CSDS का असली चेहरा सामने — विदेशी पैसे से झूठे सर्वे और फेक नैरेटिव से देश को बांटने की कोशिश
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

CSDS का असली चेहरा सामने – विदेशी पैसे से झूठे सर्वे और फेक नैरेटिव से देश को बांटने की कोशिश

CSDS वही संस्था है, जिसके आंकड़ों का इस्तेमाल राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के मतदाताओं को बदनाम करने के लिए किया था, अब मान चुकी है कि उसके आंकड़े ग़लत थे।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
19 August 2025
in क्राइम, चर्चित, भारत, राजनीति, विश्व, समीक्षा
CSDS का असली चेहरा सामने — विदेशी पैसे से झूठे सर्वे और फेक नैरेटिव से देश को बांटने की कोशिश
Share on FacebookShare on X

CSDS वही संस्था है, जिसके आंकड़ों का इस्तेमाल राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के मतदाताओं को बदनाम करने के लिए किया था, कांग्रेस अब मान चुकी है कि उसके आंकड़े ग़लत थे—न सिर्फ़ महाराष्ट्र के, बल्कि एसआईआर के भी। अब राहुल गांधी और कांग्रेस, जिन्होंने बेशर्मी से चुनाव आयोग पर निशाना साधा और असली मतदाताओं को फ़र्ज़ी बताने की हद तक चले गए, अब कहां हैं? शर्मनाक! राहुल गांधी को बिहार में अपनी तथाकथित “वोट-अधिकार यात्रा” तुरंत बंद कर देनी चाहिए और अपनी झूठी राजनीति के लिए भारत की जनता से बिना शर्त माफ़ी मांगनी चाहिए।

संबंधितपोस्ट

पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, कई लोग घायल

दिल्ली से शिक्षा व्यवस्था को लेकर तेज हुआ आंदोलन, अब कई राज्यों तक पहुंचा, संगठन सड़क पर उतरें

टीएमसी का कांग्रेस में विलय होगा या नहीं? घंटेभर की बैठक के बाद सामने आया बड़ा फैसला

और लोड करें

कांग्रेस पार्टी हर रैली में “वोट चोरी” का नारा लगाती है और उसके नेता आंकड़ों में हेरफेर करके झूठ फैलाते हैं, लेकिन सच्चाई यही है कि आंकड़े फ़र्ज़ी थे, दुष्प्रचार का पर्दाफ़ाश हो चुका है, और मतदाताओं के विश्वास को ठेस पहुंच चुकी है। अब माफ़ी मांगने से क्या हासिल होगा? “यहाँ 40% वोट गिरे, 38% वोट वहां खिसक गए” वाले पोस्टर पहले से ही प्रसारित हो रहे हैं। वीडियो भी बन चुके हैं। कांग्रेस ने इस दुष्प्रचार का भरपूर फायदा उठाया है। CSDS के संजय कुमार—जिनके मनगढ़ंत आंकड़े इस्तेमाल किए गए—एक अधूरी माफ़ी के बाद भी अपना पल्ला नहीं झाड़ सकते।

CSDS और नैरेटिव गढ़ने का खतरनाक खेल: अमित मालवीय

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने CSDS का पर्दाफ़ाश करते हुए एक ट्वीट ‘एक्स‘ पर निशाना साधा। अपने ट्वीट में उन्होंने कांग्रेस की दुष्प्रचार शाखा पर निशाना साधते हुए कहा, “विकासशील समाज अध्ययन केंद्र (सीएसडीएस) सिर्फ़ एक शोध संस्थान नहीं है—यह लंबे समय से कथात्मक युद्ध के एक उपकरण के रूप में काम करता रहा है। इसके वित्तपोषण स्रोतों, सर्वेक्षण डिज़ाइनों और परिणामों पर नज़दीकी नज़र डालने से एक बेहद परेशान करने वाला पैटर्न सामने आता है जो इसके इरादों पर ख़तरे की घंटी बजाता है।

छिपे हुए एजेंडे के साथ विदेशी धन

CSDS को फोर्ड फ़ाउंडेशन, अंतर्राष्ट्रीय विकास अनुसंधान केंद्र (कनाडा), गेट्स फ़ाउंडेशन, डीएफआईडी (यूके), एनओआरएडी (नॉर्वे), हेवलेट फ़ाउंडेशन और अन्य जैसे संगठनों से बार-बार धन प्राप्त हुआ है। ये दानदाता तटस्थ नहीं हैं। भारत में उनका पिछला रिकॉर्ड एक सोची-समझी रणनीति को दर्शाता है। ऐसे संस्थानों में पैसा डालना जो समाज को अंदर से ख़ासकर जाति और समुदाय के आधार पर विभाजित कर सकते हैं।सीएसडीएस के लोकनीति सर्वेक्षण हिंदू समाज को ओबीसी, दलित, उच्च जातियों और अन्य जातियों में जुनूनी रूप से विभाजित करते हैं, और हर चुनाव में अखबारों में जाति-आधारित आंकड़े उछालते हैं। नतीजा? एक ऐसा नैरेटिव जो हिंदू समुदायों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करता है।

मुस्लिम विभाजन रेखाओं पर चुप्पी

जहां हिंदुओं को जाति-दर-जाति विभाजित किया जाता है, वहीं मुसलमानों को एक एकीकृत समूह के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। दलित मुसलमान, अशराफ, अजलाफ और अरज़ाल जैसी वास्तविकताओं को दबा दिया जाता है। यह चुप्पी क्यों? क्योंकि उद्देश्य स्पष्ट है—एक समूह की छवि की रक्षा करते हुए हिंदुओं को विभाजित रखना।”

सीएसडीएस सर्वेक्षणों के पीछे का छद्म विज्ञान

सीएसडीएस के तथाकथित “वैज्ञानिक” आंकड़ों का कोई वास्तविक वैज्ञानिक आधार नहीं है। भारत में उत्तरदाताओं से उनकी जाति के बारे में सटीक जानकारी शायद ही कभी पूछी जाती है। इस “जाति निर्धारण” का अधिकांश भाग अनुमान पर आधारित होता है, फिर भी इन आंकड़ों को ठोस सामाजिक विज्ञान के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। फिर समाचार पत्र इसे अपनी सुर्खियों में छाप देते हैं, जिससे मूलतः प्रचार को वैधता मिल जाती है।

जब सीएसडीएस के पूर्वानुमान बुरी तरह विफल होते हैं-जैसा कि अक्सर होता है तो इसे “गलती” बताकर टाल दिया जाता है। लेकिन यह कोई ग़लती नहीं है। यह एक ग़लत एजेंडा है। असली लक्ष्य बरकरार है: भारत के लोकतांत्रिक रक्तप्रवाह में विभाजन पैदा करना और सामाजिक ताने-बाने को कमज़ोर करना।

विदेशी हित और घरेलू समर्थक

सीधे शब्दों में कहें तो। फोर्ड फ़ाउंडेशन और पश्चिमी थिंक टैंकों में उसके सहयोगी कोई चैरिटी संस्था नहीं हैं। भारत में उनकी रुचि लोकतंत्र को मज़बूत करने में नहीं है—बल्कि भारत को अंदर से कमज़ोर करने में है। सीएसडीएस को धन मुहैया कराने से यह सुनिश्चित होता है कि सार्वजनिक चर्चा में हिंदू जाति की विभाजन रेखाएं ज़िंदा रहें।

पहले योगेंद्र यादव कांग्रेस की राजनीति के अनुकूल “वैज्ञानिक” लेकिन खोखले पूर्वानुमानों से देश को गुमराह करते थे। आज संजय कुमार उस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं—चुनिंदा, झूठे सटीक आँकड़े पेश कर रहे हैं जिन्हें पवन खेड़ा जैसे कांग्रेसी नेता तुरंत हथियार बना लेते हैं। इरादा साफ़ है: कांग्रेस के आख्यानों को मज़बूत करना, चुनाव आयोग को अमान्य ठहराना और भारतीय मतदाताओं को भ्रमित करना।

सिर्फ़ थिंक टैंक नहीं, एजेंडा फैक्ट्री

सीएसडीएस सिर्फ़ एक और शैक्षणिक संस्थान नहीं है। अपने गहरे विदेशी धन, चुनिंदा जातिवादी नज़रिए और झूठे अनुमानों के साथ यह एक एजेंडा फ़ैक्टरी बन गया है। यह फल-फूल रहा है। हिंदू विभाजन को बढ़ावा देने, मुस्लिम ब्लॉकों को जांच से बचाने और “अनुसंधान” तैयार करने पर, जिसे कांग्रेस नेता सत्य के रूप में उपयोग करते हैं।

जब राहुल गांधी और उनकी पार्टी ऐसे हेरफेर किए गए आंकड़ों को हथियार बनाकर “वोट चोरी” का नारा लगाते हैं, तो यह सिर्फ़ एक राजनीतिक नौटंकी नहीं है। यह भारत के मतदाताओं की गरिमा और संविधान पर हमला है। चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि ऐसी भाषा भारत के लोकतंत्र का अपमान है। फिर भी, कांग्रेस अपना खतरनाक अभियान जारी रखे हुए है, और सच्ची राजनीति के ज़रिए जनता का विश्वास जीतने में नाकाम रही है।

कांग्रेस और CSDS को जवाबदेह ठहराने का समय

राहुल गांधी की कांग्रेस ने एक बार फिर दिखा दिया है कि जब चुनावी हार का सामना करना पड़ता है, तो वह झूठ, फर्जी आंकड़ों और विभाजनकारी राजनीति का सहारा लेती है। बिहार में “वोट अधिकार यात्रा” पहले ही एक फ्लॉप शो बन चुकी है, जिसमें जनता का कोई उत्साह नहीं है। अब, उनकी पार्टी का प्रचार तंत्र—सीएसडीएस और उसके विदेशी-वित्तपोषित एजेंडे के ज़रिए—गलत सूचना फैलाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है।

चुनाव आयोग को इस प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और जाति और धर्म आधारित सर्वेक्षणों पर तब तक प्रतिबंध लगाना चाहिए जब तक कि पूरा कच्चा डेटा सार्वजनिक न कर दिया जाए। भारत विदेशी-वित्तपोषित संस्थानों को अपने लोकतांत्रिक रक्तप्रवाह में ज़हर घोलने की अनुमति नहीं दे सकता। राहुल गांधी और उनके समर्थकों को यह समझना होगा कि किसी भी प्रकार का फर्जी डेटा या विदेशी धन से संचालित प्रचार उस पार्टी को नहीं बचा पाएगा, जो पहले ही भारत की जनता का विश्वास खो चुकी है।

Tags: Bihar ElectionsCongressCSDSfake moneyMaharashtra ElectionsRahul Gandhivote theftwrong dataकांग्रेसगलत डाटाफर्जी धनबिहार चुनावमहाराष्ट्र चुनावराहुल गाँधीवोट चोरी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

देवनागरी के नवदेवता बिनेश्वर ब्रह्म

अगली पोस्ट

फ्लोरिडा हादसे के बाद ट्रक चालक की पहचान ‘अवैध खालिस्तानी’ से बढ़ा सिख समुदाय और आप्रवासन पर विवाद

संबंधित पोस्ट

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार
क्राइम

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार, जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क की कर रहीं जांच

31 July 2026

पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान (पुरबा बर्धमान) जिले से पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस और जांच एजेंसियां...

क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है
चर्चित

क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

31 July 2026

ज़रा कल्पना कीजिए...आप एक सुबह उठते हैं और देखते हैं कि हजारों लोग आपके शहर में प्रवेश कर चुके हैं। सड़कों पर भारी भीड़ है,...

र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
चर्चित

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

25 July 2026

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर लीक विवाद ने आखिरकार एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पिछले कई हफ्तों से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited