संस्कृत के विद्वान डॉ. टी.एस. श्यामकुमार ने इस प्रथा की शुरुआत को जातिवाद से जोड़ा है...
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़, रसुवा में भारी तबाही; कई लोग लापता

    BPSC परीक्षा रद्द/री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें

    BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़, रसुवा में भारी तबाही; कई लोग लापता

    BPSC परीक्षा रद्द/री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें

    BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

श्रद्धा या जातिवाद: कैसे शुरू हुई केरल के मंदिरों में शर्ट ना पहनने की परंपरा?

संस्कृत के विद्वान डॉ. टी.एस. श्यामकुमार ने इस प्रथा की शुरुआत को जातिवाद से जोड़ा है

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
13 January 2025
in इतिहास, चर्चित
सबरीमाला मंदिर में काली शर्ट और मुंडू (धोती) पहनने की परंपरा है

सबरीमाला मंदिर में काली शर्ट और मुंडू (धोती) पहनने की परंपरा है

Share on FacebookShare on X

केरल में पिछले कुछ दिनों से मंदिर में शर्ट उतारकर दर्शन करने की सदियों पुरानी परंपरा को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। हाल ही में, केरल के प्रसिद्ध शिवागिरी मठ और श्री नारायण धर्म संघम ट्रस्ट के प्रमुख स्वामी सच्चिदानंद ने इस प्रथा को ‘घृणित’ बताते हुए इसे खत्म करने की मांग की है। स्वामी सच्चिदानंद ने कहा है कि शर्ट उतारने की प्रथा को ब्राह्मणों द्वारा पहने जाने वाले पुणूल (यज्ञोपवीत या जनेऊ) को दिखाने के लिए शुरू किया गया था और समय के साथ इसमें बदलाव किए जाने की ज़रूरत है।

केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने भी स्वामी सच्चिदानंद की इस मांग का समर्थन किया था और कहा था इस मांग को सभी मंदिरों को अपनाना चाहिए। विजयन ने कहा, “किसी को इसके लिए बाध्य करने की ज़रूरत नहीं है। समय के साथ कई प्रथाएं बदल गई हैं। श्री नारायण आंदोलन से जुड़े मंदिरों ने उस बदलाव को अपनाया है। मुझे उम्मीद है कि अन्य पूजा स्थल भी उस बदलाव का पालन करेंगे।” हालांकि, केरल बीजेपी और नायर सेवा समाज ने मुख्यमंत्री के बयान की निंदा की है।

संबंधितपोस्ट

बांग्लादेशी घुसपैठियों में बढ़ा डर, पश्चिम बंगाल में सख्ती के बाद हकीमपुर बॉर्डर से लौटने लगे लोग

मॉनसून की रफ्तार तेज, सैटेलाइट तस्वीरों में दिल्ली-NCR के ऊपर दिखे बादल, जानिए कहां तक पहुंचा मानसून

केरल कांग्रेस की ताज़ा राजनीतिक शर्मिंदगी बना: बहुमत मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री का अब तक कोई फैसला नहीं

और लोड करें

मंदिरों का पहनावा और विवाद

सहस्त्राब्दियों से लोगों का पहनावा ना केवल उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति बल्कि जाति, धर्म और लिंग के प्रतीक के तौर पर भी जुड़ा रहा है। विभिन्न समुदाय अपनी मान्यताओं के आधार पर अपने पहनावे का चुनाव करते आए हैं। इसमें भी मंदिरों के पहनावे को शारीरिक शुद्धता और पवित्रता के साथ जोड़ा जाता है। इसे ना केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है बल्कि कपड़ों के त्याग को भौतिकतावाद को छोड़कर आध्यात्मिक शुद्धता की ओर कदम बढ़ाए गए कदम के तौर पर देखा जाता है।

हालांकि, केरल के सभी मंदिरों के गर्भगृह में प्रवेश करने से पहले पुरुषों द्वारा शर्ट उतारे जाने की परंपरा नहीं है लेकिन तिरुवनंतपुरम के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर, त्रिशूर के गुरुवयूर श्री कृष्ण मंदिर और कोट्टायम के एट्टुमानूर महादेव मंदिर जैसे कुछ प्रमुख मंदिरों में यह परंपरा सख्ती से लागू की जाती है। पद्मनाभस्वामी मंदिर में महिलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्य है। सबरीमाला मंदिर में एक काली शर्ट और मुंडू (धोती) पहनने की परंपरा है। हालांकि, परंपराएं समय के साथ बदलती रही हैं और इन्हीं बदलावों के चलते शर्ट पहनकर दर्शन किए जाने की मांग ने ज़ोर पकड़ा है।

गुरुवयूर स्थित गुरुवयूर मंदिर में महिलाओं के सलवार पहनने पर कुछ समय प्रतिबंध लगा दिया गया था और वे केवल साड़ी पहनकर ही जा सकती थीं। लेकिन 2013 में इसे संशोधित किया गया और उन्हें सलवार पहनकर भी मंदिर में दर्शन की अनुमित दी गई।

केरल सरकार ने 1970 के दशक में भी मंदिर के ड्रेस कोड को खत्म करने का प्रयास किया था लेकिन तब इसका प्रभाव बहुत सीमित ही थी और इस फैसले से पीछे हटना पड़ा था। केरल उच्च न्यायालय ने 2014 में गर्भगृह के अंदर कपड़ों पर प्रतिबंध हटाने की याचिका को खारिज कर दिया था और इस मामले में कोर्ट ने आगम (तांत्रिक साहित्य की एक शाखा) के सिद्धांतों को माना था। कोर्ट ने ने आगमों को ‘मंदिरों के निर्माण, उनमें मूर्तियों की स्थापना और देवता की पूजा के आचरण से संबंधित औपचारिक कानून’ के ग्रंथ के रूप में परिभाषित किया था।

शर्ट उतारने की परंपरा पर क्या हैं मत?

केरल के कई मंदिरों में जारी शर्ट उतारने की प्रथा का कुछ विद्वान कोई शास्त्रीय आधार नहीं मानते हैं और संस्कृत के विद्वान डॉ. टी.एस. श्यामकुमार ने इस प्रथा की शुरुआत को जातिवाद से जोड़ा है। श्यामकुमार ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में कहा कि इसका कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है कि मंदिरों में शर्ट उतारने की शुरुआत कैसे हुई क्योंकि लंबे समय तक शर्ट अस्तित्व में नहीं थी। उन्होंने कहा, “केरल के शास्त्रों में स्पष्ट रूप से ये विवरण मिलते हैं कि 10वीं से 19वीं सदी के बीच हाशिए पर रहने वाले समुदायों को मंदिरों में प्रवेश से रोका गया था।”

श्यामकुमार ने कहा, “शूद्रों को मध्यकाल तक पद्मनाभस्वामी मंदिर में प्रवेश के दौरान ऊपरी शरीर को ढकने की अनुमति नहीं थी।” उन्होंने कहा कि शर्ट उतारने की प्रथा को परंपरा समझा जाना बिल्कुल गलत है और यह जातिवाद से जुड़ी हुई है। श्यामकुमार के मुताबिक, इस बात के भी प्रमाण हैं कि समृद्ध नायर समुदाय के लोगों से भी ब्राह्मणों के सम्मान में ऊपरी वस्त्र उतारने को कहा जाता था।

वहीं, लेखिका और मंदिर के तंत्रों पर शोध कर चुकीं लक्ष्मी राजीव का कहना है कि केरल में महिलाओं को स्तन ढकने के अधिकार के लिए लड़ना पड़ा जबकि पुरुषों ने कभी भी कपड़े पहनने को लेकर कोई विरोध नहीं किया था। उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि पर्याप्त कपड़े न पहनने की यह प्रथा समय के साथ एक अनुष्ठान में विकसित हो गई।” उनका इस प्रथा को लेकर कहना है कि सभी पुरुष इस तरह के कपड़े पहनने में सहज नहीं होते हैं।

हालांकि, कुछ इतिहासकार और पुजारी इस प्रथा को जातिवाद के साथ जोड़े जाने से सहमत नहीं है और उनका मानना है कि यह गैर-ब्राह्मणों को मंदिरों से बाहर रखने के उद्देश्य से नहीं आई थी। इतिहासकार मनु एस. पिल्लई का कहना है कि केरल में यह सामान्य प्रथा थी कि लोग अपने कंधे से ‘थोर्थु’ हटा कर इसे कमर के चारों ओर लपेटते थे और यह बुजुर्ग और जमींदार जैसे लोगों के प्रति सम्मान दिखाने का एक तरीका था। पिल्लई ने कहा, “यहां लोग कभी भी अपने परिवार के बुजुर्ग के सामने ‘मेलमुण्डु’ (ऊपरी वस्त्र) या थोर्थु नहीं पहनता था।”

पिल्लई ने इस प्रथा को जनेऊ दिखाए जाने की वजह से शुरु किए जाने को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर के पुजारी, ब्राह्मण व राजा भी मंदिरों में अपने ऊपरी वस्त्र उतारते थे और यह श्रद्धा व सम्मान का प्रतीक था। बकौल पिल्लई, तथाकथित उच्च जाति के अधिकांश लोग जनेऊ नहीं पहनते थे तो इस प्रथा जनेऊ से जुड़ी नहीं हो सकती है। उनका मानना है कि इस प्रथा की शुरुआत इस विश्वास के साथ हुई कि भगवान सभी से ऊपर हैं। उन्होंने कहा, “प्राचीन काल में त्रावणकोर और कोच्चि के राजा कभी भी अपनी कमर के ऊपर वस्त्र नहीं पहनते थे। उनके चित्रों में यह स्पष्ट रूप से नज़र आता है।”

केरल के ब्राह्मण पुजारियों के संगठन अखिल केरल तंत्री मंडलम के महासचिव एन. राधाकृष्णन पोट्टी ने कहा कि केरल के सभी प्रमुख मंदिरों में यह सदियों से प्रचलन में है। उन्होंने कहा कि माना जाता है कि पुरुष अपने हृदय और महिलाएं अपने माथे के माध्यम से मूर्ति की चमक को अवशोषित करती हैं। पोट्टी ने इस प्रथा का बचाव करते हुए कहा, “यह मंदिर में पूजा करने वालों के लिए आस्था का मामला है और इससे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।”

पोट्टी ने मंदिर के रीति-रिवाजों और प्रथाओं पर कनिप्पय्युर शंकरन नंबूदिरीपाद द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘क्षेत्राचारंगल’ का हवाला भी दिया है। इस पुस्तक में उन प्रथाओं की सूची दी गई है जिनसे पुरुषों को मंदिरों में जाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, “इसमें आपके बालों पर घी और तेल लगाने और आपके शरीर के ऊपरी हिस्से पर कपड़े पहनने के साथ-साथ सिर पर टोपी पहनने का भी ज़िक्र है।” पोट्टी ने कहा, “किन्हीं भी सुधार को लागू करने और प्रथाओं में बदलाव करने का काम पुजारियों पर छोड़ दिया जाना चाहिए। यह संतों और राजनेताओं का मुद्दा नहीं है।”

स्रोत: केरल, मंदिर, पद्मनाभस्वामी मंदिर, गुरुवयूर श्री कृष्ण मंदिर, सबरीमाला मंदिर, Kerala, Temple, Padmanabhaswamy Temple, Guruvayur Sri Krishna Temple, Sabarimala Temple,
Tags: Guruvayur Sri Krishna TempleKeralaPadmanabhaswamy TempleSabarimala TempleTempleकेरलगुरुवयूर श्री कृष्ण मंदिरपद्मनाभस्वामी मंदिरमंदिरसबरीमाला मंदिर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

MahaKumbh 2025: त्रिवेणी के संगम में अबतक 60 लाख लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी; पढ़ें, 144 साल बाद बने इस अद्भुत संयोग का क्या है महत्व?

अगली पोस्ट

‘हम शाहजहाँ की औलाद हैं, एक भी हिन्दू को नहीं रहने देंगे’: बांग्लादेश के मौलाना ने उगला ज़हर, कहा – ये गुजरात नहीं

संबंधित पोस्ट

सीएम योगी गरजे सपा पर
चर्चित

CM योगी का देवरिया में सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- एन्सेफलाइटिस और माफिया राज पिछली सरकारों की देन

29 August 2026

सीएम योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पिछली सरकारों पर एन्सेफलाइटिस, माफिया...

NEPAL FLOOD CHINA TIBET CONNECTION
चर्चित

नेपाल की बाढ़ का तिब्बत कनेक्शन? लालची चीन से दक्षिण एशिया पर बढ़ा खतरा

27 August 2026

तिब्बत सीमा से सटे नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उफान ने रोंगटे खड़े करने वाली तबाही मचाई है। नदी में अचानक आए...

नेपाल-चीन में बाढ़ से भारी तबाही
चर्चित

नेपाल-चीन में बाढ़ से भारी तबाही, 1,400 से ज्यादा लोग लापता; दलाई लामा ने जताया दुख

27 August 2026

नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस आपदा का असर नेपाल के रसुवा जिले से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

What Actually Hit Pakistan’s Nuclear Backyard? CDS | Anil Chauhan | Kirana hills

What Actually Hit Pakistan’s Nuclear Backyard? CDS | Anil Chauhan | Kirana hills

00:06:34

OP SINDOOR: HOW WOMEN PILOTS BRAHMOSED LASHKAR DEN

00:03:55

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited