TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

Ravish Kumar: हर असामाजिक तत्व का आदर्श PR!

​निर्लज्जता का पर्याय रवीश कुमार!

Pratyush Madhav द्वारा Pratyush Madhav
12 October 2023
in मत
Ravish Kumar: हर असामाजिक तत्व का आदर्श PR!
Share on FacebookShare on X

एजेंडा बढ़ाना है? हो जायेगा!

भारत को नीचा दिखाना है? हो जायेगा!

संबंधितपोस्ट

इज़राएल के लिए भारत के प्रेम से बिलबिला रहे आतंकी और अराजकतावादी!

चुन चुन के लिया जा रहा हमास समर्थकों से हिसाब!

लड़ाई इज़राएल और हमास की, लाभ क़तर का!

और लोड करें

असामाजिक तत्वों की रक्षा करनी है? हो जायेगा!

जघन्य अपराधों को उचित ठहराना है? हो जायेगा!

पत्रकारिता के जगत में वैसे तटस्थता का अपना महत्वपूर्ण स्थान है। परन्तु कुछ ऐसे भी हैं जो दिन रात तटस्थ होने का ढोल पीटते हैं, परन्तु पूर्वाग्रह इनके रग रग में समाहित होती है। अगर देश-दुनिया में कोइ भी कार्य इनके अनुकूल न हो, तो कुछ अलग ऐसे भी होते हैं जो अपने ही बयानबाज़ी से अपने राष्ट्र की सुरक्षा दांव पर लगाने से पूर्व एक बार भी नहीं सोचते, और श्रीमान रवीश कुमार इसी बिरादरी का एक महत्वपूर्ण अंग है या मुखिया ही मान लीजिये ।

टूलकिट का प्रसारण, अराजकतावादियों को बचाना, आप बस नाम लीजिये और रवीश कुमार आपकी सेवा में प्रस्तुत! आतंकवाद, दंगे, एवं किसी भी प्रकार की अराजकता पर अपना समर्थन देते हुए इनके चेहरे की रौनक अलग से दिखती है, और ऐसा ही कुछ कार्य इनके निष्पक्ष रिपोर्टिंग जिसका गुणगान करते श्रीमान कभी नहीं थकते, उस निष्पक्ष रिपोर्टिंग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं

इज़राइल और हमास के बीच हालिया संघर्ष के दौरान यह प्रवृत्ति एक बार फिर देखने को मिली, जहां हमास गुट के लिए इन्होने पलक पांवड़े बिछाने में कोई प्रयास अधूरा नहीं छोड़ा। तो स्वागत है आपका मित्रों, और आज हम इज़राइल-हमास संघर्ष के दौरान रवीश कुमार के कार्यों के प्रभाव को समझेंगे, और ये जानेंगे कि अपने एजेंडा की पूर्ति हेतु कोई कितना नीचे गिर सकता है।

 “इज़राएल पीड़ित कैसे?”

इज़राइल में हमास द्वारा किए गए विनाशकारी हमलों के कुछ ही दिनों बाद, रवीश कुमार ने एक आश्चर्यजनक दावा किया: उनके क्रूर कृत्यों के निर्विवाद सबूतों के बावजूद, हमास को दोष नहीं देना था। उन्होंने फ़िलिस्तीन स्थित इस्लामी आतंकवादी समूह को निंदा से बचा लिया।

“किसके आतंकवाद की निंदा की जानी चाहिए? इस मामले में आतंकवादी कौन है? एक और सवाल है – पीड़ित कौन है?” ऐसा प्रतीत होता है कि वह हमास की ओर से बैटिंग करने को उद्यत थे। उन्होंने शक्तिशाली पश्चिमी देशों से मिल रहे समर्थन का हवाला देते हुए सुझाव दिया कि इजरायल को चल रहे संघर्ष में आतंक का शिकार नहीं ठहराया जा सकता है। मतलब रवीश बाबू के शब्दों में, साड़ी गलती इज़राएल की ही है!

और पढ़ें:“जो नेता के साथ फ़ोटो खिचाए वो गोदी मीडिया”, हिप्पोक्रेसी में रवीश कुमार ने टॉप किया है

परन्तु ठहरिये, ये तो अभी प्रारम्भ है, रवीश आगे बांचते हैं, “हमने कई लेखों में एक दिलचस्प नामकरण देखा है – एक को पीड़ित (उर्फ फिलिस्तीन) कहा जा रहा है और दूसरे को पीड़ितों का शिकार (उर्फ इज़राइल) करार दिया गया है … दोनों पर आरोप लगाया गया है आतंकवाद और दोनों पीड़ित हैं…(गाजा में) कब्जे का आरोपी शक्तिशाली इज़राइल भी पीड़ित है।” अगर मौका मिले तो यह आदमी भारत-विभाजन के नरसंहार को भी उचित ठहरा सकता है, या रुकिए, शायद कर भी चुके हैं?

मियां रवीश ने यहाँ तक दावा किया कि हमास इज़राइल जितना ‘शक्तिशाली’ नहीं है। इनके अनुसार, “अब उन लोगों की दुर्दशा की कल्पना करें जो (इज़राइल के सामने) कमज़ोर हैं…अधिकांश देश इज़राइल के साथ हैं, और यह अभी भी ‘पीड़ितों’ का शिकार है। मुट्ठी भर देश भी फ़िलिस्तीन के साथ नहीं हैं” ।

Ravish shamelessly defends Hamas Terrorists

Asks who is Real Terrorist- Hamas or Israel?
Attacks countries supporting Israel of siding with Terrorists.

"हमास और इज़राइल में किसके आतंकवाद की निंदा होनी चाहिए?”

"बड़े देश शक्तिशाली इज़राइल का समर्थन कर आतंक का साथ दे रहे हैं” pic.twitter.com/F4bauFaBN8

— Ankur Singh (Modi Ka Parivar) (@iAnkurSingh) October 9, 2023

रवीश कुमार ने एक सवाल उठाया: “क्या ये देश (इजरायल का पक्ष लेकर) न्याय कर रहे हैं या आतंकवाद से निपटने के नाम पर (इजरायल के) आतंक को बढ़ा रहे हैं?एक महीने पहले भी नेतन्याहू को इस स्तर का जनसमर्थन नहीं था…क्या हमें ये सवाल छोड़ देना चाहिए कि हमास ने इजराइल की सीमा में घुसपैठ कैसे की? मुझे इस सवाल का जवाब निश्चित है…” इस लॉजिक से 26/11 तो कभी हुआ ही नहीं था, हफ़ीज़ सईद एन्ड कम्पनी को तत्कालीन प्रशासन ने मुंबई का विध्वंस करने के लिए आमंत्रित किया था! थोड़ी शर्म अभी बची है या वो भी NDTV को सौंप आये ये महोदय?

प्रोपगैंडा की चलती फिरती दुकान!

इज़राइल-हमास संघर्ष के दौरान रवीश कुमार का हालिया रुख पत्रकारिता की अखंडता और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठा रहा है। हालाँकि, यह पहली बार नहीं है कि वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल हुए हैं, और रवीश कुमार प्रोपगैंडा पत्रकारिता के क्षेत्र में नौसिखिया तो बिलकुल नहीं है।

“एक महीना पहले, नेतन्याहू को जनता का समर्थन नहीं था।

सवाल पूछा जाना चाहिए कि हमास अंदर कैसे आ गया, और इसका जवाब इज़राइल के जवाब में मिलेगा”

रवीश घूमा-फिरा के बता रहे हैं कि हमला करवा कर नेतन्याहू अपनी सरकार बचा रहे।

सिर्फ रवीश ऐसी घटिया सोच रख सकता। pic.twitter.com/1oWiFlBb0R

— Ankur Singh (Modi Ka Parivar) (@iAnkurSingh) October 9, 2023

उदाहरण के लिए हिंडनबर्ग विवाद के दौरान रवीश कुमार ने श्री गौतम अडानी से कठिन सवाल पूछने में कथित विफलता के लिए कई प्रसिद्ध पत्रकारों को निशाना बनाया। उनकी आलोचना मुख्य रूप से इंडिया टीवी के पत्रकार रजत शर्मा पर केंद्रित थी, जिन्होंने हाल ही में अडानी का साक्षात्कार लिया था। रजत शर्मा ने वे सभी सवाल उठाए जो वामपंथी मीडिया में चल रहे हैं, जिनमें मोदी सरकार से अनुचित लाभ के आरोप भी शामिल हैं। हालाँकि, रवीश इन सवालों से प्रभावित नहीं हुए और उन्होंने रजत शर्मा की पत्रकारिता की साख पर सवाल उठाया।

परन्तु बोल भी कौन रहा है, वह रवीश कुमार, जिसने पूर्वोत्तर दिल्ली के दंगों में सक्रिय रूप से अराजकतावादियों की सहायता की? स्मरण कराइये कैसे आपने शाहरुख़ पठान को बचाने हेतु एक अनुराग मिश्रा के जीवन को खतरे में डाला था? हो सकता है इनके इन्ही करतबों के पीछे इन्हे मैग्सेसे पुरस्कार मिला होगा, लेकिन उन्होंने तो काफी समय पूर्व पत्रकारिता के बुनियादी सिद्धांतों को त्याग दिया है, और पीएम मोदी के विरोध के नाम भारत को नीचा दिखाने का एक भी अवसर ये व्यक्ति हाथ से जाने नहीं देता।

परन्तु जो अनुराग मिश्रा के साथ हुआ, वह तो मात्र हिमशैल के सतह समान है! पिछले कुछ वर्षों की हिंसक घटनाओं पर करीब से नज़र डालेंगे, तो आपको उन सभी में एक समान सूत्र दिखाई देगा: रवीश कुमार! इस व्यक्ति ने वास्तव में अग्निपथ भर्ती योजना से जुड़ी हिंसा को उचित ठहराने की कोशिश की है।
2019 के आम चुनावों की अगुवाई में, रवीश कुमार अखिलेश यादव और मायावती के असफल गठबंधन के अनौपचारिक वकील थे। निष्पक्षता का तो इनसे दूर दूर तक कोई नाता नहीं!

और पढ़ें:प्राइम टाइम एंकर से लेकर ‘घंटी बजाने वाले’ तक, रवीश कुमार के अद्भुत करियर की कहानी

इसके अलावा, वह हमारे सशस्त्र बलों का मज़ाक उड़ाने से नहीं हिचकिचाते, चाहे वह उरी हमले के बाद हो या गलवान झड़प के बाद। प्रधानमंत्री मोदी से सवाल करने के नाम पर, वह उन लोगों का अपमान करते हैं जो हमारे देश की रक्षा करते हैं।

हैरान करने वाली बात यह है कि इस सारे नाटक के बाद भी उनमें ‘स्वतंत्र पत्रकारिता’ का झंडा लहराते हुए खुद को एक तटस्थ पत्रकार घोषित करने का साहस रखते है। रवीश का दावा है कि वह “निष्पक्ष पत्रकारिता” के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन क्या आप एक भी उदाहरण याद कर सकते हैं जहां उन्होंने बिना किसी दुर्भावना के वास्तव में तटस्थता का प्रदर्शन किया हो? सिर्फ एक उदाहरण?

ऐसे में, इज़राइल-हमास संघर्ष के दौरान रवीश कुमार का रुख पत्रकारिता की अखंडता और निष्पक्ष रिपोर्टिंग को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा करता है। दोष मढ़ने और एक आतंकवादी संगठन को पीड़ित के रूप में चित्रित करने का उनका प्रयास सच्चाई का वह विरूपण / distortion है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Anarchists and terroristsGaza conflictImpartial reportingIndian journalismIsrael-Hamas conflictJournalistic integrityLeftist ecosystemmedia biasMedia criticismPropaganda JournalismRavish KumarRavish Kumar’s biasRavish Kumar’s controversial statementsRavish Kumar’s neutralityRavish Kumar’s stance
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पठानकोट हमलों का मास्टरमाइंड ढेर!

अगली पोस्ट

चुन चुन के लिया जा रहा हमास समर्थकों से हिसाब!

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited