TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘महाराष्ट्र के मुखिया’: वो CM जिनके नाम के ऐलान के वक्त सूचना विभाग के पास नहीं थी उनकी फोटो; कहानी बाबासाहेब भोसले की

बाबासाहेब भोसले को 'भारत छोड़ो' आंदोलन के दौरान उन्हें जेल हुई थी

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
8 November 2024
in इतिहास, राजनीति
‘महाराष्ट्र के मुखिया’: वो CM जिनके नाम के ऐलान के वक्त सूचना विभाग के पास नहीं थी उनकी फोटो; कहानी बाबासाहेब भोसले की

चित्र साभार: Times Content

Share on FacebookShare on X

जनवरी 1982 में महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री और इंदिरा गांधी के वफादार अब्दुल रहमान अंतुले को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद वसंतदादा पाटिल को मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा था लेकिन इंदिरा गांधी ने सबको चौंकाते हुए बाबासाहेब भोसले को महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री बना दिया। भोसले के मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद किसी को नहीं था यहां तक उन्हें खुद भी इसका अंदाजा नहीं था कि वे मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

भोसले का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए आना इतना आश्चर्यजनक था कि उस समय चर्चा होने लगी थी कि इंदिरा गांधी सतारा के अभयसिंह राजे भोसले को मुख्यमंत्री बनाना चाहती थीं लेकिन उन्होंने गलती से बाबासाहेब भोसले के नाम की घोषणा कर दी होगी। जब भोसले के नाम का ऐलान किया गया तो अखबारों के पास छापने के लिए उनकी फोटो तक नहीं थी और सूचना निदेशालय के पास भी तब उनकी फोटो उपलब्ध नहीं थी।

संबंधितपोस्ट

‘गांधी परिवार बनाम संघ परिवार’… क्या रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस के लिए कर दिया सेल्फ गोल?

‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

Sonia Gandhi Citizenship Row: नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम? दिल्ली कोर्ट के आदेश के बाद आगे क्या ?

और लोड करें

वरिष्ठ पत्रकार वेंकटेश केसरी जो उस समय औरंगाबाद के दैनिक ‘मराठवाड़ा’ में पत्रकार थे, वे बताते हैं, “जब हमने यह खबर छापनी चाही कि बाबा साहब भोसले मुख्यमंत्री बन गए हैं तो हमें फोटो चाहिए थी और जब हमने सूचना निदेशालय से उनकी फोटो मांगी तो उनके पास भी नहीं मिली।” केसरी कहते हैं कि बाद में एक पत्रिका से उनका फोटो लेकर सभी समाचार पत्रों को भेजा गया था। मीडिया और लाइम लाइट से दूर रहने वाले भोसले आगे चलकर अपने बेबाक अंदाज के लिए पत्रकारों के चहेते बन गए थे।

‘भारत छोड़ो’ के दौरान भोसले को हुई जेल

भोसले का जन्म 15 जनवरी 1921 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के एक गांव में हुआ था। बचपन से ही पढ़ने-लिखने में मेधावी भोसले ने छोटी उम्र में ही स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेना शुरू कर दिया था। वे सतारा, कोल्हापुर, सांगली के इलाकों में भूमिगत होकर काम करते थे और इस बीच जब अंग्रेजों की नजर उनकी गतिविधियों पर पड़ी और उनकी सारी संपत्ति जब्त कर ली गई। भोसले ने 1939 में छात्र रहते हुए स्वतंत्रता संग्राम और सत्याग्रह में भाग लिया था और 1942 के ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन के दौरान भोसले को डेढ़ वर्ष की कैद हुई थी।

पहली बार विधायक रहते हुए बने CM

स्वतंत्रता के बाद वह 1948 में उच्च शिक्षा के लिए लंदन चले गए और 1951 में वहां से लौटने के बाद उन्होंने सतारा में वकालत शुरू की और बाद में वे उच्च न्यायालय में वकालत करने लगे थे। भोसले स्वतंत्रता आंदोलन के वक्त से ही कांग्रेस के साथ जुड़े हुए थे और वे महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश कमेटी के सचिव भी बन गए थे। बाबासाहेब भोसले पहली बार 1980 में नेहरूनगर क्षेत्र से विधायक चुने गए और उन्हें ए.आर. अंतुले के मंत्रिमंडल में कानून मंत्री बनाया गया।

कुछ समय बाद जब अंतुले ने इस्तीफा दिया तो जनवरी 1982 में उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लोगों को उनके मुख्यमंत्री चुने जाने का भरोसा नहीं हुआ था। 1982-83 में मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान प्रतिभा पाटिल उनकी कैबिनेट की सदस्य थीं जो आगे चलकर भारत की राष्ट्रपति बनीं। भोसले के मुख्यमंत्री काल के दौरान उन्हें अपने पार्टी में ही कई बार नेताओं से बगावत का सामना करना पड़ा। शरद पवार जैसे विपक्षी नेता और मिल मजदूरों की हड़ताल जैसी चुनौतियों का भी उन्हें सामना करना पड़ा था।

मुख्यमंत्री के तौर पर ‘लोकप्रिय’ फैसले

भोसले ने करीब एक वर्ष तक ही महाराष्ट्र की कमान संभाली लेकिन उन्होंने कई ऐसे दूरगामी और लोकहित के फैसले लिए जिन्हें आज भी याद किया जाता है। भोसले ने लड़कियों के लिए 10वीं कक्षा तक की शिक्षा मुफ्त देने की योजना की शुरुआत की थी जिसे जमकर सराहा गया था। उन्होंने पंढरपुर के प्रसिद्ध विठोबा मंदिर में ‘बड़वे’ (पुजारी) की प्रथा को समाप्त किया, स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन बढ़ाई, अमरावती विश्वविद्यालय के निर्माण की अनुमति दी, मछुआरों के लिए बीमा योजना शुरू की और उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच शुरुआत करने का फैसला लिया था। उनके लिए कहा जाता है कि वे अकसर अपनी बैठकों के दौरान अधिकारियों और नेताओं को चुटकुले सुनाते थे और उनके जोक्स पर खुद जमकर ठहाके भी लगाते थे। उनका मानना था कि अगर माहौल खुशगवार रहेगा तो कर्मचारी दोगुने जोश से कामकाज कर सकेंगे।

‘पुलिस विद्रोह’

भोसले ने अपने कार्यकाल के दौरान कई बड़े फैसले लिए लेकिन सबसे अधिक चर्चा उनके काल में हुए ‘पुलिस विद्रोह’ की होती है। पुलिस ने अपनी मांगों को पूरी करने के लिए हथियार उठा लिए थे और मुंबई में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई थी। बाद में सीआरपीएफ की मदद से इस हड़ताल पर काबू पाया जा सका। यह हड़ताल 48 घंटों में समाप्त हो गई थी लेकिन माना जाता है कि यह सिस्टम की बड़ी विफलता थी। हालांकि, कई लोग उनके द्वारा इस हड़ताल पर जल्द काबू करने की शैली की तारीफ भी करते हैं।

‘हमेशा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री’

भोसले के कार्यकाल के दौरान कांग्रेस में भीतरी मतभेद और शराब लाइसेंस के वितरण व बॉम्बे में फ्लैटों के आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। कहा जाता है कि भोसले पार्टी के भीतर के विद्रोह को खत्म करने और विधायकों को नियंत्रित करने में सफल नहीं रहे और उन्हें अपना पद गंवाना पड़ा था। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उन्होंने कहा था, “मेरा मुख्यमंत्री पद छीन लिया गया लेकिन अब मेरे नाम के साथ पूर्व मुख्यमंत्री का पद स्थाई रूप से जुड़ गया है जिसे कोई छीन नहीं सकता है।”

उनका यह बयान काफी चर्चित रहा था। भोसले ने आगे चलकर बालासाहेब ठाकरे का नेतृत्व स्वीकार किया और वे शिव सेना में शामिल हो गए थे। भोसले का 6 अक्टूबर 2007 को 86 वर्ष की आयु में मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया था।

स्रोत: महाराष्ट्र, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव, बाबासाहेब भोसले, इतिहास, इंदिरा गांधी, कांग्रेस, शिवसेना, Maharashtra, Maharashtra Assembly Elections, Babasaheb Bhosale, History, Indira Gandhi, Congress, Shiv Sena,
Tags: Babasaheb BhosaleCongressHistoryIndira GandhiMaharashtraMaharashtra Assembly ElectionsShiv Senaइतिहासइंदिरा गाँधीकांग्रेसबाबासाहेब भोसलेमहाराष्ट्रमहाराष्ट्र विधानसभा चुनावशिवसेना
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हमें जस्टिन ट्रूडो से छुटकारा दिलाइए: ‘अगले चुनाव में हो जाएगी विदाई’… एलन मस्क के कमेंट से मची हलचल

अगली पोस्ट

हिमाचल के CM का समोसा चोरी, CID कर रही है जाँच: टॉयलेट टैक्स के बाद फिर विवादों में कांग्रेस सरकार

संबंधित पोस्ट

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि
चर्चित

भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

28 September 2026

देश के महान क्रांतिकारी और शहीद भगत सिंह की जयंती पर रविवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम...

22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था
इतिहास

‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

28 September 2026

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की चर्चा भगत सिंह का नाम लिए बगैर हमेशा अधूरी ही मानी जाएगी। भगत सिंह का योगदान इतिहास के...

मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी
चर्चित

‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

26 September 2026

वो जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने लमहों ने ख़ता की थी, सदियों ने सज़ा पाई... उर्दू के अच्छे जानकार और शेर-ओ-शायरी के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

00:07:22

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited