जब गमछा बना राजनीति का संदेश: पीएम मोदी की प्रतीक-प्रधान चुनावी रणनीति और जनता से सीधा जुड़ाव
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    शेख हसीना को भारत से बोलने देना खतरनाक मिसाल

    दिल्ली से शेख हसीना के भाषण ने बढ़ाया तनाव, बांग्लादेश ने जताई आपत्ति

    अमेरिका–ईरान तनाव के बीच यूएस ने मजबूत की सैन्य तैनाती

    ईरान के करीब अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन तैनात

    धानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–यूरोपीय संघ FTA को बताया ऐतिहासिक, कहा—दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की साझेदारी

    प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में भाग लिया

    गणतंत्र दिवस 2026: पीएम मोदी की मरून पगड़ी ने खींचा ध्यान, क्या है इसकी खासियत

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    शेख हसीना को भारत से बोलने देना खतरनाक मिसाल

    दिल्ली से शेख हसीना के भाषण ने बढ़ाया तनाव, बांग्लादेश ने जताई आपत्ति

    अमेरिका–ईरान तनाव के बीच यूएस ने मजबूत की सैन्य तैनाती

    ईरान के करीब अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन तैनात

    धानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–यूरोपीय संघ FTA को बताया ऐतिहासिक, कहा—दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की साझेदारी

    प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में भाग लिया

    गणतंत्र दिवस 2026: पीएम मोदी की मरून पगड़ी ने खींचा ध्यान, क्या है इसकी खासियत

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब गमछा बना राजनीति का संदेश: पीएम मोदी की प्रतीक-प्रधान चुनावी रणनीति और जनता से सीधा जुड़ाव

गमछा, जो बिहार के हर खेत, बाजार और रेलवे स्टेशन पर दैनिक जीवन का हिस्सा है, वह अब राजनीति का संदेश बन चुका था। पीएम मोदी की मुस्कान और हाथ हिलाना केवल एक अभिवादन नहीं था, यह एक सशक्त राजनीतिक इशारा था।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
1 November 2025
in चर्चित, बिहार डायरी, भारत, मत, राजनीति, समीक्षा
जब गमछा बना राजनीति का संदेश: पीएम मोदी की प्रतीक-प्रधान चुनावी रणनीति और जनता से सीधा जुड़ाव

मोदी की प्रतीक-प्रधान राजनीति विपक्ष के लिए चुनौतीपूर्ण है।

Share on FacebookShare on X

मुजफ्फरपुर की धूप तप रही थी, लेकिन मौसम से अधिक गर्मी उस मैदान में थी, जहां हजारों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए जुटे थे। हेलिकॉप्टर के उतरते ही मोदी, मोदी! के नारों की गूंज चारों ओर फैल गई। आम तौर पर रैलियों में यह दृश्य परिचित होता है, लेकिन इस बार माहौल में कुछ अलग था। कुछ ही क्षण बाद पीएम मोदी ने जो किया, उसने न सिर्फ वहां उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया, बल्कि बिहार की राजनीति और भारतीय चुनावी रणनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया। उन्होंने मंच पर खड़े होकर मधुबनी प्रिंट वाला गमछा लहराया।

यह कोई साधारण क्षण नहीं था। यह वह समय था जब एक प्रतीक ने शब्दों से ज्यादा ताकत दिखाई। गमछा, जो बिहार के हर खेत, बाजार और रेलवे स्टेशन पर दैनिक जीवन का हिस्सा है, वह अब राजनीति का संदेश बन चुका था। पीएम मोदी की मुस्कान और हाथ हिलाना केवल एक अभिवादन नहीं था, यह एक सशक्त राजनीतिक इशारा था। भीड़ ने इसे महसूस किया और प्रतिक्रिया भी उसी प्रकार दी। यह दृश्य दर्शाता है कि राजनीति अब केवल भाषण और घोषणापत्र तक सीमित नहीं रही।

संबंधितपोस्ट

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–यूरोपीय संघ FTA को बताया ऐतिहासिक, कहा—दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की साझेदारी

गणतंत्र दिवस 2026: पीएम मोदी की मरून पगड़ी ने खींचा ध्यान, क्या है इसकी खासियत

तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

और लोड करें

गमछा: बिहार की मिट्टी से जुड़ा प्रतीक

बिहार में गमछा केवल कपड़ा नहीं है। यह मेहनतकश वर्ग की जीवनशैली का प्रतीक है। खेतों में किसान, रिक्शा पर चालक, ईंट-भट्टों पर काम करने वाले श्रमिक और प्रवासी मजदूर, सभी के सिर या कंधे पर यही गमछा रहता है। यह उन्हें धूप से बचाता है, पसीने को पोंछने का काम करता है और कई बार सम्मान का संकेत भी बन जाता है।

मोदी द्वारा गमछा पहनना या लहराना इसलिए केवल एक वस्त्र का प्रदर्शन नहीं है। यह एक संकेत है कि वे बिहार की मिट्टी, उसके लोगों और उनकी मेहनत के साथ खड़े हैं। यह भावनात्मक संवाद है जो बिना शब्दों के सीधे जनता के दिल तक पहुंचता है। यह संदेश देता है कि नेता सिर्फ सत्ता का प्रतिनिधि नहीं, बल्कि जनता के जीवन और उनके संघर्ष का गहरा समझदार साथी है।

मोदी की प्रतीक-प्रधान राजनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी शैली का एक बड़ा हिस्सा प्रतीक और दृश्य-प्रधान राजनीति पर आधारित है। वह भाषण और शब्दों पर निर्भर नहीं रहते। उनके हर सार्वजनिक रूपांतरण में यही देखा गया है। पगड़ी, धोती, चादर, अंगवस्त्रम, शॉल और अब गमछा।

यह सब योजनाबद्ध है। पीएम मोदी जानते हैं कि प्रतीक तत्काल ध्यान खींचते हैं, मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं और जनता के दिमाग में जल्दी जगह बना लेते हैं। गमछा जैसे प्रतीक जनता की रोजमर्रा की पहचान से जुड़े होते हैं। इसलिए इसे देखकर लोगों को लगता है कि नेता उनके जीवन, उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं को समझता है।

दृश्य राजनीति: बिना बोले संदेश देना

पीएम मोदी की रणनीति का मुख्य आधार है बिना बोले संदेश देना। वह मंच पर खड़े होकर हाथ हिलाते हैं, मुस्कुराते हैं, किसी प्रतीक को अपनाते हैं और यह दृश्य अपनी पूरी ताकत से जनता तक पहुंच जाता है। भाषण में हजार शब्द हो सकते हैं, लेकिन यह प्रतीकात्मक दृश्य केवल कुछ क्षण में भावनात्मक जुड़ाव पैदा कर देता है।

मुजफ्फरपुर की घटना इसका स्पष्ट उदाहरण है। गमछा लहराने का दृश्य न केवल भीड़ को प्रभावित करता है, बल्कि कैमरे और सोशल मीडिया के माध्यम से पूरी दुनिया तक फैलता है। यह संदेश देता है कि मोदी जनता के बीच आते हैं, उनके जीवन के अनुभवों को समझते हैं और उनके संघर्ष को अपने राजनीतिक संवाद का हिस्सा बनाते हैं।

भारतीय राजनीति में प्रतीकवाद का महत्व

भारत में राजनीति हमेशा से प्रतीकों और प्रतीकात्मक वस्त्रों के माध्यम से संचालित रही है। गांधी का चरखा, अटल बिहारी वाजपेयी की मद्धम वाणी, अन्ना हजारे की टोपी ये सब राजनीतिक संदेश का हिस्सा रहे हैं। पीएम मोदी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रतीकों को चुनावी रणनीति में बदल देते हैं।

पीएम मोदी का गमछा इसी दृष्टि का नवीनतम उदाहरण है। यह सिर्फ स्थानीय संस्कृति का सम्मान नहीं है, बल्कि एक शक्तिशाली राजनीतिक संदेश भी है। यह जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव पैदा करता है और उन्हें यह विश्वास दिलाता है कि उनका नेता उनके जीवन, उनकी संस्कृति और उनके संघर्ष को समझता है।

भीड़ और जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव

पीएम मोदी का गमछा-लहराने वाला दृश्य जनता के बीच एक भावनात्मक पुल बनाता है। लोग महसूस करते हैं कि नेता उनकी संस्कृति और उनके प्रतीकों का सम्मान करता है। यह केवल प्रतीक नहीं, बल्कि राजनीति की वह शक्ति है जो भीड़ को एकजुट करती है और उनके दिलों में विश्वास पैदा करती है।

इस भावनात्मक जुड़ाव की ताकत ही चुनावी सफलता की कुंजी है। पीएम मोदी के इस कदम से स्पष्ट होता है कि राजनीति केवल नारे और घोषणापत्र से नहीं चलती, यह जनता की भावनाओं, उनके प्रतीकों और उनके दैनिक जीवन के अनुभवों से संचालित होती है।

सोशल मीडिया और दृश्य राजनीति

आज के डिजिटल युग में दृश्य राजनीति की शक्ति और बढ़ गई है। गमछा लहराने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों ने इसे “जनता से आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक” बताया। यह दृश्य तुरंत हेडलाइन बन गया, हजारों शेयर और कमेंट्स के माध्यम से यह संदेश दूर-दूर तक पहुंचा।

मोदी की रणनीति में यह भी शामिल है कि जनता और मीडिया दोनों को एक साथ प्रभावित किया जाए। दृश्य राजनीति शब्दों से अधिक प्रभावी होती है क्योंकि यह तुरंत समझ में आती है और लंबे समय तक स्मृति में बनी रहती है।

बिहार की सामाजिक और राजनीतिक जटिलताएं

बिहार की राजनीति जाति, धर्म, वर्ग और संस्कृति के मिश्रण से जटिल है। मोदी का गमछा-लहराना इस जटिलता को ही साधने की रणनीति है। यह प्रतीक किसी एक जाति या वर्ग तक सीमित नहीं है, यह मेहनतकश जनता, किसानों, श्रमिकों और प्रवासी मजदूरों के जीवन से जुड़ा हुआ है।

यह रणनीति जनता को यह संकेत देती है कि केंद्र सरकार और उसका नेतृत्व उनके साथ खड़ा है। चुनावी नजरिए से यह कदम महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जनता के दिलों में विश्वास और आत्मीयता पैदा करता है।

विपक्ष के लिए चुनौती

मोदी की प्रतीक-प्रधान राजनीति विपक्ष के लिए चुनौतीपूर्ण है। जहां दूसरे नेता भाषण और घोषणापत्र पर निर्भर रहते हैं, पीएम मोदी दृश्य और प्रतीक के माध्यम से जनता के दिल तक पहुंचते हैं। उनकी यह शैली न केवल प्रभावी है, बल्कि विपक्ष के लिए कठिनाई पैदा करती है क्योंकि उनके लिए इसका मुकाबला करना आसान नहीं होता।

पीएम मोदी का दृष्टिकोण स्पष्ट है: राजनीति केवल शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि प्रतीक, दृश्य और जनता के जीवन के अनुभवों के माध्यम से संदेश देना है।

गमछा = राजनीति का नया संदेश

मुजफ्फरपुर में गमछा लहराने का क्षण दिखाता है कि मोदी की राजनीति अब प्रतीक-प्रधान और दृश्य-प्रधान हो चुकी है। यह केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि एक संदेश है। यह संदेश देता है कि नेता जनता के साथ खड़ा है, उनकी संस्कृति और जीवन के संघर्ष को समझता है और उनके अनुभवों को राजनीतिक संवाद में शामिल करता है।

गमछा अब राजनीति का प्रतीक है, वोट बनाने का उपकरण है, और जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम है। मुजफ्फरपुर का यह दृश्य यह स्पष्ट करता है कि पीएम मोदी की राजनीति अब भाषणों से आगे बढ़कर प्रतीक और भावनाओं के माध्यम से चलती है।

इसलिए जब पीएम मोदी गमछा लहराते हैं, तो केवल भीड़ नहीं, बल्कि राजनीति की दिशा भी प्रभावित होती है। यह क्षण साबित करता है कि प्रतीक-प्रधान राजनीति भविष्य का रास्ता है, और नरेंद्र मोदी इस कला के सबसे कुशल कलाकार हैं।

Tags: Bihar ElectionsBJPMuzaffarpurPM Moditoweltowel in electionsगमछाचुनाव में गमछापीएम मोदीबिहार चुनावभाजपामुजफ्फरपुर
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जब सरदार पटेल पर मुस्लिम भीड़ ने किया था जानलेवा हमला:  घटना तो दूर 86 वर्षों तक हमलावरों के नाम भी सामने क्यों नहीं आने दिए गए ?

अगली पोस्ट

खरगे की मांग बनाम RSS: डर के साथ कब तक भारतीय राजनीति में कब तक खड़ी रह पाएगी कांग्रेस

संबंधित पोस्ट

शेख हसीना को भारत से बोलने देना खतरनाक मिसाल
चर्चित

दिल्ली से शेख हसीना के भाषण ने बढ़ाया तनाव, बांग्लादेश ने जताई आपत्ति

27 January 2026

पूर्व बांग्लादेश प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा नई दिल्ली से वर्चुअल भाषण देने के बाद बांग्लादेश सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय...

अमेरिका–ईरान तनाव के बीच यूएस ने मजबूत की सैन्य तैनाती
चर्चित

ईरान के करीब अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन तैनात

27 January 2026

पिछले कुछ दिनों में अमेरिका ने ईरान के आसपास अपने सैन्य बलों की मौजूदगी में तेजी से इज़ाफा किया है। मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते...

धानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते
चर्चित

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–यूरोपीय संघ FTA को बताया ऐतिहासिक, कहा—दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की साझेदारी

27 January 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (27 जनवरी) को भारत–यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को “सभी समझौतों की जननी” बताया। उन्होंने कहा कि यह...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited