भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को 11 मार्च को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश देते हुए थ्री लाइन व्हिप जारी किया है। लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक डॉ. संजय जायसवाल ने यह व्हिप जारी की है। व्हिप में कहा गया है कि बुधवार, 11 मार्च को लोकसभा में कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पारित किया जाना है, इसलिए सभी सांसदों का पूरे दिन सदन में उपस्थित रहना जरूरी है। पार्टी ने अपने सांसदों से सदन में मौजूद रहकर सरकार के पक्ष का समर्थन करने को भी कहा है।
लगातार तीसरे दिन जारी हुई व्हिप
गौरतलब है कि बीजेपी ने अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए लगातार तीसरे दिन व्हिप जारी की है। इससे पहले पार्टी ने 9 मार्च और 10 मार्च के लिए भी इसी तरह की थ्री लाइन व्हिप जारी की थी, जिसमें सांसदों को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था। लगातार व्हिप जारी होने से संकेत मिलते हैं कि सरकार लोकसभा में होने वाले महत्वपूर्ण विधायी कामकाज और संभावित मतदान को लेकर अपने सांसदों की पूरी मौजूदगी सुनिश्चित करना चाहती है।
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हो सकती है वोटिंग
इसी बीच विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर बुधवार को वोटिंग हो सकती है। इसके अलावा सदन में अनुदान की मांगों (Demands for Grants) समेत कई महत्वपूर्ण धन विधेयकों को भी पारित कराया जाना है। ऐसे में बुधवार का दिन संसद की कार्यवाही के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। लोकसभा में क्या है संख्या बल मौजूदा 18वीं लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं और बहुमत के लिए 272 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। लेकिन बीजेपी के पास फिलहाल अपने 240 सदस्य ही हैं, जबकि एनडीए गठबंधन के कुल सांसदों की संख्या करीब 293 है। वहीं INDIA गठबंधन के पास लगभग 234 सांसद हैं, जबकि कुछ अन्य दल और निर्दलीय सदस्य अलग हैं। ऐसे में बीजेपी अपने दम पर बहुमत से 32 सीटें कम है, लेकिन सहयोगी दलों के साथ एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत है। यही वजह है कि महत्वपूर्ण विधायी कार्यों और संभावित मतदान को देखते हुए पार्टी अपने सभी सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करना चाहती है, ताकि सरकार के विधायी एजेंडे को सुचारु रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
‘व्हिप’ क्या है, और इसे क्यों जारी करते हैं ?
संसद में हर पार्टी का एक व्हिप (Whip) या मुख्य सचेतक होता है। उसका काम होता है कि पार्टी के सांसद सदन में अनुशासन बनाए रखें, तय समय पर मौजूद रहें और पार्टी के फैसले के अनुसार वोट करें और पार्टी लाइन के अनुसार काम करें।
लेकिन थ्री लाइन व्हिप (Three-Line Whip) संसद में पार्टी द्वारा जारी किया जाने वाला सबसे कड़ा निर्देश होता है, जिसमें सांसदों को किसी खास दिन या किसी खास वोटिंग के समय अनिवार्य रूप से सदन में मौजूद रहने और पार्टी लाइन के मुताबिक वोट करने को कहा जाता है।
Three-Line Whip कब जारी होती है?
थ्री लाइन व्हिप आमतौर पर तब जारी की जाती है जब संसद में कोई बहुत महत्वपूर्ण मामला होने वाला हो, जैसे सरकार या स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, कोई महत्वपूर्ण विधेयक या संवैधानिक संशोधन, मनी बिल या बजट से जुड़े विधेयक, ऐसी वोटिंग जहां सरकार की संख्या की ताकत अहम हो, या मतदान में हारने पर सरकार गिरने का संकट पैदा हो जाए (मनी बिल, या अविश्वास प्रस्ताव) थ्री लाइन व्हिप जारी होने के बाद सभी सांसदों को न सिर्फ सदन में मौजूद रहना होता है (जब तक कि अत्यंत अपरिहार्य कारण न हों) साथ ही उन्हें उन्हें पार्टी के निर्देश के अनुसार ही वोट करना होता है। अगर कोई सांसद इसका उल्लंघन करता है तो पार्टी उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है, यहां तक कि सदस्यता खत्म करने की भी सिफारिश हो सकती है।































