TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

क्या नेहरू ने चंद्रशेखर आज़ाद की मुखबिरी की थी? CID की गोपनीय फाइलों में छुपा वो राज़, जो आज भी उनकी शहादत की अनसुलझी गुत्थी बना हुआ है!

'वह हमारे घर आया था, क्योंकि ...'- नेहरू

himanshumishra द्वारा himanshumishra
27 February 2025
in इतिहास
क्या नेहरू ने चंद्रशेखर आज़ाद की मुखबिरी की थी?

क्या नेहरू ने चंद्रशेखर आज़ाद की मुखबिरी की थी? (Viral Images)

Share on FacebookShare on X

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का इतिहास हमेशा से विवादों से घिरा रहा है। कभी उन पर अंग्रेजों की चापलूसी के आरोप लगे, तो कभी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ गद्दारी करने की बातें उठीं। कुछ इतिहासकार मानते हैं कि नेहरू ने 1946 में मुंबई के नौसैनिक विद्रोहियों को अंग्रेजों के साथ मिलकर धोखा दिया था। यही नहीं, उन पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के रिश्तेदारों की जासूसी कराने के भी गंभीर आरोप लगे। लेखों के अनुसार, 1947 में सत्ता संभालने के बाद नेहरू ने ब्रिटिश खुफिया एजेंसियों के साथ कई गोपनीय जानकारियाँ साझा की थीं।

सुभाष चंद्र बोस ही नहीं, इतिहासकारों ने नेहरू पर अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की मुखबिरी करने के भी आरोप लगाए हैं, जिनमें चंद्रशेखर आज़ाद का नाम प्रमुख रूप से आता है। दैनिक जागरण को दिए एक साक्षात्कार में चंद्रशेखर आज़ाद के भतीजे सुजीत आज़ाद ने नेहरू पर सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा था, “नेहरू ने देश के साथ गद्दारी कर चंद्रशेखर आज़ाद की हत्या कराई। यह बात किसी से छिपी नहीं है। कांग्रेस ने हमेशा देश को बाँटने का काम किया है।”

संबंधितपोस्ट

क्रान्ति की मशाल : काकोरी कांड के अमर नायक पंडित रामप्रसाद ‘बिस्मिल’

आज तक ‘आज़ाद’ नहीं हो सकीं चंद्रशेखर आजाद की अस्थियां, 5 दशक से लखनऊ में बंद है अस्थि कलश

चमड़ी उधेड़ते बेंत… फिर भी हर बेत के साथ चिल्लाता ‘भारत माता की जय! – जब मात्र 15 साल की उम्र में पहली बार गिरफ्तार हुए थे चंद्रशेखर ‘आजाद’

और लोड करें

वहीं, ‘दैनिक भास्कर’ में छपे 8 साल पहले पुराने एक लेख में चंद्रशेखर आज़ाद की शहादत को लेकर बड़ा खुलासा किया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उन्हें इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के एक बड़े नेता ने अंग्रेजों से मुखबिरी करवा कर मरवाया था। दिलचस्प बात यह है कि फरवरी 1931 में चंद्रशेखर आज़ाद, झांसी से सीतापुर जेल गए थे, जहाँ उन्होंने गणेश शंकर विद्यार्थी से मुलाकात की। विद्यार्थी ने उन्हें इलाहाबाद जाकर जवाहरलाल नेहरू से मिलने की सलाह दी।

27 फरवरी 1931 को जब चंद्रशेखर आज़ाद, आनंद भवन में नेहरू से मिलने पहुँचे, तो नेहरू ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया। इससे नाराज होकर चंद्रशेखर आज़ाद अपने साथी सुखदेव राज के साथ अल्फ्रेड पार्क चले गए, जहाँ अंग्रेजी पुलिस ने उन्हें घेर लिया। आज़ाद के नेहरू से मिलने का जिक्र खुद नेहरू ने अपनी आत्मकथा ‘मेरी कहानी’ में भी किया है। ऐसे में सवाल उठता है—क्या सुजीत आज़ाद के आरोपों की निष्पक्ष जाँच नहीं होनी चाहिए? क्या जवाहरलाल नेहरू ने सच में चंद्रशेखर आज़ाद को धोखा दिया था?

‘वह हमारे घर आया था, क्योंकि …’ – मेरी कहानी 

नेहरू ने अपनी आत्मकथा ‘मेरी कहानी’ में इस घटना का उल्लेख किया है कि फरवरी 1931 में चंद्रशेखर आज़ाद उनसे मिलने आनंद भवन पहुँचे थे। उन्होंने लिखा, “मुझे उस समय के बारे में एक जिज्ञासु घटना याद है। एक अजनबी मुझसे मिलने मेरे घर आया और मुझे बताया गया कि वह चंद्रशेखर आज़ाद है। मैंने उसे पहले कभी नहीं देखा था, लेकिन उसके बारे में दस साल पहले सुना था, जब उसने कम उम्र में असहयोग आंदोलन में भाग लिया था और 1921 में जेल गया था। बाद में, वह आतंकवादियों के समूह में शामिल हो गया था। हालाँकि, यह सब मैंने अस्पष्ट रूप से सुना था और मैंने इन अफवाहों में कोई दिलचस्पी नहीं ली थी।

“वह हमारे घर इसलिए आया था, क्योंकि ब्रिटिश सरकार और कांग्रेस के बीच उस वक्त बातचीत की संभावना थी। वह जानना चाहता था कि क्या होने वाले समझौते में उन लोगों को भी राहत मिलेगी। क्या उन्हें अब भी आतंकी माना जाएगा और उनके साथ बुरा व्यवहार किया जाएगा? क्या उन्हें शांतिपूर्ण व्यवसाय करने की अनुमति दिए जाने की संभावना है?”

नेहरू आगे लिखते हैं, “उसने मुझे बताया कि जहाँ तक उसका और उसके कई सहयोगियों का संबंध है, उन्हें अब यह भरोसा हो गया है कि आतंकवाद किसी का भला नहीं कर सकता। हालाँकि, वह यह मानने को तैयार नहीं था कि भारत पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आज़ाद हो पाएगा। उसने सोचा कि भविष्य में कभी हिंसक संघर्ष हो सकता है, लेकिन यह आतंकवादी तरीके से नहीं होगा। जहाँ तक भारत की स्वतंत्रता का सवाल था, उन्होंने आतंकवाद को पूरी तरह खारिज कर दिया था। लेकिन फिर उसने कहा कि जब उसे बसने का कोई मौका नहीं दिया जाएगा, तो वह इस स्थिति में क्या करेगा? यह बात हर समय उसे परेशान कर रही थी।”

“आज़ाद से मिलकर मुझे खुशी हुई और बाद में मुझे इस बात पर भरोसा हो गया कि अब उनके समूह का आतंकवाद में विश्वास नहीं रहा। बेशक, इसका मतलब यह नहीं था कि पुराने आतंकवादी या उनके नए सहयोगी अहिंसा का मार्ग अपनाने वाले थे, या ब्रिटिश शासन के प्रशंसक बन गए थे। लेकिन, वे आतंकवाद के मामले में पहले की तरह नहीं सोचते थे। उनमें से कई, मुझे ऐसा लगता है, निश्चित रूप से फासीवादी मानसिकता वाले हैं।”

“चंद्रशेखर आज़ाद को मैं केवल इतना सुझाव दे सकता था कि वह अपने प्रभाव का उपयोग भविष्य में आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए करे। दो-तीन हफ्ते बाद, जब गाँधी-इरविन की बातचीत चल रही थी, मैंने दिल्ली में सुना कि चंद्रशेखर आज़ाद को इलाहाबाद में पुलिस ने गोली मार दी। दिन के समय एक पार्क में उसकी पहचान हो गई थी और भारी पुलिस बल ने उसे घेर लिया। उसने एक पेड़ के पीछे छिपकर अपना बचाव करने की कोशिश की। वहाँ फायरिंग हो रही थी और खुद को गोली मारने से पहले उसने एक या दो पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया था।”

अल्फ़्रेड पार्क में चंद्रशेखर आज़ाद
अल्फ़्रेड पार्क में चंद्रशेखर आज़ाद

CID की उस फाइल में क्या मिला

नेहरू के इन शब्दों से यह साफ झलकता है कि उनके नजरिए में चंद्रशेखर आज़ाद का क्रांतिकारी संघर्ष केवल आतंकवाद था। शायद यही सोच उनके और आज़ाद के बीच मतभेद की जड़ थी। सत्यनारायण शर्मा लिखते हैं कि जब आज़ाद ने नेहरू से पूछा कि क्या गांधी, इरविन के साथ उनकी और उनके साथियों—भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु—की फाँसी माफ कराने पर चर्चा करेंगे, तो नेहरू ने जवाब दिया कि वह इस पर कुछ नहीं कह सकते, क्योंकि गांधी क्रांतिकारियों के समर्थन में कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं थे।

इस पर आज़ाद आक्रोशित हो उठे और बोले कि यह उन जैसे राष्ट्रभक्तों के साथ सरासर अन्याय है। उनके तीन साथियों को फाँसी दी जा रही है, और उन्हें नेहरू और उनके जैसे नेताओं से सिर्फ उपेक्षा ही मिली है। नेहरू और उनके सहयोगियों को भी ब्रिटिश सरकार ने गिरफ्तार किया था, लेकिन उन्हें रिहा कर दिया जाएगा, जबकि क्रांतिकारियों को फाँसी चढ़ा दिया जाएगा। नेहरू के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं था।

वहीं, दैनिक भास्कर में प्रकाशित एक 8 साल पुरानी रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चंद्रशेखर आज़ाद की शहादत के पीछे एक गहरी साजिश थी। रिपोर्ट के अनुसार, इलाहाबाद के एक प्रभावशाली नेता ने ब्रिटिश सरकार को आज़ाद के ठिकाने की सूचना देकर उनकी मुखबिरी की थी। इस घटना से जुड़ी एक गोपनीय फाइल लखनऊ के सीआईडी ऑफिस में मौजूद है, जिसमें इलाहाबाद के तत्कालीन ब्रिटिश पुलिस अधिकारी नॉट वावर के बयान दर्ज हैं।

नॉट वावर के मुताबिक, जब वह अपने घर पर भोजन कर रहे थे, तब उन्हें एक बड़े भारतीय नेता का संदेश मिला, जिसमें बताया गया कि चंद्रशेखर आज़ाद अल्फ्रेड पार्क में हैं और दोपहर 3 बजे तक वहीं रहेंगे। इसके बाद, वावर तुरंत पुलिस बल के साथ वहाँ पहुँचे और चारों ओर से घेराबंदी कर दी। उन्होंने आज़ाद से आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन इस वीर योद्धा ने मना कर दिया। उन्होंने अपनी माउजर पिस्तौल से एक पुलिस अधिकारी को गोली मार दी, जिसके बाद ब्रिटिश पुलिस ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी। नॉट वावर के बयान के अनुसार, आज़ाद ने पाँच गोलियाँ चलाकर पाँच पुलिसकर्मियों को ढेर कर दिया। लेकिन जब उनकी आखिरी गोली बची, तो उन्होंने उसे अपनी कनपटी पर रखकर खुद को मार लिया।

आज़ाद के भतीजे द्वारा नेहरू पर लगाए गए आरोप और सीआईडी फाइलों में दर्ज “बड़े नेता” की मुखबिरी का जिक्र इस घटना को और भी रहस्यमय बना देता है। यही कारण है कि समय-समय पर यह माँग उठती रही है कि सुजीत आज़ाद के आरोपों की निष्पक्ष और गहन जाँच कराई जाए। क्या नेहरू ने सच में चंद्रशेखर आज़ाद के साथ विश्वासघात किया था? क्या यह महज़ एक ऐतिहासिक इत्तेफाक था, या फिर किसी गहरी राजनीतिक साजिश का हिस्सा? इतिहास आज भी इन सवालों का जवाब देने से कतराता है।

 

 

 

स्रोत: चंद्रशेखर आजाद, चंद्रशेखर आजाद और जवाहलाल नेहरू, चंदशेखर आजाद और महात्मा गाँधी, चंद्रशेकर आजाद पुण्यतिथि, मेरी कहानी, Chandrashekhar Azad, Chandrashekhar Azad and Jawaharlal Nehru, Chandrashekhar Azad and Mahatma Gandhi, Chandrashekhar Azad Punyatithi, Meri Kahani
Tags: Chandrashekhar AzadChandrashekhar Azad and Jawaharlal NehruChandrashekhar Azad and Mahatma GandhiChandrashekhar Azad PunyatithiMeri Kahaniचंदशेखर आजाद और महात्मा गाँधीचंद्रशेकर आजाद पुण्यतिथिचंद्रशेखर आज़ादचंद्रशेखर आजाद और जवाहलाल नेहरूमेरी कहानी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘पूरी दुनिया में फैली महाकुंभ की महिमा’: हार्वर्ड के प्रोफेसर भी हुए महाआयोजन के मुरीद, बोले- ये है परंपरा, आध्यात्म और तकनीक का संगम

अगली पोस्ट

4 दिन में योगी का दौरा, व्यवस्था में हज़ारों कर्मी, ₹3 लाख करोड़ का कारोबार और 66 करोड़ श्रद्धालु: ऐसा रहा प्रयागराज का महाकुंभ

संबंधित पोस्ट

भारत पाकिस्तान का विभाजन
इतिहास

15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

16 August 2026

15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन प्रश्न था कि अब आगे क्या ? दुर्भाग्य से गांधी जी ने मुस्लिम लीग के...

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम
इतिहास

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

15 August 2026

भारत की आज़ादी सिर्फ कुछ मशहूर नेताओं की वजह से नहीं मिली, बल्कि यह अनगिनत बहादुर लोगों के त्याग और संघर्ष का नतीजा है। इनमें...

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?
इतिहास

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

14 August 2026

वर्ष 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32

QRSAM to Akash NG: India’s Massive Push to Build 2,000 Indigenous Air Defence Missiles | DRDO| IAF

00:04:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited