मुरुगन सम्मेलन वाले मैदान में ही एमएमके भी करेगी सभा, जानिए मुसलमानों की क्या हैं मांगें
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    कोकरोच जनता पार्टी पर सरकार सख्त

    कोकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने किया इंकार

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

    बीजेपी में बदलाव

    बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    कोकरोच जनता पार्टी पर सरकार सख्त

    कोकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने किया इंकार

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

    बीजेपी में बदलाव

    बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मुरुगन सम्मेलन वाले मैदान में ही एमएमके भी करेगी सभा, जानिए मुसलमानों की क्या हैं मांगें

डीएमके को सता रहा हिंदुओं के एक होने का डर, एमएमके के आयोजन से भरपाई की तैयारी

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
3 July 2025
in राजनीति
मुरुगन सम्मेलन वाले मैदान में ही एमएमके भी करेगी सभा, जानिए मुसलमानों की क्या हैं मांगें

मुरुगन सम्मेलन

Share on FacebookShare on X

केवल मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ने के लिए जानी जाने वाली मणिथानेया मक्कल काची (एमएमके) ने अब अम्मा थिडल मैदान में अपना प्रमुख राज्य स्तरीय सम्मेलन के आयोजन की घोषणा कर नई बहस छेड़ दी है। जानकारी हो कि इसी स्थान पर हाल ही में मुरुगन भक्त मदुरै में मुरुगा भक्तरकाल सम्मेलन के लिए जमा हुए थे। हिंदू समुदाय के लोगों ने मुन्नानी के नेतृत्व वाले मुरुगन भक्त सम्मेलन को कई बाधाओं और प्रतिबंधों के बीच आयोजित किया था। अब यह मैदान एक बार फिर राजनीतिक प्रतीकवाद का केंद्र बन गया है। इस बार, डीएमके-संबद्ध एमएमके इस सम्मेलन के माध्यम से ताकत दिखाने का लक्ष्य बना रही है। ऐसा इसलिए कि उसे राज्य में हिंदू एकीकरण का डर है। इससे इसके वास्तविक इरादों पर सवाल उठते हैं।

10 प्रतिशत सीटें मांग रही एमएमके

जानकारी हो कि सत्तारूढ़ डीएमके की सहयोगी एमएमकेें आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मुसलमानों के लिए 10% सीटों की मांग कर रही है। उनका दावा है कि उनका सम्मेलन समुदाय की भावनाओं को आवाज़ देने के लिए है। लेकिन, असली सवाल यह है कि क्या यह आयोजन वास्तव में निष्पक्ष प्रतिनिधित्व के लिए है, या फिर तमिलनाडु में हिंदू एकीकरण की बढ़ती लहर का मुकाबला करने के लिए राजनीतिक है?

संबंधितपोस्ट

बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

मॉनसून की रफ्तार तेज, सैटेलाइट तस्वीरों में दिल्ली-NCR के ऊपर दिखे बादल, जानिए कहां तक पहुंचा मानसून

और लोड करें

एमएमके पर क्यों नहीं हुई एफआईआर?

मुरुगन सम्मेलन में पुलिस ने पार्किंग से लेकर अन्य राज्यों से भाग लेने वाले नेताओं की जांच तक की। लेकिन, एमएमके का कार्यक्रम बिना किसी टकराव के चला। इससे साफ पता चलता है कि डीएमके चुनावी लाभ के लिए अल्पसंख्यक-केंद्रित शक्ति प्रदर्शन कर रही है। डीएमके के मंत्रियों ने मुरुगन कार्यक्रम में बाहरी राज्यों के हिंदू नेताओं की मौजूदगी पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए, जबकि एमएमके के लिए ऐसा कोई सवाल नहीं उठाया गया। जब के. अन्नामलाई और पवन कल्याण ने मुरुगन भक्तों के सम्मेलन में हिंदू एकता के बारे में बात की, तो उनके खिलाफ धार्मिक दुश्मनी से संबंधित धाराओं के तहत तुरंत मामले दर्ज किए गए। यदि हिंदू एकता के बारे में भाषणों को विभाजनकारी माना जाता है, तो एमएमके की सांप्रदायिक सीट की मांग और धार्मिक बैनर के तहत राजनीतिक लामबंदी को समान कानूनी जांच के साथ क्यों नहीं देखा जाता है?

तामिलनाडु में हैं 7 मुस्लिम विधायक

अगले छह जुलाई को होने वाले सम्मेलन की तैयारी में, एमएमके प्रमुख जवाहिरुल्लाह ने विधानसभाओं में मुस्लिमों के कम प्रतिनिधित्व के बारे में विस्तृत तर्क दिया है। उनके अनुसार, तमिलनाडु की आबादी में 7% और राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 15% मुस्लिम हैं, जो शासन के किसी भी स्तर पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उनका कहना है कि लोकसभा में 80 मुस्लिम सांसद होने चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल 24 ही हैं। राज्यसभा में वे 35 सीटों की मांग करते हैं, जबकि वास्तविक संख्या 13 है। देशभर में 4,123 विधायकों में से केवल 296 मुस्लिम हैं। तमिलनाडु में उनका दावा है कि जनसंख्या के आधार पर 23 विधायक मुस्लिम होने चाहिए। लेकिन यहां केवल सात मुस्लिम विधायक हैं।

एमएमके की मांगों के ये आंकड़े जनसंख्या के अनुरूप तैयार किये गए हैं। लेकिन, इन्हें सांप्रदायिक पीड़ित कथा गढ़ने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। आलोचकों का तर्क है कि एमएमके का दृष्टिकोण योग्यता, राजनीतिक गठबंधन या क्षेत्रीय वास्तविकताओं पर विचार नहीं करता है, बल्कि धार्मिक कोटा की राजनीति पर जोर देता है। इन संख्याओं का उपयोग न केवल डीएमके पर अधिक सीटों के लिए दबाव डालने के लिए किया जा सकता है, बल्कि बहुसंख्यक समुदाय द्वारा भेदभाव का आरोप लगाकर विभाजन के लिए भी हो सकता है।

मुरुगन सभा का जवाब होगा सम्मेलन : जवाहिरुल्लाह

मीडिया को दिए बयान में जवाहिरुल्लाह ने इससे इनकार किया कि यह सम्मेलन मुरुगन सभा का जवाब होगा। उन्होंने दावा किया कि यह कार्यक्रम मूल रूप से 31 मई के लिए योजनाबद्ध था, लेकिन डीएमके की आम समिति और मुरुगन सम्मेलन के साथ शेड्यूलिंग संघर्षों के कारण स्थगित कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य मुस्लिमों के कम प्रतिनिधित्व को उजागर करना है और खुले तौर पर कहा, “हां, हम अधिक सीटों की मांग करेंगे।” हालांकि, यह समय और स्थल का चयन संयोग से अधिक का संकेत देता है।

चुपचाप समर्थन कर रही डीएमके

​इधर, राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना ​​है कि एमएमके अपनी लामबंदी शक्ति दिखाकर 2026 के चुनावों के लिए डीएमके पर अधिक सीटें देने का दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। लगभग दो लाख लोगों को जमा कर एमएमके अपने वरिष्ठ सहयोगी को याद दिलाना चाहता है कि मुस्लिम वोट उम्मीदों के साथ आते हैं। हिंदुओं द्वारा इस्तेमाल किए गए उसी स्थान पर मुस्लिम शक्ति का प्रदर्शन को कई लोग प्रतीकात्मक राजनीतिक जवाबी हमले के रूप में देख रहे हैं, जिसे डीएमके की राजनीतिक मशीनरी चुपचाप समर्थन दे रही है।

तुष्टीकरण की राजनीति या लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति?

एमएमके के राज्य सम्मेलन का समय, स्थान और स्वर तमिलनाडु की सांप्रदायिक और चुनावी गतिशीलता पर के बारे में महत्वपूर्ण प्रश्न उठाते हैं। क्या यह प्रतिनिधित्व की लोकतांत्रिक मांग है या हिंदू एकता के उदय का मुकाबला करने के लिए अल्पसंख्यक तुष्टीकरण का डीएमके द्वारा प्रायोजित प्रयास है? जबकि एमएमके प्रतिनिधित्व के लिए लड़ने का दावा करता है। मुरुगन सभा के ठीक उसी स्थान पर सम्मेलन आयोजित करने का दृष्टिकोण-विशेष रूप से नौकरशाही बाधाओं का सामना किए बिना उस दावे को कमजोर करता है।

जैसे-जैसे तमिलनाडु 2026 के विधानसभा चुनावों के करीब पहुंचता है, सार्वजनिक स्थानों और सामुदायिक प्रतिनिधित्व पर इस तरह की प्रतीकात्मक प्रतियोगिताएं तेज होने की संभावना है। यह देखना बाकी है कि क्या डीएमके तुष्टीकरण की राजनीति की ओर झुकाव जारी रखती है या हिंदू वोट आधार को मजबूत करने के सामने अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करती है।

मुरुगन सम्मेलन: हिंदू एकता का प्रतीकात्मक प्रदर्शन

मदुरै के अम्मा थिडल में हाल ही में आयोजित मुरुगन भक्त सम्मेलन में हजारों लोग शामिल हुए और यह एक बड़ी सफलता साबित हुई। कई प्रशासनिक प्रतिबंधों और कई स्तरों पर कार्यक्रम को रोकने के प्रयासों के बावजूद, जिसमें वाहन पार्किंग, मंच की अनुमति और पुलिस की मंजूरी पर प्रतिरोध शामिल है, हिंदू मुन्नानी दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ा। के अन्नामलाई और पवन कल्याण जैसे नेताओं ने सभा को संबोधित किया, हिंदुओं के बीच एकता का आह्वान किया और धर्मांतरण के खिलाफ चेतावनी दी। सम्मेलन ने तमिलनाडु में सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की राजनीति के पुनरुत्थान के बारे में एक मजबूत संदेश दिया। इसका आध्यात्मिक स्वर राजनीतिक स्वर के साथ घुलमिल गया, और भारी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि तमिल हिंदुओं में एक नई तरह की मुखरता उभर रही है।

अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा का दावा

मणिथानेया मक्कल काची का इतिहास ऐसे आयोजनों का रहा है, जिन्होंने विवादों को जन्म दिया है। पिछले वर्षों में, पार्टी पर सांप्रदायिक बयानबाजी का आरोप लगाया गया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ की रक्षा के लिए विशेष कानून बनाने और समान नागरिक संहिता प्रस्तावों की खुली आलोचना शामिल है। रामनाथपुरम और वनियामबाड़ी जैसे जिलों में इसकी कई रैलियों को ध्रुवीकरण और जानबूझकर भड़काऊ माना गया। जबकि एमएमके अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए खड़ा होने का दावा करता है। आलोचकों का तर्क है कि इसका मंच अक्सर समान प्रतिनिधित्व की मांग की आड़ में हिंदू विरोधी भावनाओं में बह जाता है। मुरुगन भक्तों की सभा के समान ही अपने वर्तमान सम्मेलन को आयोजित करने का विकल्प केवल इस सिद्धांत को पुष्ट करता है कि पार्टी टकराव या कम से कम कंपटीशन चाहती है।

Tags: BJPDMKmmkmurugan sammelanTamilNaduएमएमकेडीएमकेतमिलनाडुमुरुगन सम्मेलनविधानसभा चुनाव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

प्रियांक खरगे के संघ को बैन करने के बयान पर RSS ने दी प्रतिक्रिया

अगली पोस्ट

अखिलेश यादव के गृह प्रवेश में जाने से काशी के पंडितों ने किया इनकार, जानें क्या है मामला?

संबंधित पोस्ट

विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में
चर्चित

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

29 May 2026

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पहलवान विनेश फोगाट को 30 मई को होने वाले एशियन गेम्स चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी।...

कोकरोच जनता पार्टी पर सरकार सख्त
चर्चित

कोकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने किया इंकार

29 May 2026

दिल्ली हाई कोर्ट  कोकरोच जनता पार्टी ने  के X अकाउंट को तुरंत बहाल करने से इनकार कर दिया है। इससे पार्टी और उसके नेता Abhijeet...

सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा
चर्चित

सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

28 May 2026

करीब पांच दशक लंबे राजनीतिक करियर पर विराम लगाते हुए सिद्धारमैया ने कथित तौर पर अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited