कट्टर इस्लाम की गिरफ्त में बांग्लादेश: यूनुस की नीतियां, हिंदुओं पर हिंसा और भारत के खिलाफ नई साजिश
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    नायब सैनी ने लापरवाही के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है

    हरियाणा में खेल विभाग के सचिव-निदेशक का तबादला: लापरवाही को लेकर नायब सरकार का बड़ा एक्शन

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय दर्शन और संविधान

    भारतीय चिंतन दृष्टि से संविधान: ज्ञान परंपरा में नागरिकता का इतिहास

    तालोम रुकबो

    अरुणाचल प्रदेश के वनवासियों को धर्मांतरण से बचाने वाले तालोम रुकबो: एक भूले-बिसरे नायक की कहानी

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह: आजादी की लड़ाई का योद्धा, जिसने काबुल में बनाई थी स्वतंत्र भारत की पहली निर्वासित सरकार

    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    नायब सैनी ने लापरवाही के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है

    हरियाणा में खेल विभाग के सचिव-निदेशक का तबादला: लापरवाही को लेकर नायब सरकार का बड़ा एक्शन

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय दर्शन और संविधान

    भारतीय चिंतन दृष्टि से संविधान: ज्ञान परंपरा में नागरिकता का इतिहास

    तालोम रुकबो

    अरुणाचल प्रदेश के वनवासियों को धर्मांतरण से बचाने वाले तालोम रुकबो: एक भूले-बिसरे नायक की कहानी

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह: आजादी की लड़ाई का योद्धा, जिसने काबुल में बनाई थी स्वतंत्र भारत की पहली निर्वासित सरकार

    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कट्टर इस्लाम की गिरफ्त में बांग्लादेश: यूनुस की नीतियां, हिंदुओं पर हिंसा और भारत के खिलाफ नई साजिश

भारत हमेशा से बांग्लादेश का भरोसेमंद सहयोगी रहा है। लेकिन यूनुस सरकार की कट्टरपंथी नीतियों ने इन रिश्तों को संकट में डाल दिया है। शेख हसीना ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो भारत-बांग्लादेश संबंधों पर स्थायी नकारात्मक असर पड़ेगा।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
8 November 2025
in चर्चित, भारत, भू-राजनीति, रक्षा, रणनीति, राजनीति, विश्व, समीक्षा
कट्टर इस्लाम की गिरफ्त में बांग्लादेश: यूनुस की नीतियां, हिंदुओं पर हिंसा और भारत के खिलाफ नई साजिश

शेख हसीना के बयान भारत के रणनीतिक हितों के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं।

Share on FacebookShare on X

बांग्लादेश की राजनीति आज एक खतरनाक मोड़ पर खड़ी है। मोहम्मद यूनुस सरकार की कट्टरपंथी नीतियों, अल्पसंख्यकों पर हिंसा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की उपेक्षा ने न केवल देश के भीतर सामाजिक अस्थिरता पैदा की है, बल्कि भारत-बांग्लादेश के रिश्तों को भी गहरे संकट में डाल दिया है। यह संकट केवल राजनीतिक नहीं है, यह क्षेत्रीय स्थिरता, सीमाई सुरक्षा और भारत की रणनीतिक पहुंच के लिए भी सीधा खतरा है। निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान बांग्लादेश सरकार की नीतियां न केवल देश के लोकतंत्र और अल्पसंख्यकों के लिए खतरा हैं, बल्कि भारत के हितों के लिए भी चुनौती बन चुकी हैं।

यूनुस सरकार का उदय और कट्टरपंथी हाथों में सत्ता

मोहम्मद यूनुस की सरकार के उदय के साथ ही बांग्लादेश में कट्टरपंथी इस्लामी ताकतों का दखल बढ़ा। शेख हसीना ने अपने बयान में कहा कि यूनुस ने मौलवियों और इस्लामी संगठन-समूहों को खुला समर्थन दिया। इससे कट्टरपंथी नेताओं और संगठनों को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बढ़ावा मिला, जबकि नागरिक समाज और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

संबंधितपोस्ट

पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

और लोड करें

यूनुस सरकार ने कई नीतिगत फैसलों के माध्यम से कट्टरपंथियों को सशक्त किया। धार्मिक संस्थाओं को आर्थिक अनुदान, भूमि और राजनीतिक संरक्षण मिला। इसके परिणामस्वरूप हिंसा और भय का माहौल बन गया। शेख हसीना ने यह भी बताया कि उनकी सरकार के दौरान कट्टरपंथियों के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया गया था, लेकिन यूनुस सरकार ने इन प्रयासों को उल्टा कर दिया और कट्टरपंथियों को खुली छूट दे दी।

हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हिंसा

यह भी देखा गया कि यूनुस सरकार के कार्यकाल में हिंदू, बौद्ध, ईसाई और आदिवासी समुदायों पर हिंसा की घटनाओं में अचानक वृद्धि हुई। ढाका, चटगांव और सिलीगुड़ी जैसे बड़े शहरों में मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर हमले हुए। हिंदू महिलाओं और बच्चों पर हमले की घटनाएं भी दर्ज हुईं। शेख हसीना ने इसे बांग्लादेश के लिए कलंक बताया। उन्होंने कहा कि यूनुस सरकार ने इन घटनाओं से लगातार इनकार किया और उन्हें रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।

इस हिंसा का व्यापक असर भारतीय सीमा से लगे पूर्वोत्तर राज्यों पर भी पड़ता है। बांग्लादेश से आने वाले शरणार्थी, भयभीत नागरिक और आर्थिक अस्थिरता सीधे भारत के पूर्वोत्तर और त्रिपुरा–मिजोरम क्षेत्र की सुरक्षा चुनौती बन रही है। स्थानीय बीएसएफ और सीमा बल लगातार सतर्क हैं, लेकिन यूनुस सरकार की नीतियां स्थिति को और जटिल बना रही हैं।

आर्थिक नीतियां और कट्टरपंथियों को दी गई मदद

यूनुस सरकार ने कट्टरपंथियों को केवल राजनीतिक संरक्षण ही नहीं दिया, बल्कि आर्थिक मदद के माध्यम से उन्हें सशक्त भी किया। धार्मिक स्कूलों और मदरसों को सरकारी अनुदान दिया गया, जबकि सामान्य स्कूलों और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की उपेक्षा की गई। कई छोटे व्यवसाय और संपत्ति हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों से जबरन अधिग्रहित किए गए।

इसके अलावा, सरकारी अनुबंध और परियोजनाएं कट्टरपंथियों के समर्थक समूहों को दी गईं। इससे केवल सामाजिक असमानता ही नहीं बढ़ी, बल्कि सरकार की नीतियों के कारण नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल भी फैल गया। शेख हसीना ने कहा कि इस नीति ने देश में कट्टर इस्लाम के विस्तार को तीव्र गति दी।

अवामी लीग पर प्रतिबंध और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन

यूनुस सरकार ने अवामी लीग को बांग्लादेश चुनाव से बाहर करने के लिए प्रतिबंध लगा दिया। यह न केवल राजनीतिक अस्थिरता का कारण बना, बल्कि 17.3 करोड़ लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला था। शेख हसीना ने स्पष्ट किया कि अवामी लीग पर प्रतिबंध ने देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर दिया और कट्टरपंथी ताकतों को खुला रास्ता दिया।

लोकतंत्र पर यह संकट भारत के लिए गंभीर है। लोकतंत्र और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की हानि सीधे तौर पर भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन को प्रभावित करती है। यदि बांग्लादेश में यह अस्थिरता जारी रही, तो भारत को न केवल कूटनीतिक दबाव बढ़ाना होगा, बल्कि सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय निगरानी भी सख्त करनी होगी।

भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर खतरा

यहां याद रहे कि भारत हमेशा से बांग्लादेश का भरोसेमंद सहयोगी रहा है। लेकिन यूनुस सरकार की कट्टरपंथी नीतियों ने इन रिश्तों को संकट में डाल दिया है। शेख हसीना ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो भारत-बांग्लादेश संबंधों पर स्थायी नकारात्मक असर पड़ेगा।

भारत के लिए यह केवल कूटनीतिक मुद्दा नहीं है। सीमा सुरक्षा, आपसी व्यापार, ऊर्जा साझेदारी और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी संकट उत्पन्न हो रहा है। विशेषकर पूर्वोत्तर भारत और त्रिपुरा–मिजोरम सीमा क्षेत्र में भारत को सुरक्षा बलों और निगरानी नेटवर्क को लगातार सशक्त करना होगा।

चीन–पाकिस्तान–बांग्लादेश धुरी

बांग्लादेश में यूनुस सरकार की कट्टरपंथी नीतियों का दूसरा पहलू चीन और पाकिस्तान की रणनीति से जुड़ा हुआ है। चीन–पाकिस्तान–बांग्लादेश धुरी का उद्देश्य भारत की सीमा सुरक्षा और रणनीतिक स्वतंत्रता को सीमित करना है। चीन की आर्थिक और तकनीकी मदद से बांग्लादेश में परियोजनाएं चल रही हैं, जबकि पाकिस्तान कट्टरपंथी समूहों के माध्यम से राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता पैदा कर रहा है।

इस धुरी का उद्देश्य भारत के रणनीतिक महत्व के क्षेत्रों, जैसे चाबहार पोर्ट, त्रिपुरा–मिजोरम बॉर्डर, और BIMSTEC कॉरिडोर में भारत की पहुंच और प्रभुत्व को कमजोर करना है। शेख हसीना के बयान इस खतरे को उजागर करते हैं और भारत को सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।

भारत की रणनीतिक तैयारी

भारत ने RAW और अन्य खुफिया एजेंसियों के माध्यम से बांग्लादेश में स्थिति की गहन निगरानी शुरू कर दी है। पूर्वोत्तर भारत और त्रिपुरा-मिजोरम सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी बढ़ाई जा रही है। भारत ने BIMSTEC और SAARC जैसे क्षेत्रीय मंचों पर बांग्लादेश में लोकतांत्रिक और सामाजिक स्थिरता के लिए दबाव बनाने की योजना बनाई है।

चाबहार पोर्ट और ट्रांस-एशियन कॉरिडोर के माध्यम से भारत की रणनीतिक पहुंच को मजबूत करना भी प्राथमिकता में है। इन परियोजनाओं के माध्यम से भारत न केवल व्यापारिक और आर्थिक प्रभुत्व सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि चीन–पाकिस्तान–बांग्लादेश धुरी की कोशिशों का मुकाबला भी कर रहा है।

पूर्वोत्तर भारत और सीमा सुरक्षा

पूर्वोत्तर भारत और त्रिपुरा–मिजोरम सीमा क्षेत्र में भारत को सीमा निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता है। बांग्लादेश में कट्टरपंथ और हिंसा की वजह से शरणार्थियों और अवैध गतिविधियों की संख्या बढ़ रही है। भारत ने बीएसएफ और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों को सशक्त किया है, साथ ही आधुनिक निगरानी तकनीक और गुप्त खुफिया नेटवर्क का विस्तार किया है।

इसका उद्देश्य केवल सीमा सुरक्षा नहीं है। भारत की रणनीति में यह भी शामिल है कि बांग्लादेश में स्थिति स्थिर रहे ताकि चीन और पाकिस्तान की धुरी के प्रयास विफल हों। यह रणनीति पूर्वोत्तर भारत के विकास और आर्थिक प्रगति के लिए भी आवश्यक है।

शेख हसीना का संदेश और भारत के लिए चेतावनी

शेख हसीना का संदेश स्पष्ट है। बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतों को बढ़ावा देना देश के लोकतंत्र और अल्पसंख्यकों के लिए खतरा है। यह नीति भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए भी गंभीर चुनौती है। यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो बांग्लादेश में स्थायी अस्थिरता पैदा हो सकती है, जिसका असर भारत की सुरक्षा, आर्थिक हित और क्षेत्रीय प्रभुत्व पर पड़ेगा।

हसीना के बयान केवल राजनीतिक टिप्पणी नहीं हैं। वे भारत के रणनीतिक हितों के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। कट्टरपंथ और हिंसा की इस लहर ने दिखा दिया है कि पड़ोसी देश की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति सीधे भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करती है।

बांग्लादेश की मौजूदा सरकार के दौर में कट्टरपंथी ताकतों का बढ़ता दबदबा, हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों पर हिंसा, और अवामी लीग पर प्रतिबंध जैसी घटनाएं भारत के लिए गंभीर खतरे का संकेत हैं। शेख हसीना ने स्पष्ट किया है कि भारत-बांग्लादेश संबंधों में स्थिरता केवल तभी संभव है जब लोकतांत्रिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखा जाए।

भारत को इस स्थिति के लिए तैयार रहना होगा। RAW और अन्य खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ BIMSTEC और SAARC जैसे मंचों का उपयोग कर भारत को न केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी, बल्कि पड़ोसी देश की सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता के लिए दबाव भी बनाना होगा। चीन–पाकिस्तान–बांग्लादेश धुरी के प्रयासों का मुकाबला करना और पूर्वोत्तर भारत में अपनी रणनीतिक पहुंच मजबूत करना भी आवश्यक है।

अंततः, बांग्लादेश में कट्टरपंथ और हिंसा की यह लहर केवल पड़ोसी देश का आंतरिक मामला नहीं है, यह भारत की सुरक्षा, रणनीति और क्षेत्रीय प्रभुत्व का सीधा प्रश्न है। शेख हसीना के निर्वासित जीवन और उनके बयानों ने इसे स्पष्ट कर दिया है कि भारत को इस खतरे की गंभीरता को समझकर तत्काल रणनीतिक कदम उठाने होंगे।

Tags: BangladeshChinaIndiaPakistanRadicalismSheikh HasinaViolenceकट्टरपंथचीनपाकिस्तानबांग्लादेशभारतशेख हसीनाहिंसा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मस्जिदों में कुत्ते बांधने वाली पाकिस्तानी सेना: खैबर पख्तूनख्वा के विद्रोह से टूटा ‘एक पाकिस्तान’ का भ्रम, भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से बड़ा अवसर

अगली पोस्ट

गलवान के बाद भारत का पलटवार: चुशूल–चांगथांग में तिरंगे के साथ नई सैन्य क्रांति, चीन की नींद हराम

संबंधित पोस्ट

नायब सैनी ने लापरवाही के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है
चर्चित

हरियाणा में खेल विभाग के सचिव-निदेशक का तबादला: लापरवाही को लेकर नायब सरकार का बड़ा एक्शन

1 December 2025

हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 20 IAS-IPS अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। यह फेरबदल...

चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है
चर्चित

चक्रवात ‘दित्वाह’ से लड़ रहे श्री लंका की मदद को भारत ने बढ़ाया हाथ, ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ ने बताया भारत क्यों है सबसे ‘भरोसेमंद’ पड़ोसी

29 November 2025

श्री लंका वक्त, बीते कुछ वर्षों की सबसे बड़ी और खतरनाक प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। चक्रवात दित्वाह ने वहां...

शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है
आयुध

पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

28 November 2025

पाकिस्तान ने हाल ही में अपनी “शिप-लॉन्च्ड एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल (ASBM)” का परीक्षण किया है। पाकिस्तान की तरफ़ से SMASH नाम की इस एंटीशिप मिसाइल...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45

Why Rahul Gandhi’s US Outreach Directs to a Web of Shadow Controversial Islamist Networks?

00:08:04
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2025 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2025 TFI Media Private Limited