अपना पूरा जीवन भक्ति और श्री राम को समर्पित करने वाले अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है...
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कारसेवा के दौरान बचाई थी रामलला की मूर्तियां, बाल संन्यासी जिन्होंने श्रीराम को समर्पित कर दिया पूरा जीवन: जानिए कौन थे आचार्य सत्येंद्र दास

अपना पूरा जीवन भक्ति और श्री राम को समर्पित करने वाले अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
12 February 2025
in चर्चित
टेंट से भव्य मंदिर तक रामलला की यात्रा के साक्षी रहे सत्येंद्र दास

टेंट से भव्य मंदिर तक रामलला की यात्रा के साक्षी रहे सत्येंद्र दास

Share on FacebookShare on X

संबंधितपोस्ट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, अधिवक्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार

राम मंदिर चढ़ावे के कथित विवाद पर संतों की बैठक में हंगामा, पुलिस की मौजूदगी पर नाराजगी

राम मंदिर में कर्मचारियों की निगरानी सख्त, फेस रीडिंग से होगी हाजिरी; चढ़ावा मामले के बीच पूर्व पदाधिकारियों की सक्रियता बढ़ी

और लोड करें

अपना पूरा जीवन भक्ति और श्री राम को समर्पित करने वाले अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्हें 3 फरवरी को ‘ब्रेन हैमरेज’ हो गया था जिसके बाद उन्हें लखनऊ के SGPGI में भर्ती कराया गया था और वहीं उन्होंने आखिरी सांस ली है। 32 साल से राम जन्मभूमि में सेवा दे रहे सत्येंद्र दास के निधन पर अयोध्या के सभी मठ-मंदिरों में शोक की लहर दौड़ गई है। संत समाज, राम भक्तों और श्रद्धालुओं ने उनके निधन को आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति बताया। सत्येंद्र दास ना केवल शांत स्वभाव के धनी थे बल्कि उनका ज्ञान और तपस्वी जीवन लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र था।

जब संन्यासी बने थे सत्येंद्र दास

आचार्य सत्येंद्र दास का जन्म अयोध्या से करीब 98 किमी दूर संत कबीर नगर जिले में हुआ था। उनके मन में बचपन से ही भक्तिभाव था और जब उनके पिता अयोध्या जाते थे तो वे भी उनसे साथ वहां जाया करते थे। अयोध्या का माहौल तब बड़ा धार्मिक होता था और उनका मन यहां रम जाता था। यहां सत्येंद्र दास के पिता अभिराम दास से मिलने आते थे। अभिराम दास वही संत थे, जिन्होंने 22-23 दिसंबर 1949 को राम जन्मभूमि के गर्भगृह में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और सीता जी की मूर्तियों के प्रकट होने का दावा किया था। इन्हीं मूर्तियों को आधार बनाकर आगे का संघर्ष लड़ा गया।

अभिराम दास जी की रामलला के प्रति सेवा देखकर सत्येंद्र दास ने उन्हीं के आश्रम में रहने के लिए संन्यास लेने का फैसला किया। फरवरी 1958  में वे अयोध्या आ गए और फिर खुद को रामलला की सेवा में समर्पित कर दिया। जब उनके पिता को पता चला कि बेटे संन्यासी बनना चाहता है तो उन्होंने खुशी से सत्येंद्र दास को संन्यास का मार्ग चुनने की अनुमति दे दी। उनके पिता का कहना था कि एक भाई घर पर रहेगा और एक भगवान की सेवा में जाएगा।

अध्यापक से पुजारी बनने का सफर

परिवार से अनुमति मिलने के बाद सत्येंद्र दास ने अभिराम दास के आश्रम में ही अध्ययन शुरू कर दिया था। गुरुकुल पद्धति से पढ़ाई शुरू की और 12वीं तक की पढ़ाई संस्कृत के विद्यालय से पूरी की। 1975 में सत्येंद्र दास ने संस्कृत विद्यालय से आचार्य किया और नौकरी की तलाश करनी शुरू कर दी थी। इसके बाद उन्हें अयोध्या के संस्कृत महाविद्यालय में 1976 में व्याकरण विभाग में सहायक अध्यापक की नौकरी मिल गई और उस समय उन्हें 75 रुपए वेतन मिलता था।

उस समय ही दास राम जन्मभूमि जाने लगे थे और साथ ही, पूजा-पाठ का काम भी चल रहा था। 1992 में राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी लालदास थे और मंदिर की व्यवस्थाओं की देखरेख का जिम्मा एक रिटायर्ड जज को सौंपा जाता था। उस दौरान जेपी सिंह इस पद पर नियुक्त थे लेकिन फरवरी 1992 में उनके निधन के बाद राम जन्मभूमि की व्यवस्था जिला प्रशासन के हाथों में चली गई। इसी दौरान पुजारी लालदास को हटाने की चर्चा शुरू हुई।

उस समय सत्येंद्र दास की नजदीकी तत्कालीन भाजपा सांसद विनय कटियार और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेताओं और संतों से थी। इन लोगों ने सत्येंद्र दास को मुख्य पुजारी बनाने की चर्चा शुरू की और उस समय के VHP अध्यक्ष अशोक सिंघल ने भी उनके नाम को अपनी स्वीकृति दे दी। इस तरह सत्येंद्र दास राम जन्मभूमि पर मुख्य पुजारी बन गए और उन्होंने अपने साथ 4 सहायक पुजारियों को भी रामलला की सेवा के लिए जोड़ लिया था।

पुजारी के तौर पर ₹100 था वेतन

पुजारी बनाए जाने पर भी वे सहायता प्राप्त स्कूल में पढ़ा रहे थे और वे सुबह 10 बजे तक मंदिर में रहते फिर सुबह 10 से शाम 4 बजे तक उनका समय स्कूल में बीतता था। इसके बाद वे शाम को फिर लौट आते और रामलला की सेवा में जुट जाते थे। उस समय उन्हें मंदिर से 100 रुपये का पारिश्रमिक मिलता था और 30 जून 2007 को जब उन्होंने स्कूल छोड़ दिया तो उनका वेतन बढ़कर 13,000 रुपए हो गया था।

विवादित ढांचा गिराए जाने के दिन क्या कर रहे थे दास

6 दिसंबर 1992 के दिन अयोध्या में हलचल थी और हज़ारों की संख्या में कारसेवक राम जन्मभूमि के आसपास जुटे हुए थे। सुबह करीब 11 बजे मंच सजा हुआ था और लाउडस्पीकर से लगातार अनाउंसमेंट किए जा रहे थे। उस समय नेताओं ने पुजारी सत्येंद्र दास से कहा कि ‘पुजारी जी, रामलला को भोग लगा दीजिए और फिर पर्दा बंद कर दीजिए’। उन्होंने रामलला को भोग अर्पित किया और फिर पर्दा गिरा दिया। इससे एक दिन पहले ही कारसेवकों से सरयू नदी से जल लाने को कहा गया था।

राम जन्मभूमि पर विवादित ढांचे के पास एक चबूतरा बनाया गया था और लोगों से कहा गया कि जल अर्पित करें और इसे धोएं। यह सुनकर वहां मौजूद लोग नाराज़ हो गए और बोले कि हम यह कार सेवा करने नहीं आए हैं। पल-पल में माहौल बदलता रहा और रामलला के प्रति भक्ति भाव से भरे कारसेवकों की भीड़ बैरिकेडिंग तोड़ते हुए विवादित ढांचे की ओर बढ़ने लगी। कारसेवक गुंबद तक पहुंच गए और ढांचे को तोड़ना शुरू कर दिया।

आचार्य सत्येंद्र दास उस समय विवादित ढांचे के बीच वाले बड़े गुंबद के नीचे खड़े होकर रामलला की रखवाली कर रहे थे। कारसेवक धीरे-धीरे उस बड़े गुंबद पर भी चढ़ गए और उसे तोड़ना शुरू कर दिया। गुंबद के बीच एक बड़ा सुराख बन गया और मिट्टी व मलबा रामलला के आसन पर ही गिरने लगा। सत्येंद्र दास के साथ उस समय पुजारी संतोष और चंद्र भूषण भी मौजूद थे। तय किया गया कि रामलला को सुरक्षित जगह पर ले जाया जाए। आचार्य सत्येंद्र दास ने रामलला की मूर्ति को गोद में उठा लिया और भरत-शत्रुघ्न की मूर्तियां भी थीं और उन्हें लेकर वे वहां से सुरक्षित स्थान के लिए निकल गए।

रामलला को एक सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया और बाद में उन्हें एक अस्थाई टेंट में स्थापित कर दिया गया। यही टेंट लंबे समय तक अस्थाई मंदिर रहा और यहीं रामलला वर्षों तक विराजमान रहे। वक्त का पहिया घूमा और आज रामलला अस्थायी टेंट से निकलकर एक भव्य और विशाल मंदिर में पहुंच गए हैं। सदियों से करोड़ों लोगों की उन्हें भव्य मंदिर में देखने की प्रतीक्षा पूर्ण हुई है। टेंट से भव्य राम मंदिर की यात्रा के साक्षी रहे सत्येंद्र दास अब हमारे बीच नहीं हैं। राम का यह प्रिय ‘दास’ सदैव के लिए उनमें विलीन हो गया है।

स्रोत: अयोध्या, राम मंदिर, राम जन्मभूमि, सत्येंद्र दास, Ayodhya, Ram Mandir, Ram Janmabhoomi, Satyendra Das,
Tags: AyodhyaRam JanmabhoomiRam MandirSatyendra Dasअयोध्याराम जन्मभूमिराम मंदिरसत्येंद्र दास
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

New Income Tax Bill 2025 से कैसे बदल जाएगा आपका टैक्स सिस्टम और आपके पैसे का हिसाब?

अगली पोस्ट

शाहबाज खान को भगाने के बाद 24 घंटे से फरार चल रहे AAP MLA अमानतुल्लाह ने कमिश्नर को लिखी चिट्ठी, कहा – ‘मैं यहां हूँ…

संबंधित पोस्ट

AMCA, राफेल और तेजस: भारत एक साथ तीन लड़ाकू विमान कार्यक्रमों पर क्यों कर रहा है काम?
Uncategorized

AMCA, राफेल और तेजस: भारत एक साथ तीन लड़ाकू विमान कार्यक्रमों पर क्यों कर रहा है काम?

28 September 2026

भारत के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) को लेकर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया है कि इसके पहले प्रोटोटाइप...

भारत की तरक्की समुद्र से जुड़ी
चर्चित

भारत की तरक्की समुद्र से जुड़ी, नौसेना प्रमुख बोले- देश को तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर की जरूरत

28 September 2026

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने रविवार को कहा कि इस सदी में भारत की आर्थिक और रणनीतिक तरक्की समुद्र से काफी हद तक...

बैंक हड़ताल टली
चर्चित

बैंक हड़ताल टली, 28 से 30 सितंबर तक सामान्य रहेंगी बैंकिंग सेवाएं; 26 अक्टूबर की हड़ताल भी स्थगित

28 September 2026

बैंकिंग सेवाएं आज सामान्य रूप से जारी रहेंगी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 से 30 सितंबर तक होने वाली तीन दिवसीय देशव्यापी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

00:07:22

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited