मुरुगन सम्मेलन वाले मैदान में ही एमएमके भी करेगी सभा, जानिए मुसलमानों की क्या हैं मांगें
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मुरुगन सम्मेलन वाले मैदान में ही एमएमके भी करेगी सभा, जानिए मुसलमानों की क्या हैं मांगें

डीएमके को सता रहा हिंदुओं के एक होने का डर, एमएमके के आयोजन से भरपाई की तैयारी

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
3 July 2025
in राजनीति
मुरुगन सम्मेलन वाले मैदान में ही एमएमके भी करेगी सभा, जानिए मुसलमानों की क्या हैं मांगें

मुरुगन सम्मेलन

Share on FacebookShare on X

केवल मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ने के लिए जानी जाने वाली मणिथानेया मक्कल काची (एमएमके) ने अब अम्मा थिडल मैदान में अपना प्रमुख राज्य स्तरीय सम्मेलन के आयोजन की घोषणा कर नई बहस छेड़ दी है। जानकारी हो कि इसी स्थान पर हाल ही में मुरुगन भक्त मदुरै में मुरुगा भक्तरकाल सम्मेलन के लिए जमा हुए थे। हिंदू समुदाय के लोगों ने मुन्नानी के नेतृत्व वाले मुरुगन भक्त सम्मेलन को कई बाधाओं और प्रतिबंधों के बीच आयोजित किया था। अब यह मैदान एक बार फिर राजनीतिक प्रतीकवाद का केंद्र बन गया है। इस बार, डीएमके-संबद्ध एमएमके इस सम्मेलन के माध्यम से ताकत दिखाने का लक्ष्य बना रही है। ऐसा इसलिए कि उसे राज्य में हिंदू एकीकरण का डर है। इससे इसके वास्तविक इरादों पर सवाल उठते हैं।

10 प्रतिशत सीटें मांग रही एमएमके

जानकारी हो कि सत्तारूढ़ डीएमके की सहयोगी एमएमकेें आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मुसलमानों के लिए 10% सीटों की मांग कर रही है। उनका दावा है कि उनका सम्मेलन समुदाय की भावनाओं को आवाज़ देने के लिए है। लेकिन, असली सवाल यह है कि क्या यह आयोजन वास्तव में निष्पक्ष प्रतिनिधित्व के लिए है, या फिर तमिलनाडु में हिंदू एकीकरण की बढ़ती लहर का मुकाबला करने के लिए राजनीतिक है?

संबंधितपोस्ट

हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

और लोड करें

एमएमके पर क्यों नहीं हुई एफआईआर?

मुरुगन सम्मेलन में पुलिस ने पार्किंग से लेकर अन्य राज्यों से भाग लेने वाले नेताओं की जांच तक की। लेकिन, एमएमके का कार्यक्रम बिना किसी टकराव के चला। इससे साफ पता चलता है कि डीएमके चुनावी लाभ के लिए अल्पसंख्यक-केंद्रित शक्ति प्रदर्शन कर रही है। डीएमके के मंत्रियों ने मुरुगन कार्यक्रम में बाहरी राज्यों के हिंदू नेताओं की मौजूदगी पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए, जबकि एमएमके के लिए ऐसा कोई सवाल नहीं उठाया गया। जब के. अन्नामलाई और पवन कल्याण ने मुरुगन भक्तों के सम्मेलन में हिंदू एकता के बारे में बात की, तो उनके खिलाफ धार्मिक दुश्मनी से संबंधित धाराओं के तहत तुरंत मामले दर्ज किए गए। यदि हिंदू एकता के बारे में भाषणों को विभाजनकारी माना जाता है, तो एमएमके की सांप्रदायिक सीट की मांग और धार्मिक बैनर के तहत राजनीतिक लामबंदी को समान कानूनी जांच के साथ क्यों नहीं देखा जाता है?

तामिलनाडु में हैं 7 मुस्लिम विधायक

अगले छह जुलाई को होने वाले सम्मेलन की तैयारी में, एमएमके प्रमुख जवाहिरुल्लाह ने विधानसभाओं में मुस्लिमों के कम प्रतिनिधित्व के बारे में विस्तृत तर्क दिया है। उनके अनुसार, तमिलनाडु की आबादी में 7% और राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 15% मुस्लिम हैं, जो शासन के किसी भी स्तर पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उनका कहना है कि लोकसभा में 80 मुस्लिम सांसद होने चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल 24 ही हैं। राज्यसभा में वे 35 सीटों की मांग करते हैं, जबकि वास्तविक संख्या 13 है। देशभर में 4,123 विधायकों में से केवल 296 मुस्लिम हैं। तमिलनाडु में उनका दावा है कि जनसंख्या के आधार पर 23 विधायक मुस्लिम होने चाहिए। लेकिन यहां केवल सात मुस्लिम विधायक हैं।

एमएमके की मांगों के ये आंकड़े जनसंख्या के अनुरूप तैयार किये गए हैं। लेकिन, इन्हें सांप्रदायिक पीड़ित कथा गढ़ने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। आलोचकों का तर्क है कि एमएमके का दृष्टिकोण योग्यता, राजनीतिक गठबंधन या क्षेत्रीय वास्तविकताओं पर विचार नहीं करता है, बल्कि धार्मिक कोटा की राजनीति पर जोर देता है। इन संख्याओं का उपयोग न केवल डीएमके पर अधिक सीटों के लिए दबाव डालने के लिए किया जा सकता है, बल्कि बहुसंख्यक समुदाय द्वारा भेदभाव का आरोप लगाकर विभाजन के लिए भी हो सकता है।

मुरुगन सभा का जवाब होगा सम्मेलन : जवाहिरुल्लाह

मीडिया को दिए बयान में जवाहिरुल्लाह ने इससे इनकार किया कि यह सम्मेलन मुरुगन सभा का जवाब होगा। उन्होंने दावा किया कि यह कार्यक्रम मूल रूप से 31 मई के लिए योजनाबद्ध था, लेकिन डीएमके की आम समिति और मुरुगन सम्मेलन के साथ शेड्यूलिंग संघर्षों के कारण स्थगित कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य मुस्लिमों के कम प्रतिनिधित्व को उजागर करना है और खुले तौर पर कहा, “हां, हम अधिक सीटों की मांग करेंगे।” हालांकि, यह समय और स्थल का चयन संयोग से अधिक का संकेत देता है।

चुपचाप समर्थन कर रही डीएमके

​इधर, राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना ​​है कि एमएमके अपनी लामबंदी शक्ति दिखाकर 2026 के चुनावों के लिए डीएमके पर अधिक सीटें देने का दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। लगभग दो लाख लोगों को जमा कर एमएमके अपने वरिष्ठ सहयोगी को याद दिलाना चाहता है कि मुस्लिम वोट उम्मीदों के साथ आते हैं। हिंदुओं द्वारा इस्तेमाल किए गए उसी स्थान पर मुस्लिम शक्ति का प्रदर्शन को कई लोग प्रतीकात्मक राजनीतिक जवाबी हमले के रूप में देख रहे हैं, जिसे डीएमके की राजनीतिक मशीनरी चुपचाप समर्थन दे रही है।

तुष्टीकरण की राजनीति या लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति?

एमएमके के राज्य सम्मेलन का समय, स्थान और स्वर तमिलनाडु की सांप्रदायिक और चुनावी गतिशीलता पर के बारे में महत्वपूर्ण प्रश्न उठाते हैं। क्या यह प्रतिनिधित्व की लोकतांत्रिक मांग है या हिंदू एकता के उदय का मुकाबला करने के लिए अल्पसंख्यक तुष्टीकरण का डीएमके द्वारा प्रायोजित प्रयास है? जबकि एमएमके प्रतिनिधित्व के लिए लड़ने का दावा करता है। मुरुगन सभा के ठीक उसी स्थान पर सम्मेलन आयोजित करने का दृष्टिकोण-विशेष रूप से नौकरशाही बाधाओं का सामना किए बिना उस दावे को कमजोर करता है।

जैसे-जैसे तमिलनाडु 2026 के विधानसभा चुनावों के करीब पहुंचता है, सार्वजनिक स्थानों और सामुदायिक प्रतिनिधित्व पर इस तरह की प्रतीकात्मक प्रतियोगिताएं तेज होने की संभावना है। यह देखना बाकी है कि क्या डीएमके तुष्टीकरण की राजनीति की ओर झुकाव जारी रखती है या हिंदू वोट आधार को मजबूत करने के सामने अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करती है।

मुरुगन सम्मेलन: हिंदू एकता का प्रतीकात्मक प्रदर्शन

मदुरै के अम्मा थिडल में हाल ही में आयोजित मुरुगन भक्त सम्मेलन में हजारों लोग शामिल हुए और यह एक बड़ी सफलता साबित हुई। कई प्रशासनिक प्रतिबंधों और कई स्तरों पर कार्यक्रम को रोकने के प्रयासों के बावजूद, जिसमें वाहन पार्किंग, मंच की अनुमति और पुलिस की मंजूरी पर प्रतिरोध शामिल है, हिंदू मुन्नानी दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ा। के अन्नामलाई और पवन कल्याण जैसे नेताओं ने सभा को संबोधित किया, हिंदुओं के बीच एकता का आह्वान किया और धर्मांतरण के खिलाफ चेतावनी दी। सम्मेलन ने तमिलनाडु में सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की राजनीति के पुनरुत्थान के बारे में एक मजबूत संदेश दिया। इसका आध्यात्मिक स्वर राजनीतिक स्वर के साथ घुलमिल गया, और भारी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि तमिल हिंदुओं में एक नई तरह की मुखरता उभर रही है।

अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा का दावा

मणिथानेया मक्कल काची का इतिहास ऐसे आयोजनों का रहा है, जिन्होंने विवादों को जन्म दिया है। पिछले वर्षों में, पार्टी पर सांप्रदायिक बयानबाजी का आरोप लगाया गया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ की रक्षा के लिए विशेष कानून बनाने और समान नागरिक संहिता प्रस्तावों की खुली आलोचना शामिल है। रामनाथपुरम और वनियामबाड़ी जैसे जिलों में इसकी कई रैलियों को ध्रुवीकरण और जानबूझकर भड़काऊ माना गया। जबकि एमएमके अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए खड़ा होने का दावा करता है। आलोचकों का तर्क है कि इसका मंच अक्सर समान प्रतिनिधित्व की मांग की आड़ में हिंदू विरोधी भावनाओं में बह जाता है। मुरुगन भक्तों की सभा के समान ही अपने वर्तमान सम्मेलन को आयोजित करने का विकल्प केवल इस सिद्धांत को पुष्ट करता है कि पार्टी टकराव या कम से कम कंपटीशन चाहती है।

Tags: BJPDMKmmkmurugan sammelanTamilNaduएमएमकेडीएमकेतमिलनाडुमुरुगन सम्मेलनविधानसभा चुनाव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

प्रियांक खरगे के संघ को बैन करने के बयान पर RSS ने दी प्रतिक्रिया

अगली पोस्ट

अखिलेश यादव के गृह प्रवेश में जाने से काशी के पंडितों ने किया इनकार, जानें क्या है मामला?

संबंधित पोस्ट

पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद
चर्चित

पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

19 June 2026

पीएम मोदी  ने शुक्रवार को कहा कि भारत अब सिर्फ वैश्विक मामलों में भाग लेने वाला देश नहीं है, बल्कि ऐसा देश बन गया है...

ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी
चर्चित

ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

19 June 2026

भारत स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum-WEF)...

अमित शाह: मोदी सरकार
राजनीति

अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

18 June 2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 साल के कार्यकाल को भारत का "स्वर्णिम काल" बताया है।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited