ज़ुबिन गर्ग की मौत: ज़हर, लापरवाही और साज़िश का गहराता रहस्य
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

ज़ुबिन गर्ग की मौत: ज़हर, लापरवाही और साज़िश का गहराता रहस्य

जुबिन गर्ग की मौत मामले में सबसे बड़ा झटका तब लगा जब ज़ुबिन के बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी ने दो लोगों सिद्धार्थ शर्मा और श्यामकानु महंता पर ज़हर देने का आरोप लगाया।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
4 October 2025
in क्राइम, चर्चित, भारत, मनोरंजन
ज़ुबिन गर्ग की मौत: ज़हर, लापरवाही और साज़िश का गहराता रहस्य

यह तो तय है कि असम की जनता अब शांत नहीं बैठेगी।

Share on FacebookShare on X

सिंगापुर से आई एक खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। असम के लोकप्रिय गायक ज़ुबिन गर्ग की अचानक मौत। शुरुआती बयान में कहा गया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण डूबने की दुर्घटना थी। लेकिन कुछ ही दिनों में मामला इतना उलझ गया कि अब यह संभावित हत्या, लापरवाही और संगठित साज़िश के शक के घेरे में आ गया है।

ज़ुबिन गर्ग, जिन्हें असमिया संगीत की आत्मा कहा जाता था। 2000 के दशक में एक सांस्कृतिक प्रतीक बन चुके थे। “या अली” और “मया” जैसे गीतों से उन्होंने सिर्फ़ संगीत नहीं दिया, ​बल्कि उन्होंने एक पहचान गढ़ी। इसलिए जब यह खबर आई कि वे सिंगापुर में एक कार्यक्रम के दौरान डूब गए, तो किसी ने पहले-पहल तो शक नहीं किया। लेकिन अब, एक-एक बयान और सबूत यह इशारा दे रहे हैं कि ज़ुबिन की मौत उतनी सीधी नहीं, जितनी दिखाई दे रही है।

संबंधितपोस्ट

पीएम किसान योजना: आज जारी होगी 22वीं किस्त, किसानों के खाते में ₹18,640 करोड़ ट्रांसफर

दुबई पर हमला: जब भरोसे और सुरक्षा की छवि को सबसे बड़ी चुनौती मिली

Assam : पीएम की असम हाईवे पर ऐतिहासिक लैंडिंग- चीन के लिए संदेश,जानें सबकुछ

और लोड करें

सहकर्मी का खुलासा: यह हादसा नहीं था

सबसे बड़ा झटका तब लगा जब ज़ुबिन के बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी ने अपने बयान में दो लोगों सिद्धार्थ शर्मा और श्यामकानु महंता पर ज़हर देने का आरोप लगाया। गोस्वामी का बयान, जो सीआईडी की रिमांड नोट में दर्ज है, एक भयावह तस्वीर पेश करता है।

उनके अनुसार, सिंगापुर यात्रा के दौरान सिद्धार्थ शर्मा लगातार संदिग्ध व्यवहार कर रहा था। जिस यॉट पर ज़ुबिन गर्ग आख़िरी बार ज़िंदा देखे गए, उस पर उसने ज़बरदस्ती नियंत्रण कर लिया। जब ज़ुबिन अचानक मुंह और नाक से झाग छोड़ने लगे, तो शर्मा ने जाबो दे, जाबो दे (मत बचाओ, जाने दो) कहा, अब यह बयान पूरे असम में गूंज उठा है।

गोस्वामी का दावा है कि शर्मा ने तब किसी को मदद बुलाने नहीं दी, बल्कि कहा कि यह एसिड रिफ्लक्स है। उसने खुद पेय पदार्थों पर नियंत्रण रखा और बाकियों को निर्देश दिया कि कोई और ड्रिंक न परोसे। अब जांच एजेंसियां ये मान रही हैं कि शायद वहीं से ज़हर का खेल शुरू हुआ था।

विदेशी लोकेशन और शक के घेरे में आयोजन

सिंगापुर का मंच, जो भारत-आसियान पर्यटन वर्ष के तहत आयोजित नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल का हिस्सा था, अब खुद शक के घेरे में है। इसके आयोजक श्यामकानु महंता पर सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह विदेशी स्थान जानबूझकर चुना गया ताकि किसी दुर्घटना या हत्या की जांच भारत में कठिन हो जाए।

सिंगापुर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया, लेकिन यह भी सत्य है कि ज़ुबिन एक कुशल तैराक थे। उनके करीबी कहते हैं, ज़ुबिन झील में गाना गा सकते थे, लेकिन उसमें डूब नहीं सकते थे। इसके बाद जब यह पता चला कि शर्मा ने यॉट पर शूट हुए किसी भी वीडियो या फुटेज को साझा न करने का आदेश दिया था, तो मामला और गहराने लगा। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक सुनियोजित पर्दादारी की तरह लगने लगा।

सीआईडी की जांच और गिरफ्तारी की कड़ी

असम की सीआईडी ने अब तक पूरे राज्य में 60 से अधिक एफआईआर मिलने के बाद जांच को तेज़ कर दिया है। शर्मा, महंता और दो अन्य लोगों को दिल्ली से गिरफ्तार कर गुवाहाटी लाया गया है। सभी को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। जांचकर्ता अब उनके मोबाइल, लैपटॉप और वीडियो रिकॉर्डिंग खंगाल रहे हैं। मामले ने अब आर्थिक मोड़ भी ले लिया है। सूत्रों का कहना है कि ईडी और इनकम टैक्स विभाग भी इस जांच में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि आयोजक महंता पर बेनामी संपत्तियों और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए हैं।

मुख्यमंत्री का ऐलान: न्यायिक जांच और अफ़वाहों पर चेतावनी

बढ़ते जनाक्रोश के बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने न्यायिक जांच की घोषणा की है। गुवाहाटी हाई कोर्ट के जस्टिस सौमित्र साइकिया इस जांच की निगरानी करेंगे। सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की एआई जनित या भ्रामक तस्वीरें साझा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें गिरफ्तार आरोपी हंसते हुए दिखाई दिए। इस तस्वीर ने जनता का गुस्सा और भड़का दिया।

मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि जो भी व्यक्ति ज़ुबिन के आख़िरी पलों से जुड़ी कोई वीडियो या ठोस जानकारी रखता है, वह जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए।

सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर मामला

इस बीच, आयोजक श्यामकानु महंता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है कि मामला सीआईडी से हटाकर सीबीआई या एनआईए जैसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपा जाए। उनका कहना है कि राज्य में उनके खिलाफ माहौल शत्रुतापूर्ण है और उनकी जान को खतरा है। लेकिन सवाल यही है कि क्या यह सुरक्षा की अपील है या जवाबदेही से बचने की चाल? कोर्ट ने अभी इस पर कोई फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन फिलहाल जांच असम सीआईडी के पास ही है।

संगीत से साज़िश तक: अधूरी कहानी

ज़ुबिन गर्ग सिर्फ़ गायक नहीं थे, वे असम की आत्मा की आवाज़ थे। उनकी मौत ने संगीत के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना को भी हिला कर रख दिया है। जो मामला एक डूबने की दुर्घटना समझा गया था, अब एक गुंथे हुए षड्यंत्र, ज़हर और वित्तीय हेराफेरी का केस बन चुका है।

इस मामले में हर नए दिन एक नई परत खुलती है, गवाही, मोबाइल चैट, वीडियो और उन दोस्तों की चुप्पी जो अब हिरासत में हैं। सच क्या है, यह अभी कोशों दूर है। लेकिन असम के लोग साफ़ कह रहे हैं कि ज़ुबिन के लिए न्याय चाहिए, चाहे इसमें कितने भी चेहरे उजागर हों।

एक आवाज़ जो अब भी गूंज रही है

आज जब असम की गलियों में ज़ुबिन अमर रहो के नारे गूंजते हैं, तो यह सिर्फ़ एक गायक की याद नहीं, यह सांस्कृतिक न्याय की मांग भी है। सच चाहे जितना छिपाया जाए, लेकिन एक बात तय है, असम की जनता अब शांत नहीं बैठेगी। क्योंकि जब एक कलाकार मरता है, तो समाज का एक हिस्सा भी मरता है। इसके बाद जब साज़िश के शक उठते हैं, तो न्याय सिर्फ़ कानूनी नहीं, नैतिक दायित्व भी बन जाता है।

Tags: Assamassam cmHimanta Biswa SarmaSingaporesinger Zubin GargZubin GargZubin Garg deathअसमअसम सीएमगायक जुबिन गर्गजुबिन गर्गजुबिन गर्ग की मौतसिंगापुरहिमंता बिश्वा सरमा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

उमर-अब्दुल्ला, मेहबूबा मुफ्ती और बाकी कश्मीरी नेता PoK में पाकिस्तान की हिंसा पर क्यों चुप हैं?

अगली पोस्ट

भारत के फैसलों पर सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता अमेरिका, ट्रंप के सहयोगी ने ही अमेरिका को सुनाया

संबंधित पोस्ट

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?
चर्चित

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

3 October 2026

अमेरिका के ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर दिनदहाड़े ईंटों से हमला सिर्फ मंदिर की खिड़कियां टूटने की घटना नहीं है। यह उस डर को...

वायुसेना में लड़ाकू विमानों की कमी पर चिंता
चर्चित

वायुसेना में लड़ाकू विमानों की कमी पर चिंता, हर साल 36-40 विमान जरूरी

3 October 2026

भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने लड़ाकू विमानों और स्क्वॉड्रनों की घटती संख्या पर चिंता जताई है। उन्होंने शनिवार को नई...

लद्दाख की 28 जगहों के नाम सरकारी नक्शे पर दर्ज
चर्चित

लद्दाख की 28 जगहों के नाम सरकारी नक्शे पर दर्ज, गोगरा-हॉट स्प्रिंग भी शामिल

3 October 2026

भारत सरकार ने लद्दाख की 28 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं के नाम आधिकारिक तौर पर भारतीय सर्वेक्षण विभाग के नक्शे पर दर्ज किए हैं। केंद्रीय...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited