TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘पता है कि कानून का दुरुपयोग होता है’: वक्फ कानून पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, बंगाल हिंसा पर जताई चिंता

Akash Sharma Nayan द्वारा Akash Sharma Nayan
16 April 2025
in चर्चित, राजनीति
वक्फ कानून सुप्रीम कोर्ट
Share on FacebookShare on X

संबंधितपोस्ट

भोजशाला विवाद: वैकल्पिक नमाज स्थल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, मुस्लिम पक्ष ने आदेश का पालन न होने का लगाया आरोप

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने मांगी एसआईटी रिपोर्ट, केंद्र-राज्य और ट्रस्ट को जारी किया नोटिस

राम मंदिर चंदा विवाद पर तुरंत सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- नियमित प्रक्रिया से होगी सुनवाई

और लोड करें

वक्फ संशोधन कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 2 घंटे तक सुनवाई चली। इस दौरान कोर्ट रूम में इतनी अधिक भीड़ थी कि वकीलों को भी कोर्ट रूम में घुसने का मौका नहीं मिल रहा था। याचिकाओं का कुल आंकड़ा 70 से भी अधिक है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दायर की गई 10 याचिकाओं पर ही एक साथ सुनवाई की। 

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे यह पता है कि पुराने कानून का कुछ गलत इस्तेमाल हुआ, लेकिन कुछ वास्तविक वक्फ संपत्तियां भी हैं, जिनकी इस्तेमाल के दौरान लंबे समय से वक्फ संपत्ति के तौर पर पहचान हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इन पर केंद्र से जवाब मांगा है, लेकिन कोर्ट ने कानून के लागू होने पर रोक नहीं लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून के विरोध में देशभर में हो रही हिंसा पर चिंता जताई। इस पर SG ने कहा कि ऐसा नहीं लगना चाहिए कि हिंसा का इस्तेमाल दबाव डालने के लिए किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने ये अंतरिम आदेश वापस लिए

सुप्रीम कोर्ट ने इन अंतरिम आदेशों को वापस ले लिया है:

  1. जो भी संपत्तियां न्यायालय द्वारा वक्फ घोषित की गई हैं, उन्हें गैर-वक्फ नहीं माना जाएगा चाहे वह उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ की गई हो या नहीं।
  2. कलेक्टर कार्यवाही जारी रख सकता है, लेकिन यह प्रावधान उस पर लागू नहीं होगा।
  3. पदेन सदस्य नियुक्त किए जा सकते हैं, उन्हें धर्म की परवाह किए बिना नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन अन्य सदस्य मुस्लिम होने चाहिए।
सुनवाई में क्या-क्या हुआ?

  • Apr 16, 2025 | 2:18 PM (IST)

    वक्फ संशोधित कानून सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

    वक्फ संशोधित कानून-2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। सीजेआई संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की तीन जजों की बेंच सुनवाई कर रही है। सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता AIMIM सुप्रीमो और सांसद असद्दुदीन ओवैसी, कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद समेत याचिककर्ता मौजूद हैं।


  • Apr 16, 2025 | 2:20 PM (IST)

    सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कही ये बातें

    सीजेआई ने कहा कि हम सभी को नहीं सुन सकते। इसलिए तय कर देंगे कि कौन बहस करेगा। हम एक-एक कर नाम लेंगे। कोई भी दलील दोहराएगा नहीं। तमाम रिट याचिकाएं हैं और सभी ब्रीफ नोट तैयार करेंगे। दूसरा किन आधारों पर तर्क रखेंगे। वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा कि मैं वरिष्ठ हूं, मुझे मौका दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी डेकोरम बनाएं रखें। सीजेआई ने कहा दो सवाल हैं- क्या मामला हाईकोर्ट भेजें… आपके तर्कों के आधार क्या हैं।


    • Apr 16, 2025 | 2:22 PM (IST)

      सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल दे रहे हैं दलील

      एक याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर वकील कपिल सिब्बल दलील दे रहे हैं। कोर्ट से उन्होंने कहा कि यह अनुच्छेद मूवेबल और इमूवेबल संपत्ति जो धर्म संबंधी है। उनको संरक्षित करता है। सिब्बल ने कहा कि मैं मोटे तौर पर बता दूं कि चुनौती किस बारे में है। संसदीय कानून के माध्यम से जो करने की कोशिश की जा रही है, वह एक धर्म के आवश्यक और अभिन्न अंग में हस्तक्षेप करना है। मैं अनुच्छेद 26 का उल्लेख करता हूं और अधिनियम के कई प्रावधान अनुच्छेद 26 का उल्लंघन करते हैं।


      • Apr 16, 2025 | 2:27 PM (IST)

        सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल ने दी ये दलील

        सिब्बल ने कहा कि वक्फ के मामले में पर्सनल लॉ लागू होता है और मैं ऐसे में किसी अन्य का अनुसरण क्यों करूंगा। सिब्बल ने कहा कि 2025 अधिनियम की धारा 3 (आर) का संदर्भ देते हुए- वक्फ की परिभाषा देखिए- सिब्बल ने पढ़ा। यदि मैं वक्फ स्थापित करना चाहता हूं, तो मुझे यह दिखाना होगा कि मैं 5 वर्षों से इस्लाम का पालन कर रहा हूं। यदि मैं मुस्लिम पैदा हुआ हूं, तो मैं ऐसा क्यों करूंगा? मेरा व्यक्तिगत कानून लागू होगा।


        • Apr 16, 2025 | 2:33 PM (IST)

          सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कही ये बात

          सिब्बल ने कहा कि धारा 3(ए)(2)- वक्फ-अल-औलाद के गठन से महिलाओं को विरासत से वंचित नहीं किया जा सकता। इस बारे में कहने वाला राज्य कौन होता है? सीजेआई ने कहा कि हिंदू में भी सरकार ने कानून बनाया है। संसद ने मुसलमानों के लिए भी कानून बनाया है। सीजेआई ने कहा कि अनुच्छेद 26 धर्मनिरपेक्ष है, सभी समुदायों पर लागू होता है।


          • Apr 16, 2025 | 2:33 PM (IST)

            सुप्रीम कोर्ट में सिब्बल ने दी ये दलीलें

            सिब्बल ने कहा कि इस्लाम में उत्तराधिकार मृत्यु के बाद मिलता है, वे उससे पहले ही हस्तक्षेप कर रहे हैं। इसके बाद धारा 3(सी) के तहत वक्फ के रूप में पहचानी गई या घोषित की गई सरकारी संपत्ति को अधिनियम के लागू होने के बाद वक्फ नहीं माना जाएगा। सिब्बल ने कहा कि सरकार और वक्फ के बीच विवाद में सरकारी अधिकारी निर्णय लेगा। यह सही नहीं है। सिब्बल ने कहा कि कानून की धारा  3(सी)(2)- वे घोषणा कर सकते हैं कि यह उनकी संपत्ति है। इस प्रक्रिया में कोई समय सीमा नहीं है।


            • Apr 16, 2025 | 2:38 PM (IST)

              सिब्बल ने दिल्ली की जामा मस्जिद का जिक्र किया

              कपिल सिब्बल ने जामा मस्जिद का उदाहरण देने की कोशिश की। CJI ने उन्हें रोकते हुए कहा कि जामा मस्जिद पहले से धार्मिक गतिविधि हो रही है। उस पर कोई असर नहीं पड़ने वाला। यही स्थिति दूसरी इमारतों की भी है।

              सिब्बल- आदिवासी ज़मीन को भी वक्फ घोषित होने से रोका गया है। मुस्लिम में भी ट्राइबल हैं।

              CJI- पूरे देश में आदिवासी ज़मीन को संरक्षित करने वाले कानून बने हैं।

              सीजेआई ने कहा कि वक्फ के बाद ASI के तहत कई ऐतिहासिक इमारतें दी गई हैं जो Ancient mournamrnt act के तहत हैं।

              सिब्बल ने कहा कि आपने एक ऐसे अधिकारी की पहचान की है जो सरकार का अधिकारी है। यह अपने आप में असंवैधानिक है। तीसरी चुनौती।

              चौथी- संरक्षित स्मारक या वक्फ की घोषणा शून्य है।


              • Apr 16, 2025 | 2:39 PM (IST)

                सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कही ये बातें

                सीजेआई ने कहा कि ऐसे कितने मामले होंगे? मेरी समझ से, व्याख्या आपके पक्ष में है। अगर इसे प्राचीन स्मारक घोषित किए जाने से पहले वक्फ घोषित किया गया है, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यह वक्फ ही रहेगा, आपको तब तक आपत्ति नहीं करनी चाहिए जब तक कि इसे संरक्षित घोषित किए जाने के बाद वक्फ घोषित नहीं किया जा सकता।


                • Apr 16, 2025 | 2:42 PM (IST)

                  20 करोड़ लोगों के अधिकारों को हड़पा जा सकता हैः सिब्बल

                  महमूद मदनी के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सेंट्रल वक्फ काउंसिल, 1995 के तहत, सभी नामांकित व्यक्ति मुस्लिम थे। मेरे पास चार्ट है, सभी हिंदू या सिख बंदोबस्त, नामांकित व्यक्ति हिंदू या सिख हैं- यह सीधा उल्लंघन है। यह 200 करोड़ लोगों को संसदीय तरीके से हड़पना है।

                  सिब्बल- हिन्दू और सिख ट्रस्टों में सिर्फ उन्हीं धर्मों के लोग होते हैं। यहां गैर मुस्लिम भी हो सकते हैं। 20 करोड़ लोगों के अधिकारों को हड़पा जा सकता है।

                  CJI- आप बार-बार अनिवार्य धार्मिक बातों का हवाला दे रहे हैं। यह ठीक नहीं लगता। बात संपत्ति की है। उसका चरित्र धार्मिक या सेक्युलर हो सकता है। सिब्बल क़ानून के प्रावधान को पढ़ रहे हैं।

                  CJI संजीव खन्ना ने कपिल सिब्बल की दलीलों पर कहा कि ऐसे कितने मामले होंगे? मेरी समझ से, व्याख्या आपके पक्ष में है। अगर इसे प्राचीन स्मारक घोषित करने से पहले वक्फ घोषित किया जाता है, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यह वक्फ ही रहेगा, आपको तब तक आपत्ति नहीं करनी चाहिए जब तक कि इसे संरक्षित घोषित करने के बाद वक्फ घोषित न किया जा सके।


                  • Apr 16, 2025 | 2:48 PM (IST)

                    जमीयत उलेमा ए हिन्द के वकील दे रहे हैं दलील

                    मौलाना अरशद मदनी की जमीयत उलेमा ए हिन्द के वकील के तौर पर कपिल सिब्बल ने दलील देते हुए कहा कि कलेक्टर का प्रोसेस न्यायिक प्रक्रिया नहीं है। सिब्बल ने धारा 7(ए) का हवाला देते हुए कहा कि इसमें 20 साल लगेंगे। इस पर सीजेआई ने कहा लेकिन यथास्थिति बरकरार रखी जाएगी। क्या कलेक्टर का फैसला न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आता है? सिब्बल ने कहा कि कानून की धारा ऐसा नहीं कहती।

                    मेहता ने कहा कि इसमें स्पष्ट रूप से ऐसा कहा गया है। विश्वनाथन ने कहा कि मत उलझाओ, संपत्तियां धर्मनिरपेक्ष हो सकती हैं। केवल संपत्ति का प्रशासन ही इसके लिए उत्तरदायी हो सकता है, बार-बार अनिवार्य धार्मिक प्रथा न कहें। सिब्बल ने कहा कि कृपया धारा 9 देखें। कुल सदस्य संख्या 22 है, 10 मुस्लिम होंगे। सीजेआई ने कहा कि दूसरा प्रावधान देखें। क्या इसका मतलब यह है कि पूर्व अधिकारी को छोड़कर केवल दो सदस्य ही मुस्लिम होंगे?


                    • Apr 16, 2025| 2:51 PM (IST)

                      सीजेआई ने कहा लिमिटेशन एक्ट के अपने फायदे हैं

                      सिब्बल ने कहा कि पहले कोई लिमिटेशन नहीं थी। इनमें से कई वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण किया गया था। सीजेआई ने कहा कि लिमिटेशन एक्ट के अपने फायदे हैं। सिब्बल ने कहा कि मैं अलग बात पर हूं, इसमें कहा गया है कि मुझे इसे 2 साल के भीतर करना होगा और कई पंजीकृत नहीं हैं, मैं दावा कैसे करूंगा। सिब्बल ने कहा कि कानून की धारा 61 देखिए।

                      • Apr 16, 2025 | 2:52 PM (IST)

                        अधिवक्ता राजीव धवन दे रहे हैं दलील

                        वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने कहा कि यह कानून इस्लाम धर्म की अंदरूनी व्यवस्था के खिलाफ है। धवन ने कहा कि संवैधानिक हमले का आधार यह है कि वक्फ इस्लाम के लिए आवश्यक और अभिन्न अंग है। धर्म, विशेष रूप से दान, इस्लाम का आवश्यक और अभिन्न अंग है। अन्य पहलुओं में मैं सिब्बल के तर्क का समर्थन करता हूं। पहले सीईओ मुस्लिम होना चाहिए था, अब ऐसा नहीं है।

                        सुप्रीम कोर्ट के CJI संजीव खन्ना ने कहा कि सरकार ने हिंदुओं के मामले में भी कानून बनाया है। इसी तरह संसद ने मुस्लिमों के लिए भी कानून बनाया है। आर्टिकल 26 धर्मनिरपेक्ष है और सभी कम्युनिटी पर लागू होता है।

                        • Apr 16, 2025 | 2:57 PM (IST)

                          अभिषेक मनु सिंघवी दे रहे हैं दलील

                           अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि 8 लाख में से 4 वक्फ हैं, जो उपयोगकर्ता के द्वारा हैं। सीजेआई ने कहा कि क्षमा करें, हम बीच में नहीं बोलना चाहते, हमें बताया गया है कि दिल्ली हाई कोर्ट वक्फ की जमीन पर बना है। हम यह नहीं कह रहे हैं कि वक्फ की सभी जमीनें गलत हैं, लेकिन इसमें वास्तविक चिंता है।

                          सिंघवी ने कहा कि अयोध्या के 118वें फैसले में कहा गया है कि यह बहुत पुरानी अवधारणा है। क्या आपने आधार हटा दिया है? 2(आर)(आई) हटा दिया गया है, लेकिन क्या आप फैसले का आधार हटा सकते हैं? व्यावहारिक रूप से देखें। अगर मैं देखूं कि संसद वक्फ है, तो आपका आधिपत्य स्वीकार नहीं करेगा, लेकिन अवधारणा खराब नहीं है।

                          • Apr 16, 2025 | 2:59 PM (IST)

                            सिंघवी ने कानून पर रोक लगाए जाने की मांग की

                            सिंघवी ने कहा कि 3( 3)(डीए) कलेक्टर को व्यापक रूप से परिभाषित किया गया है। लोगों को अधिकारी के पास जाने के लिए बनाया गया है। सिंघवी ने कानून पर रोक लगाए जाने की मांग की। सिंघवी ने कहा कि अनुच्छेद 25 और 26 को पढ़ने से ज्यादा अनुच्छेद 32 क्या है, यह ऐसा मामला नहीं है जहां मायलॉर्ड्स को हमें HC भेजना चाहिए।

                            • Apr 16, 2025 | 2:59 PM (IST)

                              वकील सीयू सिंह ने दी ये दलील

                              वकील सीयू सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 26 देखें, मैं आवश्यक धार्मिक तर्क से भटक रहा हूं, यह यहां महत्वपूर्ण नहीं है। कृपया धार्मिक और धर्मार्थ उद्देश्यों के बीच अंतर देखें, इसमें धार्मिक आवश्यक अभ्यास के प्रश्न का उत्तर देने की आवश्यकता नहीं है। सीजेआई ने कहा कि आप लोग कानून के पहलू पर ही बात करें।


                              . Apr 16, 2025 | 3:00 PM (IST)

                              सिब्बल ने फिर दी दलीलें

                              CJI खन्ना ने कहा- वक्फ रजिस्टर कराने से आपकी मदद होगी

                              सिब्बल- मान लीजिए मेरी एक संपत्ति है और मैं चाहता हूं वहां अनाथालय बने। इसमें क्या परेशानी है। मुझे रजिस्टर कराना क्यों जरूरी है?

                              CJI खन्ना- वक्फ रजिस्टर कराएंगे तो ये रजिस्ट्रेशन आपकी मदद करेगा।

                              जस्टिस विश्वनाथन– जो अल्लाह का है, वो वक्फ है। कानून में झूठे दावों से बचने के लिए वक्फ डीड का प्रावधान है।

                              सिब्बल- यह इतना आसान नहीं है। वक्फ सैकड़ों साल पहले बनाया गया है। अब ये 300 साल पुरानी संपत्ति की वक्फ डीड मांगेंगे। यहां समस्या है।

                              • Apr 16, 2025 | 3:02 PM (IST)

                                वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने दिया ये दलील

                                वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने अब तर्क देना शुरू किया। हेगड़े ने कहा कि आप पंजाब से हैं, आपको पता होगा कि अमृतसर गैर-सिख नियंत्रण में था और इसके लिए पूरे अकाली दल आंदोलन की आवश्यकता थी। अन्य वकीलों ने भी कानून पर रोक लगाने की मांग की.. सीजेआई ने कहा कि बस हो गया। अब हमें मौका दीजिए।


                              • Apr 16, 2025 | 3:24 PM (IST)

                                ‘मूल रूप से अनुच्छेद 31 को हटा दिया गया था’

                                सीनियर एडवोकेट राजीव शकधर ने कहा कि मूल रूप से अनुच्छेद 31 को हटा दिया गया था। वे संपत्ति के साथ कब छेड़छाड़ कर सकते हैं? नैतिकता, स्वास्थ्य आदि के अधीन, किसी को मुस्लिम के रूप में प्रमाणित करने के लिए उन्हें 5 साल की परिवीक्षा अवधि की आवश्यकता होती है।


                                • Apr 16, 20253:29 PM (IST)

                                  ‘कानून को बनाने के लिए JPC का गठन हुआ था’

                                  सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘अदालत इस समय उस कानून पर सुनवाई कर रही है, जिसे व्यापक चर्चा और विचार-विमर्श के बाद लाया गया है। अब मैं वह सच्चाई सामने रख रहा हूं, जिसे याचिकाकर्ता नजरअंदाज कर रहे हैं। इस कानून को बनाने के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया गया था। इस समिति ने 38 बैठकें कीं, देश के प्रमुख शहरों का दौरा किया, विभिन्न पक्षों से परामर्श किया और प्राप्त हुए 29 लाख सुझावों पर गंभीरता से विचार किया।’

                                • Apr 16, 2025 | 3:26 PM (IST)

                                  एडवोकेट हुजेफा अहमदी ने दी ये दलील

                                  एडवोकेट हुजेफा अहमदी ने कहा, ‘सबसे पहले हमें ‘तीन आर’ (3R) के तीन पहलुओं पर ध्यान देना होगा। पहला बिंदु यह है कि परिभाषा को बदला जा रहा है। दूसरा बिंदु यह है कि अगर इस्लाम का पालन करना एक आवश्यक धार्मिक अभ्यास माना जाता है, तो इसका परिणाम यह होगा कि व्यक्ति के मौलिक अधिकारों को 5 वर्षों के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। क्या कोई मुझे बताएगा कि श्री अहमदी, जो स्वयं मुस्लिम हैं, क्या वे दिन में 5 बार नमाज़ नहीं पढ़ते? इसका मतलब है कि इस मामले में अस्पष्टता का तत्व मौजूद है।


                                • Apr 16, 2025 | 3:29 PM (IST)

                                  ‘कानून को बनाने के लिए JPC का गठन हुआ था’

                                  सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘अदालत इस समय उस कानून पर सुनवाई कर रही है, जिसे व्यापक चर्चा और विचार-विमर्श के बाद लाया गया है। अब मैं वह सच्चाई सामने रख रहा हूं, जिसे याचिकाकर्ता नजरअंदाज कर रहे हैं। इस कानून को बनाने के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया गया था। इस समिति ने 38 बैठकें कीं, देश के प्रमुख शहरों का दौरा किया, विभिन्न पक्षों से परामर्श किया और प्राप्त हुए 29 लाख सुझावों पर गंभीरता से विचार किया।’

                                  • ‘धार्मिक व्यवस्था पर नहीं, बल्कि कानून पर बात कर रहे हैं’

                                    एसजी तुषार मेहता ने कहा, ‘पहले परिभाषा खंड पर एक नज़र डालें‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’ सबसे विवादास्पद है। मैं इसे स्पष्ट कर दूं।’ इस पर मुख्य न्यायाधीश ने पूछा, ‘क्या आप कह रहे हैं कि यदि ‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’, निर्णय द्वारा या अन्यथा स्थापित किया जाता है, तो आज उसकी कोई वैधता नहीं है?’

                                    इस पर एसजी ने जवाब दिया कि जो प्रस्तुत किया गया है, वह सही वैधानिक योजना नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ‘मैं हिंदू हूं, मैं एक ट्रस्ट बनाता हूं, और कहता हूं कि सभी ट्रस्टी हिंदू होंगे। प्रशासन चैरिटी कमिश्नर के पास होगा। वहीं इस्लामी कानून में, संपत्ति को धर्मार्थ उद्देश्य के लिए अल्लाह को समर्पित किया जाता है। एक वक्फ होना चाहिए जो ट्रस्ट का निपटान करता है, और वह कहेगा कि इसका संचालन मुतवल्ली द्वारा किया जाएगा।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि वह यहां धार्मिक व्यवस्था पर नहीं, बल्कि कानून पर बात कर रहे हैं।

                                    • Apr 16, 2025 | 3:36 PM (IST)

                                      ‘ट्रस्ट का उदाहरण न दिया जाए, क्योंकि…’

                                      CJI ने कहा कि हम इस समय केवल ‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’ के विषय पर हैं। इस दौरान जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि ट्रस्ट का उदाहरण न दिया जाए, क्योंकि सबसे अधिक संभावना है कि वह हिंदू बंदोबस्ती का ही होगा, और आमतौर पर उसका प्रशासन हिंदू समुदाय ही करता है।

                                      इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उत्तर दिया कि वे किसी भी तरीके से शासित हो सकते हैं, लेकिन अंततः वे वैधानिक ढांचे द्वारा ही नियंत्रित होते हैं।

                                      CJI ने SG से कहा कि वे कोई उदाहरण प्रस्तुत करें। इस पर मेहता ने कहा, ‘ठीक है, इस पर नहीं जाते हैं।’ इसके बाद सीजेआई ने टिप्पणी की, ‘मेहता जी, जब हम हिंदुओं की बंदोबस्ती की बात करते हैं, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि यह आमतौर पर हिंदुओं की ही बंदोबस्ती होती है।’

                                      इसके बाद मेहता ने कहा, ‘अब हम मेरे संकलन पर आते हैं। 2025 अधिनियम से पहले जो वक्फ पंजीकृत हैं, वे वक्फ संपत्ति के रूप में बने रहेंगे। लेकिन यदि कोई यह कहता है कि वे पंजीकृत नहीं हैं, तो केवल वे संपत्तियां जो विवादों में हैं, उन्हें छोड़कर बाकी सब वक्फ संपत्ति मानी जाएंगी।’ इस पर CJI ने टिप्पणी की, ‘यह वक्फ संपत्ति क्यों नहीं रहेगी? इसे सिविल कोर्ट को तय करने दिया जाना चाहिए।’

                                      • Apr 16, 2025 | 3:40 PM (IST)

                                        ’13वीं, 14वीं और 15वीं शताब्दी में कई मस्जिदें बनाई गई थीं’

                                        SG तुषार मेहता ने कहा, ‘1923 से ही वक्फ का पंजीकरण वैधानिक रूप से अनिवार्य है। यहां तक कि ‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’ को भी बिना पंजीकरण के मान्यता नहीं दी जा सकती। 1995 के अधिनियम में भी इस प्रावधान का पालन किया गया, जहां वक्फ पंजीकरण अनिवार्य है।’

                                        इस पर कपिल सिब्बल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर पंजीकरण नहीं कराया गया तो मुतवल्ली को जेल जाना पड़ता है, और वह 1995 से ही जेल जा रहा है।

                                        इस बीच, CJI ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, ‘एक बात स्पष्ट कर दूं ‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’ को 1925 से पहले स्वीकार किया जाता था। अब क्या इसे शून्य घोषित कर दिया गया है, या इसे अस्तित्वहीन माना जा रहा है? कृपया अपने बयान में सावधानी बरतें। अगर कोई वक्फ पहले से स्थापित है, तो क्या अब उसे शून्य घोषित कर दिया जाएगा, या वह वैध बना रहेगा?’

                                        इस पर मेहता ने कहा, ‘यदि वह पंजीकृत है, तो वह वक्फ संपत्ति के रूप में बना रहेगा।’

                                        CJI ने आगे पूछा, ‘आपने कहा कि यह ‘विवाद’ है। इस शब्द से आपका क्या तात्पर्य है, क्या केवल न्यायालय के समक्ष लंबित विवाद? और यह भी समझना होगा कि ब्रिटिश शासन से पहले हमारे पास कोई पंजीकरण अधिनियम नहीं था। 13वीं, 14वीं और 15वीं शताब्दी में कई मस्जिदें बनाई गई थीं। क्या आप उनसे अब बिक्री विलेख या पंजीकरण दस्तावेज प्रस्तुत करने की अपेक्षा करते हैं? यह तो असंभव है।’


                                        • Apr 16, 2025 | 3:44 PM (IST)

                                          सरकारी संपत्ति को लेकर SG ने कही ये बात

                                          CJI ने कहा कि अधिकांश मामलों में जैसे कि जामा मस्जिद, उसे ‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’ के रूप में माना जाएगा। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रतिक्रिया दी, ‘उन्हें पंजीकरण कराने से किसने रोका?’

                                          जस्टिस विश्वनाथन ने इस पर कहा, ‘सीजेआई जो कह रहे हैं, उसका तात्पर्य यह है कि यदि धारा 3(सी) लागू होती है, और सरकार यह दावा करती है कि वह संपत्ति उसकी है, तो क्या होगा? भूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत कानून कहता है कि इस प्रकार के वास्तविक विवादों पर अदालत विचार करेगी।’

                                          इस पर SG ने कहा, ‘माय लॉर्ड्स, कृपया मुझे अपना उत्तर पूरा करने दें। ऐसे कई फैसले हैं जो यह कहते हैं कि सरकार ट्रस्टी के रूप में ऐसी संपत्तियों को विनियमित कर सकती है। यदि यह प्रश्न उठता है कि क्या कोई संपत्ति सरकारी है, तो कलेक्टर इसका निर्धारण करेगा। यह प्रावधान इसलिए लाया गया ताकि कोई इस पर विवाद न कर सके, क्योंकि सरकारी संपत्ति, सरकारी संपत्ति के अलावा कुछ और नहीं हो सकती।’

                                          इस पर CJI ने टिप्पणी की, ‘ऐसे में तो फिर आप पहले से की गई किसी भी घोषणा को रद्द करें जिसमें यह कहा गया हो कि संपत्ति वक्फ संपत्ति है।’

                                          • Apr 16, 2025 | 3:48 PM (IST)

                                            ‘अब यह प्रक्रिया अधिक विस्तृत और न्यायसम्मत हो गई है’

                                            SG तुषार मेहता ने कहा कि सरकारी ज़मीन से संबंधित मामलों में राजस्व के दृष्टिकोण से adjudication होनी चाहिए। उन्होंने कहा किJPC के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया था कि चूंकि कलेक्टर एक राजस्व अधिकारी होता है, इसलिए उसके ऊपर एक उच्च अधिकारी द्वारा इस प्रक्रिया की निगरानी की जानी चाहिए।

                                            इस पर CJI ने टिप्पणी की, ‘प्रावधान को पढ़िए, जैसे ही कलेक्टर जांच करने की बात कहता है, क्या यह उचित है? क्या यह प्रक्रिया न्यायोचित है?’ मेहता ने जवाब दिया, ‘वक्फ के रूप में संपत्ति की स्थिति अभी निलंबित हो सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उस पर उपयोग रुक जाएगा। यह पूरी तरह से राजस्व प्रक्रिया है। और यदि कोई व्यक्ति यह मानता है कि उसका प्रतिकूल कब्ज़ा है, तो वह उचित उपायों की मांग कर सकता है।’

                                            CJI ने इस पर सवाल उठाया, ‘लेकिन सिविल मुकदमे पर तो रोक है।’ मेहता ने कहा, ‘धारा 81 को देखा जाए, वक्फ ट्रिब्यूनल एक न्यायिक निकाय है, जिसमें एक न्यायाधीश और मुस्लिम कानून की जानकारी रखने वाला एक व्यक्ति शामिल होता है। इसमें न्यायिक समीक्षा को समाप्त नहीं किया गया है।’ इसके बाद जस्टिस विश्वनाथन ने कहा, ‘एसजी साहब, कृपया उपधारा 9 पढ़ें, इसमें यह भी प्रावधान है कि हाईकोर्ट में अपील की जा सकती है।’ इस पर मेहता ने जवाब दिया, ‘मैं इस बात के लिए आभारी हूं। पहले ट्रिब्यूनल का निर्णय अंतिम माना जाता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया अधिक विस्तृत और न्यायसम्मत हो गई है।’

                                            • Apr 16, 2025 | 3:53 PM (IST)

                                              ‘यह कानून द्वारा स्थापित किसी चीज को खत्म करने जैसा होगा’

                                              CJI ने कहा, ‘मुझे अब भी मेरा जवाब नहीं मिल पाया है।’ इस पर SG मेहता ने कहा, ‘अगर वह वक्फ पंजीकृत है, तो मैं उस पर हलफनामे के माध्यम से जवाब देने को तैयार हूं।’

                                              CJI ने आगे कहा, ‘यह  कानून द्वारा स्थापित किसी चीज को खत्म करने जैसा होगा। आप इसे कैसे पंजीकृत करेंगे? उप-धारा 2 पर गौर करें। जहां तक ‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’ का सवाल है, इसे पंजीकृत करना मुश्किल है। आपकी यह बात सही है कि इसका दुरुपयोग किया जाता है, लेकिन आप यह नहीं कह सकते कि ‘उपयोगकर्ता द्वारा’ कोई भी वक्फ वास्तविक नहीं हो सकता। अगर आप इस तरह की संपत्तियों को वक्फ के रूप में चिह्नित करते हैं, तो यह गंभीर समस्या उत्पन्न करेगा। उप-धारा 2 का प्रावधान तो पूरी तरह इसके विपरीत है।’

                                              CJI ने आगे टिप्पणी की, ‘कोई विधायिका (legislature) अदालत के किसी निर्णय या डिक्री को अमान्य घोषित नहीं कर सकती। आप कानून का आधार भले ही हटा सकते हैं, लेकिन किसी न्यायिक निर्णय को अप्रभावी नहीं ठहरा सकते। वह बाध्यकारी रहेगा।’ इस पर मेहता ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि ये शब्द क्यों आए हैं। कृपया उस हिस्से को अनदेखा करें। मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो खुद को मुस्लिम वक्फ बोर्ड के अधीन नहीं मानना चाहता। अगर कोई मुसलमान दान करना चाहता है, तो वह ट्रस्ट के माध्यम से भी ऐसा कर सकता है।’ इसके बाद एसजी और कपिल सिब्बल के बीच थोड़ी बहस शुरू हो गई, जिसे सीजेआई ने रोक दिया।

                                          • Apr 16, 2025 | 3:57 PM (IST)

                                            ‘कलक्टर के आदेश के खिलाफ ट्रिब्यूनल जाने का रास्ता खुला है’

                                            CJI ने कहा कि पिछले वक्फ से जुड़े मुद्दे हैं। मेहता ने कहा कि सिब्बल कहते हैं, यह केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह से हड़प लिया गया है, कृपया 1995 के अधिनियम में धारा 9 को देखें। 2013 के संशोधन के बाद भी हमेशा केंद्र सरकार ही नामांकन करती रही है।

                                            एसजी ने कहा कि यहां मसला यह है कि सदस्य नॉन-मुसलिम क्यों है। इस पर सीजेआई ने पूछा, “क्या सभी वक्फ बाय यूजर खत्म हो गए हैं?” एसजी ने जवाब दिया, “यह दावा सही नहीं है।”

                                            एसजी ने कहा, “अगर कोई हिंदू ट्रस्ट बनाता है तो उसके सदस्यों के हिंदू होने की शर्त रख सकता है। वक्फ बोर्ड की स्थिति अलग है। वह वक्फ संपत्तियों के मैनेजमेंट के लिए होती है।” जस्टिस विश्वनाथन ने कहा, “यह दलील गलत है। हिंदू ट्रस्ट में सिर्फ हिंदू होते हैं, और यहां दूसरे लोग भी हैं।”

                                            एसजी ने कहा, “जो वक्फ बाय यूजर संपत्तियां पंजीकृत हैं, उनकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।” सीजेआई ने पूछा, “अनरजिस्टर्ड संपत्ति वक्फ क्यों नहीं रहेगी? इसे सिविल कोर्ट को तय करने दीजिए।”

                                            एसजी ने कहा, “1923 से ही रजिस्ट्रेशन को ज़रूरी रखा गया है। सिब्बल ने मुतवल्ली के जेल चले जाने जैसी अवास्तविक दलील दी।” सीजेआई ने कहा, “अंग्रेजों से पहले रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था नहीं थी। पुरानी इमारतों का रजिस्टर्ड वक्फ कैसे हो सकता है?”

                                            सीजेआई ने कहा, “जामा मस्जिद भी वक्फ बाय यूजर है।” एसजी ने कहा, “उन्हें इसे रजिस्टर्ड करवाने से कोई नहीं रोक सकता है।”

                                            एसजी ने कहा, “कलक्टर की तरफ से सरकारी जमीन की पहचान के खिलाफ दलील जेपीसी में भी रखी गई थी। कलक्टर राजस्व अधिकारी होता है। इसलिए कहा गया था कि उससे ऊंचे पद के अधिकारी को ज़मीन की स्थिति तय करने का जिम्मा दिया जाए।”

                                            एसजी ने कहा, “कलेक्टर के आदेश के खिलाफ ट्रिब्यूनल जाने का रास्ता खुला है। उसका अध्यक्ष पूर्व डिस्ट्रिक्ट जज होगा। उसमें मुस्लिम विद्वान भी होंगे। ट्रिब्यूनल को सिविल कोर्ट का दर्जा दिया गया है।”

                                          • Apr 16, 2025 | 4:01 PM (IST)

                                            सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया

                                            CJI ने पूछा, “वक्फ बाय यूजर का रजिस्ट्रेशन कैसे होगा? यह बताने वाला कहां से आएगा कि वक्फ मैंने किया है? वक्फ कानून का दुरुपयोग होता आया है, लेकिन वक्फ बाय यूजर को पूरी तरह रोक देना सही नहीं लगता। अंग्रेजों के ज़माने में प्रिवी काउंसिल ने भी वक्फ बाय यूजर को मान्यता दी थी।”

                                            इस पर एसजी तुषार मेहता ने कहा, “नया कानून मुसलमानों को खुद ट्रस्ट बनाने की अनुमति देता है, और उनके लिए वक्फ को ही संपत्ति सौंपने की बाध्यता नहीं है। सेंट्रल वक्फ काउंसिल में गैर-मुसलमानों के होने से वक्फ के काम पर कोई असर नहीं पड़ता। यह काफी हद तक एक एडवाइजरी संस्था है, और इसमें केंद्र की तरफ से नामित प्रतिनिधि शुरू से हैं। सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 2 पूर्व जज भी होंगे।”

                                            इस पर सीजेआई ने कहा, “वह गैर-मुस्लिम हो सकते हैं।” एसजी ने जवाब दिया, “इस हिसाब से तो आप भी इस मामले को नहीं सुन सकते।” सीजेआई ने तुरंत कहा, “यह तुलना मत कीजिए। बेंच पर बैठे जज इन बातों से अलग हटकर सुनवाई करते हैं।” एसजी ने कहा, “मैं सिर्फ याचिकाकर्ताओं की उस दलील की व्यर्थता के बारे में समझा रहा था। 22 में से अधिकतम 2 सदस्य ही गैर-मुस्लिम होंगे।”

                                            सीजेआई ने पूछा, “क्या हम इस बात को रिकॉर्ड करें?” एसजी ने कहा, “मैं लिखित हलफनामा दे सकता हूं। काउंसिल में शिया और दूसरे वर्गों के मुसलमानों को भी जगह दी गई है। 2 मुस्लिम महिलाओं को भी जगह दी गई है।” सुप्रीम कोर्ट ने इनके बाद नोटिस जारी किया और केंद्र सरकार को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। एसजी ने कहा, “हम दो हफ्ते में जवाब दाखिल कर देंगे।”

                            वक्फ कानून सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून सुप्रीम कोर्ट

                         

Tags: Supreme CourtWaqf Actवक्फ कानूनसुप्रीम कोर्ट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

एलियंस ने किया हमला, पत्थर में बदल गए सोवियत संघ के 23 सैनिक: अमेरिका की खुफिया रिपोर्ट में खुलासा

अगली पोस्ट

‘हम आपके लिए खून दे सकते हैं’: इमामों की बैठक में ममता की डील, ‘वर्ग विशेष’ के सहारे बनना है प्रधानमंत्री!

संबंधित पोस्ट

बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक
चर्चित

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

7 August 2026

बड़ी ख़बर दिल्ली से है, जहां बीजेपी आलाकमान ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की हैं। सूत्रों की...

थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट
चर्चित

थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

4 August 2026

एअर इंडिया की थाइलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एक उड़ान सोमवार को अचानक आए तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। टर्बुलेंस इतना...

र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
चर्चित

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

25 July 2026

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर लीक विवाद ने आखिरकार एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पिछले कई हफ्तों से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited