अपना पूरा जीवन भक्ति और श्री राम को समर्पित करने वाले अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है...
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    शोएब जमई का विवादित बयान

    शोएब जमई हिंदुस्तान में क्रिकेट ख़ुद में एक धर्म है, उसे हिंदू-मुसलमान में मत बांटो

    जेएनयू परिसर में फिर हुई हिंसक झड़प

    जेएनयू परिसर में फिर हुई हिंसक झड़प, छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ी

    संघ का उद्देश्य राजनीति नहीं

    आरएसएस प्रमुख बोले: संघ का उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि मजबूत समाज और देश का निर्माण

    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस फिर हुआ हादसे का शिकार, सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

    तेजस फिर हुआ हादसे का शिकार, सुरक्षा पर बढ़ी चिंता; पायलट सुरक्षित बाहर निकला

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मैक्सिकों में भारतीयों को अलर्ट रहने की सलाह

    मैक्सिको में ‘ एल मेंचो ‘की हत्या के बाद भारतीय नागरिकों को सर्तक रहने की सलाह

    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप के 15% टैरिफ से वैश्विक व्यापार में हलचल; भारत-चीन को बढ़त, ब्रिटेन पर दबाव, यूरोप सख्त रुख में

    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    शोएब जमई का विवादित बयान

    शोएब जमई हिंदुस्तान में क्रिकेट ख़ुद में एक धर्म है, उसे हिंदू-मुसलमान में मत बांटो

    जेएनयू परिसर में फिर हुई हिंसक झड़प

    जेएनयू परिसर में फिर हुई हिंसक झड़प, छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ी

    संघ का उद्देश्य राजनीति नहीं

    आरएसएस प्रमुख बोले: संघ का उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि मजबूत समाज और देश का निर्माण

    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस फिर हुआ हादसे का शिकार, सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

    तेजस फिर हुआ हादसे का शिकार, सुरक्षा पर बढ़ी चिंता; पायलट सुरक्षित बाहर निकला

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मैक्सिकों में भारतीयों को अलर्ट रहने की सलाह

    मैक्सिको में ‘ एल मेंचो ‘की हत्या के बाद भारतीय नागरिकों को सर्तक रहने की सलाह

    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप के 15% टैरिफ से वैश्विक व्यापार में हलचल; भारत-चीन को बढ़त, ब्रिटेन पर दबाव, यूरोप सख्त रुख में

    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कारसेवा के दौरान बचाई थी रामलला की मूर्तियां, बाल संन्यासी जिन्होंने श्रीराम को समर्पित कर दिया पूरा जीवन: जानिए कौन थे आचार्य सत्येंद्र दास

अपना पूरा जीवन भक्ति और श्री राम को समर्पित करने वाले अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
12 February 2025
in चर्चित
टेंट से भव्य मंदिर तक रामलला की यात्रा के साक्षी रहे सत्येंद्र दास

टेंट से भव्य मंदिर तक रामलला की यात्रा के साक्षी रहे सत्येंद्र दास

Share on FacebookShare on X

संबंधितपोस्ट

धर्मध्वजा स्थापना और राम मंदिर की पूर्णता अर्थात् – भारत के स्वत्व जागरण की पुनर्यात्रा

राम मंदिर के शिखर पर पीएम मोदी फहराएंगे 22 फीट का भगवा ध्वज, विवाह पंचमी की तैयारी पूरी

तीर्थ, संस्कृति और समृद्धि: क्यों भारत का पर्यटन है अनोखा

और लोड करें

अपना पूरा जीवन भक्ति और श्री राम को समर्पित करने वाले अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्हें 3 फरवरी को ‘ब्रेन हैमरेज’ हो गया था जिसके बाद उन्हें लखनऊ के SGPGI में भर्ती कराया गया था और वहीं उन्होंने आखिरी सांस ली है। 32 साल से राम जन्मभूमि में सेवा दे रहे सत्येंद्र दास के निधन पर अयोध्या के सभी मठ-मंदिरों में शोक की लहर दौड़ गई है। संत समाज, राम भक्तों और श्रद्धालुओं ने उनके निधन को आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति बताया। सत्येंद्र दास ना केवल शांत स्वभाव के धनी थे बल्कि उनका ज्ञान और तपस्वी जीवन लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र था।

जब संन्यासी बने थे सत्येंद्र दास

आचार्य सत्येंद्र दास का जन्म अयोध्या से करीब 98 किमी दूर संत कबीर नगर जिले में हुआ था। उनके मन में बचपन से ही भक्तिभाव था और जब उनके पिता अयोध्या जाते थे तो वे भी उनसे साथ वहां जाया करते थे। अयोध्या का माहौल तब बड़ा धार्मिक होता था और उनका मन यहां रम जाता था। यहां सत्येंद्र दास के पिता अभिराम दास से मिलने आते थे। अभिराम दास वही संत थे, जिन्होंने 22-23 दिसंबर 1949 को राम जन्मभूमि के गर्भगृह में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और सीता जी की मूर्तियों के प्रकट होने का दावा किया था। इन्हीं मूर्तियों को आधार बनाकर आगे का संघर्ष लड़ा गया।

अभिराम दास जी की रामलला के प्रति सेवा देखकर सत्येंद्र दास ने उन्हीं के आश्रम में रहने के लिए संन्यास लेने का फैसला किया। फरवरी 1958  में वे अयोध्या आ गए और फिर खुद को रामलला की सेवा में समर्पित कर दिया। जब उनके पिता को पता चला कि बेटे संन्यासी बनना चाहता है तो उन्होंने खुशी से सत्येंद्र दास को संन्यास का मार्ग चुनने की अनुमति दे दी। उनके पिता का कहना था कि एक भाई घर पर रहेगा और एक भगवान की सेवा में जाएगा।

अध्यापक से पुजारी बनने का सफर

परिवार से अनुमति मिलने के बाद सत्येंद्र दास ने अभिराम दास के आश्रम में ही अध्ययन शुरू कर दिया था। गुरुकुल पद्धति से पढ़ाई शुरू की और 12वीं तक की पढ़ाई संस्कृत के विद्यालय से पूरी की। 1975 में सत्येंद्र दास ने संस्कृत विद्यालय से आचार्य किया और नौकरी की तलाश करनी शुरू कर दी थी। इसके बाद उन्हें अयोध्या के संस्कृत महाविद्यालय में 1976 में व्याकरण विभाग में सहायक अध्यापक की नौकरी मिल गई और उस समय उन्हें 75 रुपए वेतन मिलता था।

उस समय ही दास राम जन्मभूमि जाने लगे थे और साथ ही, पूजा-पाठ का काम भी चल रहा था। 1992 में राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी लालदास थे और मंदिर की व्यवस्थाओं की देखरेख का जिम्मा एक रिटायर्ड जज को सौंपा जाता था। उस दौरान जेपी सिंह इस पद पर नियुक्त थे लेकिन फरवरी 1992 में उनके निधन के बाद राम जन्मभूमि की व्यवस्था जिला प्रशासन के हाथों में चली गई। इसी दौरान पुजारी लालदास को हटाने की चर्चा शुरू हुई।

उस समय सत्येंद्र दास की नजदीकी तत्कालीन भाजपा सांसद विनय कटियार और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेताओं और संतों से थी। इन लोगों ने सत्येंद्र दास को मुख्य पुजारी बनाने की चर्चा शुरू की और उस समय के VHP अध्यक्ष अशोक सिंघल ने भी उनके नाम को अपनी स्वीकृति दे दी। इस तरह सत्येंद्र दास राम जन्मभूमि पर मुख्य पुजारी बन गए और उन्होंने अपने साथ 4 सहायक पुजारियों को भी रामलला की सेवा के लिए जोड़ लिया था।

पुजारी के तौर पर ₹100 था वेतन

पुजारी बनाए जाने पर भी वे सहायता प्राप्त स्कूल में पढ़ा रहे थे और वे सुबह 10 बजे तक मंदिर में रहते फिर सुबह 10 से शाम 4 बजे तक उनका समय स्कूल में बीतता था। इसके बाद वे शाम को फिर लौट आते और रामलला की सेवा में जुट जाते थे। उस समय उन्हें मंदिर से 100 रुपये का पारिश्रमिक मिलता था और 30 जून 2007 को जब उन्होंने स्कूल छोड़ दिया तो उनका वेतन बढ़कर 13,000 रुपए हो गया था।

विवादित ढांचा गिराए जाने के दिन क्या कर रहे थे दास

6 दिसंबर 1992 के दिन अयोध्या में हलचल थी और हज़ारों की संख्या में कारसेवक राम जन्मभूमि के आसपास जुटे हुए थे। सुबह करीब 11 बजे मंच सजा हुआ था और लाउडस्पीकर से लगातार अनाउंसमेंट किए जा रहे थे। उस समय नेताओं ने पुजारी सत्येंद्र दास से कहा कि ‘पुजारी जी, रामलला को भोग लगा दीजिए और फिर पर्दा बंद कर दीजिए’। उन्होंने रामलला को भोग अर्पित किया और फिर पर्दा गिरा दिया। इससे एक दिन पहले ही कारसेवकों से सरयू नदी से जल लाने को कहा गया था।

राम जन्मभूमि पर विवादित ढांचे के पास एक चबूतरा बनाया गया था और लोगों से कहा गया कि जल अर्पित करें और इसे धोएं। यह सुनकर वहां मौजूद लोग नाराज़ हो गए और बोले कि हम यह कार सेवा करने नहीं आए हैं। पल-पल में माहौल बदलता रहा और रामलला के प्रति भक्ति भाव से भरे कारसेवकों की भीड़ बैरिकेडिंग तोड़ते हुए विवादित ढांचे की ओर बढ़ने लगी। कारसेवक गुंबद तक पहुंच गए और ढांचे को तोड़ना शुरू कर दिया।

आचार्य सत्येंद्र दास उस समय विवादित ढांचे के बीच वाले बड़े गुंबद के नीचे खड़े होकर रामलला की रखवाली कर रहे थे। कारसेवक धीरे-धीरे उस बड़े गुंबद पर भी चढ़ गए और उसे तोड़ना शुरू कर दिया। गुंबद के बीच एक बड़ा सुराख बन गया और मिट्टी व मलबा रामलला के आसन पर ही गिरने लगा। सत्येंद्र दास के साथ उस समय पुजारी संतोष और चंद्र भूषण भी मौजूद थे। तय किया गया कि रामलला को सुरक्षित जगह पर ले जाया जाए। आचार्य सत्येंद्र दास ने रामलला की मूर्ति को गोद में उठा लिया और भरत-शत्रुघ्न की मूर्तियां भी थीं और उन्हें लेकर वे वहां से सुरक्षित स्थान के लिए निकल गए।

रामलला को एक सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया और बाद में उन्हें एक अस्थाई टेंट में स्थापित कर दिया गया। यही टेंट लंबे समय तक अस्थाई मंदिर रहा और यहीं रामलला वर्षों तक विराजमान रहे। वक्त का पहिया घूमा और आज रामलला अस्थायी टेंट से निकलकर एक भव्य और विशाल मंदिर में पहुंच गए हैं। सदियों से करोड़ों लोगों की उन्हें भव्य मंदिर में देखने की प्रतीक्षा पूर्ण हुई है। टेंट से भव्य राम मंदिर की यात्रा के साक्षी रहे सत्येंद्र दास अब हमारे बीच नहीं हैं। राम का यह प्रिय ‘दास’ सदैव के लिए उनमें विलीन हो गया है।

स्रोत: अयोध्या, राम मंदिर, राम जन्मभूमि, सत्येंद्र दास, Ayodhya, Ram Mandir, Ram Janmabhoomi, Satyendra Das,
Tags: AyodhyaRam JanmabhoomiRam MandirSatyendra Dasअयोध्याराम जन्मभूमिराम मंदिरसत्येंद्र दास
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

New Income Tax Bill 2025 से कैसे बदल जाएगा आपका टैक्स सिस्टम और आपके पैसे का हिसाब?

अगली पोस्ट

शाहबाज खान को भगाने के बाद 24 घंटे से फरार चल रहे AAP MLA अमानतुल्लाह ने कमिश्नर को लिखी चिट्ठी, कहा – ‘मैं यहां हूँ…

संबंधित पोस्ट

गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी

चर्चित

गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


20 February 2026

वॉशिंगटन डीसी में आयोजित ‘गाज़ा पीस बोर्ड’ की बैठक से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल है। वीडियो में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री...

हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन
चर्चित

हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामान की सप्लाई, सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर

20 February 2026

पंजाब की कपूरथला जैल की यह घटना केवल चौंकाने वाली नहीं, बल्कि बेहद ख़तरनाक और अभूतपूर्व है। हाई-सिक्योरिटी जेल के भीतर ड्रोन के ज़रिए प्रतिबंधित...

कांदला घाट में टैंकर हादसे के बाद मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर बड़ी जाम से राहत
चर्चित

मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर टैंकर पलटने के 32 घंटे बाद ट्रैफिक बहाल

5 February 2026

मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक गुरुवार की सुबह फिर से बहाल हो गया, लगभग 32 घंटे बाद, जब खंडाला घाट के अदोशी टनल के पास एक...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited