TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

2026 तक लाल आतंक के खात्मे के दावे में कितना दम? आंकड़ों में समझिए नक्सलियों का सफाया कितनी बड़ी चुनौती

TFI Desk द्वारा TFI Desk
12 March 2025
in चर्चित, मत, राजनीति
2026 तक लाल आतंक के खात्मे के दावे में कितना दम? आंकड़ों में समझिए नक्सलियों का सफाया कितनी बड़ी चुनौती
Share on FacebookShare on X

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में दिए एक दिए इंटरव्यू में नक्सलियों के सफाए को लेकर तैयार किए गए प्लान पर बात की है। उन्होंने अपने बयान को दोहराते हुए कहा है कि मार्च 2026 तक भारत से नक्सली पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा है कि सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से हो रहे विकास के चलते नक्सली या तो मारे जा रहे हैं या फिर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी को नक्सलियों की भाषा बोलने वाला बताया है।

बेशक केंद्रीय गृह मंत्री नक्सलियों के खात्मे की डेड लाइन बता रहे हों, लेकिन वास्तव में देखें तो करीब 6 दशक से देश में आतंक का पर्याय बने इन लाल आतंकियों का सफाया करना इतना आसान होने वाला नहीं है। गृह मंत्री ने अपने बयान में सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे प्रयास व उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे आधुनिक हथियारों व AI से युक्त ड्रोन कैमरों तथा हेलिकॉप्टर का भी जिक्र किया है। इन सबके जरिए उन्होंने बताया है कि नक्सलियों के खात्मे की बातें हवा-हवाई नहीं हैं। लेकिन फिर भी यह एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम है।

संबंधितपोस्ट

अमित शाह सांचू बॉर्डर पोस्ट पर बीएसएफ जवानों का बढ़ाया हौसला और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना

अमित शाह ने जनसंख्या बदलावों के अध्ययन के लिए हाई पावर कमेटी बनाई, सुरक्षा चिंताओं पर जताई चिंता

अमित शाह बीकानेर दौरे पर: सांचू पोस्ट पहुंचे गृह मंत्री, जवानों का बढ़ाया हौसला, महिला बैरकों का किया ई-लोकार्पण

और लोड करें

देश में आतंक का पर्याय बन चुके नक्सली यूं तो अब देश के 9 राज्यों में सीमित रह गए हैं। इसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र शामिल और केरल शामिल हैं। इन प्रदेशों में भी नक्सलियों की स्थिति नाज़ुक होती जा रही है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार बीते 5 सालों में नक्सली हिंसा में लगभग 50 प्रतिशत तक की कमी भी आई है। वहीं नक्सली हिंसा से मरने वालों की संख्या में भी 70 प्रतिशत से अधिक की कमी हुई है।

आम नागरिकों के अलावा पिछले 5 वर्षों में सुरक्षाबलों की जान जाने में भी बड़ी कमी देखने को मिली है। इसके अलावा नक्सलियों के एनकाउंटर में 65 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। अर्थात नक्सली घटनाएं व उससे होने वाली जन धन हानि में बड़ी कमी आयी है। लेकिन नक्सली तेजी से मारे जा रहे हैं। देखा जाए तो नक्सलियों की शक्तियां ज़रूर कम हुई हैं, लेकिन बीते कुछ महीनों में जवानों पर घात लगाकर किए गए हमले नक्सलियों को कमज़ोर समझने के बढ़े खतरे को बयान करते हैं। एक बात तो साफ है कि अब नक्सलियों में अचानक से हमला करने की क्षमता बिल्कुल नहीं है, वह सिर्फ प्री-प्लानिंग के हिसाब से ही हमला कर रहे हैं।

ऐसा हमेशा से माना जाता रहा है कि नक्सली देश की सरकार को नेस्तनाबूद करने के लिए हिंसा की राह पर हैं। लेकिन इसमें वे धीरे-धीरे अपनी जमीन और पैदल सिपाही गंवाते जा रहे हैं। यदि सिर्फ छत्तीसगढ़ की ही बात करें जहां माओवादियों की सबसे अधिक मौजूदगी थी, ज्यादातर दक्षिणी जिलों में, माओवादियों के कब्जे वाले इलाके कम होकर महज 5,000 वर्ग किमी से भी कम रह गए हैं। एक दशक पहले के आंकड़े देखें तो 20,000 वर्ग किमी से अधिक इलाके पर नक्सलियों का ‘कब्जा’ था।

केंद्र में सत्ता स्थापित होने के बाद से नरेंद्र मोदी सरकार ने नक्सलियों और उससे जुड़े तमाम नेटवर्क को लगातार ध्वस्त करने का प्रयास किया है। सुरक्षा बलों ने भी खुलकर शहरी माओवादियों यानी अर्बन नक्सलियों पर भी शिकंजा कसा है। ज्यादातर अर्बन नक्सली या तो जेल में हैं या जो बाहर हैं उन पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर है। इन सबके बाद भी नक्सली घटनाएं पूरी तह से खत्म नहीं हुई हैं।

आकंड़ों को देखें तो सिर्फ़ 2010 में माओवादी हिंसा में 1005 लोग मारे गए थे, यह संख्या साल 1999 में हुए कारगिल युद्ध में बलिदान हुए जवानों की संख्या के दोगुने से भी अधिक है। हालांकि इसके बाद से माओवादी हिंसा में शहीद होने वालों की तादाद धीरे-धीरे घटती गई है। अगस्त 2024 में, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने नक्सलवाद से जुड़े आंकड़े संसद में रखे थे।

इस दौरान उन्होंने कहा था था कि 2010 की तुलना में 2024 में नक्सली घटनाओं में 73% की कमी आई है। इसी तरह से इन नक्सली घटनाओं में होने वाली मौतें भी 86% तक कम हुई हैं। 2010 में नक्सली घटनाओं में 1005 मौतें हुई थीं, जबकि 2023 में 138 लोग मारे गए थे। इनमें बलिदान हुए जवानों की संख्या भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा था कि साल 2013 तक देश भर के 10 राज्यों के 126 जिले नक्सल प्रभावित थे। वहीं, अप्रैल 2024 तक 9 राज्यों के 38 जिलों तक ही नक्सलियों का प्रभाव रह गया है।

अगर इतिहास को देखें तो 1990 के बाद से नक्सलवाद का खतरनाक रूप सामने आने लगा था। साल 1996 में नक्सली हमलों में कुल 156 लोगों की जान गई थी। साल 1997 में ये आंकड़ा बढ़कर 348 तक पहुंच गया था। फिर साल-दर-साल ये आंकड़ा बढ़ता ही रहा। तत्कालीन सरकारें नक्सली और उनके द्वारा की जाने वाली हिंसक घटनाओं को रोकने के प्रयास में लगी रहीं। लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी।

साल 2009 और 2010 में नक्सली हमले में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई। दोनों ही साल ये आंकड़ा एक हजार के पार रहा। कुल आंकड़ों की बात करें तो साल 1995 के बाद से 2024 तक कुल 5490 नक्सली घटनाएं हुई हैं, जिसमें करीब साढ़े 5 हजार से ज्यादा आम नागरिकों की मौत हुई है। वहीं इस दौरान 3 हजार से अधिक जवान भी बलिदान हुए। वहीं, 5 हजार से ज्यादा नक्सली भी मारे गए। एक तरीके देखें तो नक्सलियों की वजह से कुल मौत का आंकड़ा 14 हजार से अधिक का है।

4 साल पहले तक बिहार के 10 जिले नक्सलियों से प्रभावित थे, लेकिन अब वहां इनका सफाया हो चुका है। इसी तरहओडिशा, आंध्र प्रदेश, झारखंड और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी नक्सली कुछ जिलों तक ही सिमट कर रह गए हैं। साल 2021 तक झारखंड के 16 जिले नक्सलियों से प्रभावित थे। हालांकि अब सिर्फ 5 जिलों में ही नक्सलियों का प्रभाव रह गया है। आंध्र प्रदेश का आलुरी सीतारामराजू, केरल का वायनाड और कन्नूर, मध्य प्रदेश का बालाघाट, मंडला और डिंडोरी, महाराष्ट्र का गढ़चिरौली और गोंदिया, तेलंगाना का भद्रादी-कोतागुदेम और मुलुगु और पश्चिम बंगाल का झारग्राम जिला ही नक्सल प्रभावित है।

केंद्र सरकार के आंकड़ों को देखें तो साल 2010 तक 96 जिलों के 465 पुलिस थानों तक नक्सलवाद फैला हुआ था। वहीं साल 2023 के आखिर तक नक्सली 42 जिलों के 171 पुलिस थानों तक सिमट कर रह गए थे। जून 2024 तक देश के 30 जिलों के 89 पुलिस थाने ही ऐसे थे, जहां नक्सलियों की मौजूदगी थी। आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में देश में नक्सली कमजोर हुए हैं।

वहीं नक्सलियों के खात्मे के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। लाल आतंकियों को मुख्य धारा में लाने के लिए सरकार द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही कई योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। हथियार छोड़कर घर वापस आने के लिए नक्सलियों को नौकरी, रोजगार, सरकारी योजनाओं का लाभ समेत कई प्रकार के प्रलोभन दिए जा रहे हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों का जाल बढ़ाया गया है। साथ ही निगरानी तंत्र को मजबूत करने के भरपूर प्रयास किए गए हैं।

इन तमाम बातों के बीच इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि छत्तीसगढ़ के कुछ इलाओं में नक्सलियों का नेटवर्क अब भी मजबूत है। उन्हें स्थानीय लोगों द्वारा आश्रय से लेकर सुरक्षाबलों के मूवमेंट तक की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इतना ही नहीं नक्सलियों के घायल होने पर उनके इलाज में मदद भी स्थानीय लोग ही करते हैं। इसके पीछे एक कारण तो डर है और दूसरा यह कि जिनके घरों में आकर नक्सली रुकते हैं, उन्हें गांव के अन्य लोगों द्वारा किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया जाता। सीधे शब्दों में कहें तो प्रभाव दिखाने के लिए कई बार लोग नक्सलियों के मददगार बन जाते हैं। चूंकि नक्सली किसी भी मारने में दया नहीं दिखाते, इसलिए डर के चलते लोग नक्सलियों के छिपे होने या उनके मददगारों की सूचना सुरक्षा बलों तक नहीं पहुंचाते हैं।

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के नारायणपुर जिले में स्थित अबूझमाड़ के जंगल जिसका कुछ हिस्सा छत्तीसगढ़ समेत महाराष्ट्र तथा आंध्र प्रदेश मे पड़ता है, ये छत्तीसगढ़ के बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा में तकरीबन 4,000 किमी के भूभाग में फैले हैं, ये जंगल माओवाद के प्रमुख गढ़ रहे हैं, साथ ही नक्सलियों की सबसे बड़ी तादाद यहीं इकट्ठा रही है। अबूझमाड़ के जंगलों में ही नक्सली अपनी समानांतर सरकार चलाते रहे हैं जिसे वे ‘जनताना सरकार’ कहते हैं। लेकिन माओवादियों का सबसे बड़ा गढ़ है सुकमा जिसकी सीमा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना से सीधे मिलती है। सुकमा को ही ‘नक्सली हुकूमत की असल राजधानी’ भी कहा जाता है, यह वही सुकमा है जिसके नाम मात्र से माओवादियों की याद आ जाती है। इसके अलावा, हाल के दिनों में महाराष्ट्र और तेलंगाना की सीमा से सटे बीजापुर में भी नक्सली घटनाएं देखने को मिली हैं।

यूं तो सुकमा ‘नक्सलियों की राजधानी’ है, लेकिन सुकमा जिले की सीमा से लगे हुए दो और जिले भी इनसे प्रभावित हैं, पहला है ओडिशा का मलकानगिरि और तेलंगाना का भद्राद्री कोथागुडेम जिला। चूंकि सुकमा की सीमा 4 राज्यों से जुड़ती है। वहीं बीजापुर की सीमा 3 राज्यों से जुड़ती है। ऐसे में नक्सलियों के आने जाने व हथियारों के लिहाज से यह क्षेत्र जन्नत की तरह है। यहां के जंगल उनके लिए घर हैं, सिर्फ घर ही क्यों नक्सलियों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान भी यहां के घने जंगल ही हैं, जिनकी आड़ में रहकर ये लाल आतंकी दशकों से खूनी खेल रहे हैं।

वास्तव में देखें तो नक्सली हर उस चीज़ से नफरत हैं जो विकास का रूपक है, चाहे वह सड़क हो, स्कूल, बिजली के खंभे या फिर मोबाइल टॉवर। आम तौर नक्सली सड़कों या ऐसे ही अन्य विकास को आईईडी लगाकर विस्फोट के जरिए नष्ट कर देते हैं। यहां तक कि नदियों के पुलों को भी नष्ट करने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन सबके बीच अहम बात यह है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नकलियों के खात्मे के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखा रहे हैं। इसमें सुरक्षाबलों का साहस सबसे बड़े अस्त्र-शस्त्र के रूप में काम कर रहा है।

Tags: Amit ShahNaxaliteअमित शाहनक्सली
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

चहल को लेकर महविश और धनश्री के बीच हुई बहस, जानें क्या है हकीकत?

अगली पोस्ट

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने क्यों की BJP के धुर विरोधी मुस्लिम लीग के सांसद की तारीफ?

संबंधित पोस्ट

राजीव गांधी
चर्चित

जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

4 June 2026

आज जब दुनिया तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की 37 वीं बरसी को याद कर रही है, तो टैंकों के सामने खड़े उस शख्स (जिसे दुनिया में...

Cockroach Janta Party
राजनीति

Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

4 June 2026

युवाओं द्वारा संचालित राजनीतिक संगठन Cockroach Janta Party (CJP) ने 6 जून को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले अपने तीन प्रवक्ताओं की घोषणा की...

रुद्रम-2 मिसाइल
चर्चित

रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

3 June 2026

भारत ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने रुद्रम-2 एंटी-रेडिएशन मिसाइल...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited