TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

लड़ाई इज़राएल और हमास की, लाभ क़तर का!

ये कड़वा सच सबको नहीं पचेगा!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
11 October 2023
in मत, विश्व
लड़ाई इज़राएल और हमास की, लाभ क़तर का!
Share on FacebookShare on X

विशाल तेल भंडार, समृद्ध जीवन स्तर और फीफा विश्व कप की मेजबानी का सम्मान – इन पहलुओं में क्या समानता है? उत्तर सरल और स्पष्ट है: कतर। मध्य पूर्व के दुर्जेय खिलाड़ियों में से, कतर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। फिर भी, समृद्धि और प्रतिष्ठा के इस आवरण के पीछे एक ऐसी सच्चाई छुपी है, जो क़तर नहीं चाहता कि सार्वजनिक हो। क्या आप जानते हैं कि इजरायल-हमास के संघर्ष के बीच, कतर ही है जिसको सर्वाधिक लाभ मिलेगा, भले ही इसके लिए मानवता के सार से समझौता करना पड़े?

कतर की संपत्ति और प्रभाव निर्विवाद है, लेकिन वे एक गहरे आयाम के साथ मौजूद हैं जिसे कम ही स्वीकार किया जाता है। मध्य पूर्व की जटिल भू-राजनीतिक गतिशीलता में कतर की भूमिका, विशेष रूप से इज़राइल-हमास संघर्ष के संबंध में, वैश्विक मंच पर उसके नैतिक और नैतिक विकल्पों के बारे में महत्वपूर्ण सवाल उठाती है।
तो नमस्कार मित्रों, और आज हमारी चर्चा कतर के इसी स्थिति पर होगी, और क्यों असामाजिक तत्वों के लिए उसका विशिष्ट प्रेम आज भी बहुतों की दृष्टि से छुपा हुआ है!

संबंधितपोस्ट

ईरान-इजराइल युद्ध तेज: एयरस्ट्राइक, जवाबी मिसाइल हमले और खामेनेई को लेकर बढ़ा सस्पेंस

गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


‘कमांडर जैसे नहीं, भागते हुए मरा याह्या सिनवार’… खान यूनुस का कसाई हमास चीफ ढेर, नेतन्याहू बोले- हिसाब बराबर

और लोड करें

क़तर का गुप्त “साइड बिजनेस”!

कतर का वैश्विक कद काफी सुदृढ़, एवं इसकी अर्थव्यवस्था समृद्ध है जो इसे दुनिया के सबसे धनी देशों में सम्मिलित करती है। कतर की आर्थिक शक्ति का आधार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस है। ये संसाधन इसकी वित्तीय शक्ति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जो सरकारी राजस्व का 70% से अधिक, सकल घरेलू उत्पाद का 60% से अधिक और निर्यात आय का लगभग 85% है। वैश्विक स्तर पर तीसरे सबसे बड़े सिद्ध प्राकृतिक गैस भंडार और दूसरे सबसे बड़े प्राकृतिक गैस निर्यातक के साथ, कतर ऊर्जा क्षेत्र में जबरदस्त प्रभाव रखता है।

और पढ़ें: विपक्ष ने दिया बेंजामिन नेतन्याहू को पूर्ण समर्थन, क्या कभी ऐसा भारत में देखने को मिलेगा?

फिर भी, इस चकाचौंध और ग्लैमर के पीछे एक कड़वी सच्चाई छिपी है – आतंकवाद को प्रायोजित करने में कतर की भागीदारी। यदि पाकिस्तान के पास मजबूत आर्थिक रीढ़ होती और आतंकवाद को प्रायोजित करने के साक्ष्य को छुपाने हेतु पर्याप्त संसाधन और दिमाग होता, तो वह कतर होता। सच कहा जाए तो, कतर फिल्म ओपेनहाइमर के इस कथन का जीवंत अवतार है: “शौकिया सूरज की तलाश करते हैं, सत्ता छाया में रहती है”, अर्थात सत्ता तिकड़मों का खेल है!

अपने कृत्यों के लिए कुख्यात आतंकी संगठन हमास के साथ क़तर के संबंध वास्तव में विवादास्पद हैं। अगर न होता, तो हमास दशकों पूर्व समाप्त हो चुका होता! परन्तु आपको क्या लगता है कि फिलिस्तीनी, जो व्यावहारिक रूप से पाकिस्तानियों जितने ही भोले हैं, उनमें इजरायल पर हमास के कायरतापूर्ण हमलों के खिलाफ विजय मार्च निकालने का साहस कहाँ से आता है, बावजूद इसके कि इन हमलों की क्रूरता किसी से छिपी नहीं है? हमास समर्थक कार्टेल में निर्दोष इजरायलियों के खिलाफ अपने बर्बर अपराधों को उचित ठहराने का इतना दुस्साहस कैसे मिलता है? किसी शक्तिशाली संस्था के समर्थन के बिना यह आसान नहीं होगा, और वह संस्था है कतर। इसकी सीमाओं के भीतर अल जज़ीरा जैसे प्रभावशाली प्रचार आउटलेट की उपस्थिति कतर की प्राथमिकताओं पर संकेत देती है।

Does the fact that the head of Hamas is celebrating openly at a fancy hotel in Qatar where is spends half his time, make Qatar a state-sponsor of terrorism? Asking for 9 million Israelis pic.twitter.com/Q6o0hsFd8p

— Igor Schatz (@Copernicus2013) October 8, 2023

आतंकवाद का समर्थन करने में कतर की भागीदारी का विशिष्ट कारक लेबनान, पाकिस्तान या संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों के विपरीत, जहां ऐसी सहानुभूति कभी-कभी अधिक स्पष्ट होती है, विवेकशील बने रहने की इसकी असाधारण क्षमता है। संक्षेप में जितनी सफाई क़तर आतंकियों को बढ़ावा देता है, उतनी सफाई से कोई भी अन्य राष्ट्र सोच भी न पायेगा, करना तो बहुत दूर की बात!

इज़राएल ही एकमात्र पीड़ित नहीं है!

वैसे ये भी जान लीजिये कि इजराइल कतर के लाभ की इस कुत्सित खोज का एकमात्र शिकार नहीं है। अपनी स्मरण शक्ति को नूपुर शर्मा मामले पर पुनः केंद्रित करें, जिसने ‘मध्य पूर्व से वैश्विक समर्थन’ प्राप्त किया था। आश्चर्य की बात यह है कि इसकी जड़ें कतर में मजबूती से जमी हुई थीं। ऐसा प्रतीत होता है कि कतर की भारत की प्रतिष्ठा को धूमिल करने में विशेष रुचि है, भले ही उनके बीच आर्थिक संबंध मजबूत हो।

उदाहरण के लिए डिसइन्फो लैब की 2021 की रिपोर्ट ने मुस्लिम ब्रदरहुड के भारत विरोधी एजेंडे को उजागर किया। इस संगठन ने ट्विटर पर मनगढ़ंत हैशटैग बनाए और भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों को कमजोर करने के उद्देश्य से पोस्ट का प्रचार किया।

26 सितंबर 2021 को ट्विटर पर एक हैशटैग #Boycott IndianProducts ट्रेंड करने लगा। अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान असम पुलिस पर हमला करने वाले एक व्यक्ति के वीडियो को साझा करने के लिए शुरुआत में हजारों ट्वीट्स ने इस हैशटैग का इस्तेमाल किया। कुछ ट्वीट्स में झूठा दावा किया गया कि भारत अपने मुस्लिम नागरिकों के साथ भेदभाव कर रहा है, जिससे मुस्लिम दुनिया से मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ एकजुटता दिखाते हुए भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने का आग्रह किया गया।

और पढ़ें: Israel attacks: इज़राएल के समर्थन में उतरा UAE तो ईरान ने हमास ने मुंह मोड़ा

एक ओर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया है, तो वहीँ पाकिस्तान और तुर्की जैसे अन्य देश, अरब दुनिया पर अपनी ऐतिहासिक निर्भरता को कम करने के लिए एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हुए देखे गए, जिसका कतर तगड़ा समर्थन कर रहा है। इस बीच, अफगानिस्तान में तालिबान का उदय पाकिस्तान के कट्टरपंथी एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है। कतर-तुर्की-पाकिस्तान (क्यूटीपी) गठबंधन को विकराल रूप धारण करने से पूर्व ही रोकना होगा।

ये प्रवृत्ति फीफा विश्व कप के 2022 संस्करण में भी देखने को मिली। चयन बोली से लेकर फाइनल के समापन क्षणों तक पूरा टूर्नामेंट विवादों से घिरा रहा। जिसे खेल का वैश्विक उत्सव माना जाता था, उसे कतर ने इस्लामी विचारधारा के प्रचार-प्रसार का माध्यम बना दिया ।

विश्व कप के दौरान क़तर के अपने अजब गजब नियम भी लागू थे। अनैतिक कार्यों, इशारों और सार्वजनिक दुर्व्यवहार के कारण कारावास की सम्भावना थी। इसके अलावा, एक सख्त ड्रेस कोड में कंधे, छाती, पेट और घुटनों को ढंकना अनिवार्य था। यदि यह पर्याप्त नहीं था, तो कतर ने उद्घाटन समारोह में कुख्यात प्रचारक और वांछित अपराधी जाकिर नाइक को भी आमंत्रित किया। अनौपचारिक रूप से, फीफा विश्व कप 2022 पहला ‘हलाल विश्व कप’ बन गया, जहां खेल भावना और खेल के उत्सव ने कड़े नैतिक और ड्रेस कोड के प्रवर्तन को पीछे छोड़ दिया है।

हालाँकि कतर के खिलाफ सबूत मायावी हो सकते हैं, लेकिन यह देश को आतंक को बढ़ावा देने से आरोप मुक्त नहीं करता है। ऐसा लगता है कि कतर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और संघर्ष के जटिल जाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अस्पष्टता का आवरण बनाए रखने में माहिर है, और यह अच्छी बात नहीं!

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: conflict resolutionDiplomatic effortsGaza crisisgeopolitical dynamicsHamas supportIsrael-Gaza situation.Israel-Hamas conflictMiddle East politicsMiddle East tensionsQatar’s foreign policyQatar’s influenceQatar’s mediationQatar’s roleRegional diplomacyRegional power play
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

योगी का स्पष्ट प्रश्न: “सिंध को वापस लाने से कौन रोक सकता है?”

अगली पोस्ट

इज़राएल पर हमलों का उत्सव मनाने के लिए प्लेबॉय पोर्टल ने किया मिया खलीफा को निष्कासित!

संबंधित पोस्ट

इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले
चर्चित

इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

20 March 2026

दुनिया के कई हिस्सों में पहले से मौजूद तनाव अब एक खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर...

ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?
चर्चित

ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

19 March 2026

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में 100 साल पुराने जोन्स एक्ट में 60...

चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी
विश्व

14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

17 March 2026

14 मार्च 2005 का दिन एशिया की राजनीति में एक अहम मोड़ साबित हुआ। उस दिन चीन की संसद  नेशनल पीपल कांग्रेस ने एक अहम...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited