TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

    Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

    Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ?

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

गाय राज्यमाता: साधुओं की लाशें… करपात्री महाराज का इंदिरा को वो शाप, जो 18 साल बाद हुआ सच

महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने गाय को राज्यमाता का दर्जा दिया है। 1966 में करपात्रीजी महाराज ने गोवधबंदी के लिए देशभर में साधु-संतों की मुहिम चलाई थी।

Sudhakar Singh द्वारा Sudhakar Singh
30 September 2024
in चर्चित, राजनीति
गाय राज्यमाता: साधुओं की लाशें… करपात्री महाराज का इंदिरा को वो शाप, जो 18 साल बाद हुआ सच

करपात्रीजी महाराज ने गोरक्षा के लिए 1966 में किया था ऐतिहासिक आंदोलन

Share on FacebookShare on X

सनातन धर्म के लिए गाय माता का रूप है। उसमें देवी-देवताओं के निवास करने की मान्यता है। गोरक्षा के लिए हिंदू संगठनों की मुहिम कई राज्यों में देखने को मिलती रही है। अब महाराष्ट्र से अच्छी खबर यह है कि वहां गाय को राज्यमाता का दर्जा मिल गया है। देश के गोरक्षा आंदोलन ने वह दौर भी देखा है, जब सैकड़ों साधुओं ने अपना बलिदान दिया था। पूर्ण गोवधबंदी के लिए हजारों साधुओं ने दिल्ली में डेरा डाल दिया था। उनका नेतृत्व कर रहे थे महान गोरक्षक स्वामी करपात्रीजी महाराज। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उन्होंने चुनौती दी थी। करपात्री महाराज के उस ऐतिहासिक आंदोलन ने देश को हिला दिया था। पुलिस फायरिंग में साधुओं के नरसंहार से आहत करपात्री महाराज ने इंदिरा गांधी को शाप दिया था। वह शाप 18 साल बाद सच भी साबित हुआ।

गोवधबंदी विधेयक के खिलाफ नेहरू

संबंधितपोस्ट

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

पोखरण-I के 51 साल: जब भारत ने दुनिया को दिखाया अपना परमाणु आत्मबल

Vijay Diwas 2025 : 16 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है विजय दिवस, जानें पूरा इतिहास

और लोड करें

आजाद हिंदुस्तान में सबसे पहले विनोबा भावे ने पूर्ण गोवधबंदी की मांग उठाई। पदयात्राओं में वह इस मांग को जनता के बीच उठाते रहे। कुछ राज्यों में गोवधबंदी कानून अमल में भी आए। पंडित जवाहरलाल नेहरू के दौर में हिंदू महासभा की तरफ से एक कोशिश हुई। हिंदू महासभा के अध्यक्ष निर्मल चंद्र चटर्जी ने 1955 में संसद में एक विधेयक पेश किया। लेकिन नेहरू इसके खिलाफ थे। लोकसभा में पंडित नेहरू ने कहा, ‘मैं गोवधबंदी के खिलाफ हूं। सदन को यह विधेयक रद्द कर देना चाहिए। राज्य सरकारों से भी मेरी अपील है कि ऐसे विधेयक पर कोई कार्यवाही न करें।‘ यानी नेहरू के जीतेजी गोवधबंदी के मुद्दे पर कुछ हो नहीं सका। उसके बाद आया इंदिरा गांधी का दौर। 1965-66 में स्वामी करपात्रीजी महाराज और प्रभुदत्त ब्रह्मचारी के नेतृत्व में देश के हजारों साधु-संतों ने गोरक्षा अभियान शुरू किया। उस आंदोलन का किस्सा जानने से पहले आपको बताते हैं कि करपात्रीजी महाराज कौन थे?

कौन थे करपात्रीजी महाराज

1907 में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के भटनी गांव में स्वामी करपात्रीजी महाराज का जन्म हुआ। छोटी उम्र में ही सत्य का ज्ञान होने के बाद उन्होंने घर छोड़ दिया। देश-विदेश में सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करते रहे। उनका नाम हरनारायण ओझा था। दीक्षा के बाद उनका नाम हरींद्र नाथ सरस्वती पड़ गया।  लेकिन उनकी ख्याति करपात्रीजी महाराज के नाम से हुई। वह ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य ब्रह्मानंद सरस्वती के शिष्य थे। उनके नाम के पीछे छिपी दास्तां भी दिलचस्प है। तपस्या के दौरान उन्होंने पात्र यानी बर्तन का त्याग कर दिया था। वह दिन में सिर्फ एक बार हाथ की अंजुलि में जितना भोजन समाता था, उतना ही करते थे। कर यानी हाथ में भोजन करने की वजह से उनको करपात्रीजी महाराज के नाम से लोग जानते थे। 24 घंटे में एक बार भोजन, जमीन पर शयन, चरणपदयात्रा और एक पैर पर खड़े होकर तपस्या। यह कठोर जीवन उनकी दिनचर्या थी। वह प्रकांड विद्वान भी थे। उनके लिखे प्रचलित ग्रंथों में रामायण मीमांसा, रामराज्य, वेदार्थ पारिजात, विचार पीयूष और मार्क्सवाद हैं। करपात्रीजी को धर्मसम्राट की उपाधि भी मिली हुई थी।

इंदिरा गांधी से करपात्रीजी का टकराव 

करपात्रीजी महाराज के नेतृत्व में साधु-संत सड़कों पर थे। इसी बीच जयप्रकाश नारायण ने इंदिरा गांधी को चिट्ठी लिखी। उसका मजमून कुछ यूं था- भारत एक हिंदू बहुल देश है। ऐसे में गोहत्या प्रतिबंध कानून क्यों नहीं लाया जा सकता? लेकिन इंदिरा गांधी ने जेपी की यह सलाह नहीं मानी। गोरक्षा महाभियान का दिल्ली में विराट प्रदर्शन हुआ। इंदिरा गांधी के सामने चुनाव भी करीब आ रहे थे। इंदिरा ने आखिरकार करपात्रीजी महाराज से जीत का आशीर्वाद मांगा। वचन दिया कि चुनाव जीतते ही अंग्रेजों के जमाने से चल रहे गायों के सभी कत्लखाने बंद हो जाएंगे। चुनाव इंदिरा जीत गईं, लेकिन इसके बाद करपात्रीजी से किए वादे को टालती रहीं। ऐसे में स्वामी जी को एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। तारीख- 7 नवंबर 1966। लाखों साधु-संत गोवधबंदी कानून की मांग करते हुए संसद के बाहर धरना देने लगे। करपात्रीजी महाराज के साथ  रामचंद्र वीर भी थे, जिन्होंने आमरण अनशन का ऐलान किया था। करपात्री महाराज के इस आंदोलन में ज्योतिष पीठ, द्वारका पीठ और जगन्नाथ पुरी के शंकराचार्य, रामानंदाचार्य, नाथ संप्रदाय और हजारों की संख्या में नागा साधु शामिल थे। लाल किला मैदान से शुरू हुई पदयात्रा संसद भवन तक पहुंच गई। जिस रास्ते से यह पदयात्रा निकल रही थी, वहां लोग फूलों की वर्षा कर रहे थे।

संसद के बाहर जुटे संत, संघर्ष        

हरियाणा के करनाल से जनसंघ के सांसद थे स्वामी रामेश्वरानंद। उग्र संतों से उन्होंने कहा कि संसद में घुसकर सांसदों को बाहर लाया जाए, तभी गोहत्या रोकने का कानून बनेगा। स्वामी रामेश्वरानंद आर्य समाज से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा, ‘यह सरकार गोहत्या रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाएगी। इस सरकार को झकझोरना होगा।‘ इन सबके बीच ट्रांसपोर्ट भवन के पास शरारती तत्वों ने कुछ गाड़ियों में आग लगा दी। संसद के दरवाजे बंद हो गए और चारों ओर धुआं उठने लगा।

इंदिरा ने दिए फायरिंग के आदेश 

इंदिरा गांधी को पूरे घटनाक्रम की सूचना दी गई, तो उन्होंने निहत्थे संतों और करपात्रीजी महाराज पर फायरिंग के आदेश दे दिए। पुलिस ने संतों और गोरक्षकों की भीड़ पर पहले लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले बरसाए। इसके बाद साधु-संतों और गोरक्षकों की भीड़ पर अंधाधुंध फायरिंग होने लगी। अपुष्ट आंकड़ों के मुताबिक पुलिस की गोली से तकरीबन 250 निर्दोष साधु-संत मारे गए। दिल्ली में कर्फ्यू जैसे हालात थे। हजारों संतों को जेल में डाल दिया गया और मीडिया को सेंसर कर दिया गया। मासिक पत्रिका कल्याण ने बाद में अपने गौ अंक विशेषांक में इस घटना का विस्तार से वर्णन किया था। गोरखपुर से छपने वाली कल्याण में करपात्रीजी महाराज के हवाले से इंदिरा गांधी के लिए कहा गया, ‘मुझे इस बात का दुख नहीं कि तूने निर्दोष साधुओं की हत्या कराई, बल्कि तूने गोहत्या करने वालों को छूट देकर पाप किया है। यह माफी के लायक नहीं है। गोपाष्टमी के दिन ही तेरे वंश का नाश होगा।‘ इस हत्याकांड से क्षुब्ध तत्कालीन गृहमंत्री गुलजारी लाल नंदा ने त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने पूरी घटना के लिए अपने साथ ही इंदिरा सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। संत रामचंद्र वीर 166 दिन तक अनशन पर रहे, जो उनकी मृत्यु के साथ खत्म हुआ।

18 साल बाद सच हुआ शाप

गोपाष्टमी को गोपूजा का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। 1966 में उसी दिन देश की राजधानी में साधुओं का नरसंहार हुआ था। स्वामी करपात्रीजी के एक शिष्य ने बताया था कि करपात्रीजी ने इंदिरा गांधी को शाप दिया कि जिस तरह से निहत्थे साधु-संतों पर फायरिंग करके नरसंहार किया गया है, उनका भी यही हाल होगा। बताया जाता है कि संसद के सामने साधुओं की लाशें थीं। दुख के सागर में डूबे करपात्री महाराज ने रोते हुए यह शाप दिया। इस घटना के 18 साल बीत गए। तारीख- 31 अक्टूबर 1984। यह गोपाष्टमी का दिन था। दिल्ली के 1-सफदरजंग रोड स्थित आवास पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके अंगरक्षकों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने अंधाधुंध गोलियां बरसाते हुए हत्या कर दी। और इस तरह करपात्रीजी महाराज की कही बात सच साबित हुई। करपात्रीजी महाराज का निधन 7 फरवरी 1982 को माघ शुक्ल चतुर्दशी के दिन वाराणसी के केदारघाट पर हुआ। उनकी इच्छा के अनुसार केदारघाट स्थित मां गंगा की गोद में ही उन्हें जलसमाधि दे दी गई। गोरक्षा आंदोलन के लिए उनका अद्भुत योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

महाराष्ट्र में गाय को राज्यमाता दर्जा           

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की महायुति सरकार ने गाय को राज्यमाता का दर्जा दे दिया है। कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने यह फैसला लिया। राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में शिंदे सरकार के इस कदम  को अहम माना जा रहा है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा, ‘देसी गाय हमारे किसानों के लिए एक वरदान है। इसलिए हमने राज्यमाता का दर्जा देने का फैसला लिया है। हमने देसी गोमाता के परिपोषण और चारे के लिए मदद देने का निर्णय लिया है।‘ शिंदे कैबिनेट की बैठक में देसी गायों के पालन-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन की सब्सिडी योजना लागू करने का भी फैसला लिया गया है। गोशालाओं की आय कम होने की वजह से उन्हें यह सब्सिडी देने पर मुहर लगाई गई है।

Tags: Anti Cow Slaughter ActCow Protection movementCow Rajmata StatusEknath ShindeIndira GandhiKarpatri Ji MaharajMaharashtra Cow Rajmataइंदिरा गाँधीकरपात्रीजी कौन थेकरपात्रीजी महाराजगोरक्षा आंदोलनगोवधबंदी कानूनगोहत्यामहाराष्ट्र्
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

एयरपोर्ट कर्मचारियों पर भड़के अविमुक्तेश्वरानंद: चोला संत का लेकिन लक्षण नेता वाले, पदवी भी है विवाद में

अगली पोस्ट

J&K चुनाव: कश्मीर घाटी नहीं, जम्मू की मैदानी सीटें तय करेंगी सरकार!

संबंधित पोस्ट

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?
चर्चित

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

3 October 2026

अमेरिका के ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर दिनदहाड़े ईंटों से हमला सिर्फ मंदिर की खिड़कियां टूटने की घटना नहीं है। यह उस डर को...

BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।
चर्चित

पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

3 October 2026

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले BJP अब अपनी सबसे बड़ी कमजोरी पर सीधा हमला करने की तैयारी में है। पार्टी का नया फोकस सिर्फ...

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि
चर्चित

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

28 September 2026

देश के महान क्रांतिकारी और शहीद भगत सिंह की जयंती पर रविवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited