जानकारी के अनुसार, यह मामला कई साल पहले शुरू हुआ था जब महिला की मुलाकात आरोपी से हुई थी। शुरुआत में आरोपी ने खुद को एक सामान्य, सुलझा हुआ और भरोसेमंद व्यक्ति बताया। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और संबंध मजबूत होते चले गए। इसी दौरान आरोपी ने महिला का भरोसा पूरी तरह जीत लिया और उसे यह विश्वास दिलाया कि वह उसके साथ जीवन बिताना चाहता है।
महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसे शादी और भविष्य में साथ रहने का भरोसा दिया, लेकिन समय के साथ उसकी असल पहचान सामने आई। जब सच्चाई पता चली कि व्यक्ति का असली नाम नावेद है और उसने खुद को झूठे नाम “नवीन” के रूप में पेश किया था, तब महिला को गहरा मानसिक आघात लगा। तब तक वह भावनात्मक रूप से पूरी तरह जुड़ चुकी थी।
पीड़िता का कहना है कि यह धोखा सिर्फ पहचान छिपाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने उसे लंबे समय तक मानसिक तनाव और भावनात्मक दबाव में रखा। महिला के अनुसार, पिछले 13 वर्षों में उसका जीवन पूरी तरह प्रभावित रहा और वह लगातार मानसिक पीड़ा झेलती रही।
उसने यह भी कहा कि उसने कई बार न्याय पाने की कोशिश की, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। अब उसने दोबारा पुलिस और संबंधित अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला केवल धोखाधड़ी का नहीं बल्कि विश्वास, भावनाओं और व्यक्तिगत संबंधों के दुरुपयोग का भी है, जिसने एक महिला की पूरी जिंदगी पर गहरा असर डाला है।































