TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मौत के बाद भी सुंदरता की खोज: कॉस्मेटिक सर्जरी में शवों के इस्तेमाल पर बहस

2024 में अमेरिकी बाज़ार में पेश किया गया AlloClae, मृत शरीर दाताओं से प्राप्त शुद्ध मानव वसा से बना एक स्टेराइल, इंजेक्टेबल फिलर है। पारंपरिक BBL या फैट ट्रांसफर प्रक्रियाओं के विपरीत

TFI Desk द्वारा TFI Desk
8 January 2026
in Uncategorized
अमेरिका भर में AlloClae नामक एक नया और विवादास्पद कॉस्मेटिक ट्रेंड तेज़ी से चर्चा में है

अमेरिका भर में AlloClae नामक एक नया और विवादास्पद कॉस्मेटिक ट्रेंड तेज़ी से चर्चा में है

Share on FacebookShare on X

अमेरिका भर में AlloClae नामक एक नया और विवादास्पद कॉस्मेटिक ट्रेंड तेज़ी से चर्चा में है। इस प्रक्रिया में दान किए गए शवों (मृत मानव शरीरों) से प्राप्त “शुद्ध वसा (purified fat)” का उपयोग शरीर को आकार देने वाली प्रक्रियाओं में किया जाता है, जैसे कि ब्राज़ीलियन बट लिफ्ट (BBL), स्तन वृद्धि (Breast Augmentation) आदि।

जहाँ सर्जन इसे उन मरीजों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं जिनके शरीर में पर्याप्त वसा नहीं होती, वहीं मृत दाताओं के ऊतकों के उपयोग ने कई चिकित्सीय, नैतिक और आध्यात्मिक चिंताओं को जन्म दिया है।

संबंधितपोस्ट

मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित, मेयर जोहरान ममदानी ने जताया विरोध

भारत-विरोधी विचारों वाला मेयर: Zohran Mamdani की राजनीति और पश्चिमी लोकतंत्र में फैलती हिंदू फोबिया

उत्तर कोरिया ने कॉस्मेटिक सर्जरी पर लगाई रोक: भारत को भी उत्तर कोरिया से सीख लेनी चाहिए

और लोड करें

2024 में अमेरिकी बाज़ार में पेश किया गया AlloClae, मृत शरीर दाताओं से प्राप्त शुद्ध मानव वसा से बना एक स्टेराइल, इंजेक्टेबल फिलर है। पारंपरिक BBL या फैट ट्रांसफर प्रक्रियाओं के विपरीत—जिनमें मरीज के अपने शरीर से लिपोसक्शन द्वारा वसा निकाली जाती है—इस उत्पाद को “ऑफ-द-शेल्फ फैट” कहा जा रहा है।

न्यूयॉर्क के मैनहैटन में स्थित बोर्ड-प्रमाणित प्लास्टिक सर्जन डॉ. मेलिसा डॉफ्ट ने बताया,“न्यूयॉर्क सिटी में हम में से कई लोग इसे लेकर बहुत उत्साहित हैं, खासकर इसलिए क्योंकि कई बार हमारे मरीज़ बहुत दुबले होते हैं या पहले ही लिपोसक्शन करा चुके होते हैं। AlloClae ऐसी वसा है जो एक ऐसे व्यक्ति से दान की गई है जिसकी मृत्यु हो चुकी है। इसे किसी भी आनुवंशिक सामग्री से साफ़ किया जाता है और फिर सिरिंज में भरा जाता है। यह एक तरह की रेडी-टू-यूज़ वसा है। इसे शरीर के किसी भी हिस्से में इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल यह शरीर के लिए है, लेकिन भविष्य में चेहरे के लिए भी बेहतर बनाया जाएगा। जब इसे शरीर में इंजेक्ट किया जाता है, तो शरीर की अपनी वसा कोशिकाएँ कैडैवरिक फैट कोशिकाओं को अपनाती हैं। लगभग 75 से 100 प्रतिशत वसा कोशिकाएँ जीवित रहती हैं।”

टाइगर एस्थेटिक्स कंपनी के अध्यक्ष कारो वैन होव, जो इस उत्पाद के पीछे है, ने कहा, “इंजेक्शन से पहले, दाता वसा को एक विस्तृत बहु-चरणीय प्रक्रिया से गुज़ारा जाता है, जिसमें डीएनए, कोशिकीय मलबा और ऐसी हर चीज़ हटा दी जाती है जो प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को ट्रिगर कर सकती है। हम सुनिश्चित करते हैं कि सभी ऊतक सौंदर्य उपयोग के लिए सहमति के साथ लिए गए हों। अंतिम उत्पाद मरीज के ऊतकों के साथ घुल-मिल जाता है और कोलेजन उत्पादन को उत्तेजित करता है।”

हालाँकि, सभी डॉक्टर इस फिलर के फायदों को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। डबल बोर्ड-प्रमाणित प्लास्टिक सर्जन डॉ. एडम कोल्कर ने चेतावनी दी कि स्तन ऊतकों में नई जैविक सामग्री इंजेक्ट करने से मैमोग्राम और कैंसर जांच जटिल हो सकती है।

ऑनलाइन आलोचकों का यह भी कहना है कि कई लोग यह पूरी तरह नहीं समझते कि मृत्यु के बाद उनके शरीर का उपयोग किस तरह किया जा सकता है। एक टिप्पणीकार ने लिखा, “यह उत्पाद और लेख बताते हैं कि यह FDA से स्वीकृत नहीं है और इसका कोई परीक्षण नहीं हुआ है। जोखिमों को पर्याप्त रूप से समझाया नहीं गया है।”

एक अन्य ने कहा, “यह कहना अभी बहुत जल्दी है कि यह सुरक्षित है। कौन जानता है कि भविष्य में यह कैंसर या ऑटोइम्यून समस्याओं का कारण बन जाए।” कई लोगों ने नैतिक और आध्यात्मिक चिंताएँ भी जताईं। एक व्यक्ति ने लिखा, “मुझे यह आध्यात्मिक रूप से सही नहीं लगता।” दूसरे ने जोड़ा, “जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, इसके आसपास भ्रष्टाचार की काफी संभावना दिखती है।”

कुछ ऑनलाइन चर्चाओं में इस प्रक्रिया को BBL से जुड़ी पिछली विवादित समस्याओं, जैसे सर्जरी के बाद आने वाली गंध, से भी जोड़ा गया। एक व्यक्ति ने लिखा, “यह तो BBL की गंध की पुष्टि करता है।”

जहाँ विज्ञान रुकता है: चिकित्सीय सफलता या शरीर का विकृतिकरण?

वैकल्पिक कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं में शवों से प्राप्त वसा के बढ़ते उपयोग ने हमें एक मूल प्रश्न से रूबरू करा दिया है— क्या हम चिकित्सा को आगे बढ़ा रहे हैं, या मानव शरीर को नैतिक पहचान से परे एक वस्तु बना रहे हैं? ऐतिहासिक रूप से, दान किए गए मानव ऊतकों का उपयोग तब नैतिक रूप से उचित माना गया है जब वे जीवन बचाते हों या आवश्यक शारीरिक कार्य बहाल करते हों—जैसे हृदय वाल्व, कॉर्निया, या जले हुए मरीजों के लिए स्किन ग्राफ्ट।

लेकिन कॉस्मेटिक वृद्धि अलग मामला है। जब शवों से निकाली गई वसा का उपयोग कूल्हों, नितंबों या स्तनों को बड़ा करने के लिए किया जाता है, तो नैतिक ढांचा बदल जाता है। इससे भी गंभीर बात यह है कि यह न तो जीवन रक्षा है और न ही स्वास्थ्य की आवश्यकता।

दाता-वसा आधारित फिलर्स का तेज़ी से बाज़ार में आना मेडिकल लॉबिंग और मुनाफ़ा-केंद्रित चिकित्सा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। कॉस्मेटिक प्रक्रियाएँ स्वास्थ्य सेवा के सबसे लाभकारी क्षेत्रों में से एक हैं। यदि शवों की वसा को सौंदर्य वृद्धि के लिए स्वीकार कर लिया गया, तो आगे क्या? हम पहले ही भ्रूण ऊतकों, अंग तस्करी और बिना सहमति के पोस्ट-मॉर्टम उपयोग जैसे मुद्दों पर बहस कर चुके हैं। हर बार जब एक सीमा लांघी जाती है, तो अगली सीमा को सही ठहराना आसान हो जाता है। इतिहास बताता है कि जब मानव शरीर को संसाधन बना दिया जाता है, तो दुरुपयोग अनिवार्य हो जाते हैं।

यह एक फिसलन भरी ढलान है—दान से वस्तुकरण, वस्तुकरण से सामान्यीकरण, और फिर संवेदनहीनता तक। अब सवाल यह नहीं है कि क्या हम ऐसा कर सकते हैं, बल्कि यह है कि क्या हमें ऐसा करना चाहिए? यदि कुछ क्षेत्र नैतिक कारणों से “नो-गो ज़ोन” हैं, तो हमें यह भी पूछना होगा—
कॉस्मेटिक वृद्धि को अपवाद क्यों माना जाए?

शव कहाँ से आएँगे?

जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, आपूर्ति पर दबाव भी बढ़ेगा। इस सवाल को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। शव-आधारित कॉस्मेटिक सामग्री पर बढ़ती निर्भरता, विशेष रूप से हाशिए पर पड़े या आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों में, संदिग्ध और अनैतिक स्रोतों को प्रोत्साहित कर सकती है। इतिहास ऐसे अनगिनत उदाहरणों से भरा पड़ा है जहाँ शरीर को आर्थिक मूल्य मिलने के बाद शोषण शुरू हुआ। जब मुनाफ़ा शामिल हो, तो केवल पारदर्शिता ही भ्रष्टाचार को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं होती।

शायद इसका सबसे खतरनाक परिणाम मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक है। जब हम सुंदरता के लिए “मृत शरीरों के उपयोग” की बात सहजता से करने लगते हैं, तो व्यक्ति और उत्पाद के बीच की सीमा मिटने लगती है। शरीर कच्चा माल बन जाता है। मृत्यु एक इन्वेंटरी।

यह संवेदनहीनता केवल कॉस्मेटिक चिकित्सा तक सीमित नहीं रहती—यह समाज के जीवन, गरिमा और मृत्यु को देखने के नज़रिए को ही बदल देती है।

Tags: AlloClaecosmetic proceduresCosmetic trendDonated cadaversPurified fatकॉस्मेटिक सर्जरीन्यूयॉर्कशुद्ध वसा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारतीय नौसेना के इतिहास का सबसे बड़ा बेड़ा विस्तार, 2026 में 19 नए युद्धपोत

अगली पोस्ट

क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

संबंधित पोस्ट

फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी की पूरी कहानी: ओमान एयर में उठा था कट्टरपंथ का अलर्ट, फिर कैसे पहुंचा कॉकपिट तक?
Uncategorized

फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी की पूरी कहानी: ओमान एयर में उठा था कट्टरपंथ का अलर्ट, फिर कैसे पहुंचा कॉकपिट तक?

3 October 2026

फ्लाईदुबई की उस उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले सह-पायलट की पहचान अब हमाम अल-हमामी के तौर पर हुई है। 30...

Tata Sons की Listing कैसे रुकेगी? iPhone फैक्ट्री और राम मंदिर-बुलेट ट्रेन वाली कंपनियों से समझिए पूरा प्लान
Uncategorized

Tata Sons की Listing कैसे रुकेगी? iPhone फैक्ट्री और राम मंदिर-बुलेट ट्रेन वाली कंपनियों से समझिए पूरा प्लान

29 September 2026

Tata Sons को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की चर्चा के बीच Tata Trusts ने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है, जो पूरे मामले की दिशा...

राम अमीरों के, शिव गरीबों के? रेवंत के बयान पर BJP का पलटवार, बंदी संजय ने ऐसे खोली ‘पोल’
Uncategorized

राम अमीरों के, शिव गरीबों के? रेवंत के बयान पर BJP का पलटवार, बंदी संजय ने ऐसे खोली ‘पोल’

29 September 2026

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के भगवान राम और भगवान शिव को गरीब-अमीर तथा उत्तर-दक्षिण की पहचान से जोड़ने वाले बयान ने नया राजनीतिक...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited