्मानित करने वाले पदक

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

और लोड करें

नेपाल और भारत की सांझी विरासत

नेपाल का प्रशासन भले ही अलग धुन में चलता हो, परंतु भारत और नेपाल की सांझी विरासत को कोई चाहकर भी नहीं नकार सकता। आज भी यहाँ सनातन संस्कृति के विभिन्न रूप देखने को मिलते हैं। चूंकि नेपाल और भारत में रोटी पानी का रिश्ता है, इसलिए यहाँ की सीमाएँ भी पाकिस्तान जितनी restricted  नहीं है। हर वर्ष यहाँ लोग भगवान शिव के एक अनोखे रूप, पशुपतिनाथ के दर्शन करने आते हैं।

नेपाल की सीमाएँ भारत के दो महत्वपूर्ण राज्य, उत्तर प्रदेश और बिहार से जुड़ी हुई है, और जिस प्रकार से बिहार का नेपाल से सांस्कृतिक नाता रहा है, वह भी अनूठा है। कहते हैं मिथिला प्रांत के कई क्षेत्र वर्तमान नेपाल में भी स्थित थे, और कुछ लोग सांस्कृतिक रूप से नेपाल को “मिथिलाँचल” का ही एक भाग भी मानते हैं। परंतु इस बारे में फिर कभी।

और पढ़ें: कहीं Roy Bucher पेपर्स नेहरू की पोल न खोल दे

नेपाल का वो प्रस्ताव, जो इतिहास बदल सकता था

परंतु क्या आपको पता है कि नेपाल एक समय स्वतंत्र भारत का भाग बनना चाहता था? अंग्रेज़ों ने अधिकांश भारत पर नियंत्रण स्थापित था, परंतु नेपाल का भौगोलिक रूप ऐसा था कि अंग्रेज़ चाहकर भी यहाँ सम्पूर्ण नियंत्रण नहीं जमा सके। ऐसे में उन्होंने संधि का प्रस्ताव रखा, जिसे नेपाल ने मान लिया।

परंतु क्या आपको पता है कि एक समय नेपाल भारत में विलय हेतु तैयार था? ये सत्य है कि कोई भी अपनी आज़ादी और पहचान छोड़ना नहीं चाहता था। परंतु नेपाल के तत्कालीन राजप्रमुख का ख्याल था कि भारत के साथ विलय नेपाल के लिए हितकारी रहेगा। इंस्टिट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज़ एंड एनालिसिस यानी IDSA के सदस्य और जेएनयू में प्रोफेसर एसडी मुनि ने इस बार पर प्रकाश भी डाला है। भले ही उन्होंने भारत की प्रतिक्रिया पर कोई ठोस राय नहीं रखी, परंतु उन्होंने ये अवश्य के हवाले से क्विंट की रिपोर्टमें यह बात कही गई है. मुनि ने यह भी कहा :

उस समय भारत के प्रतिनिधि चंद्रेश्वर प्रसाद नारायण सिंह और तत्कालीन नेपाली प्रधानमंत्री मोहन शमशेर जंग बहादुर राणा के बीच शांति और मैत्री संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस संधि को दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को स्पष्ट करने वाला दस्तावेज़ माना गया। तबसे यानी राणा के समय से अब तक नेपाल में कई राजनीतिक बदलाव हो चुके हैं और अब भारत के प्रति नेपाल की विदेश नीति भी बदली है।

गिने चुने लोगों यानी राणाओं के शासन और राजा त्रिभुवन के उदय के समय में नेपाल में सियासी उठापटक मची हुई थी, जिसमें सैन्य तरीके भी शामिल थे। त्रिभुवन को नेपाली कांग्रेस के साथ ही उन असंतुष्ट राणाओं का भी समर्थन मिला, जो लोकतंत्र के पक्ष में थे। वहीं, 1950 में नेपाली कांग्रेस ने राणाओं के तख्तापलट के लिए क्रांति की घोषणा की। 1951 में त्रिभुवन नेपाल के प्रमुख बने और फिर उन्होंने अंतरिम संविधान के तहत सीमित लोकतंत्र की बहाली की।

परंतु नेहरू ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया , ये जानते हुए भी कि ये उनके अंतरराष्ट्रीय छवि को और सशक्त बना सकती है। इस पीछे JNU के प्रोफेसर मुनि का दावा था,

“नेहरू जानते थे कि उस समय अंतर्राष्ट्रीय गठबंधनों की राजनीति किस तरह चीन के खिलाफ थी और गोवा के विलय से भारत के खिलाफ कितना विरोध था इसलिए तकनीकी कारणों से नेपाल को भारत में मिलाने को नेहरू ने संभव नहीं माना था लेकिन नज़दीकी रिश्तों की बात 1950 की संधि में ज़रूर थी, जो राणा के समय में हुई थी” ।

और पढ़ें: जब नेहरु ने कहा हमे नही चाहिए बलूचिस्तान

आज भी झेलना पड़ता है दुष्परिणाम

ये बात द क्विंट के एक लेख में भी प्रकाशित हुई, परंतु उसने साथ में ये भी कहा कि त्रिभुवन भारत के साथ बेहद करीबी रिश्ते रखने के पक्ष में थे, यह सही है लेकिन दूसरी तरफ, नेहरू चाहते थे कि नेपाल आज़ाद रहे क्योंकि विलय जैसे किसी कदम से फिर अंग्रेज़ों और अमेरिकियों की दखलंदाज़ी से समस्याएं खड़ी हो सकती थीं। इसी बात का कुछ वर्ष पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी अनुमोदन किया था।

परिणामस्वरूप आज भी भारत को नेपाल की ओर से उग्रवाद एवं कम्युनिस्टों का प्रकोप झेलना पड़ता है, जिन्हे चीन बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ता। कल्पना कीजिए अगर नेपाल भी भारत में होता, तो फिर सांस्कृतिक एवं भौगोलिक दृष्टिकोण से भारत को उतनी समस्याएँ नहीं होती, जितना आज उसे झेलनी पड़ती है। केवल यूएन सुरक्षा परिषद में एक स्थाई सीट ही नहीं, नेहरू की अनेक ऐसी भूल थी, जिसके कारण आज भी इतिहास उन्हे क्षमा नहीं कर सकेगा।

Source:

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: BorderCultureDemocracydiplomatic relationseconomic integrationethnicityForeign PolicygeopoliticsHimalayasHistoryIndiaInternational relationsJawaharlal Nehrumergermissed opportunitymonarchynational identityNepalpolitical integrationregional cooperationSouth AsiaSovereigntystrategic locationterritorial integrityunificationआज़ादीनेपालनेहरूभारतराजनीति
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Maidaan Teaser: क्या आखिरकार एक विशुद्ध भारतीय स्पोर्ट्स ड्रामा देखने को मिलेगी?

अगली पोस्ट

दिग्विजय कांग्रेस नहीं, कांग्रेस के नेता कांग्रेस के नहीं, तो कौन है असली कांग्रेसी?

संबंधित पोस्ट

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया
इतिहास

वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

26 December 2025

यह सप्ताह वर्ष का अंतिम सप्ताह होता है, जिसका लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, क्योंकि इसी दौरान पहले क्रिसमस और फिर नए साल का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited