TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

    CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

    देश में गहराया जलसंकट

    भीषण गर्मी के साथ देश में गहराया जलसंकट, पानी के लिए जूझ रहे लोग

    फर्जी नाम से दोस्ती

    बटला हाउस में मुस्लिम युवक के धोखे के बाद हिंदू युवती ने झेला गैंगरेप, प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन का दबाव

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल,

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल, BJP ने बताया धमकी भरी राजनीति

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी, हमले के बाद दोनों हमलावरों ने की आत्महत्या

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

    CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

    देश में गहराया जलसंकट

    भीषण गर्मी के साथ देश में गहराया जलसंकट, पानी के लिए जूझ रहे लोग

    फर्जी नाम से दोस्ती

    बटला हाउस में मुस्लिम युवक के धोखे के बाद हिंदू युवती ने झेला गैंगरेप, प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन का दबाव

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल,

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल, BJP ने बताया धमकी भरी राजनीति

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी, हमले के बाद दोनों हमलावरों ने की आत्महत्या

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

चार बार राष्ट्रपति चुनाव हारे, फिर भी ईरान की कूटनीति के ‘कप्तान’: कौन हैं मोहम्मद बाघेर कालिबाफ?

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली अहम वार्ता ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है

Ayush Aman Rai द्वारा Ayush Aman Rai
11 April 2026
in भू-राजनीति
चार बार राष्ट्रपति चुनाव हारे, फिर भी ईरान की कूटनीति के ‘कप्तान’: कौन हैं मोहम्मद बाघेर कालिबाफ?

मोहम्मद बाघेर कालिबाफ

Share on FacebookShare on X

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली अहम वार्ता ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस वार्ता में ईरान की ओर से जिस नेता ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह हैं मोहम्मद बाघेर कालिबाफ। चार बार राष्ट्रपति चुनाव हारने के बावजूद कालिबाफ आज ईरान की सत्ता संरचना के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उनकी मौजूदगी इस वार्ता को केवल एक कूटनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शक्ति संतुलन और रणनीतिक संदेश का हिस्सा बना देती है।

सैन्य पृष्ठभूमि से राजनीति तक का सफर

मोहम्मद बाघेर कालिबाफ का करियर ईरान की राजनीति में किसी साधारण नेता की तरह नहीं रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से की, जो ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य संस्थाओं में से एक है। यहां उन्होंने एयर फोर्स कमांडर के रूप में अपनी पहचान बनाई। सैन्य रणनीति और सुरक्षा मामलों में उनकी गहरी समझ ने उन्हें शुरुआती दौर में ही अलग पहचान दिला दी।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

इसके बाद कालिबाफ को ईरान की पुलिस फोर्स का प्रमुख बनाया गया, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर कई सख्त फैसले लिए। उनकी प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए उन्हें तेहरान का मेयर नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने 2005 से 2017 तक लंबा कार्यकाल पूरा किया। इस दौरान उन्होंने शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर की पहचान मजबूत करने के लिए कई पहल कीं।

चार बार राष्ट्रपति चुनाव, लेकिन सफलता नहीं

कालिबाफ का राजनीतिक करियर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने 2005, 2013, 2017 और 2024 में ईरान के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन हर बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। खास बात यह है कि 2017 के चुनाव में उन्होंने बीच में ही अपना नाम वापस ले लिया था, ताकि रूढ़िवादी धड़े को एकजुट किया जा सके।

लगातार चुनाव हारने के बावजूद उनकी राजनीतिक पकड़ कमजोर नहीं हुई, बल्कि समय के साथ और मजबूत होती गई। इसका कारण है उनकी रणनीतिक सोच, संगठनात्मक क्षमता और सत्ता के प्रमुख केंद्रों से करीबी संबंध।

ईरान की संसद के स्पीकर और प्रभावशाली नेता

वर्तमान में मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ईरान की संसद (मजलिस) के स्पीकर हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने देश की नीतियों और विधायी प्रक्रियाओं पर गहरा प्रभाव डाला है। उन्हें ईरान के ‘प्रिंसिपलिस्ट’ धड़े का प्रमुख चेहरा माना जाता है, जो 1979 की इस्लामी क्रांति के मूल सिद्धांतों को बनाए रखने की वकालत करता है।

उनकी छवि एक सख्त, अनुशासित और रणनीतिक नेता की रही है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के मुद्दों पर स्पष्ट और मजबूत रुख रखते हैं। यही कारण है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी गंभीरता से लिया जाता है।

खामेनई परिवार से नजदीकी

कालिबाफ की सबसे बड़ी ताकत उनकी ईरान के सुप्रीम लीडर के परिवार से नजदीकी मानी जाती है। उन्हें खामेनई परिवार का भरोसेमंद नेता माना जाता है, जो उनकी राजनीतिक ताकत को और बढ़ाता है। इस नजदीकी का असर उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों में साफ नजर आता है।

हालिया ईरान युद्ध के बाद जब देश की सत्ता संरचना में बदलाव आया, तब कालिबाफ एक मजबूत नेता के रूप में उभरे। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारीजानी की मौत के बाद उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई।

ईरान-अमेरिका वार्ता में क्यों अहम हैं कालिबाफ?

इस्लामाबाद में हो रही ईरान-अमेरिका वार्ता में कालिबाफ की मौजूदगी कई मायनों में महत्वपूर्ण है। वे न केवल एक राजनीतिक नेता हैं, बल्कि सैन्य और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ भी हैं। ऐसे में उनकी भागीदारी यह संकेत देती है कि ईरान इस वार्ता को बेहद गंभीरता से ले रहा है।

कालिबाफ ने पूरे ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान लगातार सक्रिय भूमिका निभाई है। उनके बयान और कूटनीतिक गतिविधियां यह दर्शाती हैं कि वे केवल घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

रणनीतिक सोच और वैश्विक दृष्टिकोण

कालिबाफ उन नेताओं में से हैं जो केवल पारंपरिक राजनीति तक सीमित नहीं रहते। उन्होंने विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भाग लिया है और पश्चिमी देशों के साथ संवाद की वकालत की है। यह उन्हें अन्य रूढ़िवादी नेताओं से अलग बनाता है।

उनकी रणनीतिक सोच में संतुलन देखने को मिलता है—एक ओर वे ईरान की पारंपरिक नीतियों के समर्थक हैं, वहीं दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर संवाद और कूटनीति के महत्व को भी समझते हैं।

ईरान की राजनीति में ‘पावर सेंटर’

आज के समय में मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ईरान की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। उनकी भूमिका केवल संसद तक सीमित नहीं है, बल्कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और रणनीतिक फैसलों में भी सक्रिय रूप से शामिल रहते हैं।

उनकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चार बार राष्ट्रपति चुनाव हारने के बावजूद वे सत्ता के केंद्र में बने हुए हैं। यह उनकी राजनीतिक क्षमता, नेटवर्क और प्रभाव का प्रमाण है।

मोहम्मद बाघेर कालिबाफ का राजनीतिक सफर यह दिखाता है कि केवल चुनाव जीतना ही किसी नेता की ताकत का पैमाना नहीं होता। उनकी सैन्य पृष्ठभूमि, प्रशासनिक अनुभव, रणनीतिक सोच और सत्ता के केंद्रों से करीबी संबंध उन्हें ईरान की राजनीति में एक अलग पहचान देते हैं।

इस्लामाबाद में हो रही ईरान-अमेरिका वार्ता में उनकी भूमिका आने वाले समय में बेहद निर्णायक साबित हो सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कालिबाफ अपनी कूटनीतिक क्षमता से इस तनाव को कम करने में सफल हो पाते हैं या नहीं। फिलहाल इतना तय है कि वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि ईरान की रणनीतिक सोच के प्रमुख स्तंभ बन चुके हैं।

Tags: Iran diplomacy newsIran politics newsIran speaker parliamentIran US talks PakistanIRGC commander IranMiddle East tensionQalibaf biographyTehran mayor Qalibaf
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

SIR के बाद बड़ा बदलाव: 12 राज्यों में 6.08 करोड़ वोटर घटे, चुनावी गणित पर क्या पड़ेगा असर?

अगली पोस्ट

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत पर सस्पेंस: जंग के बीच क्यों नहीं आ रहे सामने?

संबंधित पोस्ट

‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?
अमेरिकाज़

‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

22 May 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों एक बेहद अजीब और संवेदनशील दुविधा में फंस गए हैं। यह मामला सिर्फ व्हाइट हाउस की फाइलों या अंतरराष्ट्रीय...

बीजिंग एयरपोर्ट पर हाई वोलटेज ड्रामा: ट्रंप टीम ने चीन के सारे गिफ्ट्स कचरे के डिब्बे में फेंके, शी जिनपिंग का ‘अपमान’!
चर्चित

बीजिंग एयरपोर्ट पर हाई वोलटेज ड्रामा: ट्रंप टीम ने चीन के सारे गिफ्ट्स कचरे के डिब्बे में फेंके, शी जिनपिंग का ‘अपमान’!

16 May 2026

अमेरिका और चीन के बीच का अविश्वास अब कूटनीतिक शिष्टाचार की सीमाओं को लांघकर दुनिया के सामने आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के...

पश्चिम एशिया का नया कूटनीतिक समीकरण: पाकिस्तान की भूमिका पर रूस का संदेह और भारत का उभरता रणनीतिक वर्चस्व
भारत

पश्चिम एशिया का नया कूटनीतिक समीकरण: पाकिस्तान की भूमिका पर रूस का संदेह और भारत का उभरता रणनीतिक वर्चस्व

15 May 2026

पश्चिम एशिया (West Asia) के कूटनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक शक्तियां अब इस क्षेत्र में मध्यस्थता की भूमिका...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited