TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मंदिरों को सरकारी कब्जे से मुक्त कराने के लिए साथ आए हिन्दू संगठन और संत समाज, बड़ा ऐलान जल्द

बोले स्वामी जीतेंद्रानंद - कोर्ट से भी ऊपर है वक्फ

TFI Desk द्वारा TFI Desk
24 September 2024
in चर्चित, संस्कृति
मंदिरों को सरकारी कब्जे से मुक्त कराने के लिए साथ आए हिन्दू संगठन और संत समाज, बड़ा ऐलान जल्द
Share on FacebookShare on X

तिरुपति मंदिर का मुद्दा देश भर में छाया हुआ है। मंदिर के लड्डू में जानवर की चर्बी और मछली के तेल होने की बात सामने आई। इसके बाद आक्रोशित हिन्दू संगठनों ने मंदिरों को सरकारी कब्जे से मुक्त कराने की अपनी पुरानी माँग को मजबूती से उठाना शुरू कर दिया है। तिरुपति मामले के खुलासे को हिन्दू संगठन एक अवसर के रूप में ले रहे हैं, ताकि आगे इस तरह की घटनाएँ न दोहराई जाएँ। हिन्दू संगठन और इसके प्रतिनिधि एकमत से इस मौके का इस्तेमाल मंदिरों को सरकार कब्जे से मुक्त कराने के लिए कर रहे हैं और जल्द ही बड़ा ऐलान होने वाला है।

मामला भले ही तब का हो जब आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की सरकार थी, लेकिन देश के दूसरे मंदिरों की भी शुचिता एवं पवित्रता बनाए रखने के लिए आवाज़ उतनी शुरू हो गई है। संतों के साथ-साथ सामान्य हिन्दुओं ने भी इसके लिए आवाज़ उठानी शुरू कर दी है।

संबंधितपोस्ट

VHP ने की ‘धार्मिक परिषद बोर्ड’ बनाने की माँग

और लोड करें

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। डिप्टी CM पवन कल्याण इस मुद्दे को लेकर सबसे ज़्यादा मुखर हैं। उन्होंने हिन्दू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने के लिए अभियान छेड़ दिया है। साथ ही वो 11 दिनों के अनुष्ठान के जरिए प्रायश्चित भी कर रहे हैं। पुरोहितों ने विधि-विधान से तिरुपति तिरुमला स्थित वेंकटेश्वर मंदिर का शुद्धिकरण भी किया है। पवन कल्याण ‘सनातन रक्षा बोर्ड’ की स्थापना की माँग कर रहे हैं। उधर प्रयागराज में ‘अखाड़ा परिषद’ ने भी ‘सनातन धर्म रक्षा बोर्ड’ के लिए प्रारूप तैयार करने का ऐलान किया है।

इस पूरे मामले में संत समाज की राय और भविष्य की रणनीति समझने के लिए हमने ‘अखिल भारतीय संत समिति’ के महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती से बातचीत की। उनका सीधा सवाल था कि जब मुस्लिम राजाओं द्वारा दी गई जमीनों को वक्फ बोर्ड की संपत्ति घोषित कर दिया गया है, तो फिर हिन्दू राजाओं की जो जमीनें थीं वो कहाँ गईं? उन्होंने 2013 के वक्फ प्रॉपर्टी एक्ट पर सवाल उठाए, जो 1995 के वक्फ एक्ट का संशोधन था। बता दें कि इस संशोधन के तहत वक्फ बोर्ड को ये अधिकार दे दिया गया कि वो नोटिस देकर या अख़बार में छपवा कर अपने दावे वाली किसी भी जमीन को खाली करा सकता है।

स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने इस पूरे का पूरे संशोधन को ही अवैध करार दिया। जब ये लाया गया तब देश में UPA की सरकार थी, सोनिया गाँधी उस सरकार की सर्वेसर्वा थीं और डॉ मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री हुआ करते थे। ये वही कानून है, जिसका इस्तेमाल कर के कॉन्ग्रेस ने 2014 में सत्ता से जाते-जाते राष्ट्रीय राजधानी स्थित 123 संपत्तियों को वक्फ बोर्ड को सौंप दिया। इस कानून ने वक्फ बोर्ड को असीमित शक्तियाँ दे दीं, जिन्हें किसी अदालत में भी चुनौती नहीं दी जा सकती थी। यानी, सामान्य जमीनों के विवाद को लेकर आ SDM की अदालत में जा सकते हैं, हाईकोर्ट जा सकते हैं, सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। ‘अखिल भारतीय संत समिति’ के महामंत्री ने इस प्रावधान पर ऐतराज जताया है कि आखिर कोई मजहबी बोर्ड देश की न्यायपालिका से भी ऊपर कैसे हो सकता है।

स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती का आरोप है कि इस कानून का इस्तेमाल कर के ग्राम सभा की जमीनों और बंजर जमीनों को भी वक्फ बोर्ड की संपत्ति घोषित कर दी गोई दी गई। उनका आकलन है कि जितना पंजाब का क्षेत्रफल है, उसका आधा कर दें तो उतनी जमीन वक्फ बोर्ड कब्जाए बैठा है। भारत में केंद्रीय रेल मंत्रालय और केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के बाद सबसे अधिक संपत्ति का स्वामी वक्फ बोर्ड ही है। कुल मिला कर न केवल ये बराबरी के सिद्धांत के खिलाफ है, बल्कि भारत की न्याय व्यवस्था को भी धता बताता है। सोचिए, जो हिन्दू पाकिस्तान में अपना सब कुछ छोड़ कर आए उन्हें कुछ नहीं मिला, एक नागरिकता तक के लिए CAA के आने तक इंतज़ार करना पड़ा, वहीं भारत से पाकिस्तान में गए मुस्लिमों की जमीनों को वक्फ बोर्ड को सौंप दिया गया।

ये तो थी वक्फ बोर्ड की बात, जो इस्लाम के हिसाब से भारत में काम करता है। लेकिन, हिन्दुओं का ऐसा कोई बोर्ड अब तक नहीं है। स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती वो ध्यान दिलाते हैं कि भारतीय मंदिरों पर असीमित नियंत्रण के लिए अंग्रेज जो कानून लेकर आए थे, वो अभी तक चले ही आ रहे हैं। मंदिरों से उनकी स्वायत्ता छीन ली गई और उनकी आय व संपत्तियों का इस्तेमाल अंग्रेज अपने लिए करने लगे। ये वही मंदिर हैं, जिन्हें लूटने के लिए कभी इस्लामी आक्रांता भारत में हमला करते थे। महमूद गजनी ने सोमनाथ से लेकर मथुरा तक के मंदिरों को कैसे लूटा और उन्हें जर्जर अवस्था में पहुँचा दिया, ये हमें पता है।

मंदिरों ने सदियों से जो संपत्ति अर्जित की, आय के स्रोत बनाए, श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था के कारण जो दान दिए – वो सब अंग्रेजों के, फिर सरकारी कब्जे में चले गए। वो फिर हिन्दुओं को अब तक वापस नहीं मिल पाए हैं। स्वामीजी बताते हैं कि बिहार में ‘धार्मिक न्यास’ बोर्ड है, उसे मंदिरों की आय पर सरकार को 4% टैक्स देना पड़ता है। उनका कहना है कि जहाँ एक तरफ वक्फ बोर्ड के पास उसकी 80% जमीनों का वैध दस्तावेज नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ मंदिरों से टैक्स वसूले जा रहे हैं। सन् 1863 में अंग्रेज भारत में ‘रिलीजियस एंडोमेंट्स एक्ट’ लेकर आए। मद्रास में सन् 1923 में इस तरह का कानून लाया गया। 1950 में इसे संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 में डाला गया। अदालतों ने भी ‘मंदिर सुधार’ के नाम पर मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण को जायज ठहराया। श्री शिरूर मठ ने इस संबंध में केस दायर किया था, लेकिन 1954 में न्यायपालिका ने सरकार के पक्ष में ही फैसला सुनाया।

2017 में ‘अखिल भारतीय संत समिति’ ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर सनातन हिन्दू मंदिरों के नियंत्रण के संबंध में अपनी माँग रखी थी। इसमें कहा गया था कि भारत का संविधान धर्मनिरपेक्ष है लेकिन फिर भी संपूर्ण भारत के मंदिरों पर असंवैधानिक रूप से सरकारी कब्ज़ा है। पत्र में याद दिलाया गया था कि मस्जिदों, चर्चों और गुरुद्वारों के विषय में ऐसा नहीं है – इन्हें इनके ही मजहब के लोग संचालित करते हैं। मंदिरों की समितियों में गैर-हिन्दुओं और राजनीतिक पदाधिकारियों के मनोनयन से इन्हें क्षति पहुँचने की बात भी उन्होंने कही। सवाल ये पूछा गया था कि धर्म-स्वतंत्रता अगर संविधान प्रदत्त मूल अधिकार है तो फिर हिन्दुओं के मंदिरों का प्रबंधन हिन्दुओं के पास क्यों नहीं है?

स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती का कहना है कि लगभग 4 लाख मंदिरों को हिन्दुओं के नियंत्रण में लाए जाने की आवश्यकता है, इनमें से 33,880 ऐसे हैं जिनसे सरकार को मोटी कमाई हो रही है। इस आय का इस्तेमाल हिन्दू समाज के लिए और सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए होना चाहिए था। उक्त पत्र में सरकार से अपील की गई थी कि वो धार्मिक संगठनों से संवाद कर के हिन्दू मंदिरों को वापस हिन्दुओं के नियंत्रण में लाने के लिए काम करे। ये तो थी पीछे की बात, अब आगे क्या? हिन्दू संगठन अब इस दिशा में कैसे बढ़ रहे हैं?

इसके जवाब में स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने जानकारी दी कि फ़िलहाल अभी आंतरिक कागजी काम चल रहे हैं, बैठकें हो रही हैं और अगले 2 महीने में इस संबंध में कुछ ऐलान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘अखिल भारतीय संत समिति’, काशी विद्वत परिषद और विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के अलावा RSS के साथ भी विचार-विमर्श चल रहा है। अब इंतज़ार है कि संत समाज क्या प्रस्ताव लेकर आता है, सरकार के साथ उनकी इस मुद्दे पर किस प्रकार सहमति बनती है। ऐसे समय में ये इंतज़ार और महत्वपूर्ण हो जाता है, जब वक्फ बोर्ड एक-एक कर मंदिरों तक की संपत्तियाँ निगल रहा है और दूसरी तरफ हमारे मंदिरों की आय से सनातन के उत्थान के कार्य होने की बजाए सारा पैसा सरकारी खजाने में जा रहा है।

Tags: #आध्यात्मिक_जागरूकता#तिरुपति_मंदिर#धार्मिक_अधिकार#धार्मिक_स्वतंत्रता#मंदिर_पुनर्स्थापन#वक्फ_बोर्ड#विश्वास_और_राजनीति#स्वामी_जीतेन्द्रानंद#हिन्दू_एकता#हिन्दू_संगठनसनातन_धर्मसरकारी_नियंत्रणसांस्कृतिक_संरक्षणहिन्दू_संस्कृति
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

एनकाउंटर: श्रीप्रकाश शुक्ला, मंगेश यादव, अनुज सिंह… यूपी STF की दास्तां

अगली पोस्ट

श्रीमद भगवद्गीता के विभिन्न अध्याय और उनकी मुख्य अवधारणाएँ

संबंधित पोस्ट

राम मंदिर में कर्मचारियों की निगरानी सख्त
चर्चित

राम मंदिर में कर्मचारियों की निगरानी सख्त, फेस रीडिंग से होगी हाजिरी; चढ़ावा मामले के बीच पूर्व पदाधिकारियों की सक्रियता बढ़ी

20 August 2026

अयोध्या में राम मंदिर और उससे जुड़े परिसरों में काम करने वाले कर्मचारियों की निगरानी अब और सख्त कर दी गई है। कर्मचारियों की ड्यूटी...

बांग्लादेश में 35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव
चर्चित

बांग्लादेश में 35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव, मिर्जा फखरुल आलमगीर और ओली अहमद आमने-सामने

20 August 2026

बांग्लादेश में आज राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने जा रहा है। करीब 35 साल बाद ऐसा पहली बार है जब राष्ट्रपति चुनाव में दो...

भारी बारिश का अलर्ट
चर्चित

देशभर में भारी बारिश का अलर्ट: पहाड़ी राज्यों में बादल फटा, कई रास्ते बंद; 25 अगस्त तक कई राज्यों में बारिश

20 August 2026

दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय पश्चिमी हिमालयी राज्यों में जमकर बरस रहा है। बुधवार को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में तेज बारिश...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited