TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब सरदार पटेल पर मुस्लिम भीड़ ने किया था जानलेवा हमला:  घटना तो दूर 86 वर्षों तक हमलावरों के नाम भी सामने क्यों नहीं आने दिए गए ?

बचुभाई पटेल और जाधव भाई मोदी- इन दोनों नामों को आप अच्छी तरह याद कर लीजिए, क्योंकि अगर 14 मई 1939 को इन दो युवाओं ने अपनी जान देकर मुस्लिम भीड़ से सरदार पटेल की रक्षा नहीं की होती तो देश का इतिहास नहीं भूगोल भी कुछ और होता

Sambhrant Mishra द्वारा Sambhrant Mishra
31 October 2025
in इतिहास, चर्चित
नगीना मस्जिद हमला

सरदार पटेल पर मुस्लिम लीग के द्वारा करवाए गए जानलेवा हमले की जानकारियां छिपा कर रखी गईं

Share on FacebookShare on X

बात वर्ष 1939 की है।अंग्रेजी शासन के ख़िलाफ़ पूरे देशभर में भावनाएं उफान पर थीं जनता न सिर्फ अपने लिए ज्यादा से ज्यादा अधिकारों की माँग कर रही थी बल्कि अंग्रेजों के भारत छोड़ने की माँग भी लगातार तेज़ हो रही थी। गुजरात में भी जनता के अनेकों संगठन और मंडल बन चुके थे। जो राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता की लड़ाई में अपना योगदान दे रहे थे। इसीप्रकार भावनगर में भी भावनगर प्रजा परिषद नाम का एक संगठन जन्म ले चुका था। भावनगर प्रजामंडल का पाँचवाँ अधिवेशन 14–15 मई 1939 को शहर के वाघावाडी रोड स्थित राधा मंदिर के पास मैदान में हुआ। सरदार पटेल इस अधिवेशन के अध्यक्ष चुने गए थे। यह संगठन जनता को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने और जागरूकता फैलाने में सक्रिय था। इसलिए सरदार पटेल ने अध्यक्ष पद स्वीकार किया और आने की सहमति दी।

नगीना मस्जिद केस: जब मुस्लिम भीड़ ने किया पटेल पर तलवारों से हमला

संबंधितपोस्ट

मॉनसून ने पूरे देश को किया कवर, दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित

मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

और लोड करें

14 मई 1939 को पटेल हवाई मार्ग से भावनगर पहुँचे।जहां उनके स्वागत के लिए पहले से ही  भारी भीड़ मौजूद थी। एयरपोर्ट से उन्हें रेलवे स्टेशन तक (लगभग 9 किमी) तक एक शानदार जुलूस में ले जाया जाना था। पूरे रास्ते के दोनों तरफ़ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। सरदार भी रेलवे स्टेशन से खुली जीप में सवार हो गए और जुलूस आगे बढ़ चला।

सरदार सड़क के दोनों तरफ खड़े लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे, लेकिन जब ये यात्रा खार गेट चौक के क़रीब नगीना मस्जिद के सामने पहुंची तो लाठी, भालों, तलवारों और चाक़ुओं से लैस क़रीब 40 से 50 लोगों की भीड़ ने जुलूस पर हमला कर दिया।
ये सभी हमलावर मुस्लिम समुदाय से थे और नगीना मस्जिद के अंदर ही छिपे हुए थे

बचुभाई पटेल और जाधव भाई मोदी नाम के युवाओं ने जान देकर बचाई पटेल की जान

अचानक हुए इस हमले में वहां हड़कम्प मच गया। लेकिन इससे पहले कि हमलावर सरदार पटेल को निशाना बनाते– जीप में सवार दो नवयुवक स्वयंसेवक बच्चू भाई पटेल और जाधव भाई मोदी सरदार को चारों तरफ से घेर कर खड़े हो गए और उन पर होने वाले हमलों को ढाल की तरह ख़ुद पर झेल लिया।
ये हमलावर पटेल को खत्म करने के इरादे से ही पहुंचे थे, लेकिन जब वो उन तक नहीं पहुँच सके तो उन्होने इन युवाओं पर ही पूरी ताक़त के साथ हमला कर दिया।
इस हमले में बच्चू भाई पटेल तो घटनास्थल पर ही वीरगति को प्राप्त हो गए जबकि जाधव भाई मोदी अगले दिन अस्पताल में वीरगति को प्राप्त हुए।

इसके अलावा नानाभाई (नृसिंहप्रसाद) भट्ट को सिर पर गंभीर चोट लगी, मकनजी भाई वालिया और कालूभाई वालिया नाम के दो स्वयंसेवक भी हमलावरों का सामना करते हुए घायल हो गए, जबकि कांग्रेस सचिव आत्माराम भट्ट पर भी चाकू का वार हुआ और उनकी कनपटी के पास गंभीर जख्म हो गया।

इस हमले से हर कोई हैरान रह गया। सरदार पटेल ने भी जुलूस को रोक दिया और घायलों से मिलने तख्तसिंहजी अस्पताल पहुँच गए।

सरदार पटेल को डर था कि कहीं इस हमले की प्रतिक्रिया न हो– इसलिए उन्होने अस्पताल से ही उन्होंने लोगों को संदेश भेजा:
“आज की दुखद घटना से भय या क्रोध की आवश्यकता नहीं है। जिन्होंने जुलूस और निर्दोषों पर हमला किया है, वे अपने विवेक से च्युत होकर पागलपन में पाप कर बैठे हैं। जनता के निर्माण की इमारत निर्दोषों के बलिदान पर खड़ी होती है। सभी शांति बनाए रखें और प्रेमपूर्वक सम्मेलन की सफलता के लिए जुटें।”

पटेल ने पूरी घटना की सूचना टेलीग्राम के ज़रिए गांधीजी को भी दी। गांधीजी ने उत्तर भेजा:

“मैंने टेलीग्राम पढ़ा और स्तब्ध रह गया। ईश्वर हमें मार्ग दिखाए। नानाभाई और अन्य घायल अब स्वस्थ हों, यही प्रार्थना है। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।”

इस घटना ने पूरे भावनगर में दहशत फैला दी, लेकिन अधिवेशन रुका नहीं।

अधिवेशन में पटेल ने कहा:

“हमें आपस में झगड़ना नहीं चाहिए। यदि हमने ऐसे तत्वों को अलग नहीं किया तो ये समाज को निगल जाएंगे। यह क्षणिक क्रोध नहीं, बल्कि पहले से रचा गया षड्यंत्र है।”

रात में आयोजित सभा में भी उन्होंने कहा:

“सामाजिक अव्यवस्था का यह वातावरण केवल भव्यनगर तक सीमित नहीं, पूरे भारत में फैल रहा है। जो वार मुझ पर होने थे, वे बचुभाई, जादवजीभाई और नानाभाई ने झेल लिए। यह मेरे जीवन में पहली घटना नहीं है। ईश्वर मुझे बार–बार बचा लेता है।”

यानी पटेल ने स्वयं ये कहा था कि ये हमला “पूर्व नियोजित” था। वर्ष 1944 में प्रकाशित प्रजामंडल की रिपोर्ट में भी यही बात कही गई।

लेकिन पटेल ने ऐसा क्यों कहा था?
दरअसल इससे पहले मांडवी में भी इसी साल पटेल के एक जुलूस पर हमला हो गया था। और उस हमले में भी मुस्लिम लीग ही शामिल थी, लेकिन क़िस्मत से पटेल को कोई नुक़सान नहीं हुआ था।
सरदार पटेल पर जानलेवा हमले तो हुआ था और अगर दो बहादुर युवा कवच की तरह उनके सामने न आए होते तो शायद देश का इतिहास ही नहीं भूगोल भी कुछ और ही होता।
पटेल राष्ट्रीय स्तर के नेता थे और उनका क़द महात्मा गांधी जैसा ही था, ऐसे में उन पर हमले की ख़बर से अंग्रेजी प्रशासन भी हिल गया।

महराजा कृष्णकुमार सिंह  उस समय भावनगर के राजा थे, उन्होने तत्काल आदेश देकर अपराधियों को दंडित करने की कोशिश की। ख़ुद राज्य के पुलिस प्रमुख छेलभाई डेव ने मामले की जाँच की और दोषियों को सजा दिलाने के लिए बॉम्बे से प्रसिद्ध क्रिमिनल लॉयर के. के. शाह को मुकदमे के लिए बुलाया गया था।

तत्कालीन सेशन जज ने भी फैसला सुनाते हुए इसे एक सोचा समझा, राजनीतिक हमला बताया था। पूरे मामले में कम से कम एक अभियुक्त को सज़ा हुई। पुलिस प्रमुख ने भी अपनी रिपोर्ट राजा को सौंपी — लेकिन सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के नाम पर ये रिपोर्ट कभी भी सार्वजनिक नहीं की गई।

लिहाजा प्रश्न उठते हैं कि आख़िर इस रिपोर्ट में ऐसा क्या था– जिसके सार्वजनिक होने से समाज की शांति–सौहार्द को खतरा पैदा हो जाता ?

आख़िर सजा पाने वाले अभियुक्त की पहचान, उसका नाम कभी सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया ?  क्या वो किसी मज़हब विशेष से संबंध रखता था?

पटेल बार–बार प्रतिक्रिया न देने और सौहार्द–शांति बनाने रखने की अपील क्यों कर रहे थे?

पटेल पर हमले की घटना क्यों दबा दी गई?

क़रीब 86 सालों तक इस पर पर्दा पड़ा रहा, हमलावरों के नाम और उनकी पहचान को गुप्त रखा गया। यहां तक कि जाँच रिपोर्ट्स को भी अलमारी में बंद कर दिया गया। लेकिन अब सरदार पटेल की 150 वीं जयंती पर ये मोदी सरकार ने ये दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए हैं, जिसमें इन हमलों का ज़िम्मेदार मुस्लिम लीग को बताया गया है।
इतिहासकार रिजवान कादरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है, जिसमें FIR की तस्वीर भी दिख रही है और इसमें लिखे नाम स्पष्ट रूप से बताते हैं कि हमलावर मुस्लिम समुदाय के थे।

वैसे हैरानी की बात ये भी है कि ‘नगीना मस्जिद हमला’ के नाम से विख्यात इस घटना से संबंधित कोई दस्तावेज, कोई विशेष रिकॉर्ड मौजूद ही नहीं है।

न तो कोर्ट के फैसले से संबंधित दस्तावेज हैं, न एफआईआर मौजूद है और न ही किसी अन्य प्रकार के रिकॉर्ड। जबकि अंग्रेजों ने इससे कहीं पहले की और पुरानी घटनाओं के रिकॉर्ड अच्छी तरह मेंटेन करके रखे थे।
किसी प्रकार के संस्मरणों में, या अन्य जगहों पर भी पटेल पर हुए इस हमले का कोई जिक्र नहीं मिलता।
जबकि सच्चाई ये है कि भावनगर रियासत में सरदार पटेल की हत्या का प्रयास भारतीय इतिहास में अत्यंत शर्मनाक प्रसंग था। और अगर हमलावरों की योजना सफल हो जाती तो शायद 562 रियासतों (जिनमें से 222 केवल काठियावाड़ में थीं) का भारत संघ में विलय कभी न हो पाता।

तब भारत का इतिहास ही नहीं, भूगोल भी पूरी तरह बदला हुआ होता। लेकिन ये भारत का सौभाग्य था कि और ईश्वर की कृपा कि बचुभाई, जादवजी भाई जैसे जाँबाज़ युवकों ने वो वार अपने सीने पर झेल लिए और भारत के भविष्य को बचा लिया।

और अब 86 वर्षों के बाद ये सच्चाई सामने आई है कि आख़िरकार कांग्रेसी सरकारों ने भी पटेल पर हुए हमलों की स्मृति तक को क्यों मिटा दिया?  महात्मा गांधी की हत्या के लिए RSS को कटघरे में खड़ा करने वाला राजनीतिक दल पटेल पर हुए जानलेवा हमले के लिए कभी मुस्लिम लीग की आलोचना क्यों नहीं कर सका?

Tags: Nagina masjid caseSardar Patelएकता दिवसबीजेपीभारतमुस्लिम भीड़मुस्लिम लीगरिजवान कादरीसरदार पटेलस्टैच्यू ऑफ यूनिटी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सरदार पटेल: लौहपुरुष जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया

अगली पोस्ट

जब गमछा बना राजनीति का संदेश: पीएम मोदी की प्रतीक-प्रधान चुनावी रणनीति और जनता से सीधा जुड़ाव

संबंधित पोस्ट

CJP के 'चलो संसद' मार्च के दौरान दिल्ली में हंगामा
चर्चित

CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान दिल्ली में हंगामा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प

20 July 2026

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च के दौरान सोमवार को दिल्ली में कई जगह तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। प्रदर्शन को देखते हुए...

CJP के 'चलो संसद' मार्च को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट
चर्चित

CJP के ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट, कई रास्तों पर सुरक्षा कड़ी

20 July 2026

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च को देखते हुए सोमवार को दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस...

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी
चर्चित

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, रेलवे में शुरू हुआ स्वच्छ तकनीक का नया दौर

17 July 2026

 पीएम मोदी ने शुक्रवार को देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारतीय रेलवे ने स्वच्छ...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited