बरेली से अयोध्या तक: “आई लव मोहम्मद” बवाल, जानिए इसके पीछे की असली वजह
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बरेली से अयोध्या तक: “आई लव मोहम्मद” पर बवाल, जानिए इसके पीछे की असली वजह

असल सवाल यह है कि आखिर “आई लव मोहम्मद” जैसे पोस्टरों की ज़रूरत क्यों पड़ी? यह कोई पारंपरिक धार्मिक प्रथा नहीं, बल्कि एक नया चलन है—एक तरह का शक्ति-प्रदर्शन, जो सड़कों पर नमाज़ पढ़ने और तख्तियां लहराने से शुरू हुआ।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
26 September 2025
in चर्चित, चर्चित, धर्म, भारत, राजनीति
बरेली से अयोध्या तक: “आई लव मोहम्मद” बवाल, जानिए इसके पीछे की असली वजह

भारत का भविष्य उस पहचान पर टिका है जो ऋषियों, संतों और बलिदानियों ने हमें दी।

Share on FacebookShare on X

उत्तर प्रदेश के बरेली में जुमे की नमाज़ के बाद जो कुछ हुआ, उसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सांप्रदायिक उकसावे के ज़रिए देश के माहौल को बिगाड़ने की सुनियोजित कोशिशें लगातार की जा रही हैं। नमाज़ के बाद भीड़ तख्तियों और पोस्टरों पर “आई लव मोहम्मद” लिखकर सड़क पर उतरी, नारेबाज़ी की, और फिर देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। पुलिस पर पथराव हुआ, लाठीचार्ज करना पड़ा और पूरा इलाका तनाव की गिरफ्त में आ गया। यह घटना सिर्फ़ अचानक भड़की हुई भीड़ का मामला नहीं है, बल्कि उस प्रवृत्ति का हिस्सा है जो पिछले कुछ समय से “धर्म के नाम पर वर्चस्व दिखाने” की ज़िद में लगातार उभर रही है।

असल सवाल यह है कि आखिर “आई लव मोहम्मद” जैसे पोस्टरों की ज़रूरत क्यों पड़ी? यह कोई पारंपरिक धार्मिक प्रथा नहीं, बल्कि एक नया चलन है—एक तरह का शक्ति-प्रदर्शन, जो सड़कों पर नमाज़ पढ़ने और तख्तियां लहराने से शुरू हुआ। कानपुर से लेकर बरेली तक, यह संदेश साफ़ है कि धर्म के नाम पर सार्वजनिक जगहों पर वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश हो रही है। इसके बाद जब पुलिस प्रशासन इसका विरोध करता है, तो पथराव और हिंसा से दबाव बनाने का प्रयास होता है।

संबंधितपोस्ट

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

सऊदी-पाक-तुर्की का ‘सुपर ब्लॉक’: तीनों में से किसी एक पर हमला तो तीनों मिलकर लड़ेंगे जंग; क्या है भारत का प्लान ?

और लोड करें

लेकिन भारत की कहानी हमेशा एकतरफ़ा नहीं रही। यही वजह है कि जब एक तरफ़ “आई लव मोहम्मद” की तख्तियां उठीं, तो दूसरी तरफ़ अयोध्या, वाराणसी और कानपुर में साधु-संतों ने “आई लव महादेव” और “आई लव सनातन” का बिगुल बजा दिया। इस देश की आत्मा हमेशा से संतों और ऋषियों की आवाज़ में रही है। राम मंदिर की धरती अयोध्या से उठी आवाज़ ने साफ़ कर दिया कि भारत की पहचान मोहम्मद, औरंगज़ेब या कट्टरपंथी नारों से नहीं, बल्कि राम, शिव और सनातन संस्कृति से है।

बरेली का बवाल: एक प्रयोग या चुनौती?

बरेली की घटना को किसी सामान्य विरोध या नमाज़ के बाद के प्रदर्शन की तरह नहीं देखा जा सकता। यह उस प्रयोग का हिस्सा लगता है, जिसमें इस्लामी पहचान को सार्वजनिक रूप से थोपने की कोशिश हो रही है। “आई लव मोहम्मद” के पोस्टर धार्मिक आस्था के नाम पर लहराए गए, लेकिन इसका असली मकसद एक राजनीतिक-सामाजिक संदेश देना था-कि मुसलमानों की पहचान को सड़कों पर, शहरों के बीचोंबीच, बिना किसी रोकटोक के पेश किया जा सकता है।

जब पुलिस ने इस पर रोक लगाने की कोशिश की, तो हिंसा शुरू हो गई। सवाल यह उठता है कि क्या यह धार्मिक आस्था का मामला था या सुनियोजित सामुदायिक दबाव बनाने का प्रयास? यदि यह सिर्फ़ आस्था होती, तो इसे घरों या मस्जिदों की दीवारों तक सीमित रखा जा सकता था। लेकिन इसे बाज़ारों और चौक-चौराहों तक लाने का अर्थ यही है कि कट्टरपंथी ताक़तें एक बार फिर वही करना चाहती हैं, जो मुग़लकाल और औरंगज़ेब के दौर में हुआ था—सार्वजनिक जगहों पर अपने प्रभुत्व का प्रदर्शन।

साधु-संतों का जवाब: “आई लव सनातन”

इस प्रयोग का जवाब भारत की परंपरा के संरक्षकों ने दिया। वाराणसी और अयोध्या में साधु-संतों ने सड़कों पर उतरकर साफ़ कहा—भारत राम, कृष्ण और भोलेनाथ की भूमि है। यहां की पहचान सनातन है और कोई इसे बदल नहीं सकता। “आई लव सनातन” के पोस्टर केवल जवाबी नारों की तरह नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की पुकार बनकर सामने आए हैं।

राम नगरी अयोध्या से उठे इन नारों का संदेश साफ़ है-यह देश किसी विदेशी आक्रांता की विचारधारा को स्वीकार नहीं करेगा। संत सूरज तिवारी और सीताराम दास महाराज जैसे संतों ने दो टूक कहा कि जिन्हें “आई लव मोहम्मद” कहना है, वे पाकिस्तान चले जाएं। हिंदुस्तान राम और कृष्ण का है, यह औरंगज़ेब का मुल्क नहीं है।

सांस्कृतिक टकराव या आत्मरक्षा?

आलोचक इसे सांप्रदायिक टकराव कह सकते हैं, लेकिन असल में यह आत्मरक्षा है। जब एक समुदाय धार्मिक नारों और तख्तियों के सहारे सार्वजनिक जगहों पर अपनी शक्ति दिखाता है, तो क्या बहुसंख्यक समुदाय चुप बैठे? भारत की परंपरा हमेशा सहिष्णुता और मेल-जोल की रही है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि कोई भी समूह इस सहिष्णुता का दुरुपयोग करे।

“आई लव सनातन” का संदेश केवल हिंदुओं के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए है-कि भारत की आत्मा सनातन है, और यह आत्मा किसी भी कट्टरपंथ से बड़ी है।

औरंगज़ेब से राम मंदिर तक

यह विवाद अचानक पैदा नहीं हुआ। भारत का इतिहास ऐसे टकरावों से भरा है। जब औरंगज़ेब ने मंदिर तोड़े और मस्जिदें खड़ी कीं, तब भी भारत की आत्मा ने हार नहीं मानी। जब मुग़ल और अंग्रेज़ सत्ता के दम पर धर्म बदलवाना चाहते थे, तब भी साधु-संतों और क्रांतिकारियों ने मुकाबला किया। और यही आत्मा आज भी जीवित है-राम मंदिर आंदोलन इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। 500 साल की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, तो वह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि यह घोषणा थी कि भारत की पहचान सनातन है और इसे मिटाया नहीं जा सकता।

आज का संदेश: भारत हिंदू राष्ट्र की ओर

बरेली से अयोध्या तक फैला यह विवाद एक गहरी सच्चाई को सामने लाता है-भारत की बहुसंख्यक जनता अब और सहन करने को तैयार नहीं है। “आई लव मोहम्मद” के जवाब में उठे “आई लव सनातन” के पोस्टर यही कहते हैं कि हिंदू समाज जाग चुका है। यह सिर्फ़ नारों की लड़ाई नहीं, बल्कि पहचान की लड़ाई है।

भारत का भविष्य उस पहचान पर टिका है जो ऋषियों, संतों और बलिदानियों ने हमें दी। यही वजह है कि साधु-संत साफ़ कहते हैं-रत हिंदू राष्ट्र है। और जब बहुसंख्यक समाज अपनी अस्मिता के साथ खड़ा होता है, तो कोई भी ताक़त उसे झुका नहीं सकती।

सनातन है भारत की आत्मा

बरेली का बवाल और अयोध्या से उठी आवाज़ मिलकर हमें यही सिखाती है कि भारत की आत्मा को दबाने की कोशिश हर बार होगी, लेकिन हर बार संतों, साधुओं और जाग्रत हिंदुओं की आवाज़ उसे बचा लेगी। “आई लव मोहम्मद” का नारा कितना भी लगाया जाए, भारत की गली-गली, मंदिर-मंदिर और संतों की वाणी से हमेशा “आई लव सनातन” की गूंज ही सुनाई देगी। यही इस देश की सच्चाई है और यही इसकी नियति।

Tags: AyodhyaBareillyHindu societyI LOVE MohammadI love SanatanIndiaKanpurUPअयोध्याआई लव मोहम्मदआई लव सनातनकानपुरबरेलीभारतयूपीहिन्दू समाज
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जयशंकर का स्पष्ट संदेश: H1B नीतियों के बावजूद भारत तैयार और दूरदर्शी

अगली पोस्ट

सिंधु जल समझौता: नेहरू का शांति-दांव नहीं, भारत का दूसरा विभाजन!

संबंधित पोस्ट

राम मंदिर दान जांच
चर्चित

राम मंदिर चढ़ावा मामला: SIT की फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को राहत, नहीं मिले आरोप के सबूत

18 August 2026

अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़े मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी फाइनल रिपोर्ट उत्तर...

Shehzad Bhatti ISI Terror UAPA
चर्चित

पाकिस्तान कनेक्शन वाले नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, UAPA के तहत आतंकी घोषित करने की तैयारी

17 August 2026

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर भारत में आतंक और जासूसी का नेटवर्क खड़ा करने के आरोपों में घिरे शहजाद भट्टी पर केंद्र...

बच्चे आपके, संस्कार किसके?
मत

बच्चे आपके, संस्कार किसके?

17 August 2026

हाल ही में एक पुस्तक पढ़ी, जिसका शीर्षक है “जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है।” पुस्तक में विकसित भारत 2047 के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited