TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण तक: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रभावशाली यात्रा

भारतीय राष्ट्र-जीवन के आधुनिक इतिहास में यदि किसी संगठन ने बिना सत्ता, बिना चुनाव और बिना सरकारी संरक्षण के समाज के भीतर गहरी वैचारिक और संगठनात्मक पैठ बनाई है

TFI Desk द्वारा TFI Desk
8 January 2026
in भारत
संघ की दिशा: व्यक्ति से राष्ट्र तक की उत्कर्ष यात्रा

संघ की दिशा: व्यक्ति से राष्ट्र तक की उत्कर्ष यात्रा

Share on FacebookShare on X

स्वतन्त्रता व्यक्ति का श्रेष्ठ मूल्य है जिसके बिना वह अपने स्वरूप को न तो समझ सकता है और न ही उसका प्रकटन कर सकता है। भारतवर्ष की अनवरत दासता की मुक्ति हेतु सतत रूप से स्वतन्त्रता का आन्दोलन चलता रहा और भारत के वीर सपूत अपने अप्रतिम बलिदान के लिए हर प्रकार से तत्पर रहे परंतु उसी दौरान जब ऐसा प्रतीत होने लगा कि भारत कि स्वतन्त्रता का अमृत दिवस निकट आ रहा है तो कुछ मनीषियों का विचार इस महत्वपूर्ण विंदु की तरफ गया कि मिलने वाली स्वतन्त्रता का स्वरूप कैसा होगा? क्या स्वतन्त्रता मात्र राजनैतिक स्वतन्त्रता ही होगी? क्या इतना ही भारत जैसे गौरवशाली राष्ट्र के लिए पर्याप्त है या इसके साथ मानसिक और सांस्कृतिक स्वतन्त्रता की भी आवश्यकता है। आदरणीय केशव बलिराम हेडगेवार,एक चिकित्सक, स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रचिंतकने इसी कालखंड में यह महसूस किया कि केवल राजनीतिक स्वतंत्रता पर्याप्त नहीं है। जब तक समाज संगठित, चरित्रवान और सांस्कृतिक रूप से जागरूक नहीं होगा, तब तक स्वतंत्र भारत भी कमजोर ही रहेगा। व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और इसके माध्यम से राष्ट्र उन्नति ही स्वतन्त्रता का वास्तविक अर्थ होगा। यही विचार आरएसएसकी स्थापना की वैचारिक पृष्ठभूमि बना।

भारतीय राष्ट्र-जीवन के आधुनिक इतिहास में यदि किसी संगठन ने बिना सत्ता, बिना चुनाव और बिना सरकारी संरक्षण के समाज के भीतर गहरी वैचारिक और संगठनात्मक पैठ बनाई है, तो वह है – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। वर्ष 1925 में नागपुर की एक छोटीसी बैठक से प्रारंभ हुआ यह संगठन 2025 में अपनी शताब्दी पूर्ण करते हुए न केवल भारत बल्कि विश्व का सबसे बड़ा स्वैच्छिक, अनुशासित और निरंतर सक्रिय सामाजिक – सांस्कृतिक संगठन बन चुका है। आरएसएसका यह सौ वर्ष का प्रवास केवल एक संस्था का इतिहास नहीं, बल्कि भारतीय समाज के आत्मबोध, पुनर्जागरण और राष्ट्र निर्माण की एक लंबी यात्रा है।

संबंधितपोस्ट

कुरुक्षेत्र से हरित संदेश: धर्म और प्रकृति का राष्ट्रीय संकल्प

भाजपा में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत: नितिन नवीन की नियुक्ति क्या कहती है?t

हिंदी में पढ़ें वीर सावरकर की कविता ‘सागर प्राण तलमाला’

और लोड करें

1920 के दशक का भारत गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संक्रमण के दौर से गुजर रहा था। एक ओर ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन था, जिसने भारत की राजनीतिक सत्ता छीन ली थी, तो दूसरी ओर भारतीय समाज भीतर से विखंडित, आत्महीन और दिशाहीन होता जा रहा था। जातीय विभाजन, सामाजिक असमानता, सांस्कृतिक हीनताबोध और आक्रामक विभेद आधारित राजनीति राष्ट्रीय एकता को निरन्तर क्षीण करती जा रही थी। 1920 में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के निधन के पश्चात् नागपुर में उनके अन्य अनुयायियों की भाँति डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, जो कि स्वयं भी काँग्रेस के मेम्बर थे, ने भी महात्मा गांधी द्वारा अपनाए गए कुछ राजनीतिक कार्यक्रमों से असहमति व्यक्त की। विशेष रूप से खिलाफ़त आंदोलन के प्रति गांधी का दृष्टिकोण हेडगेवार के लिए गहन चिंता का विषय था।

वर्ष 1921 में कटोल और भरतवाड़ा में दिए गए उनके राष्ट्रवादी भाषणों के कारण ब्रिटिश शासन ने उन पर राजद्रोह का आरोप लगाया, जिसके अंतर्गत उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अंततः उन्हें एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। जुलाई 1922 में कारावास से मुक्त होने के पश्चात् हेडगेवार ने कांग्रेस से जुड़े स्वयंसेवी संगठनों में अनुशासन, निरंतरता और संगठनात्मक संरचना के अभाव को गहराई से अनुभव किया। इसी अनुभव ने उनके भीतर यह दृढ़ विश्वास उत्पन्न किया कि देश की सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक चेतना पर आधारित एक स्वतंत्र, अनुशासित और दीर्घकालिक संगठन की स्थापना आवश्यक है।

इसी उद्देश्य से उन्होंने 1922 से 1924 के बीच नागपुर में अनेक प्रमुख राजनीतिक एवं सामाजिक व्यक्तित्वों से संवाद किया। इसी चिंतन और प्रयास की परिणति आगे चलकर एक व्यापक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन की अवधारणा के रूप में सामने आई।विजयादशमी, 27 सितंबर 1925, को नागपुर में कुछ युवाओं के साथ डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। आरएसएसका उद्देश्य स्पष्ट था—“हिंदू समाज को संगठित, सशक्त और राष्ट्रनिष्ठ बनाना।” उल्लेखनीय है कि यहाँ ‘हिंदू’ कोई संकीर्ण धार्मिक पहचान नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक जीवन-दृष्टि का प्रतीक था। सम्पूर्ण भारतीय भू भाग और इसकी सांस्कृतिक विरासत में अपनी आस्था रखने वाले सभी हिन्दू ही हैं, ऐसी आरएसएस की राष्ट्रीय सोच रही है।

1940 में डॉ. हेडगेवार के देहावसान के बादमाधव सदाशिव गोलवलकर, गुरु जी आरएसएस के द्वितीय सरसंघचालक बने। उनके नेतृत्व में आरएसएसका वैचारिक ढाँचा और अधिक स्पष्ट हुआ।गुरुजी ने आरएसएसको केवल संगठन नहीं, बल्किजीवन – पद्धतिके रूप में स्थापित किया। 1947 का वर्ष भारत के लिए स्वतंत्रता के साथ विभाजन की त्रासदी भी लेकर आया। देश भर में हिंसा, विस्थापन और अव्यवस्था का दौर था। इस कठिन समय में आरएसएसके स्वयंसेवकों ने शरणार्थियों की सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।हालाँकि, इसी काल में आरएसएसको अनेक राजनीतिक और वैचारिक विरोधों का भी सामना करना पड़ा। 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ पर प्रतिबंध लगाया गया। किंतु जाँच के पश्चात जब आरएसएसकी भूमिका निर्दोष पाई गई, तब प्रतिबंध हटा लिया गया। यह घटना संघ के इतिहास मेंसंघर्ष और संयमकी एक महत्वपूर्ण परीक्षा थी।

स्वतंत्र भारत में आरएसएसने स्वयं को सत्ता से दूर रखते हुए समाज के भीतर कार्य करने का मार्ग चुना। इसी दौर में आरएसएससे प्रेरित अनेकअनुषांगिक संगठनोंका जन्म हुआ जिनमें कुछ प्रमुख भारतीय मजदूर संघ,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद,विश्व हिंदू परिषद,वनवासी कल्याण आश्रम,विद्या भारती इतयड रहे जिनके माध्यम से संघ ने समाज के सभी वर्गों में हिन्दुत्व की चेतना का अनवरत प्रयास जारी रखा हुआ है। इन संगठनों के माध्यम से आरएसएसकी विचारधारा समाज के विभिन्न वर्गों तक शनै: – शनै:पहुँचती भी रही।

1975–77 का आपातकाल आरएसएसके इतिहास का एक निर्णायक अध्याय है। संघ पर पुनः प्रतिबंध लगा, हजारों स्वयंसेवक जेल गए, भूमिगत आंदोलन चला। इस दौर में आरएसएसने यह स्पष्ट किया कि वह केवल सांस्कृतिक संगठन नहीं, बल्किलोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षकभी है।आपातकाल के बाद भारतीय राजनीति और समाज में आरएसएसकी भूमिका को एक नई दृष्टि से देखा जाने लगा। संघ ने भी मानों यह निर्णय कर लिया कि जब तक शासनतंत्र में राष्ट्रीय विचार के लोगों का प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं रहेगा तब तक नीति निर्माण कि प्रणाली को भारतीय चिंतन के अनुरूप नहीं किया जा सकता है। समाज के स्फूर्त होने के साथ ही शासन सत्ता में बैठे लोगों को भी भारत कि आत्मचिंतन पद्धति का ज्ञान होना आवश्यक है। 1990 के बाद का भारत आर्थिक उदारीकरण, वैश्वीकरण और तकनीकी परिवर्तन का साक्षी बना। आरएसएसने भी अपने कार्यक्षेत्र और भाषा को समयानुकूल बनाया। सेवा कार्य, पर्यावरण, सामाजिक समरसता, परिवार मूल्य और युवाओं के बीच राष्ट्रभाव,इन सब क्षेत्रों में संघ की सक्रियता बढ़ी।

आज, 2025 में आरएसएसएक शताब्दी पूर्ण कर रहा है। देश-विदेश में फैली लाखों शाखाएँ, करोड़ों स्वयंसेवक और समाज के हर क्षेत्र में सक्रिय प्रेरित संगठन,यह सब आरएसएसको केवल एक संगठन नहीं, बल्किराष्ट्रीय चेतना का प्रवाहबनाते हैं।सौ वर्ष का इतिहास यह सिखाता है किराष्ट्र निर्माण सत्ता से नहीं, संस्कार से होता है। यह यात्रा अभी पूर्ण नहीं हुई है। 2047 के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए संघस्वयं को एकदीर्घकालिक सामाजिक प्रयोगके रूप में प्रस्तुत करता है।

(डा. आलोक कुमार द्विवेदी, असिस्टेंट प्रोफेसर केएसएएस लखनऊ, और आईएनएडीएस, यूएसए)

Tags: dr head gawarIndependent Indiaindian labourPollutionrssrss campआरएसएसभारतीय राजनीतिराष्ट्र निर्माणविकसित भारत’
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

अगली पोस्ट

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

संबंधित पोस्ट

सिंगर बी प्रॉक को मिली जान से मारने की धमकी
भारत

बी प्राक को जान से मारने की धमकी : लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मांगे 10 करोड़

17 January 2026

,बॉलीवुड और पंजाबी सिंगर बी प्राक को 10 करोड़ रुपये की एक्सटॉर्शन धमकी मिली है, जो कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक...

ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर
भारत

ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

17 January 2026

बीती रात इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक भयावह नजारा देखने को मिला..अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या था...आपको बता दें कि...

चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है
भारत

अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

17 January 2026

अमेरिका द्वारा ईरान पर बढ़ते दबाव को देखते हुए भारत को चाबहार बंदरगाह की लगातार चिंता सता रही है, इसे ध्यान में रखते हुए भारत...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited