TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पंजाब CM भगवंत मान की फिर बिगड़ी तबीयत

    भगवंत मान को ‘पोलोनियम’ से मारने की धमकी — कितना खतरनाक है यह ज़हर और क्यों बढ़ी चिंता?

    भारत में पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल

    भारत में पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल: 17 फरवरी को कुतुब मीनार में होगा आयोजन

    पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को कहा “मेरे प्रिय मित्र, आपका स्वागत है

    पीएम मोदी ने मुंबई बैठक से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का किया हार्दिक स्वागत

    Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई

    Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई, RTI कमजोर करने का आरोप

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पंजाब CM भगवंत मान की फिर बिगड़ी तबीयत

    भगवंत मान को ‘पोलोनियम’ से मारने की धमकी — कितना खतरनाक है यह ज़हर और क्यों बढ़ी चिंता?

    भारत में पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल

    भारत में पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल: 17 फरवरी को कुतुब मीनार में होगा आयोजन

    पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को कहा “मेरे प्रिय मित्र, आपका स्वागत है

    पीएम मोदी ने मुंबई बैठक से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का किया हार्दिक स्वागत

    Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई

    Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई, RTI कमजोर करने का आरोप

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

क्या देश के मुस्लिम स्कॉलर पहलगाम के आतंकियों के ख़िलाफ़ फतवा जारी कर उन्हें इस्लाम से ख़ारिज करेंगे?

अगर पवित्र आयत लिखी साड़ी पहनना, अल्लाह के रसूल का चित्र बनाना नबी की शान में गुस्ताखी है, तो फिर उनके नाम पर आतंकी संगठनों का नाम रखना ईशनिंदा क्यों नहीं?

Sambhrant Mishra द्वारा Sambhrant Mishra
24 April 2025
in समीक्षा
पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों की तस्वीर

पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों की तस्वीर

Share on FacebookShare on X

पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के शव उनके घर पहुँच चुके हैं। उनके अंतिम संस्कार की हृदयविदारक तस्वीरें पूरे देश को आक्रोशित और उद्वेलित कर रही हैं। कानपुर के शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या हों, या फिर इंदौर के सुशील की पत्नी जेनिफर, वो चीख चीख कर बता रही हैं कि किस तरह आतंकियों ने पहले उनका धर्म पूछा, कलमा पढ़ने को कहा और जब वो नहीं पढ़ सके तो प्वाइंट ब्लैक रेंज से उन्हें गोली मार दी गई। ये बयान स्पष्ट रूप से बताते हैं कि पहलगाम में हुआ हमला सिर्फ आतंकी हमला नहीं, बल्कि धर्म के आधार पर हुआ एक नरसंहार है, जहां आतंकियों ने हिंदुओं (काफिरों) को चुन-चुन कर मौत के घाट उतार दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल इन बयानों को देखकर लोग पूछ रहे हैं कि क्या अपने ही देश में घूमने के लिए, कारोबार करने या फिर जिन्दा रहने के लिए उन्हें कलमा पढ़ना सीखना पड़ेगा, या फिर सुरक्षा के नज़रिए से खतना करवाना ज्यादा ठीक रहेगा? इस नरसंहार के बाद ये प्रतिक्रियाएं स्वाभाविक भी हैं और शुक्र है कि ये प्रतिक्रियाएं अभी सोशल मीडिया तक ही हैं। लेकिन इससे सबसे ज्यादा परेशानी उस ‘सिकुलर’ जमात को हो रही है, जो हर आतंकी हमले के बाद एक पहले से ही तैयार नोट जारी कर देती है- ‘आतंक का कोई धर्म नहीं होता’। लेकिन पहलगाम नरसंहार ने स्पष्ट कर दिया कि आतंक का मज़हब तो ज़रूर है।

संबंधितपोस्ट

Amit Shah ने 10 नई परियोजनाओं की शुरुआत की, Delhi Police की 79वीं रेजिंग डे परेड में हुए शामिल

वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद : मुस्लिम संगठन ने वंदे मातरम को स्वीकार करने को हमला बताया

जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

और लोड करें

अगर नहीं होता तो आतंकी लोगों को मारने से पहले कलमा नहीं पढ़वा रहे होते या फिर पीड़ितों की पैंट उतार कर नहीं देख रहे होते। इतनी स्पष्टता के बावजूद ‘सिकुलर’ रोग से ग्रस्त एक बड़ी जमात पूरी थेथरई के साथ ये समझाने में जुटी है कि भला आतंक का मजहब से क्या वास्ता? अब अगर इस सिकुलर जमात को ‘मज़हब’ के साथ आतंक का टैग चस्पा होने से इतनी ही दिक़्क़त है तो वो बात-बात पर फतवा जारी करने वाले मुस्लिम विद्वानों या दारुल उलूम जैसी इस्लामिक संस्थाओं से ये अपील क्यों नहीं करते कि वो चुन चुन कर हिंदुओं की हत्या करने वाले इन आतंकियों को इस्लाम से ख़ारिज कर दें? क्या ये ऐलान होगा कि जब ये आतंकी जहन्नुम में पहुंचा दिए जाएं (जो कि जल्द ही होगा) तब कोई भी मौलवी इनके लिए नमाज़ ए जनाज़ा न पढ़े और न ही इनकी कब्र को मिट्टी दी जाए?

पीड़ितों और मारे गए लोगों के परिजनों की आपबीती सुनने के बाद ‘आतंक का कोई मजहब नहीं होता’ वाले अभियान से सिवाय गुस्सा भड़कने के और कुछ हासिल नहीं होगा। ऐसे में जरूरी है कि इसकी जगह आतंक को ही मज़हब से बाहर का रास्ता दिखाया जाए। इसके लिए पहले सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया भर के तमाम इस्लामिक देशों की शीर्ष धार्मिक संस्थाओं और इस्लामिक विद्वानों को एक साथ आकर सभी आतंकी संगठनों उनके कमांडरों और आतंकियों के नाम फतवा जारी कर उन्हें इस्लाम से बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए। लगे हाथ ‘काफिरों’ को वाजिबुल कत्ल (मारे जाने योग्य) ठहराने वाली आतंकी थ्योरी को भी ग़ैर इस्लामिक करार दे देना चाहिए। ताकि ‘पवित्र पुस्तक’ और इस्लामी शिक्षाओं की आड़ में ऐसे पैशाचिक कृत्य करने वालों की ये ग़लतफहमी भी दूर की जा सके कि ऐसा करके वो ग़ाज़ी या शहीद कहलाएंगे। या फिर उन्हें जन्नत में  72 हूरों और अनलिमिटेड शराब का सुख मिलेगा।

ज़ाहिर है ज़्यादातर आतंकी इसी जन्नत-उल-फिरदौस के ख़्वाब दिखाकर ब्रेनवॉश किए गए होते हैं। ऐसे में अगर उन्हें ये बता दिया जाए कि जिस किस्म के जिहाद के ज़रिए वो हूरों के आग़ोश में समाने के ख़्वाब देख रहे हैं, उससे उन्हें जन्नत नहीं बल्कि जहन्नुम में गर्म तेल की कड़ाही नसीब होगी। आज, विशेषकर पहलगाम के इस हिंदू नरसंहार के बाद जिस तरह की स्थितियां और आक्रोश पैदा हुआ है वो कही न कहीं इस्लामिक नेताओं और शीर्ष संस्थाओं के लिए एक बड़ा अवसर भी है, जिसका इस्तेमाल कर उन्हें तमाम आतंकी संगठनों को इस्लाम विरोधी ठहराते हुए उनके ख़िलाफ़ नबी की शान में गुस्ताखी का फतवा भी जारी करना चाहिए। वैसे भी अधिकांश आतंकी संगठन ‘अल्लाह के रसूल’ या पवित्र इस्लामी परंपराओं का नाम रखते हैं और इसकी आड़ में मानवता के विरुद्ध अपराध करते हैं।फिर चाहे वो ‘लश्कर ए तैयबा’ (इस्लाम की धर्म सेना) हो, जैश ए मोहम्मद (पैग़म्बर मोहम्मद की सेना) हो, या फिर हिज्बउल मुजाहिदीन (पवित्र लड़ाकों की सेना)। दुनिया के सबसे दुर्दांत और पैशाचिक आतंकी संगठन ISIS ने तो अपने झंडे में ही इस्लाम का पहला कलमा (शाहदा) लिख रखा है। इसके अतिरिक्त गोल घेरे में पैग़म्बर का नाम का नाम भी साफ़ साफ़ लिखा गया है।

इसी झंडे के नीचे इस आतंकी संगठन ने न जाने कितने लोगों (काफिरों) का सिर कलम किया है। न जानें कितने बेगुनाहों का ख़ून बहाया है। अल्लाह और अल्लाह के रसूल के अपमान का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है? अगर क़ुरान की आयत लिखा कुर्ता तक पहनने पर, पैग़म्बर साहब का चित्र बनाने पर या ‘द सैटेनिक वर्सेस’ जैसी किताबें लिखने को ब्लॉसफेमी माना जा सकता है। उनके ख़िलाफ़ फतवा जारी किया जा सकता है। उनकी मॉब लिंचिंग, हत्याएं तक की जा सकती हैं, तो फिर पैग़म्बर के नाम पर नरसंहार करने वालों, क़ुरान की पवित्र आयतों की ग़लत व्याख्या कर ब्रेनवॉश करने वालों के ख़िलाफ़ ईशनिंदा का फतवा क्यों जारी नहीं होना चाहिए? उनके सिर पर ईनाम क्यों नहीं रखा जाना चाहिए?

कई निर्दोष लोगों की मौत के बाद ही सही आज इन इस्लामिक स्कॉलर्स के पास मौका है कि वो इन आतंकी संगठनों के ख़िलाफ़ फतवे जारी करें और इस्लाम के अनुयायियों को बताएं कि ऐसी कोई आयत या हदीस नहीं, जो दीन के नाम पर ग़ैर मुस्लिमों का कत्ल को, उनके बलात कन्वर्जन को जायज़ और ग़ज़वा-ए-हिंद को उनका सच्चा मकसद बताती हो। यकीन मानिए ये उनका ये कदम न सिर्फ हिंदुओं और मुसलमानों के बीच की खाई को पाटने में, बल्कि इस्लाम की बेहतरी के लिए भी बेहद कारगर सिद्ध होगा। तब इस देश का आम मुसलमान भी दावे से कह सकेगा कि ‘आतंक का कोई मज़हब’ नहीं होता। लेकिन प्रश्न ये है कि वक्फ, CAA और यहां तक कि किसान आंदोलन के लिए भी सड़कों पर उतरने का आह्वान करने वाली इस्लामिक संस्थाएं और विद्वान ऐसा कोई कदम उठा सकेंगे? वो भी तब जबकि उनके मज़हब को, मुसलमानों को और इस देश को इसकी सबसे ज्यादा ज़रूरत है।

स्रोत: जम्मू-कश्मीर, पहलगाम, आतंकी हमला, इस्लाम, फतवा, Jammu and Kashmir, Pahalgam, Terrorist attack, Islam, Fatwa,
Tags: FatwaIslamJammu and KashmirPahalgamterrorist attackआतंकी हमलाइस्लामजम्मू-कश्मीरपहलगामफतवा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पाकिस्तान ने सिंधु संधि सस्पेंड करने को बताया ‘एक्ट ऑफ वॉर’, शिमला समझौता सस्पेंड करने की दी धमकी; जानें आगे क्या?

अगली पोस्ट

पहलगाम हमले के गुनहगारों पर एक्शन शुरू: IED से उड़ाया गया आतंकी आदिल का घर, आसिफ के घर पर चला बुलडोज़र

संबंधित पोस्ट

Anu Lal
समीक्षा

क्या धर्म पर्यावरण की रक्षा कर सकता है? ‘बिश्नोईज़ एंड द ब्लैकबक’ के माध्यम से अनु लाल का एक जरूरी सवाल

9 February 2026

आज का युग अभूतपूर्व विकास और तकनीकी प्रगति का युग है, रील्स का दौर है, जीवन की भागदौड़ इतनी तेज है कि ‘ठहराव’ शब्द अब...

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा
समीक्षा

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा

20 December 2025

जीवन स्वयं एक यात्रा है, उतार-चढ़ाव से भरी, अनुभवों से सजी और निरंतर आगे बढ़ती हुई। किंतु यात्रा केवल स्थानों के बीच की भौतिक गति...

Luxury Sedan Showdown: Price and Maintenance Comparison of a Used Audi A4 vs. Other 2nd Hand Audi Cars
समीक्षा

Luxury Sedan Showdown: Price and Maintenance Comparison of a Used Audi A4 vs. Other 2nd Hand Audi Cars

18 December 2025

In the high-stakes world of luxury sedans, the Audi A4 has long been the "thinking person’s choice." It doesn't scream for attention like a BMW...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited